बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम कड़ार से मायके जाने निकली 32 वर्षीय पूर्णिमा लहरी नामक महिला लापता हो गई हैं। उनके पति सतीश कुमार लहरी ने 23 मई 2026 की सुबह 11 बजे अपनी पत्नी के घर से निकलने के बाद मायके घूरू अमेरी न पहुँचने की जानकारी चकरभाठा थाने में दी, जिसके बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। सूचक सतीश कुमार लहरी, जिनकी उम्र 34 वर्ष है और वे दिवंगत रामेश्वर प्रसाद लहरी के पुत्र हैं, बुधवार शाम 4:34 बजे अपने बड़े साले श्यामू मेहर के साथ थाने पहुँचे थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी की तलाश रिश्तेदारों और आस-पड़ोस में की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। पूर्णिमा लहरी की हुलिया 5 फीट 5 इंच कद, गेहुआँ रंग, लंबा काला चेहरा और कत्था रंग की साड़ी पहने हुए बताई गई है। वे छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा बोलती हैं तथा कक्षा 8वीं तक पढ़ाई की हैं। चकरभाठा पुलिस ने बुधवार रात 9:30 बजे जानकारी देते हुए बताया कि सूचक की सूचना पर गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी गई है और इसकी सूचना सभी थाना चौकी प्रभारियों एवं DCRB को भेज दी गई है।
बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र के ग्राम कड़ार से मायके जाने निकली 32 वर्षीय पूर्णिमा लहरी नामक महिला लापता हो गई हैं। उनके पति सतीश कुमार लहरी ने 23 मई 2026 की सुबह 11 बजे अपनी पत्नी के घर से निकलने के बाद मायके घूरू अमेरी न पहुँचने की जानकारी चकरभाठा थाने में दी, जिसके बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। सूचक सतीश कुमार लहरी, जिनकी उम्र 34 वर्ष है और वे दिवंगत रामेश्वर प्रसाद लहरी के पुत्र हैं, बुधवार शाम 4:34 बजे अपने बड़े साले श्यामू मेहर के साथ थाने पहुँचे थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी की तलाश रिश्तेदारों और आस-पड़ोस में की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। पूर्णिमा लहरी की हुलिया 5 फीट 5 इंच कद, गेहुआँ रंग, लंबा काला चेहरा और कत्था रंग की साड़ी पहने हुए बताई गई है। वे छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा बोलती हैं तथा कक्षा 8वीं तक पढ़ाई की हैं। चकरभाठा पुलिस ने बुधवार रात 9:30 बजे जानकारी देते हुए बताया कि सूचक की सूचना पर गुम इंसान का मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी गई है और इसकी सूचना सभी थाना चौकी प्रभारियों एवं DCRB को भेज दी गई है।
- छत्तीसगढ़ के तारबहार उपचुनाव में कांग्रेस ने अपनी जीत का परचम लहराया है। इस महत्वपूर्ण उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी शेख आजम ने 1065 मतों के अंतर से एक ऐतिहासिक विजय दर्ज की है।1
- भिलाई के खुर्सीपार क्षेत्र की देवार बस्ती में दो गुटों के बीच हुए विवाद और मारपीट के बाद पुलिस ने एक व्यापक सर्च अभियान चलाया। इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही, नगर निगम ने अवैध नशाखोरी के ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए कई अस्थायी ढांचों को हटाया, जिससे पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया। दुर्ग पुलिस द्वारा 3 जून को खुर्सीपार थाना क्षेत्र के देवार पारा में यह विशेष सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व नगर पुलिस अधीक्षक छावनी और थाना प्रभारी खुर्सीपार ने लगभग 50 जवानों के साथ किया। पुलिस को लंबे समय से इस इलाके में अवैध गांजा और शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान, पुलिस ने घरों, खंडहर भवनों, कबाड़ के बोरों, मकानों की छतों और शौचालयों सहित हर संदिग्ध जगह की बारीकी से जांच की। इस कार्रवाई में लगभग 10 से 12 किलो गांजा, गांजा की पुड़िया बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक रैपर, 62 पौआ अवैध शराब और 2 तलवार सहित अन्य धारदार हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि बरामद गांजे के संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है, जबकि शराब के मामले में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, बिना नंबर वाली संदिग्ध दोपहिया वाहनों को भी जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना, असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण करना और 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करना है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि, नशीले पदार्थों की बिक्री या अवैध हथियारों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।1
- बिलासपुर में एनएसयूआई छात्र संघ और कांग्रेस पार्टी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के बंगले का घेराव करने के लिए एक जोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को भेद नहीं पाए और बैरिकेड तक ही सीमित रह गए। इस प्रदर्शन के दौरान, एनएसयूआई छात्र संघ और कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव एक गाड़ी के ऊपर चढ़ गए, जहाँ से उन्होंने अपनी गिरफ्तारी दी। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने जमकर लाठियाँ भी भांजीं।1
- चांपा में थाना चौक अब ‘अखाड़ा और मयखाना’ में तब्दील हो चुका है। इस स्थिति के कारण चांपा पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- बिलासपुर के उड़ेला गांव में आम खाने को लेकर हुए एक विवाद में छोटे भाई को उसके सगे भाई, भाभी और ससुर ने मिलकर मारपीट की। पीड़ित ने इस घटना की रिपोर्ट हिर्री थाने में दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। हिर्री पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, उड़ेला में काली मंदिर के पीछे रहने वाले 31 वर्षीय आकाश सारथी पिता विकास राजपूत ने बुधवार दोपहर 1:06 बजे थाने में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई। आकाश ने बताया कि 2 जून 2026 की रात करीब 10:30 बजे जब वह काम से घर लौटा, तो उसने अपने भाई अमित सारथी, उसकी पत्नी गंगा बाई और ससुर कल्लू को घर के आंगन में बैठकर आम खाते देखा। आकाश ने गंगा बाई से पीने के लिए पानी मांगा और आंगन में रखे आमों में से एक आम खाने के लिए उठाया। इस पर उसके भाई अमित सारथी, पत्नी गंगा बाई और ससुर कल्लू ने यह कहकर गांली गलौज शुरू कर दी कि वह शराब पीकर आया है और यह आम बच्चों के लिए हैं। जब आकाश ने उन्हें गांली गलौज करने से मना किया, तो तीनों एक राय होकर मां-बहन की अश्लील गांली गलौज करने लगे और जान से मारने की धमकी दी। मारपीट के दौरान भाई अमित सारथी ने ईंट के टुकड़े से, ससुर कल्लू ने डंडे से और भाई की पत्नी गंगा बाई ने हाथ-थप्पड़ों से आकाश पर हमला किया। इस हमले में आकाश की बाईं आंख की भौंह और सिर के पीछे की तरफ चोटें आईं और खून निकला। घटना को लक्की और रोशन बंजारे ने देखा और बीच-बचाव किया। प्रार्थी आकाश सारथी की रिपोर्ट पर हिर्री पुलिस ने अपराध धारा 296, 115(2), 351(3), 3(5) बी एन एस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की आगे की विवेचना कर रही है।1
- गुरुवार सुबह करीब 10 बजे बिलासपुर के चकरभाठा बस्ती स्थित एयरपोर्ट चौक के आगे सड़क पार करते समय एक बंदर का बच्चा बाइक की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। गौ सेवा धाम छतौना को चकरभाठा बस्ती के सियाराम साहू ने सुबह 11:30 बजे फोन पर इस घटना की सूचना दी थी, जिसमें बताया गया था कि बंदर के बच्चे को मुंह और सिर में गंभीर चोटें आई हैं और खून बह रहा है। सूचना मिलने पर गौ सेवा धाम की टीम मौके पर इलाज के लिए पहुंची, लेकिन तब तक बंदर के बच्चे की मौत हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बंदर का बच्चा सड़क पार कर रहा था तभी चकरभाठा बस्ती का रामदेव नामक बाइक चालक अपनी बाइक से मार्केट की ओर जा रहा था। इस दौरान अचानक बंदर का बच्चा दौड़ते हुए बाइक के सामने आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि, बाइक चालक बिना रुके ही चला गया, शायद वह जल्दी में था। इसके बाद बंदर का बच्चा सड़क पर लहूलुहान हालत में तड़पता रहा, और उसकी मां किसी को भी उसके पास नहीं आने दे रही थी। बाद में, बंदर की मां बच्चे को उठाकर पेड़ की छांव में ले गई, जहाँ कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। बंदरों के झुंड के अन्य सदस्य भी बच्चे को उठाने का प्रयास करते रहे, जो एक अत्यंत मार्मिक दृश्य था। गौ सेवा धाम की टीम के पहुँचने के बाद, चकरभाठा बस्ती के सियाराम साहू, मुसू सैलून संचालक और अन्य ग्रामीणों ने मिलकर गांव के तालाब के पास गड्डा खोदकर बच्चे के शव को दफना दिया। यह घटना जंगलों की अंधाधुंध कटाई के गंभीर परिणाम को उजागर करती है, जिसके कारण सैकड़ों की संख्या में जंगली बंदर चारा-पानी की तलाश में गांवों का रुख करते हैं। ऐसे में, कई बंदर के बच्चों की मौत बिजली के तार के करंट की चपेट में आने, सड़क दुर्घटनाओं और कुत्तों के काटने से हो जाती है। पोस्ट में आम जनता से अपील की गई है कि उन्हें ऐसे भूखे-प्यासे बंदरों के प्रति संवेदना रखनी चाहिए। जब भी कोई बंदर या जंगली जीव सड़क पार करे, तो अपने वाहन की गति धीमी कर लेनी चाहिए ताकि उनकी जान बचाई जा सके।1