आज, 28 जून 2026 को देशभर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक, जिसे 'दो बूंद जिंदगी की' के नाम से जाना जाता है, पिलाई जा रही है। यह देशव्यापी अभियान विभिन्न राज्यों में शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे तक पहुंचना है। आज 'बूथ दिवस' पर लाखों विशेष बूथों, सरकारी अस्पतालों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स दी जा रही हैं। अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, टोल प्लाजा और हवाई अड्डों पर 'ट्रांजिट बूथ' स्थापित किए गए हैं, ताकि यात्रा करने वाले बच्चों को भी यह खुराक मिल सके। इसके अतिरिक्त, प्रवासी मजदूरों के बच्चों, ईंट-भट्टों, झुग्गी-झोपड़ियों और निर्माण स्थलों पर रहने वाले परिवारों के बच्चों तक पहुंचने के लिए विशेष मोबाइल टीमें भी लगाई गई हैं। हालांकि भारत को 2014 में ही आधिकारिक तौर पर पोलियो मुक्त घोषित कर दिया गया था, लेकिन पड़ोसी देशों में पोलियो के खतरों को देखते हुए इस सुरक्षा चक्र को बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। सभी से अपील की गई है कि यदि उनके घर में या आसपास 5 वर्ष तक का कोई बच्चा है, तो उसे नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलियो ड्रॉप्स अवश्य पिलवाएं। इसी अभियान के संबंध में, आज जबलपुर संभाग के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीम धूमा अस्पताल भी पहुंची। निरीक्षण के दौरान, अस्पताल की कुछ खामियां देखकर अधिकारी बेहद नाराज हुए।
आज, 28 जून 2026 को देशभर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक, जिसे 'दो बूंद जिंदगी की' के नाम से जाना जाता है, पिलाई जा रही है। यह देशव्यापी अभियान विभिन्न राज्यों में शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य हर बच्चे तक पहुंचना है। आज 'बूथ दिवस' पर लाखों विशेष बूथों, सरकारी अस्पतालों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स दी जा रही हैं। अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, टोल प्लाजा और हवाई अड्डों पर 'ट्रांजिट बूथ' स्थापित किए गए हैं, ताकि यात्रा करने वाले बच्चों को भी यह खुराक मिल सके। इसके अतिरिक्त, प्रवासी मजदूरों के
बच्चों, ईंट-भट्टों, झुग्गी-झोपड़ियों और निर्माण स्थलों पर रहने वाले परिवारों के बच्चों तक पहुंचने के लिए विशेष मोबाइल टीमें भी लगाई गई हैं। हालांकि भारत को 2014 में ही आधिकारिक तौर पर पोलियो मुक्त घोषित कर दिया गया था, लेकिन पड़ोसी देशों में पोलियो के खतरों को देखते हुए इस सुरक्षा चक्र को बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। सभी से अपील की गई है कि यदि उनके घर में या आसपास 5 वर्ष तक का कोई बच्चा है, तो उसे नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलियो ड्रॉप्स अवश्य पिलवाएं। इसी अभियान के संबंध में, आज जबलपुर संभाग के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीम धूमा अस्पताल भी पहुंची। निरीक्षण के दौरान, अस्पताल की कुछ खामियां देखकर अधिकारी बेहद नाराज हुए।
- मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित अजयपार धाम सरकार में एक निर्धन कन्या का विवाह महोत्सव बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर स्थित जिला चिकित्सालय में 28 जून से 30 जून तक चलने वाले 'पल्स पोलियो अभियान' का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें भविष्य में होने वाली विकलांगता और पोलियो वायरस से सुरक्षित करना है। सरकार के इस राष्ट्रव्यापी अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी बच्चा पोलियो से ग्रसित न हो। रेड क्रॉस सोसाइटी के कोषाध्यक्ष ने अपनी पूरी टीम के साथ अस्पताल पहुंचकर कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित की और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, डॉक्टरों तथा समस्त स्टाफ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का साझा लक्ष्य है कि इस टीकाकरण अभियान के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो और देश के प्रत्येक नागरिक का भविष्य भी सुरक्षित रहे। इस अवसर पर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने अभिभावकों से अपने बच्चों को निकटतम केंद्र पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाने की अपील की।4
- नरसिंहपुर नगर पालिका के संजय वार्ड में सिंगरी नदी पर एक नए आयरन ब्रिज का लोकार्पण कैबिनेट मंत्री पटेल ने किया है। इस पुल का निर्माण मणिनागेंद्र सिंह फाउंडेशन ने अपने स्वयं के खर्च पर किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य बरसात के समय संजय वार्ड के बच्चों को स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानी को दूर करना है। परिजनों ने मंत्री जी को अपनी समस्या से अवगत कराया था। उल्लेखनीय है कि इस आयरन ब्रिज का निर्माण मात्र 20 दिनों में पूरा हो गया, जिसे देखकर मंत्री पटेल भी आश्चर्यचकित रह गए। मंत्री जी ने स्कूल की बच्चियों से इस पुल का लोकार्पण करवाया और इसका नाम 'मणिनागेंद्र सिंह पटेल मोनू भैया' रखा गया। यह परियोजना संजय वार्ड के नागरिकों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में देखी जा रही है।1
- ग्रामीण पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं, जिसके कारण उन्हें खाली बर्तन लेकर सड़क पर उतरना पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी के कुएं की जमीन पर कब्जा कर लिया गया है, जिसके चलते उन्हें पीने के पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।1
- आज गाडरवारा में युवाओं ने एसडीएम कार्यालय को पूरी तरह से घेर लिया था।1
- अपने जन्मदिवस के अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 666 पौधों का वृक्षारोपण किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान भी किया, ताकि वे स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जी सकें।1
- सिवनी पुलिस ने अपने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। इस पहल के अंतर्गत, पुलिस ने कुल 46 चौपालों का आयोजन किया, जहाँ 2280 ग्रामीणों को साइबर धोखाधड़ी से बचने और अपनी ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के विभिन्न गुर सिखाए गए।1
- जिला चिकित्सालय से पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई। इस पहल के तहत, 0 से 5 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को जीवनरक्षक पोलियो की खुराक पिलाई गई है।1
- संभागीय अधिकारी धूमा अस्पताल के निरीक्षण के लिए पहुंचे, जहाँ उन्हें कई खामियाँ मिलीं। इन खामियों को देखते हुए संभागीय अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।1