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एक ग्रामीण ने शिकायत की है कि उनके गाँव के जल निकाय में बहुत अधिक कचरा जमा हो गया है, जिसके कारण गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए, उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल इस जल निकाय की सफाई करवाने का निवेदन किया है।

12 hrs ago
user_Mo Ibrahim
Mo Ibrahim
गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
12 hrs ago

एक ग्रामीण ने शिकायत की है कि उनके गाँव के जल निकाय में बहुत अधिक कचरा जमा हो गया है, जिसके कारण गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए, उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल इस जल निकाय की सफाई करवाने का निवेदन किया है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • राज्य में पौधरोपण अभियानों को लेकर जब सवाल उठने शुरू हुए, तो यह सामने आया कि मंत्री जी के पौधों में तुरंत 'जान' आ गई। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद, सूचना विभाग ने आनन-फानन में जीपीएस तस्वीरें जारी कर दीं।
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    राज्य में पौधरोपण अभियानों को लेकर जब सवाल उठने शुरू हुए, तो यह सामने आया कि मंत्री जी के पौधों में तुरंत 'जान' आ गई। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद, सूचना विभाग ने आनन-फानन में जीपीएस तस्वीरें जारी कर दीं।
    user_अंकुर गर्ग
    अंकुर गर्ग
    Local News Reporter गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by T-series_Gonda
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    Post by T-series_Gonda
    user_T-series_Gonda
    T-series_Gonda
    गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • अयोध्या के सिड़हिर नरसिंहपुर गांव में 5 जून से 21 जून 2026 तक 'समेकित जन कल्याण एवं जन जागरूकता महा अभियान' के तहत 'स्वस्थ मिट्टी, फसल समृद्ध किसान' जन जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। यह अभियान कृषि मंत्रालय, भारत सरकार की एक ड्रीम परियोजना का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण किसानों को कृषि उत्पादन के लिए विभिन्न प्रौद्योगिकियों, कीटनाशकों, और मिट्टी को उपजाऊ बनाने के तरीकों के बारे में शिक्षित करना है। रासायनिक खाद की किल्लत को देखते हुए, भारत सरकार जैविक, गोबर खाद और वर्मी कंपोस्ट को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। अभियान के दौरान किसानों को खेती में उपयोग होने वाले रसायनों के सही इस्तेमाल का समय और हेक्टेयर स्तर पर उनकी मात्रा की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, उन्हें फसल पर छिड़काव के लिए कीटनाशक दवाइयां और मशीनें उपलब्ध कराने तथा विभिन्न प्रकार के संयंत्रों की जानकारी देने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। इस अभियान में लगभग डेढ़ सौ किसानों ने भाग लिया। ग्राम प्रधान द्वारा ग्राम स्तर पर ग्रुप के माध्यम से सोशल मीडिया पर इसका जोरदार प्रचार-प्रसार किया गया। कार्यक्रम में जिले से आए समस्त अधिकारी और कृषि विशेषज्ञ भी शामिल हुए, जिन्होंने विभिन्न विजुअल वीडियो तकनीक के माध्यम से मिट्टी को उपजाऊ बनाने, कीटनाशकों और अच्छी प्रगतिशील बीजों से संबंधित तकनीकों का प्रदर्शन किया। साथ ही, विभिन्न प्रकार के यंत्रों के उपयोग की विधि भी विस्तार से बताई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान मोहम्मद नईम और शुक्ला जी ने की, जिसमें कृषि विशेषज्ञ दीपांशु सिंह सहित अन्य विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी जानकारी साझा करते हुए किसानों को शिक्षण और प्रशिक्षण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। इस महाअभियान में समस्त शिक्षक, प्रशिक्षणार्थी और ग्रामवासी शामिल रहे।
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    अयोध्या के सिड़हिर नरसिंहपुर गांव में 5 जून से 21 जून 2026 तक 'समेकित जन कल्याण एवं जन जागरूकता महा अभियान' के तहत 'स्वस्थ मिट्टी, फसल समृद्ध किसान' जन जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। यह अभियान कृषि मंत्रालय, भारत सरकार की एक ड्रीम परियोजना का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण किसानों को कृषि उत्पादन के लिए विभिन्न प्रौद्योगिकियों, कीटनाशकों, और मिट्टी को उपजाऊ बनाने के तरीकों के बारे में शिक्षित करना है।

रासायनिक खाद की किल्लत को देखते हुए, भारत सरकार जैविक, गोबर खाद और वर्मी कंपोस्ट को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। अभियान के दौरान किसानों को खेती में उपयोग होने वाले रसायनों के सही इस्तेमाल का समय और हेक्टेयर स्तर पर उनकी मात्रा की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, उन्हें फसल पर छिड़काव के लिए कीटनाशक दवाइयां और मशीनें उपलब्ध कराने तथा विभिन्न प्रकार के संयंत्रों की जानकारी देने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

इस अभियान में लगभग डेढ़ सौ किसानों ने भाग लिया। ग्राम प्रधान द्वारा ग्राम स्तर पर ग्रुप के माध्यम से सोशल मीडिया पर इसका जोरदार प्रचार-प्रसार किया गया। कार्यक्रम में जिले से आए समस्त अधिकारी और कृषि विशेषज्ञ भी शामिल हुए, जिन्होंने विभिन्न विजुअल वीडियो तकनीक के माध्यम से मिट्टी को उपजाऊ बनाने, कीटनाशकों और अच्छी प्रगतिशील बीजों से संबंधित तकनीकों का प्रदर्शन किया। साथ ही, विभिन्न प्रकार के यंत्रों के उपयोग की विधि भी विस्तार से बताई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान मोहम्मद नईम और शुक्ला जी ने की, जिसमें कृषि विशेषज्ञ दीपांशु सिंह सहित अन्य विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी जानकारी साझा करते हुए किसानों को शिक्षण और प्रशिक्षण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। इस महाअभियान में समस्त शिक्षक, प्रशिक्षणार्थी और ग्रामवासी शामिल रहे।
    user_Vipin pandey ab news Ayodhya
    Vipin pandey ab news Ayodhya
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • प्रभु श्री राम जी के दिव्य दर्शन करने के लिए अयोध्याधाम चलने का आह्वान किया गया है। यह यात्रा करने वालों को एक अलौकिक, दिव्य और नव्य एहसास का अनुभव प्रदान करने वाली है।
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    प्रभु श्री राम जी के दिव्य दर्शन करने के लिए अयोध्याधाम चलने का आह्वान किया गया है। यह यात्रा करने वालों को एक अलौकिक, दिव्य और नव्य एहसास का अनुभव प्रदान करने वाली है।
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    पत्रकार Ayodhya, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • जनपद अयोध्या की तहसील सोहावल के ग्राम सिड़हिर नरसिंहपुर मसौधा से सरकारी तंत्र की लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ सरकार की महत्वाकांक्षी 'खेत बचाओ अभियान' योजना सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सिमट कर रह गई है। जमीनी हकीकत में किसानों को इससे कोई लाभ नहीं मिल रहा, जिससे ऐसे आयोजनों का औचित्य सवालों के घेरे में है। अधिकारियों ने बिना किसी ठोस प्लानिंग के एक छोटे से हॉल में यह आयोजन केवल तस्वीरें खिंचवाने के लिए किया, जहाँ बोर्ड पर लिखे बड़े-बड़े वादे और निर्देश सिर्फ हवा में तैरते दिखे। कार्यक्रम की व्यवस्था, बजट और किसानों के जलपान पर सवाल पूछे जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों ने "हमें नहीं पता" कहकर अपनी अज्ञानता जाहिर कर दी। कृषि विभाग के विषय वस्तु विशेषज्ञ (एसएमएस) दीपांशु सिंह ने पहले तो 150 लोगों की मौजूदगी का दावा किया, लेकिन कैमरे पर छोटे हॉल में कुर्सियों की कमी का सवाल उठने पर उन्होंने अपना जवाब तुरंत बदल दिया और कहने लगे कि लोग आ-जा रहे हैं, जो उनकी गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया को दर्शाता है। सरकारी पत्रावली के अनुसार, इस अभियान का असली मकसद "स्वस्थ मिट्टी-स्वस्थ फसल-समृद्ध किसान" था। इसके तहत अधिकारियों को गांवों में जाकर किसानों को मिट्टी की जांच करवाने, रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल कम करने, हरी और जैविक खाद अपनाने तथा सूखे जैसी खराब परिस्थितियों में खरीफ की फसलों को बचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक करना था। पत्रावली में दावा किया गया था कि हर कार्यक्रम में कम से कम 250 से 300 किसानों को बुलाकर जरूरी जानकारियां दी जाएंगी। इतना ही नहीं, ग्रामीण परिवारों को अच्छे स्वास्थ्य के लिए खाने के तेल का उपयोग 10 प्रतिशत तक कम करने और जरूरतमंद किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलवाने का लक्ष्य भी था। हालांकि, धरातल पर सच्चाई इसके ठीक उलट दिखी, जहाँ सैकड़ों किसानों के हुजूम के बजाय एक ढंग की बैठक तक आयोजित नहीं हो पाई। डिजिटल इंडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के दावों की पोल तब और खुल गई जब कार्यक्रम में मौजूद एक युवा ने कैमरे पर बताया कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा तो गया है, लेकिन उसे कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस तथाकथित जागरूकता कार्यक्रम में किसानों से ज्यादा छोटे बच्चे दिखाई दिए, और जब वहां मौजूद लोगों तथा किसानों से योजना का नाम और उद्देश्य पूछा गया तो वे कुछ भी बता नहीं पाए। प्रधान ने व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना देने का बहाना बनाया, जबकि ग्रामीण इलाकों के कई किसान मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर हैं। हद तो तब हो गई जब किसानों की जगह बच्चों को बिठाकर उनसे संकल्प दिलाए जा रहे थे, ताकि कागजों पर संख्या पूरी दिखाई जा सके। इस गंभीर बदइंतजामी पर तहसील प्रशासन और एसडीएम ने भी मामले को कृषि विभाग पर टालते हुए केवल जांच का आश्वासन दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना को अधिकारियों की लापरवाही मटियामेट कर रही है। यह पूरा आयोजन सरकारी अभियान का मजाक बनकर रह गया है, जिसे देखकर हंसी भी आती है और तरस भी। अब क्षेत्र के जागरूक लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि इस 'व्हाट्सएप चलाओ अभियान' और सरकारी धन की बर्बादी पर जिला प्रशासन क्या कड़ी कार्रवाई करता है।
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    जनपद अयोध्या की तहसील सोहावल के ग्राम सिड़हिर नरसिंहपुर मसौधा से सरकारी तंत्र की लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ सरकार की महत्वाकांक्षी 'खेत बचाओ अभियान' योजना सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सिमट कर रह गई है। जमीनी हकीकत में किसानों को इससे कोई लाभ नहीं मिल रहा, जिससे ऐसे आयोजनों का औचित्य सवालों के घेरे में है। अधिकारियों ने बिना किसी ठोस प्लानिंग के एक छोटे से हॉल में यह आयोजन केवल तस्वीरें खिंचवाने के लिए किया, जहाँ बोर्ड पर लिखे बड़े-बड़े वादे और निर्देश सिर्फ हवा में तैरते दिखे। कार्यक्रम की व्यवस्था, बजट और किसानों के जलपान पर सवाल पूछे जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों ने "हमें नहीं पता" कहकर अपनी अज्ञानता जाहिर कर दी। कृषि विभाग के विषय वस्तु विशेषज्ञ (एसएमएस) दीपांशु सिंह ने पहले तो 150 लोगों की मौजूदगी का दावा किया, लेकिन कैमरे पर छोटे हॉल में कुर्सियों की कमी का सवाल उठने पर उन्होंने अपना जवाब तुरंत बदल दिया और कहने लगे कि लोग आ-जा रहे हैं, जो उनकी गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया को दर्शाता है।

सरकारी पत्रावली के अनुसार, इस अभियान का असली मकसद "स्वस्थ मिट्टी-स्वस्थ फसल-समृद्ध किसान" था। इसके तहत अधिकारियों को गांवों में जाकर किसानों को मिट्टी की जांच करवाने, रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल कम करने, हरी और जैविक खाद अपनाने तथा सूखे जैसी खराब परिस्थितियों में खरीफ की फसलों को बचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक करना था। पत्रावली में दावा किया गया था कि हर कार्यक्रम में कम से कम 250 से 300 किसानों को बुलाकर जरूरी जानकारियां दी जाएंगी। इतना ही नहीं, ग्रामीण परिवारों को अच्छे स्वास्थ्य के लिए खाने के तेल का उपयोग 10 प्रतिशत तक कम करने और जरूरतमंद किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ दिलवाने का लक्ष्य भी था। हालांकि, धरातल पर सच्चाई इसके ठीक उलट दिखी, जहाँ सैकड़ों किसानों के हुजूम के बजाय एक ढंग की बैठक तक आयोजित नहीं हो पाई।

डिजिटल इंडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के दावों की पोल तब और खुल गई जब कार्यक्रम में मौजूद एक युवा ने कैमरे पर बताया कि उसे व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा तो गया है, लेकिन उसे कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस तथाकथित जागरूकता कार्यक्रम में किसानों से ज्यादा छोटे बच्चे दिखाई दिए, और जब वहां मौजूद लोगों तथा किसानों से योजना का नाम और उद्देश्य पूछा गया तो वे कुछ भी बता नहीं पाए। प्रधान ने व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना देने का बहाना बनाया, जबकि ग्रामीण इलाकों के कई किसान मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर हैं। हद तो तब हो गई जब किसानों की जगह बच्चों को बिठाकर उनसे संकल्प दिलाए जा रहे थे, ताकि कागजों पर संख्या पूरी दिखाई जा सके। इस गंभीर बदइंतजामी पर तहसील प्रशासन और एसडीएम ने भी मामले को कृषि विभाग पर टालते हुए केवल जांच का आश्वासन दिया। उत्तर प्रदेश सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना को अधिकारियों की लापरवाही मटियामेट कर रही है। यह पूरा आयोजन सरकारी अभियान का मजाक बनकर रह गया है, जिसे देखकर हंसी भी आती है और तरस भी। अब क्षेत्र के जागरूक लोग प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि इस 'व्हाट्सएप चलाओ अभियान' और सरकारी धन की बर्बादी पर जिला प्रशासन क्या कड़ी कार्रवाई करता है।
    user_आपकी ताकत अयोध्या
    आपकी ताकत अयोध्या
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    5 hrs ago
  • सुल्तानपुर पुलिस ने टावरों में लगी महंगी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों की चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ जनपद के आठ थानों में मुकदमे दर्ज थे, जिनमें कोतवाली देहात और अखंडनगर भी शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने सुल्तानपुर के अलावा जौनपुर और प्रतापगढ़ जैसे अन्य जनपदों में भी टावर चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। गिरोह के सदस्य चोरी की वारदात से पहले लखनऊ में ठहरकर टावरों की रेकी करते थे और खास तौर पर ऐसे टावरों को निशाना बनाते थे जहाँ सीसीटीवी कैमरे या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते थे। चोरी की गई महंगी डिवाइसों को दिल्ली में बेचा जाता था, और पुलिस अब उनकी खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए आरोपी पहले भी गाजियाबाद में जेल जा चुके हैं। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए गिरोह की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया है। पुलिस फिलहाल चोरी के सामान की बरामदगी और इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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    सुल्तानपुर पुलिस ने टावरों में लगी महंगी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों की चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक चारु निगम ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ जनपद के आठ थानों में मुकदमे दर्ज थे, जिनमें कोतवाली देहात और अखंडनगर भी शामिल हैं।

जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों ने सुल्तानपुर के अलावा जौनपुर और प्रतापगढ़ जैसे अन्य जनपदों में भी टावर चोरी की कई घटनाओं को अंजाम दिया था। गिरोह के सदस्य चोरी की वारदात से पहले लखनऊ में ठहरकर टावरों की रेकी करते थे और खास तौर पर ऐसे टावरों को निशाना बनाते थे जहाँ सीसीटीवी कैमरे या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होते थे। चोरी की गई महंगी डिवाइसों को दिल्ली में बेचा जाता था, और पुलिस अब उनकी खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

पुलिस अधीक्षक ने यह भी जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए आरोपी पहले भी गाजियाबाद में जेल जा चुके हैं। इस उत्कृष्ट कार्य के लिए गिरोह की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया है। पुलिस फिलहाल चोरी के सामान की बरामदगी और इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
    user_Sarveshpandey
    Sarveshpandey
    Faizabad, Ayodhya•
    9 hrs ago
  • गोंडा और लखनऊ हाइवे पर एक भीषण सड़क हादसे की सूचना मिलने के बाद, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल और संबंधित जानकारी का जायजा लिया।
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    गोंडा और लखनऊ हाइवे पर एक भीषण सड़क हादसे की सूचना मिलने के बाद, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल और संबंधित जानकारी का जायजा लिया।
    user_विकास कुमार सोनी
    विकास कुमार सोनी
    Local News Reporter गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • डीआईजी अशोक कुमार ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि पुलिस थानों पर होने वाली सभी सुनवाईयाँ जनभावनाओं का सम्मान करते हुए की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, डीआईजी अशोक कुमार ने नेपाल सीमा पर लगातार पैनी निग़ाह रखने और कड़ी चौकसी बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया।
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    डीआईजी अशोक कुमार ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि पुलिस थानों पर होने वाली सभी सुनवाईयाँ जनभावनाओं का सम्मान करते हुए की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, डीआईजी अशोक कुमार ने नेपाल सीमा पर लगातार पैनी निग़ाह रखने और कड़ी चौकसी बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया।
    user_अंकुर गर्ग
    अंकुर गर्ग
    Local News Reporter गोंडा, गोंडा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अयोध्याधाम को एक अत्यंत सुंदर और दिव्य स्थल के रूप में वर्णित किया गया है, जहाँ हर किसी को एक नई और अलौकिक अनुभूति का एहसास होता है। यह अनुभव विशेष रूप से प्रभु श्री राम जी की अवधपुरी में प्राप्त हो रहा है, जो इसे और भी खास बनाता है। यह आह्वान किया गया है कि सभी अयोध्याधाम चलें और इस अद्वितीय अनुभव को प्राप्त करें।
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    अयोध्याधाम को एक अत्यंत सुंदर और दिव्य स्थल के रूप में वर्णित किया गया है, जहाँ हर किसी को एक नई और अलौकिक अनुभूति का एहसास होता है। यह अनुभव विशेष रूप से प्रभु श्री राम जी की अवधपुरी में प्राप्त हो रहा है, जो इसे और भी खास बनाता है। यह आह्वान किया गया है कि सभी अयोध्याधाम चलें और इस अद्वितीय अनुभव को प्राप्त करें।
    user_Aaj Subah Times
    Aaj Subah Times
    पत्रकार Ayodhya, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
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