केरल के वायनाड में मंगलवार को हुए भूस्खलन में अब तक तीन लोगों की मौत की शुरुआती खबर सामने आई है। यह हादसा कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास मलप्पुरम-वायनाड टनल के सामने हुआ, जहाँ सुरंग का निर्माण कार्य चल रहा था और उसके सामने सैकड़ों टन मिट्टी जमा थी। सामने आए एक वीडियो में दिख रहा है कि तेज बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे अचानक पूरा मलबा तेजी से नीचे की ओर बहने लगा। लोग मलबे से बचने के लिए भागते देखे गए, जबकि दर्जनों लोग इसकी चपेट में आ गए और कई गाड़ियां बह गईं। घटनास्थल पर खड़ा एक टैंकर भी मलबे के साथ तिनके की तरह करीब 200 फीट तक बहता हुआ आया, जो वहाँ मौजूद एक महिला और पुरुष से चंद फीट दूर रुककर उनकी जान बचाने में सफल रहा। हादसे के बाद कई लोग मलबे में दबे हुए हैं, जिन्हें बचाने का काम जारी है और इसके लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण सोमवार से ही सुरंग निर्माण का कार्य रोक दिया गया था।
केरल के वायनाड में मंगलवार को हुए भूस्खलन में अब तक तीन लोगों की मौत की शुरुआती खबर सामने आई है। यह हादसा कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास मलप्पुरम-वायनाड टनल के सामने हुआ, जहाँ सुरंग का निर्माण कार्य चल रहा था और उसके सामने सैकड़ों टन मिट्टी जमा थी। सामने आए एक वीडियो में दिख रहा है कि तेज बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे अचानक पूरा मलबा तेजी से नीचे की ओर बहने लगा। लोग मलबे से बचने के लिए भागते देखे गए, जबकि दर्जनों लोग इसकी चपेट में आ गए और कई गाड़ियां बह गईं। घटनास्थल पर खड़ा एक टैंकर भी मलबे के साथ तिनके की तरह करीब 200 फीट तक बहता हुआ आया, जो वहाँ मौजूद एक महिला और पुरुष से चंद फीट दूर रुककर उनकी जान बचाने में सफल रहा। हादसे के बाद कई लोग मलबे में दबे हुए हैं, जिन्हें बचाने का काम जारी है और इसके लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण सोमवार से ही सुरंग निर्माण का कार्य रोक दिया गया था।
- आगरा शहर में एक गंभीर जमीन विवाद का मामला सामने आया है, जहाँ थाना शाहगंज क्षेत्र के निवासी ज्ञान सिंह ने पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की उनकी जमीन का धोखे से फर्जी बेनामा करा लिया गया है और अब उन्हें झूठे मुकदमे में फँसाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने तथा पुलिस मुठभेड़ में फंसाने तक की धमकियां दी गई हैं। पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2012 में उन्होंने अपनी कृषि भूमि के आधे हिस्से का सौदा सोनू अग्रवाल से किया था, लेकिन तय समय पर बेनामा नहीं कराया गया। इसके बाद यह मामला न्यायालय पहुँचा और वर्तमान में सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि मुकदमे की पैरवी के दौरान ज्ञान सिंह की मुलाकात संदीप विमल से हुई, जिसने खुद को क्राइम ब्रांच से जुड़ा बताकर भरोसा दिलाया कि वह पूरा मामला संभाल लेगा। पीड़ित का आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर संदीप विमल ने धोखे से अपने नाम बेनामा करा लिया। ज्ञान सिंह का कहना है कि उन्हें पहले 10 लाख रुपये का चेक दिया गया, लेकिन बाद में चेक का भुगतान नहीं हुआ और कथित रूप से रकम बैंक ट्रांसफर कर एक अलग कहानी तैयार कर दी गई। पीड़ित ने बताया कि जब उन्हें पूरे मामले पर संदेह हुआ और उन्होंने दस्तावेजों की जांच कराई, तब पता चला कि कथित रूप से विभिन्न चेक दर्शाकर बेनामा संदीप विमल के नाम करा लिया गया है। विरोध करने पर उन्हें लगातार जान से मारने, झूठे मुकदमे में फंसाने और शिकायत वापस लेने की धमकियां दी जाने लगीं। ज्ञान सिंह का दावा है कि उन्हें यहाँ तक धमकी दी गई है कि यदि शिकायत वापस नहीं ली तो पैरों में गोली मारकर पुलिस मुठभेड़ दिखाकर गंभीर मुकदमे में जेल भेज दिया जाएगा। प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि तहसील में शिकायत करने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि कथित रूप से दबाव बनाकर शिकायत वापस लेने को कहा गया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर दबाव बनाने के लिए उनके खिलाफ थाना एत्माद्दौला में एक मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से मांग की है कि उनके विरुद्ध दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए और इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए।1
- फिरोज़ाबाद में लाखों रुपये की विकास योजनाओं पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं, जहाँ नगर निगम द्वारा 'एनकैप योजना' के तहत बंबा बायपास से शकीला नईम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक बनाई गई एक महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के कुछ ही महीनों बाद जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है। यह स्थिति देखकर हर कोई हैरान है कि एक नई सड़क इतनी जल्दी कैसे बदहाल हो सकती है। इस बदहाली को उजागर करते हुए, पूर्व विधायक अजीम भाई ने मौके पर पहुँचकर मीडिया को सड़क की खराब हालत दिखाई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने महापौर और नगर आयुक्त को कई बार लिखित शिकायतें भेजी थीं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। अजीम भाई ने मांग की है कि सड़क की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि निर्माण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों या व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि इस प्रमुख मार्ग की तत्काल मरम्मत कराकर आम जनता को राहत प्रदान की जाए, क्योंकि अस्पताल आने-जाने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित और बेहतर सुविधा मिलना आवश्यक है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस महत्वपूर्ण मार्ग को समय रहते ठीक किया जाएगा और इस बदहाली के लिए कौन जिम्मेदार है।1
- बताया गया है कि गली की हालत खराब है।1
- फतेहाबाद स्थित लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर छुट्टियों की मांग को लेकर हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने चार कर्मचारियों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की है। इस घटना में टोल प्रबंधन ने भी तत्काल प्रभाव से उन चारों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, क्योंकि उनके व्यवहार को अभद्र और अनुशासनहीन माना गया। वर्तमान में टोल प्लाजा पर स्थिति सामान्य है और टोल की वसूली नियमित रूप से जारी है। सोमवार देर रात हुई इस घटना में कुछ कर्मचारियों ने छुट्टियों की मांग करते हुए हंगामा किया और टोल लेन के बैरियर खोल दिए थे। इसके कारण कुछ समय तक कई वाहन बिना शुल्क दिए एक्सप्रेसवे से गुजरते रहे। सूचना मिलने पर पुलिस और टोल प्रबंधन ने मिलकर स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद टोल का संचालन सामान्य हो सका। थाना फतेहाबाद पुलिस ने हरगोविंद (पुत्र कुवरस्वरूप, निवासी बिरेहरू, सैया), सचिन (पुत्र शिवशंकर गोस्वामी, निवासी दिनौली, टूंडला, फिरोजाबाद), राजू यादव (पुत्र शांतिलाल, निवासी मलगांव, सकीट, एटा) और दिलीप पांडेय (पुत्र रमेश चंद्र, निवासी सेमरा, सिरसागंज, फिरोजाबाद) के विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई की है। टोल प्लाजा प्रबंधक प्रमोद धनगर ने बताया कि हंगामे के दौरान अभद्र व्यवहार और अनुशासनहीनता के चलते चारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए, अब सभी कर्मचारियों का ऑनलाइन पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक कर्मचारी को एक माह के भीतर अपना पुलिस सत्यापन करवाकर उसकी प्रति कार्यालय में जमा करनी होगी, अन्यथा निर्धारित समय-सीमा में सत्यापन नहीं कराने वाले कर्मचारियों की सेवाएं भी समाप्त कर दी जाएंगी।1
- टिन्नू यादव से जुड़े विवाद को लेकर अखिलेश यादव ने अपना महत्वपूर्ण और करारा जवाब दिया है।1
- आगरा में एक होटल से युवती का वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू महासभा ने उस होटल पर विरोध प्रदर्शन किया।1
- मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत, पुलिस ने सुबह 5 बजे से ही शेरगढ़ और गोवर्धन क्षेत्रों में चिह्नित हॉटस्पॉट पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस संयुक्त अभियान में लगभग 300 से 400 पुलिसकर्मियों और पीएसी की टीम शामिल थी, जिसने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। मथुरा पुलिस द्वारा साझा की गई विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी कार्रवाई एक साथ कई थाना क्षेत्रों में फैले लगभग 28 संदिग्ध ठिकानों पर की गई। इस दौरान 100 से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है। पुलिस टीमों ने मौके से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं। अपराधियों पर पैनी नजर रखने और उन्हें भागने से रोकने के लिए ड्रोन कैमरों और आधुनिक तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया। इस संबंध में, 07 जुलाई 2026 को AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत ने जानकारी दी है। AIN नेटवर्क अपने देश और आसपास की खबरों को 4K में देखने के लिए अपने चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करने का आग्रह करता है। साथ ही, नेटवर्क को उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर और ब्लॉक रिपोर्टर की आवश्यकता है, जिसके लिए प्रधान संपादक अनुज रावत से 9193250352 पर संपर्क करने को कहा गया है।1
- केरल के वायनाड में मंगलवार को हुए भूस्खलन में अब तक तीन लोगों की मौत की शुरुआती खबर सामने आई है। यह हादसा कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास मलप्पुरम-वायनाड टनल के सामने हुआ, जहाँ सुरंग का निर्माण कार्य चल रहा था और उसके सामने सैकड़ों टन मिट्टी जमा थी। सामने आए एक वीडियो में दिख रहा है कि तेज बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, जिससे अचानक पूरा मलबा तेजी से नीचे की ओर बहने लगा। लोग मलबे से बचने के लिए भागते देखे गए, जबकि दर्जनों लोग इसकी चपेट में आ गए और कई गाड़ियां बह गईं। घटनास्थल पर खड़ा एक टैंकर भी मलबे के साथ तिनके की तरह करीब 200 फीट तक बहता हुआ आया, जो वहाँ मौजूद एक महिला और पुरुष से चंद फीट दूर रुककर उनकी जान बचाने में सफल रहा। हादसे के बाद कई लोग मलबे में दबे हुए हैं, जिन्हें बचाने का काम जारी है और इसके लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण सोमवार से ही सुरंग निर्माण का कार्य रोक दिया गया था।1