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राज्य में पौधरोपण अभियानों को लेकर जब सवाल उठने शुरू हुए, तो यह सामने आया कि मंत्री जी के पौधों में तुरंत 'जान' आ गई। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद, सूचना विभाग ने आनन-फानन में जीपीएस तस्वीरें जारी कर दीं।
अंकुर गर्ग
राज्य में पौधरोपण अभियानों को लेकर जब सवाल उठने शुरू हुए, तो यह सामने आया कि मंत्री जी के पौधों में तुरंत 'जान' आ गई। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद, सूचना विभाग ने आनन-फानन में जीपीएस तस्वीरें जारी कर दीं।
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- गोंडा जिले में नारी शक्ति का एक मिसाल पेश करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ नगर कोतवाली क्षेत्र के बड़गांव चौकी के पास मुख्य स्टेशन रोड पर रात के समय एक युवती ने छेड़खानी करने वाले मनचले को सरेआम चप्पल से पीटकर सबक सिखाया। यह घटना तब हुई जब साइकिल से जा रहे एक युवक ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर युवती के साथ बदतमीजी करने की कोशिश की। मिली जानकारी के अनुसार, युवती ने चुप रहने के बजाय तुरंत कड़ा रुख अपनाया और बीच बाजार में ही अपनी चप्पल निकालकर उस मनचले की धुनाई शुरू कर दी। युवती पूरी हिम्मत के साथ उस मनचले को चप्पलों से पीटती रही और चिल्लाकर पूछती रही कि "और करोगे बदतमीजी?"। रात के समय बीच बाजार में हुई मनचले की इस पिटाई का वहाँ मौजूद किसी राहगीर ने वीडियो बना लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। छेड़खानी का मुँहतोड़ जवाब देने वाली इस बहादुर युवती की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं, वहीं पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जाँच में जुट गई है।1
- गोंडा के इटियाथोक थाना क्षेत्र में पर्यावरण दिवस पर लगाए जाने वाले पौधों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पर्यावरण दिवस केवल कागजों और फोटो सेशन तक ही सीमित रहता है, क्योंकि लगाए गए पौधे सुरक्षा के अभाव में गायब हो जाते हैं। क्षेत्र के मनोरामा उद्गम स्थल पर वर्ष 2018 में करीब 14,000 पौधे लगाए गए थे, लेकिन वर्तमान में वहां एक भी पौधा मौजूद नहीं है। स्थानीय लोगों या विभाग को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि वे पौधे कहां गए। इस संबंध में क्षेत्र के प्रदीप कुमार पांडे ने जिलाधिकारी को शपथ पत्र पर एक शिकायती पत्र सौंपा है। पांडे ने आरोप लगाया है कि 2018 में मनोरामा उद्गम स्थल पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें जिलाधिकारी, कई नेता और स्थानीय विधायक मौजूद थे और उन्होंने भी पौधे लगाए थे। हालांकि, उन पौधों की सुरक्षा नहीं की गई, जिसके कारण वे सूख गए। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि हाल ही में 5 जून को मनाए गए पर्यावरण दिवस पर फिर से पौधे लगाए गए, लेकिन वे भी लगभग गायब हो चुके हैं। उनके अनुसार, ऐसे पर्यावरण दिवस मनाने का कोई लाभ नहीं, जब लगाए गए पौधों की रक्षा-सुरक्षा न हो और वे अंततः गायब हो जाएं। आरोप है कि इस तरीके से पर्यावरण को शुद्ध नहीं किया जा सकता, बल्कि प्रति वर्ष पौधे लगाकर 'लाखों करोड़ों का गोलमाल' कर लिया जाता है। इस मामले में शिकायत दर्ज की जा चुकी है, और अब यह देखना बाकी है कि इस शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है। इसका फैसला आने वाला समय करेगा।1
- एक ग्रामीण ने शिकायत की है कि उनके गाँव के जल निकाय में बहुत अधिक कचरा जमा हो गया है, जिसके कारण गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। इस स्थिति को देखते हुए, उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल इस जल निकाय की सफाई करवाने का निवेदन किया है।1
- गोंडा जिले में स्थानीय निवासियों ने रोजमर्रा की दोहरी समस्याओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनके अनुसार, क्षेत्र में प्रतिदिन बकरी के बच्चों से जुड़ी दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। इसके साथ ही, बच्चों के बीच झगड़ों की घटनाएँ भी लगातार सामने आती रहती हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ती है। इन लगातार होने वाली घटनाओं से निजात पाने के लिए, समुदाय ने संबंधित अधिकारियों से कड़ा आग्रह किया है। उनकी मुख्य मांग है कि क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मर को सुरक्षित रूप से ऊँचाई पर स्थापित किया जाए, ताकि इन दुर्घटनाओं और बच्चों से जुड़े विवादों को रोका जा सके और स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।1
- गोंडा और लखनऊ हाइवे पर एक भीषण सड़क हादसे की सूचना मिलने के बाद, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। उन्होंने घटनास्थल और संबंधित जानकारी का जायजा लिया।1
- गोण्डा नगर कोतवाली क्षेत्र के बड़ागांव स्टेशन रोड पर एक युवती ने कथित छेड़छाड़ करने वाले एक मनचले युवक की बीच सड़क पर चप्पलों से जमकर पिटाई कर दी। घटना के दौरान युवती ने युवक से पूछा, "और करोगे बदतमीजी?" और फिर उसे लगातार चप्पलों से मारा। इस पूरी घटना को मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, और अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना को युवती द्वारा "मां काली का रूप" दिखाते हुए मनचले को "मुंह तोड़ जवाब" देने के रूप में देखा जा रहा है। इस वाकये ने गोण्डा पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यह छेड़छाड़ सरेबाजार हुई और इसने "महिला सशक्तिकरण" का ढिंढोरा पीटने वाली पुलिस की कथित पोल खोल दी।1