उत्तराखंड के हरिद्वार में एक बार फिर विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया है, जहाँ प्रेमनगर आश्रम के सामने सिंहद्वार तक बनी लगभग ढाई किलोमीटर लंबी गंगनहर पटरी से दर्जनों पेड़ों को काट दिया गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हरिद्वार के जिलाधिकारी म्यूर दीक्षित स्वयं शहर को हरा-भरा बनाने के प्रयासों में लगे हुए हैं। गौरतलब है कि यह पटरी शहरवासियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई थी, और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित सुबह-शाम यहाँ सैर और स्वास्थ्य लाभ के लिए आते हैं। पूर्व में, 2021 के कुंभ के दौरान, हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने इसी क्षेत्र को 'ऑक्सीजन लेन' के तौर पर विकसित करने के लिए हजारों पेड़ों का रोपण कराया था। लेकिन विभागों के बीच समन्वय की कमी और शासन-प्रशासन की अदूरदर्शिता के चलते यह महत्वाकांक्षी 'ऑक्सीजन लेन' परियोजना चंद सालों में ही पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।
उत्तराखंड के हरिद्वार में एक बार फिर विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया है, जहाँ प्रेमनगर आश्रम के सामने सिंहद्वार तक बनी लगभग ढाई किलोमीटर लंबी गंगनहर पटरी से दर्जनों पेड़ों को काट दिया गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हरिद्वार के जिलाधिकारी म्यूर दीक्षित स्वयं शहर को हरा-भरा बनाने के प्रयासों में लगे हुए हैं। गौरतलब है कि यह पटरी शहरवासियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई थी, और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित सुबह-शाम यहाँ सैर और स्वास्थ्य लाभ के लिए आते हैं। पूर्व में, 2021 के कुंभ के दौरान, हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने इसी क्षेत्र को 'ऑक्सीजन लेन' के तौर पर विकसित करने के लिए हजारों पेड़ों का रोपण कराया था। लेकिन विभागों के बीच समन्वय की कमी और शासन-प्रशासन की अदूरदर्शिता के चलते यह महत्वाकांक्षी 'ऑक्सीजन लेन' परियोजना चंद सालों में ही पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।
- उत्तराखंड के हरिद्वार में एक बार फिर विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया है, जहाँ प्रेमनगर आश्रम के सामने सिंहद्वार तक बनी लगभग ढाई किलोमीटर लंबी गंगनहर पटरी से दर्जनों पेड़ों को काट दिया गया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हरिद्वार के जिलाधिकारी म्यूर दीक्षित स्वयं शहर को हरा-भरा बनाने के प्रयासों में लगे हुए हैं। गौरतलब है कि यह पटरी शहरवासियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विकसित की गई थी, और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित सुबह-शाम यहाँ सैर और स्वास्थ्य लाभ के लिए आते हैं। पूर्व में, 2021 के कुंभ के दौरान, हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने इसी क्षेत्र को 'ऑक्सीजन लेन' के तौर पर विकसित करने के लिए हजारों पेड़ों का रोपण कराया था। लेकिन विभागों के बीच समन्वय की कमी और शासन-प्रशासन की अदूरदर्शिता के चलते यह महत्वाकांक्षी 'ऑक्सीजन लेन' परियोजना चंद सालों में ही पूरी तरह से ध्वस्त हो गई।1
- लक्सर के रामपुर रायघटी गंगा नदी के घाट पर अवैध खनन का खेल खुलेआम जारी है। दिन ढलते ही पोकलैंड मशीनें गंगा नदी का सीना चीरने के लिए दौड़ पड़ती हैं। इस अवैध गतिविधि के कारण सरकार को करोड़ों रुपये का बड़ा घाटा झेलना पड़ रहा है।1
- लक्सर, हरिद्वार से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ गन्ना समिति के खाद गोदाम से सरकारी खाद के सैकड़ों बोरे रहस्यमय तरीके से गायब हो गए हैं, जिससे हड़कंप मच गया है। निरीक्षण के दौरान यूरिया के 700 से अधिक बोरे और डीएपी खाद के भी सैकड़ों बोरे कम पाए गए। समिति के डायरेक्टर अखिल चौधरी, डॉ. योगेश चौधरी और उपाध्यक्ष पवन सैनी सहित अन्य पदाधिकारियों ने गोदाम का निरीक्षण किया था, जहाँ खाद की भारी कमी सामने आई। इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ये खाद के बोरे कहाँ चले गए। इस मामले को लेकर गन्ना आयुक्त और एसडीएम से शिकायत की गई है, और एक निष्पक्ष जाँच की मांग उठाई गई है। समिति सचिव प्रभारी परमेंद्र सिंह ने सहायक गन्ना आयुक्त को मामले की रिपोर्ट भेजने की पुष्टि की है। यह घटना केवल लापरवाही का नतीजा है या फिर सरकारी खाद के खेल में किसी बड़े घोटाले का संकेत, इसकी जाँच की जा रही है।1
- दून पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत ऋषिकेश में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इन अभियुक्तों पर एक युवक और उसके बेटे के साथ गंभीर मारपीट कर उन्हें घायल करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, यह घटना पैसों के लेन-देन से संबंधित विवाद के चलते अंजाम दी गई थी, जिसमें गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़ित बाप-बेटे पर हमला किया था। मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयानों और डिजिटल साक्ष्यों का सहारा लेते हुए दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोचा। फिलहाल, दोनों आरोपी ऋषिकेश पुलिस की गिरफ्त में हैं।1
- लक्सर तहसील सभागार में आज तहसीलदार द्वारा तहसील दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र से आए शिकायतकर्ताओं ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इस दौरान कुल 38 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 6 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। बाकी शिकायतों को संबंधित विभागों को समय-सीमाबद्ध करते हुए आगे भेज दिया गया है। तहसीलदार ने बताया कि आज के तहसील दिवस में जो विभाग अनुपस्थित पाए गए हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। वहीं, कुछ अधिकारियों के फेसबुक और यूट्यूब चलाने में व्यस्त रहने की शिकायत पर तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों की वीडियो फुटेज की जांच की जाएगी। यदि यह प्रमाणित होता है कि तहसील दिवस में बैठे अधिकारी यूट्यूब और फेसबुक चलाने में व्यस्त थे, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- हरिद्वार जिले के मंगलौर में एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराए गए मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में वांछित चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला दिनांक 29.03.2026 को वादी अनीश निवासी ग्राम बिझोली, कोतवाली मंगलौर द्वारा नामजद 06 अभियुक्तों और कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध बलवा, मारपीट, गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने के संबंध में पंजीकृत कराया गया था। विवेचना के दौरान इस प्रकरण में हत्या के प्रयास की धारा भी बढ़ाई गई थी। मामले में वांछितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही थी। आरोपी शातिर प्रवृत्ति का होने के कारण पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आज दिनांक 02.06.2026 को वांछित आरोपी सुलेमान पुत्र रशीद निवासी ग्राम बिझोली, कोतवाली मंगलौर, जनपद हरिद्वार को धर दबोचा। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अशोक सिरस्वाल, कांस्टेबल मनीष और होमगार्ड कमल हैदर शामिल थे। गिरफ्तार किए गए आरोपी सुलेमान के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है, जबकि मामले में शामिल शेष अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।1
- हरिद्वार के ग्राम बढ़ेड़ी राजपुताना स्थित श्याम फिलिंग स्टेशन के समीप एक यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई, जिसके कारण चलती बस देखते ही देखते आग का गोला बन गई। इस घटना के दौरान बस में सवार सभी 32 यात्रियों को हरिद्वार पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आग इतनी तेज़ फैली कि यात्रियों को अपना सामान निकालने का मौका नहीं मिल सका और बस में रखा अधिकांश सामान जलकर राख हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, और हरिद्वार पुलिस की त्वरित कार्रवाई व सूझबूझ के चलते सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई। पुलिस द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।1