उत्तर प्रदेश जनपद फर्रुखाबाद से खबर हर छोटी बड़ी खबर आप तक *तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सुनी जनसमस्याएं, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश* फर्रुखाबाद : जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में अमृतपुर तहसील के सभा कक्ष में "तहसील समाधान दिवस" का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप तहसील समाधान दिवस का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, सिंचाई, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण एवं अन्य विभागों से संबंधित प्राप्त शिकायतों का मौके पर जाकर सत्यापन कर नियमानुसार निस्तारण किया जाए। किसी भी शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समाधान दिवस के दौरान प्राप्त प्रार्थना पत्रों में मुख्य रूप से भूमि विवाद, पैमाइश, कब्जा, सड़क, जल निकासी, विद्युत आपूर्ति, पेंशन तथा अन्य जनसुविधाओं से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने गंभीर प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने तथा शिकायतकर्ताओं को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त सभी प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए तथा निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे आमजन को पारदर्शी एवं प्रभावी प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध हो सकें। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अमृतपुर तहसील में आयोजित तहसील दिवस के दौरान कुल 138 प्रकरण प्राप्त हुए, जिसमें राजस्व विभाग के 55, पुलिस विभाग के 26, विकास विभाग के 22, विद्युत विभाग के 06, खाद्य एवं रसद विभाग के 08 एवं अन्य विभागों के 21 प्रकरण सम्मिलित रहे, इनमें से 04 प्रकरणों को मौके पर निस्तारित किया गया। तहसील दिवस के उपरांत जिलाधिकारी ने अमृतपुर तहसील परिसर में वृक्षारोपण किया, यहां पर उन्होंने आमजनमानस से अपील करते हुए कहा कि वह अपने जीवन में पेड़ अनिवार्य रूप से लगाए जिससे आने वाली पीढियों को स्वच्छ एवं स्वास्थ्यवर्धक वातावरण प्राप्त हो सके। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने कुठला झील पर पर्यटन विकास की संभावनाओं की दृष्टिगत पर्यटन विभाग द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यों का निरीक्षण किया यहां पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि झील पर व्यवस्थित रूप से साफ सफाई कराते हुए पर्यटन विकास के अंतर्गत आवश्यक कार्य पूर्ण करें, जिससे लोगों को पर्यटन योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजीव कुमार, उप जिलाधिकारी स्वेता साहू, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, क्षेत्राधिकारी अमृतपुर, तहसीलदार शशांक सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिला सूचना कार्यालय, फर्रुखाबाद द्वारा प्रसारित।
उत्तर प्रदेश जनपद फर्रुखाबाद से खबर हर छोटी बड़ी खबर आप तक *तहसील समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने सुनी जनसमस्याएं, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश* फर्रुखाबाद : जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में अमृतपुर तहसील के सभा कक्ष में "तहसील समाधान दिवस" का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप तहसील समाधान दिवस का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, सिंचाई, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण एवं अन्य विभागों से संबंधित प्राप्त शिकायतों का मौके पर जाकर सत्यापन कर नियमानुसार निस्तारण किया जाए। किसी भी शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समाधान दिवस के दौरान प्राप्त प्रार्थना पत्रों में मुख्य रूप से भूमि विवाद, पैमाइश, कब्जा, सड़क, जल निकासी, विद्युत आपूर्ति, पेंशन तथा अन्य जनसुविधाओं से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने गंभीर प्रकृति के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने तथा शिकायतकर्ताओं को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के उपरांत जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाधान दिवस में प्राप्त सभी प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाए तथा निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे आमजन को पारदर्शी एवं प्रभावी प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध हो सकें। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अमृतपुर तहसील में आयोजित तहसील दिवस के दौरान कुल 138 प्रकरण प्राप्त हुए, जिसमें राजस्व विभाग के 55, पुलिस विभाग के 26, विकास विभाग के 22, विद्युत विभाग के 06, खाद्य एवं रसद विभाग के 08 एवं अन्य विभागों के 21 प्रकरण सम्मिलित रहे, इनमें से 04 प्रकरणों को मौके पर निस्तारित किया गया। तहसील दिवस के उपरांत जिलाधिकारी ने अमृतपुर तहसील परिसर में वृक्षारोपण किया, यहां पर उन्होंने आमजनमानस से अपील करते हुए कहा कि वह अपने जीवन में पेड़ अनिवार्य रूप से लगाए जिससे आने वाली पीढियों को स्वच्छ एवं स्वास्थ्यवर्धक वातावरण प्राप्त हो सके। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने कुठला झील पर पर्यटन विकास की संभावनाओं की दृष्टिगत पर्यटन विभाग द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यों का निरीक्षण किया यहां पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि झील पर व्यवस्थित रूप से साफ सफाई कराते हुए पर्यटन विकास के अंतर्गत आवश्यक कार्य पूर्ण करें, जिससे लोगों को पर्यटन योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी राजीव कुमार, उप जिलाधिकारी स्वेता साहू, परियोजना निदेशक डीआरडीए कपिल कुमार, क्षेत्राधिकारी अमृतपुर, तहसीलदार शशांक सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी तथा तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिला सूचना कार्यालय, फर्रुखाबाद द्वारा प्रसारित।
- देश को आजाद हुए सात दशक से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। सरकारें 'सबका साथ, सबका विकास' और 'हर घर बिजली-पानी' के बड़े-बड़े दावे करती नहीं थकतीं। लेकिन उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से आई यह खबर डिजिटल भारत के दौर में सिस्टम को कटघरे में खड़ा करती है। आजादी के इतने सालों बाद भी इस गांव के लोग बिजली जैसी बुनियादी सुविधा को तरस रहे हैं..." "यह पूरा मामला फर्रुखाबाद के विकास खंड शमशाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुआँ खेड़ा के मजरा 'गगइयां' का है। आधुनिक भारत में जहाँ 5G और डिजिटल क्रांति का डंका बज रहा है, वहीं गगइयां गांव के लोग आज भी सूरज ढलते ही अंधेरे में जीने को मजबूर हो जाते हैं। शाम होते ही घरों में मोमबत्ती, दीये या फिर सौर ऊर्जा के छोटे-मोटे साधनों से रोशनी का जुगाड़ करना पड़ता है। गर्मी का मौसम हो या बच्चों की पढ़ाई, बिजली न होने से ग्रामीणों का जीवन नरक बन चुका है।" सितम देखिए... ऐसा नहीं है कि गांव के आसपास से बिजली की लाइनें नहीं गुजरतीं। गांव से होकर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, लेकिन इस लाइन से सिर्फ नलकूपों (ट्यूबवेल) को कनेक्शन दिए गए हैं। यानी फसल सींचने के लिए तो बिजली दौड़ रही है, लेकिन जिन इंसानों ने इन्हें वोट देकर कुर्सी पर बैठाया, उनके घर अंधेरे में डूबे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने अपनी इस मूलभूत समस्या को लेकर बिजली विभाग के चक्कर तो काटे ही, साथ ही क्षेत्रीय भाजपा सांसद मुकेश राजपूत से भी गुहार लगाई। लेकिन सांसद जी ने उनकी फरियाद सुनना तो दूर, ध्यान तक देना मुनासिब नहीं समझा।एक तरफ केंद्र और प्रदेश सरकार हर गांव, हर घर तक बिजली और पक्की सड़कें पहुंचाने के सपने दिखा रही है, वहीं शमशाबाद का 'गगइयां' गांव सरकारी तंत्र के खोखले दावों की पोल खोल रहा है।" "अब सवाल यह उठता है कि क्या 21वीं सदी में भी इन ग्रामीणों को बिजली के लिए ऐसे ही तरसना पड़ेगा? क्या जनप्रतिनिधि और प्रशासन इस सोए हुए सिस्टम को जगाएंगे या गंगइया गांव के लोग यूं ही अंधेरे में दिन काटने को मजबूर रहेंगे? देश को आजाद हुए सात दशक से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। सरकारें 'सबका साथ, सबका विकास' और 'हर घर बिजली-पानी' के बड़े-बड़े दावे करती नहीं थकतीं। लेकिन उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से आई यह खबर डिजिटल भारत के दौर में सिस्टम को कटघरे में खड़ा करती है। आजादी के इतने सालों बाद भी इस गांव के लोग बिजली जैसी बुनियादी सुविधा को तरस रहे हैं..." "यह पूरा मामला फर्रुखाबाद के विकास खंड शमशाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुआँ खेड़ा के मजरा 'गंगइया का है। आधुनिक भारत में जहाँ 5G और डिजिटल क्रांति का डंका बज रहा है, वहीं गगइयां गांव के लोग आज भी सूरज ढलते ही अंधेरे में जीने को मजबूर हो जाते हैं। शाम होते ही घरों में मोमबत्ती, दीये या फिर सौर ऊर्जा के छोटे-मोटे साधनों से रोशनी का जुगाड़ करना पड़ता है। गर्मी का मौसम हो या बच्चों की पढ़ाई, बिजली न होने से ग्रामीणों का जीवन नरक बन चुका है।" सितम देखिए... ऐसा नहीं है कि गांव के आसपास से बिजली की लाइनें नहीं गुजरतीं। गांव से होकर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, लेकिन इस लाइन से सिर्फ नलकूपों (ट्यूबवेल) को कनेक्शन दिए गए हैं। यानी फसल सींचने के लिए तो बिजली दौड़ रही है, लेकिन जिन इंसानों ने इन्हें वोट देकर कुर्सी पर बैठाया, उनके घर अंधेरे में डूबे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने अपनी इस मूलभूत समस्या को लेकर बिजली विभाग के चक्कर तो काटे ही, साथ ही क्षेत्रीय भाजपा सांसद मुकेश राजपूत से भी गुहार लगाई। लेकिन सांसद जी ने उनकी फरियाद सुनना तो दूर, ध्यान तक देना मुनासिब नहीं समझा।एक तरफ केंद्र और प्रदेश सरकार हर गांव, हर घर तक बिजली और पक्की सड़कें पहुंचाने के सपने दिखा रही है, वहीं शमशाबाद का 'गगइयां' गांव सरकारी तंत्र के खोखले दावों की पोल खोल रहा है।" "अब सवाल यह उठता है कि क्या 21वीं सदी में भी इन ग्रामीणों को बिजली के लिए ऐसे ही तरसना पड़ेगा? क्या जनप्रतिनिधि और प्रशासन इस सोए हुए सिस्टम को जगाएंगे या गंगइया गांव के लोग यूं ही अंधेरे में दिन काटने को मजबूर रहेंगे?4
- समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश 19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 02.08.2026 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश के लिए संकट है। भाजपा सत्ता से हटेगी तभी संकट दूर होगा। तभी प्रदेश की समस्याओं का समाधान होगा। इस सरकार ने छात्रों, नौजवानों, बेटियों के साथ अत्याचार समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश 19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 02.08.2026 समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार उत्तर प्रदेश के लिए संकट है। भाजपा सत्ता से हटेगी तभी संकट दूर होगा। तभी प्रदेश की समस्याओं का समाधान होगा। इस सरकार ने छात्रों, नौजवानों, बेटियों के साथ अत्याचार किया। पुलिस से बर्बरता करायी। यह सरकार आज भी बेटियों के साथ अन्याय कर रही है। समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार, मंत्रियों, नेताओं ने आन्दोलनकारी छात्रों के साथ समझौता किया। कहा गया कि छात्रों, नौजवानों के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं दर्ज होगा, उत्पीड़न नहीं होगा लेकिन अब छात्रांे को प्रताड़ित किया जा रहा है, जिस तरह का व्यवहार हो रहा है, उससे सरकार की क्या क्रेडिबिलिटी रह गई है। आखिर लोकतंत्र में किस पर भरोसा किया जाए? श्री यादव ने कहा कि फतेहपुर में स्कूल के बच्चों की मांग पीने का पानी और पंखे लगाने की थी। जब मांग मान ली गयी तो बच्चो के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए, लेकिन बच्चों और उनके परिवारों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के विधायक, पीड़ित छात्रों के परिवार से मिलेंगे और मदद करेंगे। छात्र और उसके परिवार पर अन्याय नहीं होने देंगे। श्री यादव ने कहा कि जो लोग उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाने का दावा करते हैं, उन्हें सरकारी स्कूलों में बिजली, पानी और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। श्री अखिलेश यादव ने एक सवाल के जवाब में कहा कि भाजपा के लोग सरकारी तालाबों, जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। 2017 के पहले जितने महत्वपूर्ण तालाब थे, सबको भाजपा के लोगों ने भूमाफियाओं से मिलकर कब्जा कर लिया। उन्होंने कहा कि जितने भ्रष्ट जुल्म और पाप करने वाले लोग है, सब भाजपा में है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और लूट चरम पर है। इस सरकार में जितने एक्सप्रेस-वे बने सब में भ्रष्टाचार हुआ। एक्सप्रेस-वे बनते ही कई जगह, धंस गये, टूट गये। कहने को माडर्न टेक्नालाजी के साथ लखनऊ-कानपुर सड़क बनायी। लेकिन उद्घाटन के 13 दिन में ही धंस गयी। बुन्देलखंड एक्सप्रेस-वे प्रधानमंत्री जी के जाने के बाद ही टूट गया था। भाजपा के लोगों ने प्रभु श्रीराम के मंदिर में चढ़ावा की चोरी करने का पाप किया है। अयोध्या में राम धन की लूट हुई। सरकार ने दिल्ली में छात्रों, नौजवानों के साथ जुल्म किया है। जिन पर लाठी पड़ी उन्हें पता है किसने चलवाई है लेकिन जिन्होंने मारा है, उन्हें नहीं पता किसके आदेश से लाठी चली। भाजपा किसी की सगी नहीं है। जो अधिकारी आज अन्याय कर रहे हैं वे भी जान लें, भाजपा जब फंसेगी तो उन्हीं को आगे कर देगी, अधिकारियों का साथ नहीं देगी। भाजपा हमेशा साजिश-षड्यंत्र करती है। उत्तर प्रदेश के जेन जी और जेन एल्फा पीढ़ी के लोग देख रहे है जो पेपर लीक कराते है, वहीं लोग भाजपा की सरकार में बैठे हैं। श्री यादव ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर कलाकारों को सम्मान दिया जाएगा। जो हमारी हिन्दुस्तानियत की परम्पराओं को बढ़ावा देते है, ऐसे लोगों का हम लोग सम्मान करने का काम करेंगे। वैसे भी समाजवादी पार्टी की सरकार में हमने विविध क्षेत्रों में सराहनीय योगदान के लिए यश भारती सम्मान दिया था।1
- उमरी खेड़ा भैलामऊ 2 महीने से ट्रांसफार्मर खराब है अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है राधा कृष्ण मंदिर के पास हमारे ग्राम उमरी खेड़ा भैलामऊ 2 महीने से ट्रांसफार्मर खराब है1
- पानी बढ़ाने से लोगों को घर से निकलने की दिक्कत कड़ाई की नाव से आ जा रहे आज 5दिन हो गया मगर प्रधान अभी गांव में नहीं आए1
- Noida harola sector 4 mein Rahane wala hai aapka Devnarayan Chhota reporter samachar news wala APB News superfast local Devnarayan Rajput Thakur1
- फर्रुखाबाद ब्रेकिंग पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते लगातार छोड़ा जा रहा गंगा नदी में पानी गंगा का लगातार जल स्तर बढ़ने से ग्रामीणों की बढ़ रही मुश्किले किसानों की हजारों बीघा फसलें हुई जल मग्न पानी के बढ़ने से कई गांवों का सम्पर्क मार्ग हुआ बंद बाढ़ का पानी बढ़ने से जिला अधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने तहसील अमृतपुर क्षेत्र के गांवों का लिया जायजा गावो में पानी भरने से पूर्व शरणालय स्थलों पर ग्रामीणों को भेजने के दिए निर्देश नरौरा बांध से 17272 हजार क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 125061हजार क्यूसेक, हरिद्वार बैराज से 95586 हजार मीटर क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया गंगा का जल स्तर पहुंचा 136.85 सेंटीमीटर गंगा नदी में खतरे का निशान 137.10 सेंटीमीटर गंगा नदी खतरे के निशान से मात्र 25 सेंटीमीटर दूर फर्रुखाबाद की तीनों तहसीलों में बाढ़ का मामला फर्रुखाबाद ब्रेकिंग पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते लगातार छोड़ा जा रहा गंगा नदी में पानी गंगा का लगातार जल स्तर बढ़ने से ग्रामीणों की बढ़ रही मुश्किले किसानों की हजारों बीघा फसलें हुई जल मग्न पानी के बढ़ने से कई गांवों का सम्पर्क मार्ग हुआ बंद बाढ़ का पानी बढ़ने से जिला अधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने तहसील अमृतपुर क्षेत्र के गांवों का लिया जायजा गावो में पानी भरने से पूर्व शरणालय स्थलों पर ग्रामीणों को भेजने के दिए निर्देश नरौरा बांध से 17272 हजार क्यूसेक, बिजनौर बैराज से 125061हजार क्यूसेक, हरिद्वार बैराज से 95586 हजार मीटर क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया गंगा का जल स्तर पहुंचा 136.85 सेंटीमीटर गंगा नदी में खतरे का निशान 137.10 सेंटीमीटर गंगा नदी खतरे के निशान से मात्र 25 सेंटीमीटर दूर फर्रुखाबाद की तीनों तहसीलों में बाढ़ का मामला4
- फर्रुखाबाद ब्यूरो रिपोर्ट हाईवे पार करते समय एक कार की टक्कर से झोलाछाप डॉक्टर अनुज की मौत हो गई1