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बरेली जिले के एक गाँव की गली से लोगों को आने-जाने में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, इस खराब गली के कारण कई लोग वाहन से गुजरते हुए घायल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने इस गली को जल्द से जल्द ठीक कराए जाने की मांग की है।
Mohd sohil
बरेली जिले के एक गाँव की गली से लोगों को आने-जाने में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, इस खराब गली के कारण कई लोग वाहन से गुजरते हुए घायल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने इस गली को जल्द से जल्द ठीक कराए जाने की मांग की है।
- Mohd sohilबहेड़ी, बरेली, उत्तर प्रदेशkripya sabhi prashasan Ko darkhwast Kiya Di Hai is gali mein nuksan ho chuka hai Kai logon ka ise theek karaen22 hrs ago
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- बरेली जिले के एक गाँव की गली से लोगों को आने-जाने में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, इस खराब गली के कारण कई लोग वाहन से गुजरते हुए घायल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने इस गली को जल्द से जल्द ठीक कराए जाने की मांग की है।1
- बरेली कोतवाली पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में वांछित चल रहे अभियुक्त सुधीर कुमार उर्फ चूचू को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ मृतक के सुसाइड नोट और परिजनों की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था, और वह घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार, यह मामला 15 मई 2026 का है, जब जिला चिकित्सालय बरेली में कार्यरत वार्डबॉय प्रदीप कुमार ने अवकाश के दौरान आत्महत्या कर ली थी। घटना स्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था और परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 236/2026 के तहत धारा 108 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि सुधीर उर्फ चूचू मृतक को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था और धमकियां दे रहा था। उस पर लगभग 10 वर्ष पहले दिए गए कुछ रुपये के बदले 30 लाख रुपये की अवैध मांग कर दबाव बनाने का आरोप है। आरोपी की गिरफ्तारी तकनीकी और गोपनीय सूचना के आधार पर हुई। कोतवाली पुलिस को उसकी लोकेशन कानपुर में मिली, जहाँ जांच में पता चला कि वह कानपुर रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में छिपा हुआ था। इस जानकारी के बाद पुलिस टीम ने 12 जून 2026 को दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध पूर्व में माननीय न्यायालय से गैर-जमानती वारंट भी जारी किया जा चुका था। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने स्वीकार किया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और कानपुर क्षेत्र में छिपकर रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद, उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।2
- उत्तराखंड के रुद्रपुर में सड़क पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक टेंपो और बस की टक्कर हो गई। इस टक्कर के बाद दोनों वाहनों के चालक आपस में भिड़ गए और उनके बीच जमकर बवाल हुआ। मामला इतना बढ़ गया कि बस चालक ने बहस के दौरान अचानक चाकू निकाल लिया। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।1
- भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने बिलासपुर में शिव बाग मंडी परिसर में कथित अवैध कब्जों और निर्माण के खिलाफ आवाज उठाई है। संगठन ने उप-जिलाधिकारी की गैरमौजूदगी में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यूनियन का आरोप है कि मंडी की खाली पड़ी भूमि पर कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध निर्माण कर कब्जा किया जा रहा है, जिससे सरकारी संपत्ति को क्षति पहुँचने की आशंका है। संगठन के जिला प्रवक्ता नृपजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि शिव बाग मंडी की खाली जमीन पर पहले से ही अवैध निर्माण और कब्जा है, और अब किसानों की खाली पड़ी भूमि पर भी बड़ा बोरिंग कराकर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंडी परिसर में रखा लोहे का सामान भी धीरे-धीरे चोरी हो रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि इस मामले से संबंधित एक वीडियो बनाकर मंडी सचिव को सौंपा गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। भारतीय किसान यूनियन ने पुरजोर मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, सभी अवैध कब्जों को हटाया जाए और मंडी की संपत्ति को सुरक्षित किया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान सुच्चा सिंह, अंतराम, सुरेंद्र सिंह, प्यारा सिंह, प्रकाश सिंह, लखविंदर सिंह सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे जिनके हस्ताक्षर भी ज्ञापन पर मौजूद हैं।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक ईगल एक युवती को उठाकर अपने साथ ले जाती हुई दिखाई दे रही है।1
- बीसलपुर क्षेत्र के ग्राम चुर्रा सकतपुर में तेज आंधी-बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए तीन बिजली के खंभे 72 घंटे बाद भी नहीं बदले जाने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस लापरवाही के विरोध में ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर जल्द से जल्द खंभे बदलने और विद्युत आपूर्ति को सुचारु करने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग ने 24 घंटे के भीतर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इतने समय बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस प्रदर्शन में जिला उपाध्यक्ष उमेश मिश्रा, पवन मिश्रा, सुमित मिश्रा, अतुल शर्मा, विवेक कुमार, सोनू कुमार, रघुवीर पाल, विकास मिश्रा, राम मोहन मिश्रा, अनिल शर्मा, नितिन पाल, विकास कुमार, अमर सिंह, राहुल शर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। इस संबंध में, जेई अर्जुन सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त खंभों को बदलने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही विद्युत व्यवस्था को सामान्य कर दिया जाएगा। हालांकि, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।1
- बिलासपुर में शुक्रवार को फातिमानगर गांव स्थित संतुलन संस्था के तत्वावधान में "संतुलन स्वयं सहायता मल्टी स्टेट को ऑपरेटिव सोसायटी" के संचालक मंडल और सदस्यों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य फातिमानगर, ईसानगर, सकटुआ, मार्टिनगर, भैसिया, जामुनखेड़ा और हामिदनगर सहित आसपास के गांवों की महिलाओं को जागरूक करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया और विभिन्न सामाजिक तथा आर्थिक विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की। कार्यक्रम में पुणे, महाराष्ट्र से आए संतुलन संस्था के संस्थापक, संचालक एवं मार्गदर्शक एडवोकेट पल्लवी रेंगे और एडवोकेट बी.एम. रेंगे ने महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने पिछले दस वर्षों से संचालित संतुलन सोसाइटी की गतिविधियों और उसके माध्यम से लोगों को मिल रहे लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वक्ताओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता, सामाजिक विकास और क्षेत्र के समग्र उत्थान से संबंधित विषयों पर गहन मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही गांवों का विकास संभव है और शिक्षा, स्वरोजगार तथा संगठनात्मक शक्ति के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने भी अपने विचार साझा किए और विभिन्न योजनाओं तथा अवसरों से संबंधित जानकारी प्राप्त की। इस कार्यक्रम का संचालन संयोजक विजय बाबू और बलकार मलिक ने किया। अंत में, सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया और महिलाओं से विकास कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया, ताकि ग्रामीण महिलाएं विकास एवं स्वरोजगार के लिए जागरूक हो सकें।1
- अमरिया क्षेत्र में ईंट भट्टों की घोर लापरवाही के कारण सड़कें अब दलदल में तब्दील हो गई हैं। ईंट भट्टों द्वारा बरती जा रही इस गंभीर अनदेखी का सीधा परिणाम यह है कि इन दलदली सड़कों पर लगातार सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1