मझगई पुलिस का सराहनीय कार्य: इंस्पेक्टर राजू राव की मुस्तैदी से पेट्रोल पंपों पर टला बड़ा बवाल मझगई। क्षेत्र में तेल की कमी की अफवाह ने आज उस समय उग्र रूप ले लिया जब स्थानीय पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जमा हो गई। हालात इस कदर बिगड़ गए कि लोग अपनी बारी के लिए आपस में भिड़ने लगे, लेकिन मझगई थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजू राव की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी मझगई पुलिस का सराहनीय कार्य: इंस्पेक्टर राजू राव की मुस्तैदी से पेट्रोल पंपों पर टला बड़ा बवाल मझगई। क्षेत्र में तेल की कमी की अफवाह ने आज उस समय उग्र रूप ले लिया जब स्थानीय पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जमा हो गई। हालात इस कदर बिगड़ गए कि लोग अपनी बारी के लिए आपस में भिड़ने लगे, लेकिन मझगई थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजू राव की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। अफवाह और अफरा-तफरी का माहौल जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में डीजल-पेट्रोल खत्म होने की अफवाह फैलते ही पंपों पर दोपहिया और चार पहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। खेती का सीजन होने के कारण किसान भी अपने ट्रैक्टरों के साथ बड़ी संख्या में डीजल लेने पहुंच गए। घंटों इंतजार और अपनी बारी पहले आने की होड़ में लोगों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और देखते ही देखते माहौल बेकाबू होने लगा। देवदूत बनकर पहुंची पुलिस टीम विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही मझगई थाने के इंस्पेक्टर राजू राव अपनी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने न केवल उग्र हो रही भीड़ को शांत कराया, बल्कि अपनी प्रभावी कार्यशैली का परिचय देते हुए कतारों को व्यवस्थित कराया। पुलिस की मौजूदगी और इंस्पेक्टर राव की सूझबूझ से वहां शांति व्यवस्था कायम हुई और सुचारू रूप से तेल का वितरण शुरू हो सका। "अगर इंस्पेक्टर राजू राव समय पर नहीं पहुंचते, तो तेल के लिए बड़ा खूनी संघर्ष हो सकता था। उनकी कार्यशैली वाकई काबिले तारीफ है।
मझगई पुलिस का सराहनीय कार्य: इंस्पेक्टर राजू राव की मुस्तैदी से पेट्रोल पंपों पर टला बड़ा बवाल मझगई। क्षेत्र में तेल की कमी की अफवाह ने आज उस समय उग्र रूप ले लिया जब स्थानीय पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जमा हो गई। हालात इस कदर बिगड़ गए कि लोग अपनी बारी के लिए आपस में भिड़ने लगे, लेकिन मझगई थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजू राव की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी मझगई पुलिस का सराहनीय कार्य: इंस्पेक्टर राजू राव की मुस्तैदी से पेट्रोल पंपों पर टला बड़ा बवाल मझगई। क्षेत्र में तेल की कमी की अफवाह ने आज उस समय उग्र रूप ले लिया जब स्थानीय पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जमा हो गई। हालात इस कदर बिगड़ गए कि लोग अपनी बारी के लिए आपस में भिड़ने लगे, लेकिन मझगई थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजू राव की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। अफवाह और अफरा-तफरी का माहौल जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में डीजल-पेट्रोल खत्म होने की अफवाह फैलते ही पंपों पर दोपहिया और चार पहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। खेती का सीजन होने के कारण किसान भी अपने ट्रैक्टरों के साथ बड़ी संख्या में डीजल लेने पहुंच गए। घंटों इंतजार और अपनी बारी पहले आने की होड़ में लोगों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और देखते ही देखते माहौल बेकाबू होने लगा। देवदूत बनकर पहुंची पुलिस टीम विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही मझगई थाने के इंस्पेक्टर राजू राव अपनी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने न केवल उग्र हो रही भीड़ को शांत कराया, बल्कि अपनी प्रभावी कार्यशैली का परिचय देते हुए कतारों को व्यवस्थित कराया। पुलिस की मौजूदगी और इंस्पेक्टर राव की सूझबूझ से वहां शांति व्यवस्था कायम हुई और सुचारू रूप से तेल का वितरण शुरू हो सका। "अगर इंस्पेक्टर राजू राव समय पर नहीं पहुंचते, तो तेल के लिए बड़ा खूनी संघर्ष हो सकता था। उनकी कार्यशैली वाकई काबिले तारीफ है।
- 📢 पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाहों से रहें सावधान लखीमपुर खीरी में पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरें भ्रामक हैं। जिलाधिकारी Durga Shakti Nagpal ने बताया कि जनपद में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें। जिला पूर्ति अधिकारी अंजनी कुमार सिंह के अनुसार तेल कंपनियों से नियमित आपूर्ति जारी है। कालाबाजारी या अवैध भंडारण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ✅ प्रशासन की निगरानी में जनपद में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।1
- आप लोगों से अपील है गलत अफवाहों पर ना दे ध्यान,,,,,,,, पेट्रोल पंप पर डीजल पैट्रोल को लेकर लगी भीड़ तेल को लेकर मारामारी अफरा तफरी,,,,,,,,,, तिकुनिया खीरी कस्बे में स्थित पेट्रोल पंपों पर अमेरिका इराक युद्ध को लेकर,,,,,,, डीजल पेट्रोल की कीमत मैं वृद्धि न हो जाए अथवा मिलना बंद ना हो जाए,,,,,, इसको लेकर लोग अपना वाहन ट्रैक्टर ट्राली में कई कई ड्रम और बाइक,,,,,,, लेकर पेट्रोल पंपों पर भाग रहे हैं लोग पेट्रोल पंप पर भयानक भीड लगी है,,, हालांकि इस बाबत अग्रवाल फिलिंग स्टेशन के आकाश अग्रवाल ने बताया ऐसा कुछ नहीं है ,,,,,,, यूट्यूब पर और फेसबुक वालों ने अफवाह फैला दी है जिसके कारण लोग काम-खां परेशान है,,,,,,,,1
- मझगई पुलिस का सराहनीय कार्य: इंस्पेक्टर राजू राव की मुस्तैदी से पेट्रोल पंपों पर टला बड़ा बवाल मझगई। क्षेत्र में तेल की कमी की अफवाह ने आज उस समय उग्र रूप ले लिया जब स्थानीय पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जमा हो गई। हालात इस कदर बिगड़ गए कि लोग अपनी बारी के लिए आपस में भिड़ने लगे, लेकिन मझगई थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजू राव की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। अफवाह और अफरा-तफरी का माहौल जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में डीजल-पेट्रोल खत्म होने की अफवाह फैलते ही पंपों पर दोपहिया और चार पहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। खेती का सीजन होने के कारण किसान भी अपने ट्रैक्टरों के साथ बड़ी संख्या में डीजल लेने पहुंच गए। घंटों इंतजार और अपनी बारी पहले आने की होड़ में लोगों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और देखते ही देखते माहौल बेकाबू होने लगा। देवदूत बनकर पहुंची पुलिस टीम विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही मझगई थाने के इंस्पेक्टर राजू राव अपनी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने न केवल उग्र हो रही भीड़ को शांत कराया, बल्कि अपनी प्रभावी कार्यशैली का परिचय देते हुए कतारों को व्यवस्थित कराया। पुलिस की मौजूदगी और इंस्पेक्टर राव की सूझबूझ से वहां शांति व्यवस्था कायम हुई और सुचारू रूप से तेल का वितरण शुरू हो सका। "अगर इंस्पेक्टर राजू राव समय पर नहीं पहुंचते, तो तेल के लिए बड़ा खूनी संघर्ष हो सकता था। उनकी कार्यशैली वाकई काबिले तारीफ है।1
- दुधवा के खेतों में अब भी जमे हैं विदेशी मेहमान, मौसम बदलने के बावजूद पलिया रेंज के पास दिखी प्रवासी परिंदों की टोली पलिया कलां-खीरी। तराई के इलाकों में मौसम के बदलते मिजाज और बढ़ती तपिश के बीच दुधवा नेशनल पार्क से सटे रिहायशी इलाकों में कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। आमतौर पर इस वक्त तक अधिकांश प्रवासी पक्षी अपने वतन की वापसी की उड़ान भर लेते हैं, लेकिन इस बार पलिया रेंज से सटे खेतों में अब भी इन विदेशी मेहमानों की चहल-पहल बनी हुई है। सात समंदर पार से आए ये परिंदे लहलहाती फसलों के बीच अपना बसेरा डाले हुए हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों का दृश्य बेहद आकर्षक हो गया है। स्थानीय जानकारों के मुताबिक, मार्च का महीना शुरू होते ही तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण कई प्रजातियों के पक्षी वापस लौटने लगे हैं, लेकिन पलिया रेंज के तराई वाले खेतों में अब भी भारी संख्या में प्रवासी पक्षी दिखाई दे रहे हैं। भोजन की प्रचुर उपलब्धता और सुरक्षित वातावरण के चलते ये पक्षी अभी भी यहीं डटे हुए हैं। सुबह और शाम के वक्त आसमान में कतारबद्ध होकर उड़ते इन परिंदों की चहचहाहट ग्रामीणों और राहगीरों का मन मोह रही है। वन्यजीव प्रेमियों ने प्रशासन से इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि प्रवास के अंतिम दौर में भी ये यहाँ पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।1
- Lakhimpur Kheri Uttar Pradesh1
- निघासन खीरी। दक्षिण निघासन रेंज में बिहारीपुरवा गांव के अलावा गोविंदपुर फार्म में लगातार तेंदुए का आतंक ग्रामीणों को सता रहा था,कई पालतू जानवरों को निगलने के बाद वन दरोगा अखिलेश रावत ने ठीक निशाने पर तेंदुए को पकड़ने का बिछाया जाल, आखिरकार वन दरोगा अखिलेश रावत की टीम को मिली सफलता,दो घंटे के भीतर ही तेंदुआ पिंजड़े में हुआ कैद,आस पास के ग्रामीणों को मिली राहत,वन विभाग अपने दावे पर खरा उतरा,वन दरोगा अखिलेश रावत समेत वन कर्मियों की सराहना कर रहे ग्रामीण।1
- यूपी के अलीगढ़ में BJP के वरिष्ठ नेता हेमंत गर्ग जी ने पड़ोसी के सीने पर पिस्टल सटा दी लेकिन... चिंता की बात नहीं है, पिस्टल डराने की नीयत से सटाई गई थी, जान से मारने के लिए नहीं हेमंत जी तो बेहद संस्कारी आदमी हैं बस उनका बेटा थोड़ा मनबढ़ निकल गया है, उसके चक्कर में विवाद हो गया हेमंत जी जेल चले गए हैं, उनका बेटा फरार हो गया, पुलिस खोज रही है1
- पलिया कलां-खीरी। तराई के इलाकों में मौसम के बदलते मिजाज और बढ़ती तपिश के बीच दुधवा नेशनल पार्क से सटे रिहायशी इलाकों में कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। आमतौर पर इस वक्त तक अधिकांश प्रवासी पक्षी अपने वतन की वापसी की उड़ान भर लेते हैं, लेकिन इस बार पलिया रेंज से सटे खेतों में अब भी इन विदेशी मेहमानों की चहल-पहल बनी हुई है। सात समंदर पार से आए ये परिंदे लहलहाती फसलों के बीच अपना बसेरा डाले हुए हैं, जिससे सीमावर्ती इलाकों का दृश्य बेहद आकर्षक हो गया है। स्थानीय जानकारों के मुताबिक, मार्च का महीना शुरू होते ही तापमान में बढ़ोत्तरी के कारण कई प्रजातियों के पक्षी वापस लौटने लगे हैं, लेकिन पलिया रेंज के तराई वाले खेतों में अब भी भारी संख्या में प्रवासी पक्षी दिखाई दे रहे हैं। भोजन की प्रचुर उपलब्धता और सुरक्षित वातावरण के चलते ये पक्षी अभी भी यहीं डटे हुए हैं। सुबह और शाम के वक्त आसमान में कतारबद्ध होकर उड़ते इन परिंदों की चहचहाहट ग्रामीणों और राहगीरों का मन मोह रही है। वन्यजीव प्रेमियों ने प्रशासन से इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि प्रवास के अंतिम दौर में भी ये यहाँ पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।1