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पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यावनिका पार्क में सुरक्षा पर सवाल, गंदे पानी में नहा रहे बच्चे, हादसे का खतरा! पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यावनिका पार्क में सुरक्षा पर सवाल, गंदे पानी में नहा रहे बच्चे, हादसे का खतरा! पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यावनिका पार्क में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पार्क में कथित तौर पर कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं है, जबकि छोटे बच्चे फाउंटेन/जलकुंड के गंदे पानी में नहाते दिखाई दे रहे हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, पास में मौजूद कुएँ जैसी संरचना भी बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, साफ-सफाई कराने और संभावित हादसों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यावनिका पार्क में सुरक्षा पर सवाल, गंदे पानी में नहा रहे बच्चे, हादसे का खतरा! पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यावनिका पार्क में सुरक्षा पर सवाल, गंदे पानी में नहा रहे बच्चे, हादसे का खतरा! पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यावनिका पार्क में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पार्क में कथित तौर पर कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं है, जबकि छोटे बच्चे फाउंटेन/जलकुंड के गंदे पानी में नहाते दिखाई दे रहे हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, पास में मौजूद कुएँ जैसी संरचना भी बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, साफ-सफाई कराने और संभावित हादसों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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- हरियाणा के पंचकूला जिले के बरवाला में दो प्राइवेट बसों को बिना वैध दस्तावेजों और ब्लैक फिल्म के साथ पकड़ा गया। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह की मौजूदगी में इन बसों का 43 हजार रुपये का चालान किया गया और दोनों बसों को इंपाउंड कर दिया गया। यह कार्रवाई यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए की गई।1
- महिराग्रीन फ्लैट में रहने वालों के लिए ENVIRO कंपनी बनी मुसीबत महिराग्रीन फ्लैट में रहने वालों के लिए ENVIRO कंपनी बनी मुसीबत #ambalamillathealth #mahiragreen #ambala #ambalacity #society #societychallenge #flats #residential1
- शाहाबाद में किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूंनी की किसानों से अपील सभी साथीयों को सूचित किया जाता है कि सिरसा जिले के प्रधान भूपेन्द्र नंबरदार को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है कृपया सभी साथी जल्दी से जल्दी वाहां पहुँचे शाहाबाद में किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूंनी की किसानों से अपील सभी साथीयों को सूचित किया जाता है कि सिरसा जिले के प्रधान भूपेन्द्र नंबरदार को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है कृपया सभी साथी जल्दी से जल्दी वाहां पहुँचे1
- नीट पेपर लीक पर मीडिया सलाहकार नरेश चौहान का भाजपा पर हमला, बोले- छात्रों को हल्के में लेना केंद्र को पड़ा भारी नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर हिमाचल प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्र सरकार और भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके चलते देशभर में आंदोलन फैल गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीट पेपर लीक से 30 बच्चों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि आंदोलनरत छात्र व्यवस्था को ठीक करना चाह रहे थे, लेकिन छात्रों को हल्के में लेना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गलत कैलकुलेशन थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पहले दिन ही अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी और नैतिकता के आधार पर इस्तीफा लेना चाहिए था। उनका कहना था कि केंद्र सरकार ने एक महीने तक जिम्मेदारी नहीं ली, यही वजह रही कि पूरे देश में छात्र आंदोलन फैल गया। नरेश चौहान ने कहा कि सोनम वांगचुक को हल्के में लेना भी केंद्र सरकार को भारी पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि लाठियां मारकर बच्चों को भगाने की गलती की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर किए गए अत्याचार की जिम्मेदारी किसकी बनती है, इसका जवाब भाजपा को देश को देना चाहिए। प्रधान मीडिया सलाहकार ने कहा कि वर्तमान हिमाचल सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक हुए और पेपर भी बिके। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्व सरकार की तुलना में अधिक नौकरियां दी हैं। बाइट,,नरेश चौहान मुख्यमंत्री मीडिया सलाहकर4
- आईजीएमसी में मासूम के कथित ब्रेन डैमेज मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग, डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन बिलासपुर। आईजीएमसी शिमला में ढाई वर्षीय मासूम के उपचार के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही के मामले को लेकर पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को शिकायत पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग उठाई है। पीड़ित पवन कुमार, निवासी गांव सिद्ध कोठी, जिला मंडी, ने उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। शिकायत पत्र में पवन कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके पुत्र लवित (उम्र 2 वर्ष 6 माह) की 30 मार्च 2026 को आईजीएमसी शिमला में अंडकोश की सामान्य सर्जरी की गई थी। उनका कहना है कि सर्जरी से पहले अथवा उसके दौरान कथित लापरवाही के कारण बच्चे के मस्तिष्क को गंभीर क्षति पहुंची, जिससे उसका ब्रेन डैमेज हो गया और वह पिछले करीब चार महीनों से जीवन के लिए संघर्ष कर रहा है। पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब उन्होंने चिकित्सकों और अस्पताल प्रशासन से जानकारी मांगी तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने बच्चे को समय रहते पीजीआई चंडीगढ़ रेफर करने की मांग की थी, लेकिन उनकी बात पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया। बाद में गंभीर हालत होने पर बच्चे को पीजीआई चंडीगढ़ और वहां से एम्स बिलासपुर रेफर किया गया। मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में पीड़ित परिवार ने आईजीएमसी में हुई कथित चिकित्सकीय लापरवाही की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी पाए जाने पर संबंधित चिकित्सकों, एनेस्थीसिया विशेषज्ञों और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कानूनी व विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा बच्चे के समुचित उपचार, पुनर्वास, भविष्य की चिकित्सा व्यवस्था, आर्थिक सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई है। ज्ञापन में पूरे प्रकरण से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड, ऑपरेशन नोट्स और एनेस्थीसिया रिकॉर्ड की सुरक्षित जांच कराने का भी आग्रह किया गया है।1
- अंबाला कैंट स्टेशन पर फर्जी 'ट्रैफिक विजिलेंस इंस्पेक्टर' बनकर सफर कर रहा व्यक्ति गिरफ्तार, GRP ने शुरू की जांच अंबाला कैंट स्टेशन पर फर्जी 'ट्रैफिक विजिलेंस इंस्पेक्टर' बनकर सफर कर रहा व्यक्ति गिरफ्तार, GRP ने शुरू की जांच अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर RPF ने ट्रेन में सफर कर रहे एक व्यक्ति को संदिग्ध आई-कार्ड के साथ पकड़ा। उसके गले में "ट्रैफिक विजिलेंस इंस्पेक्टर" लिखा आई-कार्ड मिला, जिसके बाद उसे GRP के हवाले कर दिया गया। जीआरपी ने मामला दर्ज कर आई-कार्ड की सत्यता और आरोपी की पहचान की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान सुधीर कुमार के रूप में हुई है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।1
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