प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट बिलासपुर के ज्योरी पत्तन में जल्द होगा शुरू: राहुल कुमार उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित, स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा बिलासपुर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट जिला बिलासपुर की गोविंद सागर झील स्थित ज्योरी पत्तन में आगामी एक माह के भीतर पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से बिलासपुर को इको टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स, एयरो स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उपायुक्त आज यहां सोसायटी फॉर टूरिज्म, स्पोर्ट्स, ट्रेड एंड एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि आइलैंड टूरिज्म परियोजना के तहत गोविंद सागर झील के मध्य स्थित प्राकृतिक द्वीपों को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक एवं आरामदायक आवास की व्यवस्था होगी, जहां वे प्राकृतिक वातावरण के बीच सुकून भरा समय व्यतीत कर सकेंगे। पर्यटकों को नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें स्थानीय व्यंजनों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा ताकि वे बिलासपुर की समृद्ध खानपान संस्कृति का अनुभव कर सकें। उन्होंने कहा कि पर्यटक यहां प्री-वेडिंग शूट, फिशिंग, स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण तथा प्रकृति की गोद में विभिन्न साहसिक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे पर्यटक हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से भी रू-ब-रू हो सकेंगे। राहुल कुमार ने कहा कि स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों तथा अन्य पारंपरिक उत्पादों के विक्रय के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। इससे स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे पर्यटकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में गोविंद सागर झील के प्रमुख द्वीपों ज्योरी पत्तन, धररसानी और भोलू को अंडमान एवं निकोबार की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यह हिमाचल प्रदेश की अपनी तरह की पहली पर्यटन पहल होगी, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। बैठक में मंडी-भराड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। हितधारकों ने वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं बारे अवगत करवाया। उपायुक्त ने एसडीएम झंडूता को वॉटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस संबंध में बीबीएमबी के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले उद्यमियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त बैठक में कोल डैम तथा नकराणा क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पर्यटन से जुड़े सभी प्रस्तावों को समयबद्ध आगे बढ़ाने तथा इस संबंध में आवश्यक समन्वय स्थापित करने को भी कहा ताकि बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में एडीसी रुपिंदर कौर, एसडीएम सदर राजकुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक मौजूद रहे।
प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट बिलासपुर के ज्योरी पत्तन में जल्द होगा शुरू: राहुल कुमार उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित, स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा बिलासपुर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट जिला बिलासपुर की गोविंद सागर झील स्थित ज्योरी पत्तन में आगामी एक माह के भीतर पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से बिलासपुर को इको टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स, एयरो स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उपायुक्त आज यहां सोसायटी फॉर टूरिज्म, स्पोर्ट्स, ट्रेड एंड एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि आइलैंड टूरिज्म परियोजना के तहत गोविंद सागर झील के मध्य स्थित प्राकृतिक द्वीपों को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक एवं आरामदायक आवास की व्यवस्था होगी, जहां वे प्राकृतिक वातावरण के बीच सुकून भरा समय व्यतीत कर सकेंगे। पर्यटकों को नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें स्थानीय व्यंजनों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा ताकि वे बिलासपुर की समृद्ध खानपान संस्कृति का अनुभव कर सकें। उन्होंने कहा कि पर्यटक यहां प्री-वेडिंग शूट, फिशिंग, स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण तथा प्रकृति की गोद में विभिन्न साहसिक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे पर्यटक हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से भी रू-ब-रू हो सकेंगे। राहुल कुमार ने कहा कि स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों तथा अन्य पारंपरिक उत्पादों के विक्रय के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। इससे स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे पर्यटकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में गोविंद सागर झील के प्रमुख द्वीपों ज्योरी पत्तन, धररसानी और भोलू को अंडमान एवं निकोबार की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यह हिमाचल प्रदेश की अपनी तरह की पहली पर्यटन पहल होगी, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। बैठक में मंडी-भराड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। हितधारकों ने वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं बारे अवगत करवाया। उपायुक्त ने एसडीएम झंडूता को वॉटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस संबंध में बीबीएमबी के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले उद्यमियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त बैठक में कोल डैम तथा नकराणा क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पर्यटन से जुड़े सभी प्रस्तावों को समयबद्ध आगे बढ़ाने तथा इस संबंध में आवश्यक समन्वय स्थापित करने को भी कहा ताकि बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में एडीसी रुपिंदर कौर, एसडीएम सदर राजकुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक मौजूद रहे।
- बरसात के सीजन में वन विभाग जंगलों में लगाएगी सवा लाख प्लांट्स, मुरझाए पौधों को भी किया जाएगा, रिप्लेस, स्कूलों में भी बच्चों की देखरेख में लगाए जाएंगे पौधे हमीरपुर बरसात के इस सीजन में वन विभाग जिला भर के जंगलों में इस बार करीब सवा लाख पेड़ लगाएगा प्लांटेशन का काम सभी वन सर्किलों में शुरू हो गया है। नई प्लांटेशन के साथ-साथ पिछले साल बरसात के सीजन में जिन पौधों को लगाया गया था अगर वह मुरझा गए हैं तो उन्हें भी इस सीजन में रिप्लेस करने का काम पूरा किया जाएगा। जंगलों में चौड़ी पत्ती के प्लांट लगाए जाएंगे इसके अलावा विभाग की लोकल नर्सरींयों में तैयार आबाला, हरडा नीम, तूनी के पौधे लगाए जाएंगे। प्लांटेशन के इस काम में महिला मंडल युवक मंडल के अलावा स्कूलों को भी जोड़ा जाएगा बच्चों की देखरेख में पौधे लगाने का काम किया जाएगा ताकि पर्यावरण का संदेश देकर इसके संरक्षण के लिए काम किया जा सके। डीएफओ अंकित कुमार सिंह ने बताया कि बरसात के इस सीजन में एक लाख से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे जहां पिछली प्लांटेशन के पौधे बुझ गए होंगे उन्हें भी बदलने का काम किया जाएगा । उन्होंने बताया कि वन विभाग महिला मंडलो, स्कूली छात्रों, कॉलेज व अन्य विभागों के साथ मिलकर पौधरोपण का काम कर रही है । बाइट अंकित कुमार सिंह डीएफओ हमीरपुर1
- AI से बदलेगी हिमाचल के जंगलों की किस्मत, ₹22,600 करोड़ की हरित अर्थव्यवस्था का दावा हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश के बावजूद अब तक करीब 1 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सबसे अधिक प्रभावित जिले कांगड़ा, लाहौल और पांगी रहे हैं। इस बीच राज्य सरकार ने लोगों तक समय रहते मौसम और आपदा संबंधी जानकारी पहुंचाने के लिए ‘आपदा रक्षक’ मोबाइल ऐप भी शुरू किया है, जिससे रीयल-टाइम अलर्ट और एडवाइजरी उपलब्ध कराई जा रही है। पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि मानसून सीजन में कम बारिश होने के बावजूद प्रदेश को अब तक करीब 1 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा, लाहौल और पांगी में सबसे अधिक क्षति दर्ज की गई है। प्रदेश में करीब 130 सड़कें बंद हैं, जिन्हें बहाल करने का कार्य लगातार जारी है। डॉ. पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि राज्यभर में ‘आपदा रक्षक’ मोबाइल ऐप के माध्यम से मौसम के पूर्वानुमान, प्रारंभिक चेतावनी संदेश, आपदा अलर्ट और सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी की रीयल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि शिमला स्थित कंट्रोल सेंटर में कोई भी व्यक्ति अपने आसपास हो रही आपदा की जानकारी भेज सकता है। यह ऐप राज्य का कोई भी व्यक्ति डाउनलोड कर सकता है और समय पर मिलने वाली जानकारी से आपदा के दौरान सतर्क रह सकता है। हिमाचल प्रदेश सरकार का कहना है कि ‘आपदा रक्षक’ ऐप के जरिए लोगों तक समय पर चेतावनी और जरूरी जानकारी पहुंचाकर आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि बंद सड़कों को भी तेजी से बहाल किया जा रहा है। रियल-टाइम एआई और सैटेलाइट मैपिंग के जरिए जंगलों की लगातार निगरानी संभव होगी। इससे जंगल की आग जैसी पारिस्थितिक आपदाओं से बचाव, वैश्विक जलवायु वित्त तक पहुंच और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि चीड़ की सूखी सुइयों जैसे आग के खतरे को बहु-करोड़ रुपये के औद्योगिक संसाधन में बदलना इस मॉडल का प्रमुख उदाहरण है, जहां आपदा प्रबंधन और आर्थिक विकास साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। बाइट—1— डॉ. पुष्पेंद्र राणा, निदेशक, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग बाइट—2- सुरेश अत्री, चीफ साइंटिफिक ऑफिसर, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग बाइट—3- रिसर्च स्कॉलर, आईआईटी मंडी4
- अंबाला कैंट स्टेशन पर फर्जी 'ट्रैफिक विजिलेंस इंस्पेक्टर' बनकर सफर कर रहा व्यक्ति गिरफ्तार, GRP ने शुरू की जांच अंबाला कैंट स्टेशन पर फर्जी 'ट्रैफिक विजिलेंस इंस्पेक्टर' बनकर सफर कर रहा व्यक्ति गिरफ्तार, GRP ने शुरू की जांच अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर RPF ने ट्रेन में सफर कर रहे एक व्यक्ति को संदिग्ध आई-कार्ड के साथ पकड़ा। उसके गले में "ट्रैफिक विजिलेंस इंस्पेक्टर" लिखा आई-कार्ड मिला, जिसके बाद उसे GRP के हवाले कर दिया गया। जीआरपी ने मामला दर्ज कर आई-कार्ड की सत्यता और आरोपी की पहचान की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान सुधीर कुमार के रूप में हुई है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।1
- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में इनकम टैक्स विभाग ने आढ़ती एसोसिएशन बंदरोल के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला आउटरीच प्रोग्राम के तहत आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य आढ़तियों को इनकम टैक्स से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक करना था। कार्यशाला में इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों ने आढ़तियों को टैक्स नियमों, रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया, और टैक्स बचाने के वैध तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर आढ़ती एसोसिएशन के सदस्यों ने भी अपनी समस्याओं और सुझावों को साझा किया।2
- हरियाणा के पंचकूला जिले के बरवाला में दो प्राइवेट बसों को बिना वैध दस्तावेजों और ब्लैक फिल्म के साथ पकड़ा गया। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह की मौजूदगी में इन बसों का 43 हजार रुपये का चालान किया गया और दोनों बसों को इंपाउंड कर दिया गया। यह कार्रवाई यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए की गई।1
- प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट बिलासपुर के ज्योरी पत्तन में जल्द होगा शुरू: राहुल कुमार उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित, स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा बिलासपुर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट जिला बिलासपुर की गोविंद सागर झील स्थित ज्योरी पत्तन में आगामी एक माह के भीतर पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से बिलासपुर को इको टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स, एयरो स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उपायुक्त आज यहां सोसायटी फॉर टूरिज्म, स्पोर्ट्स, ट्रेड एंड एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि आइलैंड टूरिज्म परियोजना के तहत गोविंद सागर झील के मध्य स्थित प्राकृतिक द्वीपों को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक एवं आरामदायक आवास की व्यवस्था होगी, जहां वे प्राकृतिक वातावरण के बीच सुकून भरा समय व्यतीत कर सकेंगे। पर्यटकों को नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें स्थानीय व्यंजनों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा ताकि वे बिलासपुर की समृद्ध खानपान संस्कृति का अनुभव कर सकें। उन्होंने कहा कि पर्यटक यहां प्री-वेडिंग शूट, फिशिंग, स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण तथा प्रकृति की गोद में विभिन्न साहसिक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे पर्यटक हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से भी रू-ब-रू हो सकेंगे। राहुल कुमार ने कहा कि स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों तथा अन्य पारंपरिक उत्पादों के विक्रय के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। इससे स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे पर्यटकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में गोविंद सागर झील के प्रमुख द्वीपों ज्योरी पत्तन, धररसानी और भोलू को अंडमान एवं निकोबार की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यह हिमाचल प्रदेश की अपनी तरह की पहली पर्यटन पहल होगी, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। बैठक में मंडी-भराड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। हितधारकों ने वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं बारे अवगत करवाया। उपायुक्त ने एसडीएम झंडूता को वॉटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस संबंध में बीबीएमबी के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले उद्यमियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त बैठक में कोल डैम तथा नकराणा क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पर्यटन से जुड़े सभी प्रस्तावों को समयबद्ध आगे बढ़ाने तथा इस संबंध में आवश्यक समन्वय स्थापित करने को भी कहा ताकि बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में एडीसी रुपिंदर कौर, एसडीएम सदर राजकुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक मौजूद रहे।1
- बरसात के सीजन में वन विभाग जंगलों में लगाएगी सवा लाख प्लांट्स, मुरझाए पौधों को भी किया जाएगा, रिप्लेस, स्कूलों में भी बच्चों की देखरेख में लगाए जाएंगे पौधे हमीरपुर बरसात के इस सीजन में वन विभाग जिला भर के जंगलों में इस बार करीब सवा लाख पेड़ लगाएगा प्लांटेशन का काम सभी वन सर्किलों में शुरू हो गया है। नई प्लांटेशन के साथ-साथ पिछले साल बरसात के सीजन में जिन पौधों को लगाया गया था अगर वह मुरझा गए हैं तो उन्हें भी इस सीजन में रिप्लेस करने का काम पूरा किया जाएगा। जंगलों में चौड़ी पत्ती के प्लांट लगाए जाएंगे इसके अलावा विभाग की लोकल नर्सरींयों में तैयार आबाला, हरडा नीम, तूनी के पौधे लगाए जाएंगे। प्लांटेशन के इस काम में महिला मंडल युवक मंडल के अलावा स्कूलों को भी जोड़ा जाएगा बच्चों की देखरेख में पौधे लगाने का काम किया जाएगा ताकि पर्यावरण का संदेश देकर इसके संरक्षण के लिए काम किया जा सके। डीएफओ अंकित कुमार सिंह ने बताया कि बरसात के इस सीजन में एक लाख से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे जहां पिछली प्लांटेशन के पौधे बुझ गए होंगे उन्हें भी बदलने का काम किया जाएगा । उन्होंने बताया कि वन विभाग महिला मंडलो, स्कूली छात्रों, कॉलेज व अन्य विभागों के साथ मिलकर पौधरोपण का काम कर रही है । बाइट अंकित कुमार सिंह डीएफओ हमीरपुर1
- हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई तक भारी बारिश का खतरा, कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 30 और 31 जुलाई को कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और मौसम की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। वीओ,,,मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहा। सोलन जिले के कंडाघाट में करीब 100 मिलीमीटर, बिलासपुर के काहू में 40 मिलीमीटर, शिमला शहर में 16 मिलीमीटर, कुफरी में 15 मिलीमीटर और कुल्लू जिले के कोठी में करीब 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सिरमौर सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड हुई। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई से 1 अगस्त तक पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा और अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 27 जुलाई को सोलन और सिरमौर जिले के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 28 जुलाई को बिलासपुर और सिरमौर, 29 जुलाई को सिरमौर, 30 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर, जबकि 31 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि बारिश की सबसे अधिक गतिविधि 29 जुलाई की देर रात से 31 जुलाई के बीच देखने को मिलेगी। इस दौरान प्रदेश के कई इलाकों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। फ्लैश फ्लड की संभावना पर उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है क्योंकि पिछले 24 घंटों में बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रही है। लेकिन 28 जुलाई से शुरू होने वाले नए स्पेल के दौरान यदि परिस्थितियां बनती हैं तो मौसम विभाग समय-समय पर फ्लैश फ्लड बुलेटिन जारी करेगा। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने में प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य के आसपास बारिश दर्ज की गई है। केवल हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि बाकी आठ जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं 1 जून से 27 जुलाई तक पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 7 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है, जो मौसम विभाग के अनुसार अभी भी सामान्य श्रेणी में आती है। बाइट,,,संदीप शर्मा मौसम वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला।1
- हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के रामपुर बुशहर में आयोजित विजय रैली में एसएफआई रामपुर की ओर से राहुल विद्यार्थी ने एक महत्वपूर्ण संबोधन दिया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर था। राहुल विद्यार्थी ने अपने संबोधन में मौजूदा सरकार की नीतियों की आलोचना की और कहा कि छात्रों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, छात्रों का संघर्ष जारी रहेगा। विद्यार्थी ने रैली में मौजूद सभी लोगों से एकजुट होकर इस माँग को पूरा करने के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। इस रैली में बड़ी संख्या में छात्र और स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग की। रैली के बाद एसएफआई ने एक ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा, जिसमें उन्होंने अपनी माँगों को दोहराया।1