गोदाम में घुसा पानी, 120 बोरी डीएपी हुई बर्बाद! किसान खाद के लिए तरसते रहे, अछनिया बी-पैक्स में बारिश ने खोल दी भंडारण व्यवस्था की पोल बारिश की मार से खाद भीगी, नुकसान का जिम्मेदार कौन? मजदूरों ने बोरियां निकालकर बचाया, लेकिन तब तक हो चुका था बड़ा नुकसान बेहजम, लखीमपुर खीरी। किसानों के लिए डीएपी खाद की किल्लत और जरूरत के बीच अछनिया बी-पैक्स गोदाम में लापरवाही का ऐसा नजारा सामने आया, जिसने खाद के भंडारण की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते गोदाम में पानी भर गया और अंदर रखी करीब 120 बोरी डीएपी खाद पानी में भीग गई। बड़ी मात्रा में खाद के भीगने से नुकसान की स्थिति पैदा हो गई है। गोदाम में पानी भरने की जानकारी मिलते ही बी-पैक्स अध्यक्ष संजय दीक्षित एवं सचिव ने मजदूरों की मदद से आनन-फानन में खाद की बोरियां बाहर निकलवाईं और उन्हें सूखे स्थान पर रखवाया। हालांकि, तब तक करीब 120 बोरी डीएपी बारिश के पानी की चपेट में आ चुकी थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बारिश का मौसम पहले से ही सामने था, तो किसानों के लिए महत्वपूर्ण डीएपी खाद के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई? गोदाम में पानी भरने की नौबत कैसे आई और खाद को बारिश के पानी से बचाने के लिए पहले से क्या इंतजाम किए गए थे? एक तरफ किसान डीएपी खाद के लिए परेशान हैं और खेतों में फसल बचाने के लिए खाद की जरूरत बनी हुई है, दूसरी तरफ बड़ी मात्रा में खाद का इस तरह भीग जाना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि भीगी हुई खाद की वास्तविक स्थिति क्या है, कितनी खाद उपयोग योग्य बची है और हुए नुकसान का आकलन किस स्तर पर किया जाता है। किसानों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब खाद की एक-एक बोरी महत्वपूर्ण है, तो उसके सुरक्षित भंडारण में इतनी बड़ी चूक आखिर कैसे हुई?
गोदाम में घुसा पानी, 120 बोरी डीएपी हुई बर्बाद! किसान खाद के लिए तरसते रहे, अछनिया बी-पैक्स में बारिश ने खोल दी भंडारण व्यवस्था की पोल बारिश की मार से खाद भीगी, नुकसान का जिम्मेदार कौन? मजदूरों ने बोरियां निकालकर बचाया, लेकिन तब तक हो चुका था बड़ा नुकसान बेहजम, लखीमपुर खीरी। किसानों के लिए डीएपी खाद की किल्लत और जरूरत के बीच अछनिया बी-पैक्स गोदाम में लापरवाही का ऐसा नजारा सामने आया, जिसने खाद के भंडारण की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही बारिश के चलते गोदाम में पानी भर गया और अंदर रखी करीब 120 बोरी डीएपी खाद पानी में भीग गई। बड़ी मात्रा
में खाद के भीगने से नुकसान की स्थिति पैदा हो गई है। गोदाम में पानी भरने की जानकारी मिलते ही बी-पैक्स अध्यक्ष संजय दीक्षित एवं सचिव ने मजदूरों की मदद से आनन-फानन में खाद की बोरियां बाहर निकलवाईं और उन्हें सूखे स्थान पर रखवाया। हालांकि, तब तक करीब 120 बोरी डीएपी बारिश के पानी की चपेट में आ चुकी थी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब बारिश का मौसम पहले से ही सामने था, तो किसानों के लिए महत्वपूर्ण डीएपी खाद के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई? गोदाम में पानी भरने की नौबत कैसे आई और खाद को बारिश के पानी से बचाने
के लिए पहले से क्या इंतजाम किए गए थे? एक तरफ किसान डीएपी खाद के लिए परेशान हैं और खेतों में फसल बचाने के लिए खाद की जरूरत बनी हुई है, दूसरी तरफ बड़ी मात्रा में खाद का इस तरह भीग जाना व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि भीगी हुई खाद की वास्तविक स्थिति क्या है, कितनी खाद उपयोग योग्य बची है और हुए नुकसान का आकलन किस स्तर पर किया जाता है। किसानों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि जब खाद की एक-एक बोरी महत्वपूर्ण है, तो उसके सुरक्षित भंडारण में इतनी बड़ी चूक आखिर कैसे हुई?
- लखीमपुर 2 दिन बाद हटाया गया बरसात में गिरा हुआ पेड़ स्थानीय निवासी के शिकायत के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान 2 दिन से रास्ता था बंद सेट घाट नदी और सेट घाट पुलिस चौकी तक जाने के लिए लोगों को घूम कर जाना पड़ता था स्थानीय निवासियों ने भी किया सहयोग1
- 84 करोड़ के ओवरब्रिज की सड़क धंसी, गुणवत्ता पर उठे सवाल जिम्मेदारों पर उठे सवाल आखिर किसके संरक्षण में भ्रष्टाचार हुआ गोला रेलवे क्रॉसिंग पर बने ओवरब्रिज में सड़क धंसने से मचा हड़कंप, राहगीरों की सुरक्षा पर भी सवाल लखीमपुर खीरी। एनएच-730 पर गोला रेलवे क्रॉसिंग के पास करीब 84 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ओवरब्रिज की सड़क धंसने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सड़क धंसने से ओवरब्रिज पर बड़ा गड्ढा बन गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा पैदा हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, ओवरब्रिज की सड़क पर पहले से ही हल्का जंप महसूस हो रहा था। इसके बाद अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस गया। ओवरब्रिज पर भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए स्थिति को गंभीर माना जा रहा है। यदि समय रहते क्षतिग्रस्त हिस्से पर ध्यान नहीं दिया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। बताया जा रहा है कि हादसे की आशंका को देखते हुए कुछ लोगों ने मौके पर पहुंचकर रातोंरात गड्ढे को भर दिया, ताकि किसी वाहन चालक के साथ दुर्घटना न हो। हालांकि, अस्थायी तौर पर गड्ढा भर दिए जाने के बाद भी ओवरब्रिज की निर्माण गुणवत्ता और कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी पर सवाल बरकरार हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए ओवरब्रिज में इतनी जल्दी सड़क का धंसना चिंता का विषय है। लोगों ने संबंधित विभाग से मौके का तकनीकी निरीक्षण कराने, सड़क धंसने के कारणों की जांच कराने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग की है। अब सवाल यह है कि आखिर करोड़ों रुपये की लागत से तैयार ओवरब्रिज की सड़क इतनी जल्दी कैसे धंस गई? क्या निर्माण के दौरान मानकों का पूरी तरह पालन किया गया था? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।अगर चाहें तो मैं इसी खबर की और ज्यादा तीखी 2 लाइन की हेडिंग और फेसबुक पोस्ट वाला संस्करण भी बना सकता हूँ।1
- लखीमपुर कलेक्ट्रेट में समूह सखियों का प्रदर्शन, ₹2 हजार वेतन पर जताई नाराजगी लखीमपुर कलेक्ट्रेट में समूह सखियों का प्रदर्शन, ₹2 हजार वेतन पर जताई नाराजगी लखीमपुर खीरी। कलेक्ट्रेट परिसर में समूह सखी के पद पर कार्यरत महिलाओं ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि उन्हें वर्तमान में मात्र ₹2,000 मानदेय मिल रहा है, जो उनकी मांगों के अनुसार पर्याप्त नहीं है। महिलाओं ने मानदेय बढ़ाकर ₹20,000 प्रतिमाह किए जाने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। सवाल यह है कि ₹2,000 मानदेय में समूह सखियों का गुजारा कैसे हो?1
- कुछ विकास बरसात के बाद दिखते है - एनएच 730 ये है लखीमपुर खीरी गोला गोकर्ण नाथ रेलवे फ्लाइओवर 84 करोड़ की लागत तीन महीने पहले ही बन के तैयार हुआ था और अब धस गया_____ कुछ विकास बरसात के बाद दिखते है - एनएच 730 ये है लखीमपुर खीरी गोला गोकर्ण नाथ रेलवे फ्लाइओवर 84 करोड़ की लागत तीन महीने पहले ही बन के तैयार हुआ था और अब धस गया_____1
- लिलौटीनाथ मंदिर के जलमग्न रास्ते पर अभी दिखा विशालकाय मगरमच्छ, राहगीर ने वीडियो किया कैमरे में कैद। लखीमपुर खीरी मे लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच लिलौटीनाथ मंदिर जाने वाले जलमग्न रास्ते पर सोमवार शाम एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया। इसी रास्ते से लोगों के आवागमन के दौरान पानी के बीच मगरमच्छ नजर आने से मौके पर हड़कंप मच गया। एक व्यक्ति ने मगरमच्छ का वीडियो बनाकर उसे कैमरे में कैद कर लिया।मंदिर जाने वाला रास्ता पहले से ही भारी जलभराव की चपेट में है और कई जगह पानी कमर से ऊपर तक पहुंच गया है। इसके बावजूद लोग पानी के बीच से होकर मंदिर की ओर जा रहे हैं। ऐसे में इसी मार्ग पर मगरमच्छ दिखाई देने से श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले कंडवा नदी में भी मगरमच्छ देखे जाने की बात सामने आई थी। अब मंदिर मार्ग पर मगरमच्छ दिखाई देने के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। मंदिर के महंत अमित गिरी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर मंदिर तक न पहुंचें। उन्होंने प्रशासन से जलमग्न मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कराने और लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।2
- भारी बारिश एवं आंधी -तूफान से प्रभावित इलाकों का डीएम ने लिया जायजा लखीमपुर, लखीमपुर-खीरी।गत दिनों जनपद में हुई भारी बारिश एवं आंधी -तूफान से प्रभावित इलाकों का जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावित लोगों को सांत्वना देते हुए अधिकारियों को हर संभव मदद करने का निर्देश दिया।1
- *पलिया में 48 घंटे में चेन स्नैचिंग का खुलासा, 3 शातिर गिरफ्तार* *ब्यूरो - संजय कुमार राठौर | नेशनल न्यूज़ लाइव चैनल, लखीमपुर खीरी* *लखीमपुर खीरी के कोतवाली पलिया पुलिस ने महिला से चेन छीनने की वारदात का 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत थाना पलिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी पलिया के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक पलिया की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटिहन में हुई चेन स्नैचिंग की घटना में शामिल 2 अभियुक्तों और चोरी का माल खरीदने वाले 1 अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों को 27 सितंबर को सुबह 7:28 बजे मानफार्म जाने वाले रास्ते पर केले के खेत के पास से पकड़ा। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान शिवा (22) पुत्र प्रेमचंद निवासी नई बस्ती ढाकिन, पवन (24) पुत्र रामरतन निवासी मोहल्ला ढाकिन और अमरनाथ (23) पुत्र भरत निवासी कुशीनगर हाल पता नई बस्ती ढाकिन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार थाना पलिया पर दर्ज मुकदमा संख्या 288/26 धारा 304(2) बीएनएस में बरामदगी के आधार पर धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है। घटना में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (UP-31-CC-5333) को एमवी एक्ट में सीज किया गया है। बरामदगी में महिला से छीनी गई सोने की चेन, 3 मोबाइल फोन, 590 रुपये भारतीय व 10 रुपये नेपाली मुद्रा शामिल है। पुलिस रिकॉर्ड में मुख्य अभियुक्त शिवा पर हत्या, गैंगस्टर समेत 6 मुकदमे, जबकि पवन पर पॉक्सो एक्ट समेत 3 मुकदमे दर्ज हैं। सभी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। *पलिया में 48 घंटे में चेन स्नैचिंग का खुलासा, 3 शातिर गिरफ्तार* *ब्यूरो - संजय कुमार राठौर | नेशनल न्यूज़ लाइव चैनल, लखीमपुर खीरी* *लखीमपुर खीरी के कोतवाली पलिया पुलिस ने महिला से चेन छीनने की वारदात का 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत थाना पलिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी पलिया के मार्गदर्शन में प्रभारी निरीक्षक पलिया की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटिहन में हुई चेन स्नैचिंग की घटना में शामिल 2 अभियुक्तों और चोरी का माल खरीदने वाले 1 अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तीनों को 27 सितंबर को सुबह 7:28 बजे मानफार्म जाने वाले रास्ते पर केले के खेत के पास से पकड़ा। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान शिवा (22) पुत्र प्रेमचंद निवासी नई बस्ती ढाकिन, पवन (24) पुत्र रामरतन निवासी मोहल्ला ढाकिन और अमरनाथ (23) पुत्र भरत निवासी कुशीनगर हाल पता नई बस्ती ढाकिन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार थाना पलिया पर दर्ज मुकदमा संख्या 288/26 धारा 304(2) बीएनएस में बरामदगी के आधार पर धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है। घटना में प्रयुक्त हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (UP-31-CC-5333) को एमवी एक्ट में सीज किया गया है। बरामदगी में महिला से छीनी गई सोने की चेन, 3 मोबाइल फोन, 590 रुपये भारतीय व 10 रुपये नेपाली मुद्रा शामिल है। पुलिस रिकॉर्ड में मुख्य अभियुक्त शिवा पर हत्या, गैंगस्टर समेत 6 मुकदमे, जबकि पवन पर पॉक्सो एक्ट समेत 3 मुकदमे दर्ज हैं। सभी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।2
- भगत सिंह जयंती पर नशामुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त और भयमुक्त भारत का लिया संकल्प लखीमपुर खीरी। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती के अवसर पर पंजाबी रसोई में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के अध्यक्ष जसपाल सिंह पाली ने शहीद भगत सिंह के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शहीद भगत सिंह के विचारों और उनके देश के प्रति समर्पण को याद करते हुए समाज एवं राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया। सभी ने एक स्वर में नशामुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त और भयमुक्त भारत के निर्माण का आह्वान किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके विचारों को आत्मसात कर समाज में व्याप्त नशे, भ्रष्टाचार और भय के खिलाफ जागरूकता फैलाने की जरूरत है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सुधार के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।इसमें कार्यक्रम में जितेंद्र सिंह परिहार सीओ (गोला) अनुराग पटेल, अंशुल प्रजापति, पंकज, आनंद मिश्रा ,अंकित द्विवेदी, संजय धीमान, विशाल पाठक , रोहित गुप्ता, दिलीप गुप्ता और कई अन्य लोगों के साथ पत्रकार भाई भी शामिल रहे।3