भिलाई के खुर्सीपार क्षेत्र की देवार बस्ती में दो गुटों के बीच हुए विवाद और मारपीट के बाद पुलिस ने एक व्यापक सर्च अभियान चलाया। इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही, नगर निगम ने अवैध नशाखोरी के ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए कई अस्थायी ढांचों को हटाया, जिससे पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया। दुर्ग पुलिस द्वारा 3 जून को खुर्सीपार थाना क्षेत्र के देवार पारा में यह विशेष सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व नगर पुलिस अधीक्षक छावनी और थाना प्रभारी खुर्सीपार ने लगभग 50 जवानों के साथ किया। पुलिस को लंबे समय से इस इलाके में अवैध गांजा और शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान, पुलिस ने घरों, खंडहर भवनों, कबाड़ के बोरों, मकानों की छतों और शौचालयों सहित हर संदिग्ध जगह की बारीकी से जांच की। इस कार्रवाई में लगभग 10 से 12 किलो गांजा, गांजा की पुड़िया बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक रैपर, 62 पौआ अवैध शराब और 2 तलवार सहित अन्य धारदार हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि बरामद गांजे के संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है, जबकि शराब के मामले में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, बिना नंबर वाली संदिग्ध दोपहिया वाहनों को भी जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना, असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण करना और 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करना है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि, नशीले पदार्थों की बिक्री या अवैध हथियारों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।
भिलाई के खुर्सीपार क्षेत्र की देवार बस्ती में दो गुटों के बीच हुए विवाद और मारपीट के बाद पुलिस ने एक व्यापक सर्च अभियान चलाया। इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही, नगर निगम ने अवैध नशाखोरी के ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए कई अस्थायी ढांचों को हटाया, जिससे पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया। दुर्ग पुलिस द्वारा 3 जून को खुर्सीपार थाना क्षेत्र के देवार पारा में यह विशेष सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व नगर पुलिस अधीक्षक छावनी और थाना प्रभारी खुर्सीपार ने लगभग 50 जवानों के साथ किया। पुलिस को लंबे समय से इस इलाके में अवैध गांजा और शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान, पुलिस ने घरों, खंडहर भवनों, कबाड़ के बोरों, मकानों की छतों और शौचालयों सहित हर संदिग्ध जगह की बारीकी से जांच की। इस कार्रवाई में लगभग 10 से 12 किलो गांजा, गांजा की पुड़िया बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक रैपर, 62 पौआ अवैध शराब और 2 तलवार सहित अन्य धारदार हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि बरामद गांजे के संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है, जबकि शराब के मामले में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, बिना नंबर वाली संदिग्ध दोपहिया वाहनों को भी जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना, असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण करना और 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करना है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि, नशीले पदार्थों की बिक्री या अवैध हथियारों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।
- बिलासपुर जिले के वार्ड क्रमांक 58 में स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी गंभीर बदहाली का सामना कर रही है। कॉलोनी के निवासी पानी, बिजली और सुरक्षा से जुड़े गंभीर संकटों से लगातार जूझ रहे हैं।1
- भिलाई के खुर्सीपार क्षेत्र की देवार बस्ती में दो गुटों के बीच हुए विवाद और मारपीट के बाद पुलिस ने एक व्यापक सर्च अभियान चलाया। इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्वयं मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही, नगर निगम ने अवैध नशाखोरी के ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए कई अस्थायी ढांचों को हटाया, जिससे पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया। दुर्ग पुलिस द्वारा 3 जून को खुर्सीपार थाना क्षेत्र के देवार पारा में यह विशेष सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व नगर पुलिस अधीक्षक छावनी और थाना प्रभारी खुर्सीपार ने लगभग 50 जवानों के साथ किया। पुलिस को लंबे समय से इस इलाके में अवैध गांजा और शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। तलाशी के दौरान, पुलिस ने घरों, खंडहर भवनों, कबाड़ के बोरों, मकानों की छतों और शौचालयों सहित हर संदिग्ध जगह की बारीकी से जांच की। इस कार्रवाई में लगभग 10 से 12 किलो गांजा, गांजा की पुड़िया बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक रैपर, 62 पौआ अवैध शराब और 2 तलवार सहित अन्य धारदार हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि बरामद गांजे के संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है, जबकि शराब के मामले में आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, बिना नंबर वाली संदिग्ध दोपहिया वाहनों को भी जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना, असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण करना और 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत नशे के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करना है। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि, नशीले पदार्थों की बिक्री या अवैध हथियारों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जा सके।1
- बिलासपुर में एनएसयूआई छात्र संघ और कांग्रेस पार्टी ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के बंगले का घेराव करने के लिए एक जोरदार प्रदर्शन किया। हालांकि, प्रदर्शनकारी पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को भेद नहीं पाए और बैरिकेड तक ही सीमित रह गए। इस प्रदर्शन के दौरान, एनएसयूआई छात्र संघ और कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव एक गाड़ी के ऊपर चढ़ गए, जहाँ से उन्होंने अपनी गिरफ्तारी दी। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने जमकर लाठियाँ भी भांजीं।1
- बोईदा के एक लड़के को साहू पान ठेला को लाइक करने पर एक उपहार प्राप्त हुआ है।1
- बिलासपुर जिले के चकरभाठा पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस प्रहार के तहत पुलिस ने तीन शराब कोचियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए कोचियों के पास से भारी मात्रा में अवैध शराब के साथ-साथ एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।1
- बिलासपुर में NSUI ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर 'हल्ला बोल' प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान जमकर धक्का-मुक्की हुई और लाठी भी चली। घटना के बाद कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।1