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आज गाडरवारा में युवाओं ने एसडीएम कार्यालय को पूरी तरह से घेर लिया था।
Sourabh Kumar nath
आज गाडरवारा में युवाओं ने एसडीएम कार्यालय को पूरी तरह से घेर लिया था।
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- यह जानकारी एक्सप्रेस एमपी सीजी न्यूज़ नामक स्रोत से प्राप्त हुई है।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर स्थित जिला चिकित्सालय में 28 जून से 30 जून तक चलने वाले 'पल्स पोलियो अभियान' का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें भविष्य में होने वाली विकलांगता और पोलियो वायरस से सुरक्षित करना है। सरकार के इस राष्ट्रव्यापी अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी बच्चा पोलियो से ग्रसित न हो। रेड क्रॉस सोसाइटी के कोषाध्यक्ष ने अपनी पूरी टीम के साथ अस्पताल पहुंचकर कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित की और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, डॉक्टरों तथा समस्त स्टाफ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का साझा लक्ष्य है कि इस टीकाकरण अभियान के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो और देश के प्रत्येक नागरिक का भविष्य भी सुरक्षित रहे। इस अवसर पर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने अभिभावकों से अपने बच्चों को निकटतम केंद्र पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाने की अपील की।4
- जिला चिकित्सालय में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत, शून्य से पाँच वर्ष तक की आयु के बच्चों को दवा पिलाई गई।1
- नरसिंहपुर पुलिस ने एक नया अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य "डिजिटल फॉरेस्ट" नामक गतिविधि के संबंध में जनता को जागरूक करना है। इस अभियान के तहत पुलिस ने स्पष्ट किया है कि "डिजिटल फॉरेस्ट" कोई कानूनी गतिविधि नहीं है, बल्कि यह असल में एक साइबर फ्रॉड है।1
- मढ़ी जमुनिया पंचायत के पिपरिया से खर्रा टोला तक का मार्ग पहली बारिश में ही बुरी तरह प्रभावित हो गया है, जिसका नज़ारा लोगों को हैरान कर रहा है। यह मार्ग 50 से अधिक घरों के रहवासियों के लिए स्कूली शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और दैनिक खाद्य सामग्री लाने-ले जाने का एकमात्र सहारा है। पहली बारिश ने इस महत्वपूर्ण मार्ग की दयनीय स्थिति को सामने ला दिया है, जिसके कारण 50 से अधिक परिवारों के लिए आवश्यक सेवाओं तक पहुंच एक बड़ी चुनौती बन गई है। सड़क की इस बदहाली ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो अपने जीवनयापन और मूलभूत आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह इसी रास्ते पर निर्भर हैं।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक सरकारी रास्ते से ट्रैक्टर निकालने को लेकर हुए विवाद के कारण एक युवक के साथ मारपीट की गई।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित अजयपार धाम सरकार में एक निर्धन कन्या का विवाह महोत्सव बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में 28 जून से 30 जून तक चलने वाले 'पल्स पोलियो अभियान' का जिला चिकित्सालय में औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया। इस दौरान शून्य से पाँच वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष की आयु के बच्चों को पोलियो की खुराक देकर उन्हें भविष्य में होने वाली विकलांगता और पोलियो वायरस से सुरक्षित करना है। सरकार का लक्ष्य है कि देश का कोई भी बच्चा पोलियो से ग्रसित न हो। रेड क्रॉस सोसाइटी के कोषाध्यक्ष अपनी पूरी टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, डॉक्टरों और समस्त स्टाफ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की। इस अवसर पर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम भी मौजूद रही। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का साझा लक्ष्य है कि इस टीकाकरण अभियान के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो और भविष्य में देश के प्रत्येक नागरिक का भविष्य सुरक्षित रहे। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को निकटतम केंद्र पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं।1
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना अंतर्गत ग्राम बगलई बस्ती लाठगांव रोड पर जमीनी विवाद को लेकर पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्हें रिपोर्ट वापस लेने की धमकी दी जा रही है। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यवाही पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बगलई बस्ती निवासी परसराम कुशवाहा का उनके बड़े पिताजी के बेटों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। 22 जून को जब परसराम अपने खेत पहुंचे, तो उन्होंने अपने भाई प्रमोद कुशवाहा को ट्रैक्टर से जुताई करते देखा। परसराम ने प्रमोद को खेत की मेढ़ के ऊपर ट्रैक्टर न चलाने की हिदायत दी और घर लौट आए। हालांकि, जब वे उसी दिन शाम करीब 5 बजे दोबारा खेत पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि प्रमोद ने मेढ़ को पूरी तरह जोत दिया था, जिसके बाद यह विवाद और बढ़ गया।1