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कोतवाली पुलिस ने 496 ग्राम गांजा के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, वाहन और मोबाइल जब्त
Ashish parihar Parihar
कोतवाली पुलिस ने 496 ग्राम गांजा के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, वाहन और मोबाइल जब्त
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- कोतवाली पुलिस ने 496 ग्राम गांजा के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, वाहन और मोबाइल जब्त1
- Post by सतभक्ति संदेश1
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- नाबालिग की हत्या से मची सनसनी .... दुर्ग शहर के शक्ति नगर क्षेत्र में भगवान शंकर मंदिर के सामने देर रात चाकूबाजी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार लगभग चार लोगों ने मिलकर एक नाबालिग पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक नाबालिग घोड़ी साज़ का काम करता था और शिव की बारात के दौरान घोड़ी लेकर बारात में पहुंचा था। इसी दौरान आपसी रंजिश के चलते आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। घटना के बाद मौके पर जमीन खून से लाल हो गई और क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। सूत्रों के अनुसार हमला करने वाले शातिर अपराधी बताए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। यह पूरा मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।1
- भुवनेश्वर ब्लास्ट का CCTV फ़ुटेज * 27 जनवरी को ओडिशा के भुनेश्वर में हिस्ट्रीशीटर शाहनवाज़ मलिक अपने घर की छत पर देसी बम बना रहा था। * उसके साथ परिवार वाले भी मौजूद थे, तभी भयंकर ब्लास्ट हो गया। इस ब्लास्ट में 4 लोग बुरी तरह घायल हो गये। * पुलिस के अनुसार *, शाहनवाज़ किसी दुश्मन से बदला लेने की नीयत से बम बना रहा था1
- दुर्ग नगर निगम के स्वास्थ्य मंत्री "नीलेश अग्रवाल" क्या कर रहे हैं शहर में बढ़ रहा है कुत्तों का आतंक जानता की परेशानी दूर तो कर दो मंत्री जी।1
- भिलाई मे कई दिनों से दो चोर ने बाईक चोरी कार कर के लोगो के बिच मे दम कर के दिया है ---1
- “राम नाम का मतलब कोई कहकर नहीं समझा सकता, यह समझ आता है तब, जब इंसान बोलना नहीं, राम की राह पर चलना सीख लेता है। राम को जानना आसान नहीं, राम को जीना ही असली भक्ति है।” राम नाम कोई शब्द मात्र नहीं है, यह तो जीवन को दिशा देने वाला सत्य है। राम को केवल कह देने से, या राम का जयकारा लगा देने से राम समझ में नहीं आते। राम को समझने के लिए मन को शांत करना पड़ता है, अहंकार को त्यागना पड़ता है और सत्य के साथ खड़ा होना पड़ता है। राम वह नाम है जो अन्याय के सामने झुकता नहीं, परंतु किसी से द्वेष भी नहीं रखता। राम वह मर्यादा हैं जो सत्ता में होकर भी संयम सिखाती है, और वनवास में होकर भी धैर्य का पाठ पढ़ाती है। राम हमें बताते हैं कि सही होना आसान नहीं होता, पर सही के साथ खड़े रहना ही मनुष्य का असली धर्म है। राम को जानना ग्रंथों के पन्ने पलटने से नहीं, बल्कि जीवन के हर मोड़ पर सत्य, करुणा और कर्तव्य निभाने से होता है। जब दुख में भी मन विचलित न हो, जब क्रोध में भी विवेक बना रहे, जब शक्ति होने पर भी अहंकार सिर न उठाए— तब समझिए कि राम हमारे आचरण में उतरने लगे हैं। राम की राह पर चलना केवल पूजा नहीं है, यह एक साधना है। जहाँ वचन निभाना पड़ता है, जहाँ रिश्तों की मर्यादा रखनी पड़ती है, जहाँ अपने से पहले दूसरों के सुख-दुख को समझना पड़ता है। राम हमें सिखाते हैं कि महान वही नहीं जो जीत जाए, महान वह है जो जीतकर भी नम्र बना रहे। इसलिए राम नाम कहने की नहीं, जीने की वस्तु है। जो राम को हृदय में उतार लेता है, उसका जीवन स्वयं एक संदेश बन जाता है। वही सच्चा रामभक्त है, जो हर कर्म में रामत्व को जीवित रखता है।1