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नीट पेपर लीक पर मीडिया सलाहकार नरेश चौहान का भाजपा पर हमला, बोले- छात्रों को हल्के में लेना केंद्र को पड़ा भारी नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर हिमाचल प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्र सरकार और भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके चलते देशभर में आंदोलन फैल गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीट पेपर लीक से 30 बच्चों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि आंदोलनरत छात्र व्यवस्था को ठीक करना चाह रहे थे, लेकिन छात्रों को हल्के में लेना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गलत कैलकुलेशन थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पहले दिन ही अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी और नैतिकता के आधार पर इस्तीफा लेना चाहिए था। उनका कहना था कि केंद्र सरकार ने एक महीने तक जिम्मेदारी नहीं ली, यही वजह रही कि पूरे देश में छात्र आंदोलन फैल गया। नरेश चौहान ने कहा कि सोनम वांगचुक को हल्के में लेना भी केंद्र सरकार को भारी पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि लाठियां मारकर बच्चों को भगाने की गलती की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों पर किए गए अत्याचार की जिम्मेदारी किसकी बनती है, इसका जवाब भाजपा को देश को देना चाहिए। प्रधान मीडिया सलाहकार ने कहा कि वर्तमान हिमाचल सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक हुए और पेपर भी बिके। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्व सरकार की तुलना में अधिक नौकरियां दी हैं। बाइट,,नरेश चौहान मुख्यमंत्री मीडिया सलाहकर

12 hrs ago
user_Roshan Sharma
Roshan Sharma
Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
12 hrs ago

नीट पेपर लीक पर मीडिया सलाहकार नरेश चौहान का भाजपा पर हमला, बोले- छात्रों को हल्के में लेना केंद्र को पड़ा भारी नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर हिमाचल प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्र सरकार और भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को समय रहते

गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके चलते देशभर में आंदोलन फैल गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीट पेपर लीक से 30 बच्चों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि आंदोलनरत छात्र व्यवस्था को ठीक करना चाह रहे थे, लेकिन छात्रों को हल्के में लेना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गलत कैलकुलेशन थी। उन्होंने कहा

कि केंद्र सरकार को पहले दिन ही अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी और नैतिकता के आधार पर इस्तीफा लेना चाहिए था। उनका कहना था कि केंद्र सरकार ने एक महीने तक जिम्मेदारी नहीं ली, यही वजह रही कि पूरे देश में छात्र आंदोलन फैल गया। नरेश चौहान ने कहा कि सोनम वांगचुक को हल्के में लेना भी केंद्र सरकार को भारी पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि लाठियां मारकर बच्चों को भगाने की गलती की गई। उन्होंने सवाल

उठाया कि छात्रों पर किए गए अत्याचार की जिम्मेदारी किसकी बनती है, इसका जवाब भाजपा को देश को देना चाहिए। प्रधान मीडिया सलाहकार ने कहा कि वर्तमान हिमाचल सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक हुए और पेपर भी बिके। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्व सरकार की तुलना में अधिक नौकरियां दी हैं। बाइट,,नरेश चौहान मुख्यमंत्री मीडिया सलाहकर

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  • नगर पंचायत स्वारघाट में शामिल गांवों की समस्याओं को लेकर उपायुक्त से मिले ग्रामीण, विधायक रणधीर शर्मा ने उठाई समाधान की मांग बिलासपुर। नगर पंचायत स्वारघाट में शामिल किए गए गांवों की समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक रणधीर शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि तहसील श्री नैना देवी जी के गांव काथला, पंगा, समलेटू, थापना, मंझेड़, जब्बल, क्यारियां, कुटैहला, दभेटा और धार भरथा को नगर पंचायत स्वारघाट में शामिल किए जाने के बाद लोगों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि आय प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र तथा जाति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज बनवाने में लोगों को भारी दिक्कतें आ रही हैं। इसके अलावा नगर पंचायत में शामिल होने के बाद क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। मनरेगा, वित्त आयोग तथा विधायक क्षेत्र विकास निधि के तहत होने वाले विकास कार्य भी ठप पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि हाल ही में आई आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों, संपर्क मार्गों तथा प्रभावित मकानों के डंगों की मरम्मत भी नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विधायक रणधीर शर्मा ने उपायुक्त राहुल कुमार से इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो लोगों में रोष और बढ़ेगा। ग्रामीणों ने कहा कि वे शुरू से ही नगर पंचायत स्वारघाट के गठन का विरोध करते रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी आपत्तियों के बावजूद इसका गठन किया। अब नगर पंचायत बनने के बाद उत्पन्न समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए, अन्यथा क्षेत्र की जनता आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। बाइट: नैना देवी विधायक रणधीर शर्मा
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    नगर पंचायत स्वारघाट में शामिल गांवों की समस्याओं को लेकर उपायुक्त से मिले ग्रामीण, विधायक रणधीर शर्मा ने उठाई समाधान की मांग

बिलासपुर।
नगर पंचायत स्वारघाट में शामिल किए गए गांवों की समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक रणधीर शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को बिलासपुर के उपायुक्त राहुल कुमार से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि तहसील श्री नैना देवी जी के गांव काथला, पंगा, समलेटू, थापना, मंझेड़, जब्बल, क्यारियां, कुटैहला, दभेटा और धार भरथा को नगर पंचायत स्वारघाट में शामिल किए जाने के बाद लोगों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि आय प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र तथा जाति प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज बनवाने में लोगों को भारी दिक्कतें आ रही हैं। इसके अलावा नगर पंचायत में शामिल होने के बाद क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। मनरेगा, वित्त आयोग तथा विधायक क्षेत्र विकास निधि के तहत होने वाले विकास कार्य भी ठप पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को बताया कि हाल ही में आई आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों, संपर्क मार्गों तथा प्रभावित मकानों के डंगों की मरम्मत भी नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक रणधीर शर्मा ने उपायुक्त राहुल कुमार से इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो लोगों में रोष और बढ़ेगा।
ग्रामीणों ने कहा कि वे शुरू से ही नगर पंचायत स्वारघाट के गठन का विरोध करते रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी आपत्तियों के बावजूद इसका गठन किया। अब नगर पंचायत बनने के बाद उत्पन्न समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए, अन्यथा क्षेत्र की जनता आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।                                       बाइट: नैना देवी विधायक रणधीर शर्मा
    user_Inform News
    Inform News
    Press advisory बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अंबाला कैंट स्टेशन पर फर्जी 'ट्रैफिक विजिलेंस इंस्पेक्टर' बनकर सफर कर रहा व्यक्ति गिरफ्तार, GRP ने शुरू की जांच अंबाला कैंट स्टेशन पर फर्जी 'ट्रैफिक विजिलेंस इंस्पेक्टर' बनकर सफर कर रहा व्यक्ति गिरफ्तार, GRP ने शुरू की जांच अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर RPF ने ट्रेन में सफर कर रहे एक व्यक्ति को संदिग्ध आई-कार्ड के साथ पकड़ा। उसके गले में "ट्रैफिक विजिलेंस इंस्पेक्टर" लिखा आई-कार्ड मिला, जिसके बाद उसे GRP के हवाले कर दिया गया। जीआरपी ने मामला दर्ज कर आई-कार्ड की सत्यता और आरोपी की पहचान की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान सुधीर कुमार के रूप में हुई है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।
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    अंबाला कैंट स्टेशन पर फर्जी 'ट्रैफिक विजिलेंस इंस्पेक्टर' बनकर सफर कर रहा व्यक्ति गिरफ्तार, GRP ने शुरू की जांच
अंबाला कैंट स्टेशन पर फर्जी 'ट्रैफिक विजिलेंस इंस्पेक्टर' बनकर सफर कर रहा व्यक्ति गिरफ्तार, GRP ने शुरू की जांच
अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर RPF ने ट्रेन में सफर कर रहे एक व्यक्ति को संदिग्ध आई-कार्ड के साथ पकड़ा। उसके गले में "ट्रैफिक विजिलेंस इंस्पेक्टर" लिखा आई-कार्ड मिला, जिसके बाद उसे GRP के हवाले कर दिया गया। जीआरपी ने मामला दर्ज कर आई-कार्ड की सत्यता और आरोपी की पहचान की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान सुधीर कुमार के रूप में हुई है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।
    user_Shri ram
    Shri ram
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    4 hrs ago
  • नरेश ठाकुर ने अधिकारियों के साथ किया नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण विभिन्न सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने के भी दिए निर्देश कहा, नशा मुक्ति केंद्रों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा राज्य नशा निवारण बोर्ड हमीरपुर राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर ने मंगलवार को हमीरपुर में विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से संचालित किए जा रहे नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का निरीक्षण किया। एडीसी अभिषेक गर्ग, एसडीएम संजीत सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अत्री, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कालेज अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग के डॉ. कमल प्रकाश, राज्य कर एवं आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त नितिन कपूर, डीएसपी नितिन चौहान और अन्य अधिकारियों के साथ निरीक्षण के लिए पहुंचे नरेश ठाकुर ने इन केंद्रों में विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया। दोसड़का में संचालित किए जा रहे गोल्डन एज पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के दौरान नरेश ठाकुर ने इस केंद्र में विभिन्न सुविधाओं विस्तार के साथ-साथ इसके भवन में अग्निशमन और अन्य सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने बड़ू के पास घनाल में स्थापित किए जा रहे नए नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के परिसर का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस नए केंद्र का संचालन आरंभ करने से पहले सभी आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान होना चाहिए। नरेश ठाकुर ने बताया कि नशा मुक्ति, उपचार एवं पुनर्वास केंद्रों के संचालन के संबंध में शीघ्र ही राज्य नशा निवारण बोर्ड की बैठक में व्यापक चर्चा के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इनमें विभिन्न सुविधाओं के साथ-साथ भवनों के सुरक्षा मानकों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला के अन्य नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का भी शीघ्र ही निरीक्षण किया जाएगा।
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    नरेश ठाकुर ने अधिकारियों के साथ किया नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण
विभिन्न सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का ध्यान रखने के भी दिए निर्देश
कहा, नशा मुक्ति केंद्रों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा राज्य नशा निवारण बोर्ड
हमीरपुर 
राज्य नशा निवारण बोर्ड के संयोजक एवं सलाहकार नरेश ठाकुर ने मंगलवार को हमीरपुर में विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से संचालित किए जा रहे नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का निरीक्षण किया। एडीसी अभिषेक गर्ग, एसडीएम संजीत सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अत्री, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कालेज अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग के डॉ. कमल प्रकाश, राज्य कर एवं आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त नितिन कपूर, डीएसपी नितिन चौहान और अन्य अधिकारियों के साथ निरीक्षण के लिए पहुंचे नरेश ठाकुर ने इन केंद्रों में विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया।
दोसड़का में संचालित किए जा रहे गोल्डन एज पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के दौरान नरेश ठाकुर ने इस केंद्र में विभिन्न सुविधाओं विस्तार के साथ-साथ इसके भवन में अग्निशमन और अन्य सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने बड़ू के पास घनाल में स्थापित किए जा रहे नए नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र के परिसर का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इस नए केंद्र का संचालन आरंभ करने से पहले सभी आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान होना चाहिए।
नरेश ठाकुर ने बताया कि नशा मुक्ति, उपचार एवं पुनर्वास केंद्रों के संचालन के संबंध में शीघ्र ही राज्य नशा निवारण बोर्ड की बैठक में व्यापक चर्चा के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इनमें विभिन्न सुविधाओं के साथ-साथ भवनों के सुरक्षा मानकों को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला के अन्य नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का भी शीघ्र ही निरीक्षण किया जाएगा।
    user_खबरी लाल
    खबरी लाल
    रिपोर्टर हमीरपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में इनकम टैक्स विभाग ने आढ़ती एसोसिएशन बंदरोल के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला आउटरीच प्रोग्राम के तहत आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य आढ़तियों को इनकम टैक्स से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक करना था। कार्यशाला में इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों ने आढ़तियों को टैक्स नियमों, रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया, और टैक्स बचाने के वैध तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर आढ़ती एसोसिएशन के सदस्यों ने भी अपनी समस्याओं और सुझावों को साझा किया।
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    हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में इनकम टैक्स विभाग ने आढ़ती एसोसिएशन बंदरोल के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला आउटरीच प्रोग्राम के तहत आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य आढ़तियों को इनकम टैक्स से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक करना था।

कार्यशाला में इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों ने आढ़तियों को टैक्स नियमों, रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया, और टैक्स बचाने के वैध तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर आढ़ती एसोसिएशन के सदस्यों ने भी अपनी समस्याओं और सुझावों को साझा किया।
    user_Himachal Update 24 News
    Himachal Update 24 News
    Business Analyst कुल्लू, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    22 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई तक भारी बारिश का खतरा, कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 30 और 31 जुलाई को कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और मौसम की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। वीओ,,,मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहा। सोलन जिले के कंडाघाट में करीब 100 मिलीमीटर, बिलासपुर के काहू में 40 मिलीमीटर, शिमला शहर में 16 मिलीमीटर, कुफरी में 15 मिलीमीटर और कुल्लू जिले के कोठी में करीब 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सिरमौर सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड हुई। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई से 1 अगस्त तक पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा और अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 27 जुलाई को सोलन और सिरमौर जिले के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 28 जुलाई को बिलासपुर और सिरमौर, 29 जुलाई को सिरमौर, 30 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर, जबकि 31 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि बारिश की सबसे अधिक गतिविधि 29 जुलाई की देर रात से 31 जुलाई के बीच देखने को मिलेगी। इस दौरान प्रदेश के कई इलाकों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। फ्लैश फ्लड की संभावना पर उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है क्योंकि पिछले 24 घंटों में बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रही है। लेकिन 28 जुलाई से शुरू होने वाले नए स्पेल के दौरान यदि परिस्थितियां बनती हैं तो मौसम विभाग समय-समय पर फ्लैश फ्लड बुलेटिन जारी करेगा। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने में प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य के आसपास बारिश दर्ज की गई है। केवल हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि बाकी आठ जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं 1 जून से 27 जुलाई तक पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 7 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है, जो मौसम विभाग के अनुसार अभी भी सामान्य श्रेणी में आती है। बाइट,,,संदीप शर्मा मौसम वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला।
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    हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई तक भारी बारिश का खतरा, कई जिलों  के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी।
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 30 और 31 जुलाई को कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और मौसम की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। 
वीओ,,,मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहा। सोलन जिले के कंडाघाट में करीब 100 मिलीमीटर, बिलासपुर के काहू में 40 मिलीमीटर, शिमला शहर में 16 मिलीमीटर, कुफरी में 15 मिलीमीटर और कुल्लू जिले के कोठी में करीब 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सिरमौर सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड हुई।
उन्होंने बताया कि 27 जुलाई से 1 अगस्त तक पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा और अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
27 जुलाई को सोलन और सिरमौर जिले के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 28 जुलाई को बिलासपुर और सिरमौर, 29 जुलाई को सिरमौर, 30 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर, जबकि 31 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि बारिश की सबसे अधिक गतिविधि 29 जुलाई की देर रात से 31 जुलाई के बीच देखने को मिलेगी। इस दौरान प्रदेश के कई इलाकों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। फ्लैश फ्लड की संभावना पर उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है क्योंकि पिछले 24 घंटों में बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रही है। लेकिन 28 जुलाई से शुरू होने वाले नए स्पेल के दौरान यदि परिस्थितियां बनती हैं तो मौसम विभाग समय-समय पर फ्लैश फ्लड बुलेटिन जारी करेगा। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने में प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य के आसपास बारिश दर्ज की गई है। केवल हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि बाकी आठ जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं 1 जून से 27 जुलाई तक पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 7 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है, जो मौसम विभाग के अनुसार अभी भी सामान्य श्रेणी में आती है।
बाइट,,,संदीप शर्मा मौसम वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    12 hrs ago
  • प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट बिलासपुर के ज्योरी पत्तन में जल्द होगा शुरू: राहुल कुमार उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित, स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा बिलासपुर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट जिला बिलासपुर की गोविंद सागर झील स्थित ज्योरी पत्तन में आगामी एक माह के भीतर पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से बिलासपुर को इको टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स, एयरो स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उपायुक्त आज यहां सोसायटी फॉर टूरिज्म, स्पोर्ट्स, ट्रेड एंड एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि आइलैंड टूरिज्म परियोजना के तहत गोविंद सागर झील के मध्य स्थित प्राकृतिक द्वीपों को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक एवं आरामदायक आवास की व्यवस्था होगी, जहां वे प्राकृतिक वातावरण के बीच सुकून भरा समय व्यतीत कर सकेंगे। पर्यटकों को नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें स्थानीय व्यंजनों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा ताकि वे बिलासपुर की समृद्ध खानपान संस्कृति का अनुभव कर सकें। उन्होंने कहा कि पर्यटक यहां प्री-वेडिंग शूट, फिशिंग, स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण तथा प्रकृति की गोद में विभिन्न साहसिक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे पर्यटक हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से भी रू-ब-रू हो सकेंगे। राहुल कुमार ने कहा कि स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों तथा अन्य पारंपरिक उत्पादों के विक्रय के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। इससे स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे पर्यटकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में गोविंद सागर झील के प्रमुख द्वीपों ज्योरी पत्तन, धररसानी और भोलू को अंडमान एवं निकोबार की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यह हिमाचल प्रदेश की अपनी तरह की पहली पर्यटन पहल होगी, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। बैठक में मंडी-भराड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। हितधारकों ने वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं बारे अवगत करवाया। उपायुक्त ने एसडीएम झंडूता को वॉटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस संबंध में बीबीएमबी के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले उद्यमियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त बैठक में कोल डैम तथा नकराणा क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पर्यटन से जुड़े सभी प्रस्तावों को समयबद्ध आगे बढ़ाने तथा इस संबंध में आवश्यक समन्वय स्थापित करने को भी कहा ताकि बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में एडीसी रुपिंदर कौर, एसडीएम सदर राजकुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक मौजूद रहे।
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    प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट बिलासपुर के ज्योरी पत्तन में जल्द होगा शुरू: राहुल कुमार
उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित, स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा

बिलासपुर
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट जिला बिलासपुर की गोविंद सागर झील स्थित ज्योरी पत्तन में आगामी एक माह के भीतर पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से बिलासपुर को इको टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स, एयरो स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। 
उपायुक्त आज यहां सोसायटी फॉर टूरिज्म, स्पोर्ट्स, ट्रेड एंड एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। 
उपायुक्त ने कहा कि आइलैंड टूरिज्म परियोजना के तहत गोविंद सागर झील के मध्य स्थित प्राकृतिक द्वीपों को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक एवं आरामदायक आवास की व्यवस्था होगी, जहां वे प्राकृतिक वातावरण के बीच सुकून भरा समय व्यतीत कर सकेंगे। पर्यटकों को नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें स्थानीय व्यंजनों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा ताकि वे बिलासपुर की समृद्ध खानपान संस्कृति का अनुभव कर सकें।
उन्होंने कहा कि पर्यटक यहां प्री-वेडिंग शूट, फिशिंग, स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण तथा प्रकृति की गोद में विभिन्न साहसिक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे पर्यटक हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से भी रू-ब-रू हो सकेंगे।
राहुल कुमार ने कहा कि स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों तथा अन्य पारंपरिक उत्पादों के विक्रय के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। इससे स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे पर्यटकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर में गोविंद सागर झील के प्रमुख द्वीपों ज्योरी पत्तन, धररसानी और भोलू को अंडमान एवं निकोबार की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यह हिमाचल प्रदेश की अपनी तरह की पहली पर्यटन पहल होगी, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी।
बैठक में मंडी-भराड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। हितधारकों ने वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं बारे अवगत करवाया। उपायुक्त ने एसडीएम झंडूता को वॉटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस संबंध में बीबीएमबी के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले उद्यमियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
इसके अतिरिक्त बैठक में कोल डैम तथा नकराणा क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पर्यटन से जुड़े सभी प्रस्तावों को समयबद्ध आगे बढ़ाने तथा इस संबंध में आवश्यक समन्वय स्थापित करने को भी कहा ताकि बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से आगे बढ़ाया जा सके। 
बैठक में एडीसी रुपिंदर कौर, एसडीएम सदर राजकुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक मौजूद रहे।
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    Inform News
    Press advisory बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    20 hrs ago
  • गुमथला में जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे ग्रामीण, स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित गुमथला में जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे ग्रामीण, स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित पंचकूला के गुमथला क्षेत्र में ग्रामीण और स्कूली बच्चे रोज़ाना जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। पुल के अभाव में बरसात के दिनों में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सुरक्षित पुल निर्माण की मांग की है।
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    गुमथला में जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे ग्रामीण, स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित
गुमथला में जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे ग्रामीण, स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित
पंचकूला के गुमथला क्षेत्र में ग्रामीण और स्कूली बच्चे रोज़ाना जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। पुल के अभाव में बरसात के दिनों में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सुरक्षित पुल निर्माण की मांग की है।
    user_Shri ram
    Shri ram
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    5 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले के बलह उप-ज़िले में एक वीडियो सामने आया है जिसमें 13 लोगों की ज़िंदगी के आखिरी पल क़ैद हैं। यह वीडियो एक गंभीर हादसे का है जिसमें इन लोगों की जान चली गई। वीडियो में दिख रहा है कि ये लोग एक दुर्घटना के शिकार हो गए। इस हादसे के कारणों का ज़िक्र वीडियो में नहीं किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने इस हादसे की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है।
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    हिमाचल प्रदेश के मंडी ज़िले के बलह उप-ज़िले में एक वीडियो सामने आया है जिसमें 13 लोगों की ज़िंदगी के आखिरी पल क़ैद हैं। यह वीडियो एक गंभीर हादसे का है जिसमें इन लोगों की जान चली गई। वीडियो में दिख रहा है कि ये लोग एक दुर्घटना के शिकार हो गए। इस हादसे के कारणों का ज़िक्र वीडियो में नहीं किया गया है। स्थानीय प्रशासन ने इस हादसे की पुष्टि की है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है।
    user_Hem Singh Chauhan
    Hem Singh Chauhan
    Engineer Balh, Mandi•
    21 hrs ago
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