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मैहर जिले के मुकुन्दपुर में मातमी पर्व मोहर्रम को शांति और सौहार्द के वातावरण में मनाया गया।

2 hrs ago
user_वशीम शाह
वशीम शाह
Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

मैहर जिले के मुकुन्दपुर में मातमी पर्व मोहर्रम को शांति और सौहार्द के वातावरण में मनाया गया।

More news from Satna and nearby areas
  • भोपाल के चंदनपुरा सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र के समीप एक बार फिर बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आज 26 जून को सुबह 6:30 से 7:00 बजे के बीच मॉर्निंग वॉक के दौरान बाघ को दहाड़ते हुए देखा गया, जिसके बाद वह चंदनपुरा के एक निजी फार्महाउस की बाउंड्री के अंदर चला गया। इस घटना से डरे हुए लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया। इस क्षेत्र में पिछले काफी समय से बाघों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। वहीं, मॉर्निंग वॉक, सैर और अन्य गतिविधियों के कारण इंसानों की आवाजाही भी तेजी से बढ़ रही है। यहां वन विभाग की कोई स्थायी वन चौकी नहीं होने के कारण, साथ ही लगातार हो रहे निजी निर्माण और भूमि विकास के चलते बाघ-मानव संघर्ष का खतरा बढ़ता जा रहा है। सबसे गंभीर चिंता यह है कि बाघ के प्राकृतिक कॉरिडोर पर सड़कें और निजी निर्माण तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे उसके आवागमन का मार्ग बाधित हो रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति बाघ और इंसानों—दोनों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन सकती है।
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    भोपाल के चंदनपुरा सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र के समीप एक बार फिर बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आज 26 जून को सुबह 6:30 से 7:00 बजे के बीच मॉर्निंग वॉक के दौरान बाघ को दहाड़ते हुए देखा गया, जिसके बाद वह चंदनपुरा के एक निजी फार्महाउस की बाउंड्री के अंदर चला गया। इस घटना से डरे हुए लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया।

इस क्षेत्र में पिछले काफी समय से बाघों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। वहीं, मॉर्निंग वॉक, सैर और अन्य गतिविधियों के कारण इंसानों की आवाजाही भी तेजी से बढ़ रही है। यहां वन विभाग की कोई स्थायी वन चौकी नहीं होने के कारण, साथ ही लगातार हो रहे निजी निर्माण और भूमि विकास के चलते बाघ-मानव संघर्ष का खतरा बढ़ता जा रहा है।

सबसे गंभीर चिंता यह है कि बाघ के प्राकृतिक कॉरिडोर पर सड़कें और निजी निर्माण तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे उसके आवागमन का मार्ग बाधित हो रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह स्थिति बाघ और इंसानों—दोनों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन सकती है।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    49 min ago
  • आयोग के अध्यक्ष ने एक छात्रावास का निरीक्षण किया, जहाँ वे वहाँ की व्यवस्थाओं को देखकर काफी नाराज दिखे। अध्यक्ष की यह नाराजगी निरीक्षण के दौरान ही स्पष्ट हो गई।
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    आयोग के अध्यक्ष ने एक छात्रावास का निरीक्षण किया, जहाँ वे वहाँ की व्यवस्थाओं को देखकर काफी नाराज दिखे। अध्यक्ष की यह नाराजगी निरीक्षण के दौरान ही स्पष्ट हो गई।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मैहर पुलिस के साइबर फ्रॉड जागरूकता अभियान का बड़ा असर देखने को मिला है, जहाँ सतना रोड निवासी हेमा पांडे साइबर ठगों के जाल में फँसने से बाल-बाल बच गईं। उन्होंने बाद में अन्य लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की। यह घटना तब सामने आई जब हेमा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को एसबीआई का अधिकारी बताया और कहा कि उनके फोनपे अकाउंट से ₹1-1 करके कई बार कटे हैं, जो कुल ₹10,000 हो गए हैं। ठग ने यह पैसा हेमा के खाते में ट्रांसफर करने की पेशकश की और इसके लिए एक प्रक्रिया का पालन करने को कहा। उसने प्रक्रिया न मानने पर खाता बंद करने की धमकी भी दी। लेकिन, हेमा ने एक दिन पहले ही मैहर पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस और जागरूकता अभियान के बारे में खबरें देखी थीं। पुलिस ने इस अभियान में बताया था कि बैंक कभी भी फोन पर बात करके खाते में कोई छेड़छाड़ नहीं करता। सोशल मीडिया सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर वायरल हुई इन खबरों को देखकर हेमा को यह महत्वपूर्ण जानकारी याद आ गई। इसी वजह से उन्होंने ठग की बात मानने से इनकार कर दिया और धमकी के बावजूद न डरते हुए ठग का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। घटना के बाद हेमा ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाते हैं। उन्होंने सभी से अनजान कॉल पर ओटीपी, पिन या कोई ऐप साझा न करने और ऐसे कॉल आने पर तुरंत काटकर 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया। हेमा ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर भी यह जानकारी साझा करते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
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    मैहर पुलिस के साइबर फ्रॉड जागरूकता अभियान का बड़ा असर देखने को मिला है, जहाँ सतना रोड निवासी हेमा पांडे साइबर ठगों के जाल में फँसने से बाल-बाल बच गईं। उन्होंने बाद में अन्य लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की।

यह घटना तब सामने आई जब हेमा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को एसबीआई का अधिकारी बताया और कहा कि उनके फोनपे अकाउंट से ₹1-1 करके कई बार कटे हैं, जो कुल ₹10,000 हो गए हैं। ठग ने यह पैसा हेमा के खाते में ट्रांसफर करने की पेशकश की और इसके लिए एक प्रक्रिया का पालन करने को कहा। उसने प्रक्रिया न मानने पर खाता बंद करने की धमकी भी दी।

लेकिन, हेमा ने एक दिन पहले ही मैहर पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस और जागरूकता अभियान के बारे में खबरें देखी थीं। पुलिस ने इस अभियान में बताया था कि बैंक कभी भी फोन पर बात करके खाते में कोई छेड़छाड़ नहीं करता। सोशल मीडिया सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर वायरल हुई इन खबरों को देखकर हेमा को यह महत्वपूर्ण जानकारी याद आ गई। इसी वजह से उन्होंने ठग की बात मानने से इनकार कर दिया और धमकी के बावजूद न डरते हुए ठग का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। घटना के बाद हेमा ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाते हैं। उन्होंने सभी से अनजान कॉल पर ओटीपी, पिन या कोई ऐप साझा न करने और ऐसे कॉल आने पर तुरंत काटकर 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया। हेमा ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर भी यह जानकारी साझा करते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
    user_Tej pratap Kacher
    Tej pratap Kacher
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के रामपुर बघेलान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित जिला स्तरीय चिकित्सा शिविर के व्यय को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। आरटीआई (सूचना का अधिकार) के माध्यम से सामने आई जानकारी के अनुसार, इस शिविर की व्यवस्थाओं पर, जिसमें चाय, नाश्ता, लंच पैकेट और पानी शामिल थे, कुल ₹20,100 का भुगतान किया गया है। यह शिविर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चला था, जिसमें जिला स्तरीय चिकित्सा विशेषज्ञ, ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ ने अपनी सेवाएँ दी थीं। प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक, यह कार्य सीधे श्रीराम स्वीट/संबंधित वेंडर को आदेशित किया गया था। बिल में ₹1,500 की चाय (155 कप), ₹1,000 की कॉफी (50 कप), ₹450 के बिस्किट (3 पैकेट), ₹500 के 1 लीटर पानी की बोतलें (25 बोतलें), ₹1,500 के 250 मिलीलीटर पानी की बोतलें (150 बोतलें), ₹1,600 के समोसे (160 पीस), और ₹13,500 के लंच पैकेट (90 पैकेट) सहित कुल ₹20,100 का उल्लेख है। हालांकि, इस बिल में जीएसटी नंबर का जिक्र नहीं है और यह भी प्रतीत होता है कि अन्य वेंडरों से कोटेशन लेने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नियमों के अनुसार, शासकीय खरीदी और व्यय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तय प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है। स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग में सार्वजनिक धन के उपयोग पर ऐसे सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जिम्मेदार अधिकारियों से यह पूछा जा रहा है कि क्या नियमानुसार कोटेशन लिए गए थे, क्या भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई है, और क्या इस पूरे व्यय की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जनता के पैसों से होने वाले हर खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
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    मध्यप्रदेश के रामपुर बघेलान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित जिला स्तरीय चिकित्सा शिविर के व्यय को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। आरटीआई (सूचना का अधिकार) के माध्यम से सामने आई जानकारी के अनुसार, इस शिविर की व्यवस्थाओं पर, जिसमें चाय, नाश्ता, लंच पैकेट और पानी शामिल थे, कुल ₹20,100 का भुगतान किया गया है।

यह शिविर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चला था, जिसमें जिला स्तरीय चिकित्सा विशेषज्ञ, ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ ने अपनी सेवाएँ दी थीं। प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक, यह कार्य सीधे श्रीराम स्वीट/संबंधित वेंडर को आदेशित किया गया था। बिल में ₹1,500 की चाय (155 कप), ₹1,000 की कॉफी (50 कप), ₹450 के बिस्किट (3 पैकेट), ₹500 के 1 लीटर पानी की बोतलें (25 बोतलें), ₹1,500 के 250 मिलीलीटर पानी की बोतलें (150 बोतलें), ₹1,600 के समोसे (160 पीस), और ₹13,500 के लंच पैकेट (90 पैकेट) सहित कुल ₹20,100 का उल्लेख है। हालांकि, इस बिल में जीएसटी नंबर का जिक्र नहीं है और यह भी प्रतीत होता है कि अन्य वेंडरों से कोटेशन लेने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

नियमों के अनुसार, शासकीय खरीदी और व्यय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तय प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है। स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग में सार्वजनिक धन के उपयोग पर ऐसे सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जिम्मेदार अधिकारियों से यह पूछा जा रहा है कि क्या नियमानुसार कोटेशन लिए गए थे, क्या भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई है, और क्या इस पूरे व्यय की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जनता के पैसों से होने वाले हर खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
    user_प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    Lawyer रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक आशा कार्यकर्ता पर गंभीर मरीज को जिला अस्पताल से निजी डॉक्टर के पास ले जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और कथित दलाली को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। वायरल वीडियो के साथ किए गए दावों में यह आरोप लगाया गया है कि जिला अस्पताल में मरीजों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों तक पहुंचाने का यह खेल काफी लंबे समय से चल रहा है। लोगों का कहना है कि गरीब मरीजों को सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज मिलने के बजाय निजी चिकित्सा संस्थानों की ओर मोड़ा जा रहा है। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी यह भी मांग है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए और अस्पताल परिसर में कथित दलालों तथा अनधिकृत गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। हालांकि, इस वायरल वीडियो और उसमें किए गए दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग या जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और प्रशासन की प्रतिक्रिया मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।
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    मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक आशा कार्यकर्ता पर गंभीर मरीज को जिला अस्पताल से निजी डॉक्टर के पास ले जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और कथित दलाली को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

वायरल वीडियो के साथ किए गए दावों में यह आरोप लगाया गया है कि जिला अस्पताल में मरीजों को निजी अस्पतालों और क्लीनिकों तक पहुंचाने का यह खेल काफी लंबे समय से चल रहा है। लोगों का कहना है कि गरीब मरीजों को सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज मिलने के बजाय निजी चिकित्सा संस्थानों की ओर मोड़ा जा रहा है।

इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनकी यह भी मांग है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए और अस्पताल परिसर में कथित दलालों तथा अनधिकृत गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।

हालांकि, इस वायरल वीडियो और उसमें किए गए दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग या जिला अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और प्रशासन की प्रतिक्रिया मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।
    user_पत्रकार अनिल कुशवाहा मैहर MP
    पत्रकार अनिल कुशवाहा मैहर MP
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सतना में एसडीएम उचेहरा सुमेश द्विवेदी के निर्देशों का पालन करते हुए, राजस्व विभाग की टीम ने अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत, रामपथ गमन मार्ग पर गोवराव खुर्द और कुंदहरी कला के बीच अवैध उत्खनन में लगी एक जेसीबी मशीन और एक हाइवा वाहन को जब्त किया गया। राजस्व अमले ने मौके पर ही दोनों वाहनों को अपने कब्जे में लेकर उन्हें उचेहरा थाने में खड़ा करवा दिया। प्रशासन अब इस मामले की जांच कर रहा है, और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
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    सतना में एसडीएम उचेहरा सुमेश द्विवेदी के निर्देशों का पालन करते हुए, राजस्व विभाग की टीम ने अवैध खनन के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत, रामपथ गमन मार्ग पर गोवराव खुर्द और कुंदहरी कला के बीच अवैध उत्खनन में लगी एक जेसीबी मशीन और एक हाइवा वाहन को जब्त किया गया।

राजस्व अमले ने मौके पर ही दोनों वाहनों को अपने कब्जे में लेकर उन्हें उचेहरा थाने में खड़ा करवा दिया। प्रशासन अब इस मामले की जांच कर रहा है, और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
    user_अनुपम दाहिया
    अनुपम दाहिया
    Local News Reporter उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • मैहर में पुलिस के साइबर फ्रॉड जागरूकता अभियान का सकारात्मक असर देखने को मिला, जहाँ सतना रोड निवासी हेमा पांडे साइबर ठगों के जाल में फँसने से बाल-बाल बच गईं। इस घटना के बाद उन्होंने अन्य लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। जानकारी के अनुसार, हेमा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। कॉलर ने खुद को एसबीआई का अधिकारी बताया और दावा किया कि उनके फोनपे अकाउंट से 1-1 रुपये कई बार कटकर ₹10,000 हो गए हैं, जिन्हें वे उनके खाते में ट्रांसफर करना चाहते हैं। ठग ने हेमा को एक खास प्रक्रिया का पालन करने को कहा और ऐसा न करने पर खाता बंद करने की धमकी भी दी। हालांकि, घटना से ठीक एक दिन पहले मैहर पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर साइबर फ्रॉड के प्रति लोगों को जागरूक किया था। पुलिस ने स्पष्ट किया था कि बैंक कभी भी फोन पर बात करके खाते में कोई छेड़छाड़ नहीं करता और संदेह होने पर नजदीकी बैंक जाने, पुलिस को सूचित करने या 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी थी। यह जानकारी सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म पर व्यापक रूप से प्रसारित हुई थी, जिसे हेमा ने भी देखा और मुख्य बिंदुओं को याद रखा। इसी जागरूकता के कारण हेमा ने ठग की बात मानने से इनकार कर दिया और धमकी के बावजूद न डरते हुए उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। इस अनुभव के बाद, हेमा पांडे ने बताया कि साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाते हैं। उन्होंने सभी से सतर्क रहने और किसी भी अनजान कॉल पर ओटीपी, पिन या कोई ऐप साझा न करने की अपील की। उन्होंने यह भी सलाह दी कि ऐसे कॉल आने पर तुरंत काट दें और 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। हेमा ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर भी यह जानकारी साझा करते हुए लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया।
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    मैहर में पुलिस के साइबर फ्रॉड जागरूकता अभियान का सकारात्मक असर देखने को मिला, जहाँ सतना रोड निवासी हेमा पांडे साइबर ठगों के जाल में फँसने से बाल-बाल बच गईं। इस घटना के बाद उन्होंने अन्य लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है।

जानकारी के अनुसार, हेमा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। कॉलर ने खुद को एसबीआई का अधिकारी बताया और दावा किया कि उनके फोनपे अकाउंट से 1-1 रुपये कई बार कटकर ₹10,000 हो गए हैं, जिन्हें वे उनके खाते में ट्रांसफर करना चाहते हैं। ठग ने हेमा को एक खास प्रक्रिया का पालन करने को कहा और ऐसा न करने पर खाता बंद करने की धमकी भी दी।

हालांकि, घटना से ठीक एक दिन पहले मैहर पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर साइबर फ्रॉड के प्रति लोगों को जागरूक किया था। पुलिस ने स्पष्ट किया था कि बैंक कभी भी फोन पर बात करके खाते में कोई छेड़छाड़ नहीं करता और संदेह होने पर नजदीकी बैंक जाने, पुलिस को सूचित करने या 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी थी। यह जानकारी सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म पर व्यापक रूप से प्रसारित हुई थी, जिसे हेमा ने भी देखा और मुख्य बिंदुओं को याद रखा। इसी जागरूकता के कारण हेमा ने ठग की बात मानने से इनकार कर दिया और धमकी के बावजूद न डरते हुए उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया।

इस अनुभव के बाद, हेमा पांडे ने बताया कि साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाते हैं। उन्होंने सभी से सतर्क रहने और किसी भी अनजान कॉल पर ओटीपी, पिन या कोई ऐप साझा न करने की अपील की। उन्होंने यह भी सलाह दी कि ऐसे कॉल आने पर तुरंत काट दें और 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। हेमा ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर भी यह जानकारी साझा करते हुए लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    50 min ago
  • मैहर जिले के रामनगर स्थित मोहरवा गांव में गोवंश की निर्मम हत्या का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के सामने आने के बाद, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को बीते दिन यह सूचना मिली थी कि मोहरवा गांव में आरोपियों द्वारा गोवंश की निर्मम हत्या कर उसका मांस बेचा जा रहा था, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से धर दबोचा और उनके खिलाफ गोबध बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इस घटना पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मैहर जिले के जिला मंत्री ने इस निर्मम हत्या की घोर निंदा करते हुए पुलिस की सक्रियता से की गई कार्रवाई को तो सही बताया, लेकिन साथ ही कहा कि संगठन इसे समाज को जानबूझकर भड़काने और हिंदुओं की आस्था गौ की हत्या करने का एक बड़ा षड्यंत्र मानता है। उन्होंने तत्काल जिला कलेक्टर से मांग की कि आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और उनके अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई हो। संगठन ने यह भी बताया कि पूर्व में भी क्षेत्र में इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ हो चुकी हैं और जिले में बड़ी मात्रा में गोवंश तस्करी भी हो रही है, जिस पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन इस घटना से जुड़े लोगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं करता है, तो वे मैहर स्थित कलेक्टर कार्यालय के समक्ष एक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
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    मैहर जिले के रामनगर स्थित मोहरवा गांव में गोवंश की निर्मम हत्या का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के सामने आने के बाद, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को बीते दिन यह सूचना मिली थी कि मोहरवा गांव में आरोपियों द्वारा गोवंश की निर्मम हत्या कर उसका मांस बेचा जा रहा था, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से धर दबोचा और उनके खिलाफ गोबध बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

इस घटना पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मैहर जिले के जिला मंत्री ने इस निर्मम हत्या की घोर निंदा करते हुए पुलिस की सक्रियता से की गई कार्रवाई को तो सही बताया, लेकिन साथ ही कहा कि संगठन इसे समाज को जानबूझकर भड़काने और हिंदुओं की आस्था गौ की हत्या करने का एक बड़ा षड्यंत्र मानता है। उन्होंने तत्काल जिला कलेक्टर से मांग की कि आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और उनके अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई हो।

संगठन ने यह भी बताया कि पूर्व में भी क्षेत्र में इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ हो चुकी हैं और जिले में बड़ी मात्रा में गोवंश तस्करी भी हो रही है, जिस पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन इस घटना से जुड़े लोगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं करता है, तो वे मैहर स्थित कलेक्टर कार्यालय के समक्ष एक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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