दिल्ली में NEET परीक्षा पेपर लीक और धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई कार्यकर्ताओं को पीएम आवास के पास गिरफ्तार किए जाने के विरोध में सागर जिले के बीना में शहर कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन किया। रात 9:00 बजे महात्मा गांधी चौराहा स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने "कितनी ऊंची है जेल तुम्हारी" के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार की दमनकारी नीति का विरोध किया। मामले के अनुसार, दिल्ली के जंतर मंतर पर NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस धरना प्रदर्शन कर रही थी। इसी क्रम में मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता पीएम आवास के समक्ष प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने अवैध बताते हुए गिरफ्तार कर धरना समाप्त करवा दिया। इसी के विरोध में बीना शहर कांग्रेस सड़क पर उतरी और गांधीजी की प्रतिमा के सामने प्रतीकात्मक धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार लोकतंत्र की आवाज को दबाना चाहती है, लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है और सरकार बात करने के बजाय राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को गिरफ्तार कर रही है। प्रमोद राय और नेता प्रतिपक्ष प्रशांत राय ने इसे तानाशाही व संविधान का अपमान बताते हुए सरकार से NEET की सीबीआई जांच कराने और दोषियों को सजा देने की मांग की। आशीष चौबे ने कहा कि प्रियंका गांधी महिलाओं की आवाज बनकर खड़ी थीं और अन्याय के खिलाफ यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगी। इस दौरान उमा नवैया, बीपी नायक, अशोक परिहार, श्याम व्यास, सत्यपाल पटेल, राजाराम अहिरवार, महेंद्र नवैया, रामकिशन, सतीश तिवारी, पीयूष तिवारी अहिरवार, बलराम अहिरवार, मोनू अहिरवार, आदेश समैया, कृष्ण कैथोरिया और अभिजीत सिंघाई आदि ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन ओमप्रकाश पासु ने किया।
दिल्ली में NEET परीक्षा पेपर लीक और धरना प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई कार्यकर्ताओं को पीएम आवास के पास गिरफ्तार किए जाने के विरोध में सागर जिले के बीना में शहर कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन किया। रात 9:00 बजे महात्मा गांधी चौराहा स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने "कितनी ऊंची है जेल तुम्हारी" के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार की दमनकारी नीति का विरोध किया। मामले के अनुसार, दिल्ली के जंतर मंतर पर NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ
कांग्रेस धरना प्रदर्शन कर रही थी। इसी क्रम में मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता पीएम आवास के समक्ष प्रदर्शन कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने अवैध बताते हुए गिरफ्तार कर धरना समाप्त करवा दिया। इसी के विरोध में बीना शहर कांग्रेस सड़क पर उतरी और गांधीजी की प्रतिमा के सामने प्रतीकात्मक धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार लोकतंत्र की आवाज को दबाना चाहती है, लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है और सरकार बात करने के बजाय राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को गिरफ्तार कर रही है। प्रमोद
राय और नेता प्रतिपक्ष प्रशांत राय ने इसे तानाशाही व संविधान का अपमान बताते हुए सरकार से NEET की सीबीआई जांच कराने और दोषियों को सजा देने की मांग की। आशीष चौबे ने कहा कि प्रियंका गांधी महिलाओं की आवाज बनकर खड़ी थीं और अन्याय के खिलाफ यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगी। इस दौरान उमा नवैया, बीपी नायक, अशोक परिहार, श्याम व्यास, सत्यपाल पटेल, राजाराम अहिरवार, महेंद्र नवैया, रामकिशन, सतीश तिवारी, पीयूष तिवारी अहिरवार, बलराम अहिरवार, मोनू अहिरवार, आदेश समैया, कृष्ण कैथोरिया और अभिजीत सिंघाई आदि ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन ओमप्रकाश पासु ने किया।
- मध्यप्रदेश विधानसभा में भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक ध्वनि मत से पारित हो गया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश देश का ऐसा चौथा राज्य बन गया है जिसने यूसीसी लागू करने की दिशा में यह बड़ा कदम उठाया है। इस नए कानून के लागू होने के बाद प्रदेश में कई बड़े बदलाव होंगे। कानून के तहत बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और एक से अधिक विवाह गैरकानूनी माने जाएंगे। तीन तलाक और निकाह हलाला को भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा गया है। आदिवासी समाज को छोड़कर सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह और तलाक का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी सख्त नियम बनाए गए हैं, जिसके तहत लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को एक महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा और बिना रजिस्ट्रेशन साथ रहने पर कानूनी कार्रवाई तथा तीन महीने तक की सजा का प्रावधान किया गया है। हालांकि इस रिश्ते से जन्मी संतान को पूरा कानूनी अधिकार और वैधानिक दर्जा मिलेगा। संपत्ति के बंटवारे, उत्तराधिकार और बच्चा गोद लेने के मामलों में अब महिलाओं और पुरुषों को समान अधिकार मिलेंगे। अनुसूचित जनजातियों की परंपराओं और उनके संवैधानिक अधिकारों को सुरक्षित रखते हुए उन्हें इस कानून के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे प्रदेश की महिलाओं के अधिकारों को संरक्षण मिलेगा और यह नारी सशक्तिकरण की मिसाल बनेगा। वहीं, विधानसभा में विपक्षी दल कांग्रेस ने बिल को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग उठाई थी, लेकिन सरकार ने इसे अस्वीकार करते हुए विधेयक पास करा लिया।1
- विदिशा जिले में पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन में नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। 21 और 22 जुलाई 2026 को जिले के सभी थाना क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू, सिगरेट तथा अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए सघन निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र में तंबाकू व सिगरेट बेचने पर 21 दुकानों के खिलाफ कुल ₹14,500 की चालानी कार्रवाई की गई। इसके साथ ही 05 मामलों में COTPA Act की धारा 6(बी) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किए गए। वहीं 100 से 500 मीटर के दायरे में संचालित 73 दुकानों के दुकानदारों को विद्यार्थियों को तंबाकू एवं निकोटिन युक्त उत्पाद न बेचने की सख्त समझाइश दी गई। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास पुड़िया, गांजा, तंबाकू, सिगरेट एवं अन्य मादक पदार्थों की बिक्री पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। विदिशा पुलिस ने आमजन से अपील की है कि शैक्षणिक संस्थानों के पास नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री दिखने पर तत्काल स्थानीय पुलिस, हेल्पलाइन नंबर 7587637635 या डायल-112 पर सूचना दें, जहां सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।1
- विदिशा के मुखर्जी नगर 20 सेक्टर के पीछे स्थित मालवीय नगर और विट्ठल नगर कॉलोनी के रहवासियों ने जलभराव की समस्या को लेकर कलेक्टर से लिखित शिकायत की है। रहवासियों का कहना है कि पूर्व में विट्ठल नगर और मुखर्जी नगर में बारिश के पानी की निकासी उनके घरों के पास से होकर होती थी। लेकिन आगे चलकर माधव सिटी के लोगों ने खेत खरीद कर वहां कॉलोनी बसा ली और पानी निकासी का पुराना रास्ता बंद कर दिया। रास्ता बंद होने के कारण पूरी कॉलोनी में पानी भर गया है, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है और बच्चे स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं। रहवासियों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की गई थी, तब जल निकासी के लिए एक वैकल्पिक रास्ता शुरू कराया गया था। हालांकि, इस बार माधव सिटी के लोगों ने उस वैकल्पिक रास्ते को भी बंद कर दिया है, जिससे कॉलोनी में स्थिति बेहद खराब हो गई है।4
- सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने एक प्रशिक्षण शिविर के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को पोर्टल की बारीकियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।1
- पुलिस के रवैये और कार्रवाई को 'गुंडा राज' करार देते हुए इसे पुराने इतिहास के जलियांवाला बाग हत्याकांड जैसा खौफनाक बताया गया है। इसमें सीधा आरोप लगाया गया है कि पुलिस के भेष में दरअसल बीजेपी के गुंडे मौजूद हैं। देश को ऐसे चोरों से बचाने की जोरदार अपील करते हुए इस व्यवस्था और पुलिसिया तंत्र के खिलाफ तीखा आक्रोश जाहिर किया गया है।3
- मध्य प्रदेश के विदिशा में पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और सरपंच संगठन एकजुट होकर जिला मुख्यालय पहुंचे और अधिकारियों द्वारा की जा रही प्रताड़ना व दबाव के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। संगठनों ने घोघरा पंचायत के सचिव राम सिंह विश्वकर्मा की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के लिए जिला पंचायत प्रशासन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और मृतक के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति व आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि सचिव राम सिंह विश्वकर्मा 18 जुलाई की रात करीब 8:40 बजे अधिकारियों के दबाव में सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का समाधान कराने शिकायतकर्ता के घर पहुंचे थे। शिकायत बंद करवाकर अधिकारियों को सूचना देने के बाद लौटते समय सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने जिला पंचायत सीईओ ओमप्रकाश सनोडिया की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि यदि अधिकारियों का अत्यधिक दबाव न होता तो यह हादसा नहीं होता। कर्मचारियों पर सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को हर हाल में 'संतुष्टिपूर्वक बंद' कराने के लिए दिन-रात घर जाने का दबाव बनाया जाता है और कार्रवाई की धमकी देकर उन्हें मानसिक तनाव में रखा जाता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा प्रणाली में तत्काल बदलाव किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का पैसा शासन स्तर पर लंबित रहता है, लेकिन इसकी जवाबदेही सचिवों और रोजगार सहायकों पर डाल दी जाती है, जो पूरी तरह से अनुचित है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे पूरे राज्य में प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।4
- जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के बीरवाह क्षेत्र में भारी बारिश के बाद सुखनाग नाले में अचानक आई बाढ़ से बड़ा नुकसान हुआ है। नाले में आए तेज उफान के कारण नगर पालिका शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की कई दुकानें बह गईं और ढह गईं। हालांकि, पुलिस की ओर से समय रहते दुकानदारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे हादसे में किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर उन्हें राहत देने और उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का आश्वासन दिया।1