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पिछले चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक नारा दिया था। इस नारे के माध्यम से पार्टी ने मतदाताओं से अपील की थी कि 'जो राम को लाए हैं, उन्हें सत्ता में लाइए'।
Abhishek Pandey
पिछले चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक नारा दिया था। इस नारे के माध्यम से पार्टी ने मतदाताओं से अपील की थी कि 'जो राम को लाए हैं, उन्हें सत्ता में लाइए'।
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- रामपुर बघेलान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रोगी कल्याण समिति के फंड्स के कथित दुरुपयोग और खुली लूट का मामला सामने आया है। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार, एम्बुलेंस वाहन की सर्विसिंग और रिपेयरिंग का कार्यादेश एक फर्नीचर एवं हार्डवेयर व्यापारी को दे दिया गया। इस पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या एम्बुलेंस की मरम्मत अब फर्नीचर की दुकानें करेंगी? प्रस्तावित बिल में सीट कवर, पेट्रोल, इंजन ऑयल, गियर ऑयल, ब्रेक ऑयल, एयर फ़िल्टर, कूलेंट, धुलाई और अन्य मदों के नाम पर ₹11,530 का भुगतान शामिल है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पेट्रोल का खर्च भी उसी फर्नीचर व्यापारी के बिल में कैसे जोड़ दिया गया, जिससे यह संदेह गहरा रहा है कि क्या फर्नीचर व्यापारी पेट्रोल भी बेचने लगे हैं। जनता की जेब से आने वाले रोगी कल्याण समिति के पैसे (अस्पताल में आने वाले हर मरीज से वसूले जाने वाले ₹15 शुल्क) का उपयोग मरीजों की सुविधाओं के लिए होना चाहिए, न कि संदिग्ध भुगतानों और 'कागजी खेल' के लिए। स्वास्थ्य विभाग से पूछा गया है कि एम्बुलेंस रिपेयरिंग का तकनीकी मूल्यांकन किसने किया और क्या कोई अधिकृत ऑटोमोबाइल वर्कशॉप उपलब्ध नहीं थी? यह भी सवाल है कि किस आधार पर यह काम फर्नीचर व्यापारी को सौंपा गया। आरोप है कि लाखों रुपये की राशि एक साथ नहीं, बल्कि छोटे-छोटे बिलों और किस्तों में योजनाबद्ध तरीके से खर्च की जा रही है, इसलिए हर भुगतान की जांच अत्यंत आवश्यक है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।1
- अरुणाचल प्रदेश के केयी पान्योर जिले में मूसलाधार बारिश के बाद आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि चार लोग लापता बताए जा रहे हैं और सत्रह अन्य घायल हुए हैं। इस भीषण आपदा के कारण याज़ाली क्षेत्र में अठारह से अधिक मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, मुख्य हाईवे बंद होने के कारण जिले का संपर्क अन्य क्षेत्रों से पूरी तरह कट गया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। भारतीय वायुसेना और एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं, ताकि प्रभावितों तक सहायता पहुंचाई जा सके।1
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा भोपाल, सीधी, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिलों से संबंधित खबरें जारी की गई हैं। यह जानकारी मध्य प्रदेश जनसंपर्क के माध्यम से सामने आई है।1
- मैहर जिले के मुकुन्दपुर में मातमी पर्व मोहर्रम को शांति और सौहार्द के वातावरण में मनाया गया।1
- मैहर नगर पालिका और मंदिर मेला प्रांगण क्षेत्र 1 जुलाई से पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त हो जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत, यदि कोई भी व्यक्ति प्लास्टिक का उपयोग करते, उसका भंडारण करते या उसकी बिक्री करते हुए पाया जाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- रीवा मऊगंज क्षेत्र में मौसम में बदलाव देखा गया है, जहाँ तक संभावना है, मानसून का आगमन हो चुका है। इस मौसमी परिवर्तन से क्षेत्र के किसानों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है।1
- पिछले चार दिनों से, मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़ा भ्रष्टाचार का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख विषय बना हुआ है।1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान में रोगी कल्याण समिति द्वारा हर मरीज से लिए जा रहे ₹15 के शुल्क को लेकर पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह पूछा जा रहा है कि क्या यह राशि वास्तव में मरीजों की सुविधाओं पर खर्च हो रही है या केवल कागजों में ही विकास दिखाया जा रहा है। इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए एक व्यक्ति ने वर्ष 2020 से आज तक की रोगी कल्याण समिति की आय-व्यय, खर्चों का विवरण, बैठकों की जानकारी और शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी सूचना का अधिकार (RTI) के माध्यम से मांगी थी। हालांकि, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान के लोक सूचना अधिकारी ने इस महत्वपूर्ण जानकारी को उपलब्ध नहीं कराया। जानकारी छिपाए जाने पर सवाल और भी बड़े हो गए, जिसके बाद प्रथम अपील प्रस्तुत कर दी गई है। अब सभी की निगाहें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सतना पर हैं कि वे इस मामले में पारदर्शिता दिखाते हैं या नहीं। यह बताया गया है कि रोगी कल्याण समिति में स्थानीय विधायक अध्यक्ष होते हैं, विभिन्न सदस्य होते हैं, और नियमित बैठकें होती हैं, जहाँ जनता से वसूले गए धन का हिसाब-किताब रखा जाना चाहिए। लेकिन यदि यह जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी, तो जनता यह कैसे जानेगी कि उनका पैसा कहाँ और किस तरह खर्च हो रहा है। तथ्यों और दस्तावेजों को जनता के सामने रखते हुए, यह विश्लेषण करने का आह्वान किया गया है कि क्या जनता के पैसे का सदुपयोग हो रहा है या दुरुपयोग। यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना जवाबदेही मांगे व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है और सूचना छिपाना सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है।1
- पोस्ट में दावा किया गया है कि एक बड़ा 'खेल' रचा गया है, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को फंसाना है। इसमें जोर देकर कहा गया है कि जनता सब कुछ जानती है, चाहे वह अंदरूनी बात हो या बाहरी, और वह किसी की बातों में आने वाली नहीं है।1