मैहर जिले के रामनगर स्थित मोहरवा गांव में गोवंश की निर्मम हत्या का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के सामने आने के बाद, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को बीते दिन यह सूचना मिली थी कि मोहरवा गांव में आरोपियों द्वारा गोवंश की निर्मम हत्या कर उसका मांस बेचा जा रहा था, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से धर दबोचा और उनके खिलाफ गोबध बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इस घटना पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मैहर जिले के जिला मंत्री ने इस निर्मम हत्या की घोर निंदा करते हुए पुलिस की सक्रियता से की गई कार्रवाई को तो सही बताया, लेकिन साथ ही कहा कि संगठन इसे समाज को जानबूझकर भड़काने और हिंदुओं की आस्था गौ की हत्या करने का एक बड़ा षड्यंत्र मानता है। उन्होंने तत्काल जिला कलेक्टर से मांग की कि आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और उनके अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई हो। संगठन ने यह भी बताया कि पूर्व में भी क्षेत्र में इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ हो चुकी हैं और जिले में बड़ी मात्रा में गोवंश तस्करी भी हो रही है, जिस पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन इस घटना से जुड़े लोगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं करता है, तो वे मैहर स्थित कलेक्टर कार्यालय के समक्ष एक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
मैहर जिले के रामनगर स्थित मोहरवा गांव में गोवंश की निर्मम हत्या का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के सामने आने के बाद, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को बीते दिन यह सूचना मिली थी कि मोहरवा गांव में आरोपियों द्वारा गोवंश की निर्मम हत्या कर उसका मांस बेचा जा रहा था, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से धर दबोचा और उनके खिलाफ गोबध बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इस घटना पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मैहर जिले के जिला मंत्री ने इस निर्मम हत्या की घोर निंदा करते हुए पुलिस की सक्रियता से की गई कार्रवाई को तो सही बताया, लेकिन साथ ही कहा कि संगठन इसे समाज को जानबूझकर भड़काने और हिंदुओं की आस्था गौ की हत्या करने का एक बड़ा षड्यंत्र मानता है। उन्होंने तत्काल जिला कलेक्टर से मांग की कि आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और उनके अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई हो। संगठन ने यह भी बताया कि पूर्व में भी क्षेत्र में इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ हो चुकी हैं और जिले में बड़ी मात्रा में गोवंश तस्करी भी हो रही है, जिस पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन इस घटना से जुड़े लोगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं करता है, तो वे मैहर स्थित कलेक्टर कार्यालय के समक्ष एक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
- मैहर जिले के मुकुन्दपुर में मातमी पर्व मोहर्रम को शांति और सौहार्द के वातावरण में मनाया गया।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रेणुकूट नगर में एक चौंकाने वाला हादसा सामने आया है, जहाँ आइसक्रीम खरीदने की कोशिश में पहली मंजिल की छत पर खड़ा एक युवक अचानक संतुलन बिगड़ने से सीधे नीचे गिर गया। यह पूरी घटना पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। युवक के तेज आवाज के साथ नीचे गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद, परिजन आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए नजदीकी हिंडालको अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।1
- रामपुर बघेलान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रोगी कल्याण समिति के फंड्स के कथित दुरुपयोग और खुली लूट का मामला सामने आया है। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार, एम्बुलेंस वाहन की सर्विसिंग और रिपेयरिंग का कार्यादेश एक फर्नीचर एवं हार्डवेयर व्यापारी को दे दिया गया। इस पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या एम्बुलेंस की मरम्मत अब फर्नीचर की दुकानें करेंगी? प्रस्तावित बिल में सीट कवर, पेट्रोल, इंजन ऑयल, गियर ऑयल, ब्रेक ऑयल, एयर फ़िल्टर, कूलेंट, धुलाई और अन्य मदों के नाम पर ₹11,530 का भुगतान शामिल है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पेट्रोल का खर्च भी उसी फर्नीचर व्यापारी के बिल में कैसे जोड़ दिया गया, जिससे यह संदेह गहरा रहा है कि क्या फर्नीचर व्यापारी पेट्रोल भी बेचने लगे हैं। जनता की जेब से आने वाले रोगी कल्याण समिति के पैसे (अस्पताल में आने वाले हर मरीज से वसूले जाने वाले ₹15 शुल्क) का उपयोग मरीजों की सुविधाओं के लिए होना चाहिए, न कि संदिग्ध भुगतानों और 'कागजी खेल' के लिए। स्वास्थ्य विभाग से पूछा गया है कि एम्बुलेंस रिपेयरिंग का तकनीकी मूल्यांकन किसने किया और क्या कोई अधिकृत ऑटोमोबाइल वर्कशॉप उपलब्ध नहीं थी? यह भी सवाल है कि किस आधार पर यह काम फर्नीचर व्यापारी को सौंपा गया। आरोप है कि लाखों रुपये की राशि एक साथ नहीं, बल्कि छोटे-छोटे बिलों और किस्तों में योजनाबद्ध तरीके से खर्च की जा रही है, इसलिए हर भुगतान की जांच अत्यंत आवश्यक है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।1
- मैहर से प्राप्त जानकारी में यह प्रश्न बार-बार दोहराया गया है कि 'यह है मैहर के युवा की आवाज़?' इस प्रश्न की लगातार पुनरावृत्ति इस बात पर जोर देती है कि मैहर के युवा वर्ग की वास्तविक आवाज़ क्या है या किसे उनकी आवाज़ के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, इसे लेकर एक स्पष्ट सवाल उठाया गया है।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के चंदनपुरा सिटी फॉरेस्ट क्षेत्र के समीप एक बार फिर बाघ की मौजूदगी दर्ज की गई है।1
- मध्यप्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण के प्रति अपना संकल्प दोहराया है। इस प्रतिबद्धता को 'राइजिंग सतना' के माध्यम से व्यक्त किया गया है।1
- मैहर में पुलिस के साइबर फ्रॉड जागरूकता अभियान का सकारात्मक असर देखने को मिला, जहाँ सतना रोड निवासी हेमा पांडे साइबर ठगों के जाल में फँसने से बाल-बाल बच गईं। इस घटना के बाद उन्होंने अन्य लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। जानकारी के अनुसार, हेमा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। कॉलर ने खुद को एसबीआई का अधिकारी बताया और दावा किया कि उनके फोनपे अकाउंट से 1-1 रुपये कई बार कटकर ₹10,000 हो गए हैं, जिन्हें वे उनके खाते में ट्रांसफर करना चाहते हैं। ठग ने हेमा को एक खास प्रक्रिया का पालन करने को कहा और ऐसा न करने पर खाता बंद करने की धमकी भी दी। हालांकि, घटना से ठीक एक दिन पहले मैहर पुलिस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर साइबर फ्रॉड के प्रति लोगों को जागरूक किया था। पुलिस ने स्पष्ट किया था कि बैंक कभी भी फोन पर बात करके खाते में कोई छेड़छाड़ नहीं करता और संदेह होने पर नजदीकी बैंक जाने, पुलिस को सूचित करने या 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी थी। यह जानकारी सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म पर व्यापक रूप से प्रसारित हुई थी, जिसे हेमा ने भी देखा और मुख्य बिंदुओं को याद रखा। इसी जागरूकता के कारण हेमा ने ठग की बात मानने से इनकार कर दिया और धमकी के बावजूद न डरते हुए उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया। इस अनुभव के बाद, हेमा पांडे ने बताया कि साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाते हैं। उन्होंने सभी से सतर्क रहने और किसी भी अनजान कॉल पर ओटीपी, पिन या कोई ऐप साझा न करने की अपील की। उन्होंने यह भी सलाह दी कि ऐसे कॉल आने पर तुरंत काट दें और 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। हेमा ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर भी यह जानकारी साझा करते हुए लोगों से सतर्क रहने का आग्रह किया।1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान में रोगी कल्याण समिति द्वारा हर मरीज से लिए जा रहे ₹15 के शुल्क को लेकर पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह पूछा जा रहा है कि क्या यह राशि वास्तव में मरीजों की सुविधाओं पर खर्च हो रही है या केवल कागजों में ही विकास दिखाया जा रहा है। इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए एक व्यक्ति ने वर्ष 2020 से आज तक की रोगी कल्याण समिति की आय-व्यय, खर्चों का विवरण, बैठकों की जानकारी और शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी सूचना का अधिकार (RTI) के माध्यम से मांगी थी। हालांकि, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान के लोक सूचना अधिकारी ने इस महत्वपूर्ण जानकारी को उपलब्ध नहीं कराया। जानकारी छिपाए जाने पर सवाल और भी बड़े हो गए, जिसके बाद प्रथम अपील प्रस्तुत कर दी गई है। अब सभी की निगाहें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सतना पर हैं कि वे इस मामले में पारदर्शिता दिखाते हैं या नहीं। यह बताया गया है कि रोगी कल्याण समिति में स्थानीय विधायक अध्यक्ष होते हैं, विभिन्न सदस्य होते हैं, और नियमित बैठकें होती हैं, जहाँ जनता से वसूले गए धन का हिसाब-किताब रखा जाना चाहिए। लेकिन यदि यह जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी, तो जनता यह कैसे जानेगी कि उनका पैसा कहाँ और किस तरह खर्च हो रहा है। तथ्यों और दस्तावेजों को जनता के सामने रखते हुए, यह विश्लेषण करने का आह्वान किया गया है कि क्या जनता के पैसे का सदुपयोग हो रहा है या दुरुपयोग। यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना जवाबदेही मांगे व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है और सूचना छिपाना सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है।1
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा भोपाल, सीधी, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिलों से संबंधित खबरें जारी की गई हैं। यह जानकारी मध्य प्रदेश जनसंपर्क के माध्यम से सामने आई है।1