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चैत रामनवमी के पहले दिन लखनऊ काली जी मंदिर मे दर्शन किया चैत रामनवमी के पहले दिन लखनऊ काली जी मंदिर से
सोशलिस्ट न्याय
चैत रामनवमी के पहले दिन लखनऊ काली जी मंदिर मे दर्शन किया चैत रामनवमी के पहले दिन लखनऊ काली जी मंदिर से
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- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- ॥ ग़ज़ल ॥ जिसे खुद ईश के पावन, परम उस भाव ने चुना। उसे फिर छोड़ दें हम, ये कहाँ अधिकार है अपना। नहीं चुनते हैं हम चाहत, हमें ये प्रेम चुनता है, सजी हो रूह की महफ़िल, तो फिर इनकार है अपना। जुदा एहसास से होकर, जिए तो क्या जिए साहिब, जिसे चाहा शिद्दत से, वही दिलदार है अपना। जहाँ में बेवफ़ाई के, सजी जो वफ़ा की महफ़िल, उसी तन्हाई-ओ-गम का, यहाँ व्यापार है अपना। बहाए अश्क रातों में, जो पाई है ये बेबसी, इबादत इश्क़ की करना, यही संसार है अपना । लेखिका: कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' #sonishuklakranti #लखनऊ1
- बहराइच में भीषण सड़क हादसा, मां बेटे की दर्दनाक मौत रफ्तार का कहर, परिवार पर टूटा पहाड़1
- नवरात्रि एवं आगामी त्योहार के दृष्टिगत कमिश्नरेट लखनऊ में की गई सुरक्षा व्यवस्था एवं तैयारियों के संबंध में संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार द्वारा दी गई बाइट1
- Post by Ashish Bajpai (Ashubaj)1
- चैत रामनवमी के पहले दिन लखनऊ काली जी मंदिर से1
- *लखनऊ* गोमती नगर विस्तार थाना क्षेत्र के अंतर्गत जनेश्वर मिश्र पार्क मॉर्निंग में चलाया गया अभियान... *ओवर स्पीडिंग, बिना लाइसेंस, हेलमेट नहीं लगाए थे उनको दिया गया सख्त हिदायत||* मॉडिफाइड गाड़ी, साइलेंसर ,स्टैंड , बिना नंबर प्लेट, लगभग में नौ गाड़ियां सीज की गई|| *गोमती नगर विस्तार थाना प्रभारी सुधीर कुमार अवस्थी* द्वारा दिया गया सत्य हिदायत ना तो आपके पास गाड़ी का नंबर प्लेट है और ना आप के पास हेलमेट लगाए हो अगर कुछ होता है आपके साथ कौन होगा जिम्मेदार|| *सहायक पुलिस आयुक्त बृज नारायण सिंह, इंस्पेक्टर सुधीर कुमार अवस्थी* की उपस्थित मॉर्निंग में चलाया गया अभियान||1
- ॥ ग़ज़ल ॥ जिसे खुद ईश के पावन, परम उस भाव ने चुना। उसे फिर छोड़ दें हम, ये कहाँ अधिकार है अपना। नहीं चुनते हैं हम चाहत, हमें ये प्रेम चुनता है, सजी हो रूह की महफ़िल, तो फिर इनकार है अपना। जुदा एहसास से होकर, जिए तो क्या जिए साहिब, जिसे चाहा शिद्दत से, वही दिलदार है अपना। जहाँ में बेवफ़ाई के, सजी जो वफ़ा की महफ़िल, उसी तन्हाई-ओ-गम का, यहाँ व्यापार है अपना। बहाए अश्क रातों में, जो पाई है ये बेबसी, इबादत इश्क़ की करना, यही संसार है अपना । लेखिका: कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' #sonishuklakranti #लखनऊ1