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उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जहाँ विधायक शिव अरोड़ा की लगातार पैरवी से अब वर्षों का इंतजार खत्म होने की ओर है। विधायक शिव अरोड़ा ने दावा किया है कि रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में जल्द ही एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू हो जाएंगी, जिससे जिले के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। विधायक शिव अरोड़ा के अनुसार, रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कक्षाएं 2026 में ही शुरू हो जाएंगी। यह घोषणा ऊधमसिंहनगर के लिए एक महत्वपूर्ण विकास मानी जा रही है, जो चिकित्सा सुविधाओं और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
रिपोर्टर अर्जुन कुमार
उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जहाँ विधायक शिव अरोड़ा की लगातार पैरवी से अब वर्षों का इंतजार खत्म होने की ओर है। विधायक शिव अरोड़ा ने दावा किया है कि रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में जल्द ही एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू हो जाएंगी, जिससे जिले के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। विधायक शिव अरोड़ा के अनुसार, रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कक्षाएं 2026 में ही शुरू हो जाएंगी। यह घोषणा ऊधमसिंहनगर के लिए एक महत्वपूर्ण विकास मानी जा रही है, जो चिकित्सा सुविधाओं और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
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- उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जहाँ विधायक शिव अरोड़ा की लगातार पैरवी से अब वर्षों का इंतजार खत्म होने की ओर है। विधायक शिव अरोड़ा ने दावा किया है कि रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में जल्द ही एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू हो जाएंगी, जिससे जिले के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। विधायक शिव अरोड़ा के अनुसार, रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कक्षाएं 2026 में ही शुरू हो जाएंगी। यह घोषणा ऊधमसिंहनगर के लिए एक महत्वपूर्ण विकास मानी जा रही है, जो चिकित्सा सुविधाओं और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगी।1
- बिलासपुर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) में नए जिलाध्यक्ष की घोषणा के बाद से संगठन में गहरा असंतोष खुलकर सामने आ गया है। रविवार शाम रामपुर रोड स्थित कैंप कार्यालय पर जिला प्रवक्ता नृपजीत सिंह की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में, जिला और तहसील स्तर के कई पदाधिकारियों ने इस नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए अपने पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि संगठन के हाईकमान ने स्थानीय कार्यकर्ताओं से बिना किसी विचार-विमर्श और रायशुमारी के ऐसे व्यक्ति को जिलाध्यक्ष बना दिया है, जिसे संगठन के अधिकांश पदाधिकारी और कार्यकर्ता जानते तक नहीं हैं। उनका स्पष्ट कहना था कि वर्षों से संगठन के लिए संघर्ष करते हुए उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ किसानों की आवाज़ उठाई है तथा संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इसके बावजूद उनकी अनदेखी करते हुए यह एकतरफा निर्णय लिया गया है। पदाधिकारियों ने इस फैसले को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी रोष होने की बात कही। उन्होंने हाईकमान से जल्द ही इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि नियुक्ति पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो शीघ्र ही एक बड़ी बैठक बुलाई जाएगी और आगे की रणनीति तय करते हुए कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा। इस बैठक में प्रकाश सिंह, प्यारा सिंह, दलजीत सिंह चीमा, सुरेन्द्र सिंह रंधावा, अंतराम यादव, अर्जुन सिंह, निशान सिंह, सर्वजोत सिंह चीमा, कुलदीप सिंह, हरजीत सिंह समेत कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।1
- प. पू. श्री गुरुजी ने अपने विचारों में परकीय आक्रमणों के मूल कारणों पर प्रकाश डाला है, जिसमें राष्ट्रजीवन की धारणा की शिथिलता को एक प्रमुख सहायक कारण बताया गया है। उनके अनुसार, स्वार्थ के वशीभूत होकर हमने न केवल आपस में संघर्ष किया, बल्कि सहायता के लिए परकीयों को बुलाने में भी कोई संकोच नहीं किया। ऐसा करते हुए हमने यह विचार नहीं किया कि इस प्रकार हम अपनी ही मातृभूमि को संकट में डाल रहे हैं। उन्होंने इस स्थिति का कारण राष्ट्रभक्तिहीन, परस्पर संघर्षमय, असंगठित और छिन्न-विच्छिन्न समाजजीवन को बताया। यह आंतरिक कमजोरी ही विदेशी ताकतों को हावी होने का अवसर देती रही है। प. पू. श्री गुरुजी ने गंभीर चेतावनी देते हुए प्रश्न किया है कि यदि इस मूल कारण को दूर नहीं किया गया, तो आज प्राप्त स्वतंत्रता को कैसे बनाए रखा जा सकेगा। उनके ये विचार राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति गहरी चिंता व्यक्त करते हैं।1
- उत्तराखंड के बाजपुर स्थित झारखंडी गांव में विकास कार्यों को हरी झंडी मिल गई है। गांव में सड़क निर्माण, सोलर लाइट लगाने और पुलिया बनाने के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है।1
- आज युवा साथियों ने कालाढूंगी-कोटाबाग मुख्य मोटर मार्ग की खराब हालत के विरोध में एक अनूठा प्रदर्शन किया। उन्होंने इस मार्ग पर धान की रोपाई की, यह दर्शाने के लिए कि सड़क अब वाहनों के चलने योग्य नहीं रही और खेतों में बदल चुकी है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि इस मामले पर अभी भी खामोश हैं।1
- वीर खालसा सेवा समिति ने एक डॉक्टर सम्मान समारोह का आयोजन किया, जिसमें डॉक्टरों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष अवतार सिंह ने कहा कि डॉक्टर समाज हित में गरीबों और जरूरतमंदों की समय-समय पर मदद करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वीर खालसा सेवा समिति को जब भी जरूरतमंदों के लिए डॉक्टरों की आवश्यकता होती है, तो उन्हें पूरा सहयोग मिलता है। मुख्य अतिथि आकाश सक्सेना जी ने डॉक्टरों को सम्मानित करने के इस कदम को हर्ष का विषय बताया। समारोह में सीएमओ रामपुर दीपा, सीएमएस रामपुर डॉ. विशेष कुमार, डीआर किशोरी लाल, डॉ. आलोक सिंह, डॉक्टर आरिफ सिद्दीकी, डीआर व शर्मा, डॉ. विक्रम लाल, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. अजय सिंघल, डीआर मानव सिंघल, डॉ. पीके पुरोहित, डॉ. असलम, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. ताज मोहम्मद, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉक्टर फहीम अहमद, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. शरीक आजम खान, डीआर पद्मा गुप्ता, डॉ. जतिन अरोरा, डॉ. कुलदीप चौहान, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉक्टर नोमान खान, डॉक्टर अब्दुल सलाम, डॉक्टर हिमांशु अनेजा, डॉक्टर मीना माहे, डॉक्टर नीरज श्रीवास्तव, डॉक्टर सुनीत सिंह, डॉक्टर जीएस चड्ढा, डॉक्टर विजेंद्र गजराल, डॉ. अनिल जैन, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉक्टर की के चल, डीआर राजपाल सिंह, डॉक्टर लखबीर सिंह, डॉक्टर दशरथ, डॉ. केदार सिंह राणा, डॉ. भूपेंद्र सिंह पन्नू, डॉक्टर पीके शर्मा और डॉक्टर के सिंह सहित कई चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, सिमरन कौर को अपने भाई को किडनी दान करने के लिए और शीला माथुर को उनके सराहनीय कार्य के लिए भी सम्मानित किया गया। समाज में हमेशा सराहनीय योगदान देने वाले 10 बुजुर्गों, जिनमें सरदार वल सिंह तीर, सरदार हरभजन सिंह बत्रा, सरदार मनमोहन सिंह, सरदार जगमोहन सिंह निमाना, सरदार अनूप सिंह, सरदार राजवंत सिंह, सरदार अमरजीत सिंह, सरदार सतनाम सिंह और सरदार परमजीत सिंह शामिल हैं, को कोविशील्ड देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में सरदार लखविंदर सिंह, सरदार मनमीत सिंह, सरदार संतोष सिंह सोखी, सुनील अग्रवाल, सरदार तीरथ सिंह, सुरजीत सिंह, सेवा सिंह, मनदीप सिंह, नारायण सिंह, गुलशन अरोड़ा, कुलविंदर सिंह, मोनू सिंह, खुशवंत सिंह बाजवा, गुरपेज सिंह, वजीर सिंह, अजीत सिंह, गुरमीत सिंह और सनी कपूर सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। भारत गार्डन के शत्रुघ्न का भी इस सराहनीय आयोजन में विशेष सहयोग रहा।4
- उत्तराखंड में आगामी चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज होने के बीच, नैनीताल क्लब में आयोजित एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता में विख्यात समाजसेवी शीलू कुमार ने राजनीतिक दलों पर वाल्मीकि समाज की लगातार उपेक्षा करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हर चुनाव में वाल्मीकि समाज के योग्य चेहरों को टिकट से जानबूझकर वंचित किया जाता है। इसे समाज को चुनावी प्रक्रिया से बाहर रखने की एक सोची-समझी साजिश बताया गया है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शीलू कुमार ने समाज की नई राजनीतिक दिशा तय करते हुए घोषणा की है कि वाल्मीकि समाज का संगठन अब किसी पार्टी विशेष के पीछे नहीं भागेगा। समाज का यह स्पष्ट निर्णय है कि जो भी राजनीतिक दल वाल्मीकि समाज के प्रत्याशी को टिकट देकर मैदान में उतारेगा, पूरा संगठन पूरी ताकत से केवल उसी का समर्थन करेगा। इसके अलावा, समाज से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले हर प्रत्याशी को भी संगठन का पूरा सहयोग और समर्थन मिलेगा। अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए संगठन ने भवाली में एक ऐतिहासिक जन सम्मेलन की रूपरेखा तैयार की है। अगस्त के पहले सप्ताह में होने वाले इस विधानसभा सम्मेलन में 5 से 7 हजार लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य है, जिसकी आधिकारिक तारीख प्रशासन से अनुमति मिलते ही घोषित कर दी जाएगी। इस महासम्मेलन की तैयारी के लिए भवाली में ही एक अहम बैठक होने जा रही है, जिसके लिए 2,000 सक्रिय कार्यकर्ताओं की विशेष टीम का गठन किया जा चुका है। संगठन केवल शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लगभग हर बूथ पर कमेटियां तैयार कर ली गई हैं। वर्तमान में 1,500 से 2,000 समर्पित कार्यकर्ता धरातल पर काम कर रहे हैं और बूथ स्तर पर जिम्मेदारियों की घोषणा भी शुरू हो चुकी है। अगस्त के इस शक्ति प्रदर्शन के बाद, सितंबर महीने में पूरे प्रदेश को लेकर एक महामंथन बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्य स्तरीय रणनीति पर अंतिम मुहर लगेगी। अंत में शीलू कुमार ने स्पष्ट किया कि इस पूरे आंदोलन की मुख्य प्राथमिकता क्षेत्र में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारना और युवाओं को बेहतर व उच्च शिक्षा दिलाना है।3
- बिलासपुर में जैन मिलन और महिला जैन मिलन के तत्वावधान में रविवार को दिगंबर जैन धर्मशाला के मुख्य सभागार में एक प्रेरणादायी सामाजिक सहयोग एवं सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जैन मिलन द्वारा संचालित भगवान महावीर अन्नपूर्णा भोजनालय में कार्यरत एक महिला की बेटी के विवाह के उपलक्ष्य में, नवदंपति को शुभकामनाएं, आशीर्वाद और गृहस्थी का आवश्यक सामान शगुन स्वरूप भेंट किया गया। इस कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़े के सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। भेंट किए गए सामान में एक सोफा सेट, डबल बेड, ड्रेसिंग टेबल, रेफ्रिजरेटर सहित कई अन्य आवश्यक घरेलू उपयोग की वस्तुएं शामिल थीं। उपस्थित सदस्यों ने अपनी-अपनी ओर से भी शगुन भेंट कर परिवार का उत्साहवर्धन किया। जैन मिलन क्षेत्र संख्या-3 के अध्यक्ष संदेश कुमार जैन ने इस पहल को समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए लाभान्वित परिवार को शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि समाज के सक्षम लोगों को ज़रूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए हमेशा आगे आना चाहिए, जिससे सामाजिक एकता और सेवा की भावना को और अधिक मज़बूती मिल सके। इस कार्यक्रम में दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष नरेश जैन, वरिष्ठ समाजसेवी आदेश जैन, जैन मिलन के मंत्री हिमांशु जैन, महिला जैन मिलन की अध्यक्ष शालिनी जैन, मंत्री प्रिया जैन, दिनेश जैन 'हैप्पी', कपिल जैन, प्रज्ञा जैन, आरती जैन, सोनिया जैन, सीमा जैन, राशि जैन, बबिता जैन समेत कई अन्य समाजसेवी सदस्य मौजूद रहे।1