नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना अंतर्गत ग्राम बगलई बस्ती लाठगांव रोड पर जमीनी विवाद को लेकर पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्हें रिपोर्ट वापस लेने की धमकी दी जा रही है। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यवाही पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बगलई बस्ती निवासी परसराम कुशवाहा का उनके बड़े पिताजी के बेटों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। 22 जून को जब परसराम अपने खेत पहुंचे, तो उन्होंने अपने भाई प्रमोद कुशवाहा को ट्रैक्टर से जुताई करते देखा। परसराम ने प्रमोद को खेत की मेढ़ के ऊपर ट्रैक्टर न चलाने की हिदायत दी और घर लौट आए। हालांकि, जब वे उसी दिन शाम करीब 5 बजे दोबारा खेत पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि प्रमोद ने मेढ़ को पूरी तरह जोत दिया था, जिसके बाद यह विवाद और बढ़ गया।
नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना अंतर्गत ग्राम बगलई बस्ती लाठगांव रोड पर जमीनी विवाद को लेकर पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्हें रिपोर्ट वापस लेने की धमकी दी जा रही है। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यवाही पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बगलई बस्ती निवासी परसराम कुशवाहा का उनके बड़े पिताजी के बेटों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। 22 जून को जब परसराम अपने खेत पहुंचे, तो उन्होंने अपने भाई प्रमोद कुशवाहा को ट्रैक्टर से जुताई करते देखा। परसराम ने प्रमोद को खेत की मेढ़ के ऊपर ट्रैक्टर न चलाने की हिदायत दी और घर लौट आए। हालांकि, जब वे उसी दिन शाम करीब 5 बजे दोबारा खेत पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि प्रमोद ने मेढ़ को पूरी तरह जोत दिया था, जिसके बाद यह विवाद और बढ़ गया।
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर स्थित जिला चिकित्सालय में 28 जून से 30 जून तक चलने वाले 'पल्स पोलियो अभियान' का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें भविष्य में होने वाली विकलांगता और पोलियो वायरस से सुरक्षित करना है। सरकार के इस राष्ट्रव्यापी अभियान का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी बच्चा पोलियो से ग्रसित न हो। रेड क्रॉस सोसाइटी के कोषाध्यक्ष ने अपनी पूरी टीम के साथ अस्पताल पहुंचकर कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित की और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, डॉक्टरों तथा समस्त स्टाफ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का साझा लक्ष्य है कि इस टीकाकरण अभियान के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो और देश के प्रत्येक नागरिक का भविष्य भी सुरक्षित रहे। इस अवसर पर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने अभिभावकों से अपने बच्चों को निकटतम केंद्र पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाने की अपील की।4
- जिला चिकित्सालय से पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई। इस पहल के तहत, 0 से 5 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को जीवनरक्षक पोलियो की खुराक पिलाई गई है।1
- नरसिंहपुर जिले के स्टेशनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मून लाइट गार्डन के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। इस दुर्घटना में एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार 9 वर्षीय बच्ची मानसी धानक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में बाइक पर सवार दो अन्य व्यक्ति भी घायल हुए हैं।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में मूंग खरीदी की नीति को लेकर किसानों ने एक विशाल आंदोलन किया। हजारों की संख्या में किसान अपने ट्रैक्टरों और बैलगाड़ियों के साथ सड़कों पर उतर आए और पहले जवाहर कृषि उपज मंडी में एक जनसभा को संबोधित किया, जिसके बाद वे गाडरवारा एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अपनी मांगें रखी गईं। किसानों की मुख्य मांग है कि प्रदेश में 100 प्रतिशत मूंग की खरीदी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इस बात पर गहरी नाराजगी व्यक्त की कि सरकार ने केवल 25 प्रतिशत मूंग खरीदी की घोषणा की है, जबकि पिछले साल पूरी 100 प्रतिशत मूंग की खरीदी की गई थी। किसानों ने मूंग खरीदी की प्रक्रिया, पंजीयन और उपज की खरीद को लेकर अपनी आपत्तियों को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस जंगी प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे प्रदेश स्तरीय एक बड़े आंदोलन की शुरुआत करेंगे। इस दौरान किसान रोहित ढिमोले, कृष्णकांत गुर्जर और गाडरवारा के एसडीएम मणिंद्र सिंह के बयान भी इस खबर का हिस्सा थे।1
- नरसिंहपुर पुलिस ने एक नया अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य "डिजिटल फॉरेस्ट" नामक गतिविधि के संबंध में जनता को जागरूक करना है। इस अभियान के तहत पुलिस ने स्पष्ट किया है कि "डिजिटल फॉरेस्ट" कोई कानूनी गतिविधि नहीं है, बल्कि यह असल में एक साइबर फ्रॉड है।1
- मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के तत्वावधान में और मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में 24 जून से 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के तहत, जबलपुर पुलिस और मध्य प्रदेश पुलिस सक्रिय रूप से लोगों को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक कर रही है। ग्रामीण डीएसपी आकांक्षा उपाध्याय ने इस पहल के बारे में बताते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में, जहाँ हमारी सभी सुविधाएँ फोन के एक क्लिक पर निर्भर हैं, अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को अनभिज्ञता से बचाना और उन्हें 'पहले देखिए, सोचिए और फिर क्लिक करिए' के सिद्धांत पर शिक्षित करना है। पुलिस प्रशासन जनता से अपील कर रहा है कि वे किसी भी अपरिचित लिंक, संदिग्ध इनविटेशन या लॉटरी के लालच में आकर बिना सोचे-समझे क्लिक न करें, ताकि हर नागरिक साइबर फ्रॉड से सुरक्षित रह सके और सतर्क बना रहे।1
- उमरिया जिले में कांग्रेस ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया।1
- जिला चिकित्सालय में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत, शून्य से पाँच वर्ष तक की आयु के बच्चों को दवा पिलाई गई।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में 28 जून से 30 जून तक चलने वाले 'पल्स पोलियो अभियान' का जिला चिकित्सालय में औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया। इस दौरान शून्य से पाँच वर्ष तक की आयु के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य 0 से 5 वर्ष की आयु के बच्चों को पोलियो की खुराक देकर उन्हें भविष्य में होने वाली विकलांगता और पोलियो वायरस से सुरक्षित करना है। सरकार का लक्ष्य है कि देश का कोई भी बच्चा पोलियो से ग्रसित न हो। रेड क्रॉस सोसाइटी के कोषाध्यक्ष अपनी पूरी टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, डॉक्टरों और समस्त स्टाफ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की। इस अवसर पर स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम भी मौजूद रही। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का साझा लक्ष्य है कि इस टीकाकरण अभियान के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो और भविष्य में देश के प्रत्येक नागरिक का भविष्य सुरक्षित रहे। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को निकटतम केंद्र पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य दिलवाएं।1