मध्य प्रदेश के विदिशा में पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और सरपंच संगठन एकजुट होकर जिला मुख्यालय पहुंचे और अधिकारियों द्वारा की जा रही प्रताड़ना व दबाव के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। संगठनों ने घोघरा पंचायत के सचिव राम सिंह विश्वकर्मा की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के लिए जिला पंचायत प्रशासन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और मृतक के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति व आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि सचिव राम सिंह विश्वकर्मा 18 जुलाई की रात करीब 8:40 बजे अधिकारियों के दबाव में सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का समाधान कराने शिकायतकर्ता के घर पहुंचे थे। शिकायत बंद करवाकर अधिकारियों को सूचना देने के बाद लौटते समय सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने जिला पंचायत सीईओ ओमप्रकाश सनोडिया की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि अधिकारियों का अत्यधिक दबाव न होता तो यह हादसा नहीं होता। कर्मचारियों पर सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को हर हाल में 'संतुष्टिपूर्वक बंद' कराने के लिए दिन-रात घर जाने का दबाव बनाया जाता है और कार्रवाई की धमकी देकर उन्हें मानसिक तनाव में रखा जाता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा प्रणाली में तत्काल बदलाव किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का पैसा शासन स्तर पर लंबित रहता है, लेकिन इसकी जवाबदेही सचिवों और रोजगार सहायकों पर डाल दी जाती है, जो पूरी तरह से अनुचित है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे पूरे राज्य में प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
मध्य प्रदेश के विदिशा में पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और सरपंच संगठन एकजुट होकर जिला मुख्यालय पहुंचे और अधिकारियों द्वारा की जा रही प्रताड़ना व दबाव के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। संगठनों ने घोघरा पंचायत के सचिव राम सिंह विश्वकर्मा की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के लिए जिला पंचायत प्रशासन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने
इस मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और मृतक के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति व आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि सचिव राम सिंह विश्वकर्मा 18 जुलाई की रात करीब 8:40 बजे अधिकारियों के दबाव में सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का समाधान कराने शिकायतकर्ता के घर पहुंचे थे। शिकायत बंद करवाकर अधिकारियों को सूचना देने के बाद लौटते समय सड़क हादसे में उनकी मौत
हो गई। प्रदर्शनकारियों ने जिला पंचायत सीईओ ओमप्रकाश सनोडिया की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि अधिकारियों का अत्यधिक दबाव न होता तो यह हादसा नहीं होता। कर्मचारियों पर सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को हर हाल में 'संतुष्टिपूर्वक बंद' कराने के लिए दिन-रात घर जाने का दबाव बनाया जाता है और कार्रवाई की धमकी देकर उन्हें मानसिक तनाव में रखा जाता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सीएम हेल्पलाइन
की समीक्षा प्रणाली में तत्काल बदलाव किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का पैसा शासन स्तर पर लंबित रहता है, लेकिन इसकी जवाबदेही सचिवों और रोजगार सहायकों पर डाल दी जाती है, जो पूरी तरह से अनुचित है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे पूरे राज्य में प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
- यातायात नियमों के उल्लंघन पर गुना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 80 अवैध मॉडिफाइड साइलेंसरों का रोड़ रोलर से सार्वजनिक रूप से नष्टीकरण किया है। ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। इस विशेष अभियान में पुलिस ने अब तक कार्रवाई करते हुए तकरीबन सवा लाख रुपये का जुर्माना वसूला है।1
- अशोकनगर में AIDSO ने जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रमुख मांगें उठाई हैं। संगठन ने NTA को तुरंत भंग करने, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों के साथ सीधी वार्ता आयोजित करने की मांग की है।1
- दिल्ली में NEET परीक्षा पेपर लीक और धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई कार्यकर्ताओं को पीएम आवास के पास गिरफ्तार किए जाने के विरोध में सागर जिले के बीना में शहर कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन किया। रात 9:00 बजे महात्मा गांधी चौराहा स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने "कितनी ऊंची है जेल तुम्हारी" के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार की दमनकारी नीति का विरोध किया। मामले के अनुसार, दिल्ली के जंतर मंतर पर NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस धरना प्रदर्शन कर रही थी। इसी क्रम में मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता पीएम आवास के समक्ष प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने अवैध बताते हुए गिरफ्तार कर धरना समाप्त करवा दिया। इसी के विरोध में बीना शहर कांग्रेस सड़क पर उतरी और गांधीजी की प्रतिमा के सामने प्रतीकात्मक धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार लोकतंत्र की आवाज को दबाना चाहती है, लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है और सरकार बात करने के बजाय राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को गिरफ्तार कर रही है। प्रमोद राय और नेता प्रतिपक्ष प्रशांत राय ने इसे तानाशाही व संविधान का अपमान बताते हुए सरकार से NEET की सीबीआई जांच कराने और दोषियों को सजा देने की मांग की। आशीष चौबे ने कहा कि प्रियंका गांधी महिलाओं की आवाज बनकर खड़ी थीं और अन्याय के खिलाफ यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगी। इस दौरान उमा नवैया, बीपी नायक, अशोक परिहार, श्याम व्यास, सत्यपाल पटेल, राजाराम अहिरवार, महेंद्र नवैया, रामकिशन, सतीश तिवारी, पीयूष तिवारी अहिरवार, बलराम अहिरवार, मोनू अहिरवार, आदेश समैया, कृष्ण कैथोरिया और अभिजीत सिंघाई आदि ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन ओमप्रकाश पासु ने किया।3
- Post by Rizwan Khan1
- Post by भूरा शेख1
- विदिशा जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट ने 20 जुलाई से अगले दो माह तक धारा-163 लागू कर दी है। इस आदेश के प्रभावी होने के बाद अब जिले में बिना सक्षम अनुमति के किसी भी प्रकार की रैली, धरना-प्रदर्शन, जुलूस, पुतला दहन और सामूहिक विरोध प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी। प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति या संगठन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, विवाह की बारात और शवयात्रा को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।4
- गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल की ओर से '#NasheSeDooriHaiJaruri2_0' (नशे से दूरी है जरूरी 2.0) अभियान के तहत जागरूकता संदेश जारी किया गया है।1
- Post by Rizwan Khan1
- सागर जिले के खिमलासा कस्बे में नारायणी मंदिर में बीती रात करीब 2 बजे हुई चोरी की घटना के विरोध में व्यापारियों ने पूरा बाजार बंद रखा और सैकड़ों नागरिकों ने नारायणी मंदिर तिराहे पर चक्का जाम कर दिया। बदमाशों ने कटर से ताले तोड़कर मंदिर से माता रानी के करीब 500 ग्राम चांदी के आभूषण तथा कान, नाक और मंगलसूत्र सहित सोने के गहने चोरी कर लिए। सुबह पट खुलने पर घटना का पता चलते ही पूरे कस्बे में आक्रोश फैल गया और तिराहे पर सड़क पर बैठकर किए गए प्रदर्शन के कारण करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। खिमलासा थाना अंतर्गत एक महीने के भीतर धर्म और आस्था के विषय पर यह दूसरा चक्का जाम है। इससे पहले 30 जून 2026 को गोचर भूमि मुक्त कराने की मांग को लेकर गौ सेवकों ने चक्का जाम किया था, जिस पर प्रशासन ने अपनी कमियां छिपाने के लिए 11 गौ सेवकों पर कार्रवाई की थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो-तीन सालों में मंदिरों में चोरियों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पूर्व में मां बिजासन मंदिर से लाखों के आभूषण, बसाहरी के जैन मंदिर और 2 साल पहले नदवानी मंदिर में नंदी महाराज की मूर्ति से तोड़फोड़ जैसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस किसी भी मामले का खुलासा नहीं कर सकी है। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष चित्तर सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष जगदीश लोधी, वरिष्ठ नेता रामनारायण सोनी सहित नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई। सूचना पर एसडीओपी बीना और थाना प्रभारी राधेश्याम पटेल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा 24 घंटे के अंदर कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद जाम समाप्त हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1