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मध्यप्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण के प्रति अपना संकल्प दोहराया है। इस प्रतिबद्धता को 'राइजिंग सतना' के माध्यम से व्यक्त किया गया है।
रामदत्त दाहिया
मध्यप्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण के प्रति अपना संकल्प दोहराया है। इस प्रतिबद्धता को 'राइजिंग सतना' के माध्यम से व्यक्त किया गया है।
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- मध्यप्रदेश के रामपुर बघेलान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित जिला स्तरीय चिकित्सा शिविर के व्यय को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। आरटीआई (सूचना का अधिकार) के माध्यम से सामने आई जानकारी के अनुसार, इस शिविर की व्यवस्थाओं पर, जिसमें चाय, नाश्ता, लंच पैकेट और पानी शामिल थे, कुल ₹20,100 का भुगतान किया गया है। यह शिविर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चला था, जिसमें जिला स्तरीय चिकित्सा विशेषज्ञ, ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ ने अपनी सेवाएँ दी थीं। प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक, यह कार्य सीधे श्रीराम स्वीट/संबंधित वेंडर को आदेशित किया गया था। बिल में ₹1,500 की चाय (155 कप), ₹1,000 की कॉफी (50 कप), ₹450 के बिस्किट (3 पैकेट), ₹500 के 1 लीटर पानी की बोतलें (25 बोतलें), ₹1,500 के 250 मिलीलीटर पानी की बोतलें (150 बोतलें), ₹1,600 के समोसे (160 पीस), और ₹13,500 के लंच पैकेट (90 पैकेट) सहित कुल ₹20,100 का उल्लेख है। हालांकि, इस बिल में जीएसटी नंबर का जिक्र नहीं है और यह भी प्रतीत होता है कि अन्य वेंडरों से कोटेशन लेने की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नियमों के अनुसार, शासकीय खरीदी और व्यय में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तय प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है। स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग में सार्वजनिक धन के उपयोग पर ऐसे सवाल उठना स्वाभाविक है। अब जिम्मेदार अधिकारियों से यह पूछा जा रहा है कि क्या नियमानुसार कोटेशन लिए गए थे, क्या भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई है, और क्या इस पूरे व्यय की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जनता के पैसों से होने वाले हर खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।1
- मध्यप्रदेश सरकार ने महिला सशक्तिकरण के प्रति अपना संकल्प दोहराया है। इस प्रतिबद्धता को 'राइजिंग सतना' के माध्यम से व्यक्त किया गया है।1
- सतना के स्टेशन रोड पर ग्रीन टॉकीज के सामने खुलेआम सट्टे की पर्चियां काटी जा रही हैं, जिसका पूरा काम आशीष रैकवार का बताया जा रहा है। आशीष रैकवार को पुराने मशहूर सटोरिया कल्लू रैकवार का बेटा बताया गया है। लोगों ने कई बार थाना प्रभारी को इन गतिविधियों के वीडियो भेजकर इसे बंद कराने की मांग की है, लेकिन कोतवाली पुलिस आज तक इस सट्टे को बंद नहीं कर पाई है। आज जब थाना प्रभारी को सट्टे का एक वीडियो दिखाया गया, तो वे भड़क उठे और बोले कि "मुझे जलाने वाला वीडियो मत दिखाओ।" इस प्रतिक्रिया से यह साफ साबित होता है कि यह सारा अवैध खेल थाना प्रभारी की जानकारी में चल रहा है और उन्हें उनका हिस्सा समय पर मिल रहा है। इसी कारण सटोरिया खुलेआम यह भी कहता है कि पुलिस का खर्च उसके दम पर चलता है।1
- मैहर नगर पालिका और मंदिर मेला प्रांगण क्षेत्र 1 जुलाई से पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त हो जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत, यदि कोई भी व्यक्ति प्लास्टिक का उपयोग करते, उसका भंडारण करते या उसकी बिक्री करते हुए पाया जाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- रीवा के अस्पताल की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, खासकर यह देखते हुए कि यह क्षेत्र डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला का गृहक्षेत्र है। एक पत्रकार ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर डिप्टी सीएम के क्षेत्र में स्थित अस्पताल की यह हालत है, तो अन्य जगहों पर स्वास्थ्य सेवाओं का क्या हाल होगा, यह सोचने वाली बात है। पत्रकार ने निष्पक्षता पर जोर देते हुए कहा कि वे केवल खबरें दिखा रहे हैं, किसी के पक्ष में नहीं हैं।1
- पिछले चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक नारा दिया था। इस नारे के माध्यम से पार्टी ने मतदाताओं से अपील की थी कि 'जो राम को लाए हैं, उन्हें सत्ता में लाइए'।1
- रामपुर बघेलान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रोगी कल्याण समिति के फंड्स के कथित दुरुपयोग और खुली लूट का मामला सामने आया है। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार, एम्बुलेंस वाहन की सर्विसिंग और रिपेयरिंग का कार्यादेश एक फर्नीचर एवं हार्डवेयर व्यापारी को दे दिया गया। इस पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या एम्बुलेंस की मरम्मत अब फर्नीचर की दुकानें करेंगी? प्रस्तावित बिल में सीट कवर, पेट्रोल, इंजन ऑयल, गियर ऑयल, ब्रेक ऑयल, एयर फ़िल्टर, कूलेंट, धुलाई और अन्य मदों के नाम पर ₹11,530 का भुगतान शामिल है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पेट्रोल का खर्च भी उसी फर्नीचर व्यापारी के बिल में कैसे जोड़ दिया गया, जिससे यह संदेह गहरा रहा है कि क्या फर्नीचर व्यापारी पेट्रोल भी बेचने लगे हैं। जनता की जेब से आने वाले रोगी कल्याण समिति के पैसे (अस्पताल में आने वाले हर मरीज से वसूले जाने वाले ₹15 शुल्क) का उपयोग मरीजों की सुविधाओं के लिए होना चाहिए, न कि संदिग्ध भुगतानों और 'कागजी खेल' के लिए। स्वास्थ्य विभाग से पूछा गया है कि एम्बुलेंस रिपेयरिंग का तकनीकी मूल्यांकन किसने किया और क्या कोई अधिकृत ऑटोमोबाइल वर्कशॉप उपलब्ध नहीं थी? यह भी सवाल है कि किस आधार पर यह काम फर्नीचर व्यापारी को सौंपा गया। आरोप है कि लाखों रुपये की राशि एक साथ नहीं, बल्कि छोटे-छोटे बिलों और किस्तों में योजनाबद्ध तरीके से खर्च की जा रही है, इसलिए हर भुगतान की जांच अत्यंत आवश्यक है। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।1
- मैहर जिले के रामनगर स्थित मोहरवा गांव में गोवंश की निर्मम हत्या का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना के सामने आने के बाद, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को बीते दिन यह सूचना मिली थी कि मोहरवा गांव में आरोपियों द्वारा गोवंश की निर्मम हत्या कर उसका मांस बेचा जा रहा था, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से धर दबोचा और उनके खिलाफ गोबध बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इस घटना पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मैहर जिले के जिला मंत्री ने इस निर्मम हत्या की घोर निंदा करते हुए पुलिस की सक्रियता से की गई कार्रवाई को तो सही बताया, लेकिन साथ ही कहा कि संगठन इसे समाज को जानबूझकर भड़काने और हिंदुओं की आस्था गौ की हत्या करने का एक बड़ा षड्यंत्र मानता है। उन्होंने तत्काल जिला कलेक्टर से मांग की कि आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और उनके अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई हो। संगठन ने यह भी बताया कि पूर्व में भी क्षेत्र में इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ हो चुकी हैं और जिले में बड़ी मात्रा में गोवंश तस्करी भी हो रही है, जिस पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन इस घटना से जुड़े लोगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं करता है, तो वे मैहर स्थित कलेक्टर कार्यालय के समक्ष एक उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।1