विश्व आदिवासी दिवस पर चकरभाठा -बोदरी में निकली भव्य शोभायात्रा का कांग्रेस नेताओ विश्व आदिवासी दिवस पर चकरभाठा -बोदरी में निकली भव्य शोभायात्रा का कांग्रेस नेताओं ने किया भव्य स्वागत रविवार की रात 9:00 बजे बिल्हा विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुनील साहू जी से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर आज चकरभाठा -बोदरी क्षेत्र में आदिवासी समाज द्वारा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और गौरवशाली धरोहर को प्रदर्शित करते हुए एक विशाल एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे समाज के लोगों ने लोकनृत्य करते हुए क्षेत्र को उत्साह व उमंग से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए चकरभाठा मार्केट के समीप ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा के अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू एवं ओबीसी विभाग कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुनील साहू के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा शोभायात्रा का आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। शोभायात्रा के चकरभाठा मार्केट पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी और पुष्पहार से शोभायात्रा में शामिल समाज के प्रमुखों, बुजुर्गों, युवाओं एवं माताओं-बहनों का उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह के लिए शीतल पेय की विशेष व्यवस्था की गई थी। *"आदिवासी संस्कृति संपूर्ण छत्तीसगढ़ की पहचान" — लक्ष्मीनाथ साहू* स्वागत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने कहा: "आदिवासी समाज हमारी संस्कृति, जल-जंगल-जमीन की रक्षा का मुख्य स्तंभ है। आज का यह दिन आदिवासी समाज के संघर्ष, त्याग और उनकी अनुपम संस्कृति को नमन करने का दिन है। समाज के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए हम सदैव उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।" *"सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल" — सुनील साहू* ओबीसी विभाग कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील साहू ने अपने संबोधन में कहा: "विश्व आदिवासी दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विविधता और परस्पर एकता का प्रतीक है। आज चकरभाठा -बोदरी में समाज द्वारा निकाली गई यह शोभायात्रा अद्भुत और ऐतिहासिक है। ऐसे आयोजनों से सामाजिक ताना-बाना और अधिक मजबूत होता है।" स्वागत कार्यक्रम में तिफरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू, ओबीसी कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील साहू, जिला शहर महामंत्री महेश ठाकुर, तिफरा मंडल अध्यक्ष संत सर्वे, पार्षद रोहित साहू, ओमप्रकाश दुबे, दिनेश यादव, गुड्डा नामदेव, ईश्वर यादव, गोविन्द मानिकपुरी, कुणाल मरकाम, अक्षय नवरंग, अतुल मरकाम, राहुल भारद्वाज, सुमित नायक, चन्द्रभूषण ध्रुवंशी, प्रभु नारायण ध्रुव, प्रियांशु यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आदिवासी समाज के प्रमुखों ने इस भव्य एवं आत्मीय स्वागत के लिए कांग्रेस नेताओं का आभार व्यक्त किया।
विश्व आदिवासी दिवस पर चकरभाठा -बोदरी में निकली भव्य शोभायात्रा का कांग्रेस नेताओ विश्व आदिवासी दिवस पर चकरभाठा -बोदरी में निकली भव्य शोभायात्रा का कांग्रेस नेताओं ने किया भव्य स्वागत रविवार की रात 9:00 बजे बिल्हा विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुनील साहू जी से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर आज चकरभाठा -बोदरी क्षेत्र में आदिवासी समाज द्वारा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और गौरवशाली धरोहर को प्रदर्शित करते हुए एक विशाल एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे समाज के लोगों ने लोकनृत्य करते हुए क्षेत्र को उत्साह व उमंग से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए चकरभाठा मार्केट के समीप ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा के अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू एवं ओबीसी विभाग कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुनील साहू के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा शोभायात्रा का आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। शोभायात्रा के चकरभाठा मार्केट पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी और पुष्पहार से शोभायात्रा में शामिल समाज के प्रमुखों, बुजुर्गों, युवाओं एवं माताओं-बहनों का उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह के लिए शीतल पेय की विशेष व्यवस्था की गई थी। *"आदिवासी संस्कृति संपूर्ण छत्तीसगढ़ की पहचान" — लक्ष्मीनाथ साहू* स्वागत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने कहा: "आदिवासी समाज हमारी संस्कृति, जल-जंगल-जमीन की रक्षा का मुख्य स्तंभ है। आज का यह दिन आदिवासी समाज के संघर्ष, त्याग और उनकी अनुपम संस्कृति को नमन करने का दिन है। समाज के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए हम सदैव उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।" *"सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल" — सुनील साहू* ओबीसी विभाग कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील साहू ने अपने संबोधन में कहा: "विश्व आदिवासी दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विविधता और परस्पर एकता का प्रतीक है। आज चकरभाठा -बोदरी में समाज द्वारा निकाली गई यह शोभायात्रा अद्भुत और ऐतिहासिक है। ऐसे आयोजनों से सामाजिक ताना-बाना और अधिक मजबूत होता है।" स्वागत कार्यक्रम में तिफरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू, ओबीसी कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील साहू, जिला शहर महामंत्री महेश ठाकुर, तिफरा मंडल अध्यक्ष संत सर्वे, पार्षद रोहित साहू, ओमप्रकाश दुबे, दिनेश यादव, गुड्डा नामदेव, ईश्वर यादव, गोविन्द मानिकपुरी, कुणाल मरकाम, अक्षय नवरंग, अतुल मरकाम, राहुल भारद्वाज, सुमित नायक, चन्द्रभूषण ध्रुवंशी, प्रभु नारायण ध्रुव, प्रियांशु यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आदिवासी समाज के प्रमुखों ने इस भव्य एवं आत्मीय स्वागत के लिए कांग्रेस नेताओं का आभार व्यक्त किया।
- बिलासपुर के नेहरू चौक में इंटर्न डॉक्टर्स का आंदोलन, मांग पूरी नहीं होने पर जताई नाराजगी सरकारी अस्पतालों में इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार छठे दिन भी जारी रही। अपनी मांगों को लेकर सोमवार को इंटर्न डॉक्टर सड़क पर उतर आए। सिम्स से रैली निकालकर नेहरू चौक पहुंचे, जहां उन्होंने जमकर प्रदर्शन और नारेबाजी की। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।1
- बच्चों के निवाले पर सवाल! आंगनबाड़ी में ‘कागजी उपस्थिति’ का खेल? हकीकत में कम बच्चे, रजिस्टर में ज्यादा उपस्थिति! पोषण आहार की राशि आहरण को लेकर गंभीर आरोप गोविंद राम ब्यूरो चीफ बलौदाबाजार। पलारी दतान(प )आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 5 बच्चों के पोषण और भविष्य से जुड़ी आंगनबाड़ी व्यवस्था पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जिले के कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं कि बच्चों की वास्तविक उपस्थिति से अधिक संख्या दर्ज कर पोषण आहार की राशि का आहरण किया जा रहा है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो मामला केवल विभागीय लापरवाही का नहीं, बल्कि बच्चों के हक से जुड़े संसाधनों में गंभीर अनियमितता का हो सकता है। ‘बच्चे कम, कागजों में संख्या ज्यादा’—किसके इशारे पर? शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ केंद्रों पर वास्तविक रूप से बच्चों की उपस्थिति कम होने के बावजूद रजिस्टर में अधिक बच्चों की उपस्थिति दर्ज कर दी जाती है। इसी दर्ज संख्या के आधार पर पोषण आहार का हिसाब तैयार होने और राशि आहरण किए जाने की बात कही जा रही है। सवाल यह है कि यदि बच्चे केंद्र में मौजूद नहीं हैं तो उनकी उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की जा रही है? क्या संबंधित रिकॉर्ड की नियमित जांच होती है या फिर कागजों पर ही व्यवस्था चल रही है? समय पर नहीं खुलते केंद्र, फिर कैसे पूरी होती है बच्चों की उपस्थिति? शिकायतों में यह आरोप भी है कि कुछ आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर नहीं खुलते। ऐसे में विभागीय दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ सरकार बच्चों को पोषण देने के लिए योजनाओं पर राशि खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर यदि केंद्रों पर समय की पाबंदी और बच्चों. की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो योजना के क्रियान्वयन की निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। रिकॉर्ड की जांच हो तो खुल सकता है पूरा मामला मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उपस्थिति पंजी, पोषण आहार वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और राशि आहरण के रिकॉर्ड का आपस में मिलान किया जाना जरूरी है। साथ ही बिना पूर्व सूचना के केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। यदि जांच में फर्जी अथवा गलत उपस्थिति दर्ज करने, पोषण आहार में अनियमितता या नियम विरुद्ध राशि आहरण की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी विभागीय एवं नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। बड़ा सवाल: बच्चों के हिस्से का निवाला कागजों में तो नहीं बंट रहा? अब निगाहें महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन पर हैं। क्या इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या जिम्मेदार केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा? और यदि आरोप सही पाए गए तो क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? बच्चों के पोषण से जुड़ी योजना में पारदर्शिता केवल कागजों में नहीं, जमीन पर भी दिखाई देनी चाहिए।1
- भगवती मानव कल्याण संगठन के द्वारा शराब पकड़ी गया और पुलिस के हवाले किया गया नशा मुक्ति अभियान1
- “₹200 नहीं तो चावल नहीं? महिला ने सरकार से पूछा—राशन पर टैक्स की शर्त क्यों?” ₹200 घर टैक्स पर राशन का सवाल, महिला ने उठाई आवाज कोण्डागांव/मसोरा। ग्राम पंचायत मसोरा में ₹200 घर टैक्स जमा करने या रसीद दिखाने पर ही राशन का चावल देने की बात से विवाद गहराया। महिला ने पत्रकारों के माध्यम से सरकार से जवाब मांगा।1
- चकरभाठा के लक्ष्मीनारायण मंदिर से मोहभाट्ठा शिव मंदिर तक मातृशक्ति ने निकाली भव् चकरभाठा के लक्ष्मीनारायण मंदिर से मोहभाट्ठा शिव मंदिर तक मातृशक्ति ने निकाली भव्य कावड़ यात्रा सामिल हुवे बिल्हा विधायक रविवार की रात 8 बजे आयोजन समिती से मिली जानकारी अनुसार चकरभाठा के वार्ड क्रमांक 09 भाटापारा स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर के कुंड से रविवार, की सुबह मातृ शक्तियों द्वारा भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया इस कावड़ यात्रा में बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह श्रद्धालु मातृ शक्तियों ने लक्ष्मी नारायण मंदिर स्थित कुंड से कांवड़ में जल भरा। इसके बाद बाजे-गाजे के साथ कांवड़ यात्रा चकरभाठा के मुख्य मार्ग से होते हुए मोहभट्ठा स्थित स्वयंभू शिव मंदिर पहुंची। जहाँ धरम लाल कौशिक एवं श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। जलाभिषेक के पश्चात मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती की गई। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर बिल्हा विधयाक धरम लाल कौशिक ने कहा की चकरभाठा स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर से मोहभट्ठा तक आयोजित इस भव्य कावड़ यात्रा में श्रद्धालुओं के साथ शामिल होकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त हुवा इस कावड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ सहभागिता कर यात्रा को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। हर-हर महादेव के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय वातावरण से पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। इस पावन आयोजन में मातृशक्ति की उत्साहपूर्ण सहभागिता विशेष रूप से सराहनीय रही। उनकी सक्रिय भागीदारी ने यात्रा की भव्यता और गरिमा को और बढ़ाया। सभी को हर हर महादेव! 🔱🚩 कांवड़ यात्रा के आयोजन में अध्यक्षा मंदाकिनी चौहान, नीतू शर्मा, अंजू दिवाकर दुबे, शिमला वर्मा, नंदनी उपाध्याय सहित अनेक मातृ शक्तियों की सक्रिय सहभागिता रही। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में मातृ शक्तियों एवं युवा वर्ग ने शामिल होकर धार्मिक उत्साह और आस्था का परिचय दिया।1
- फसल बचाने पहुंचे ग्रामीणों पर अचानक आक्रामक हुआ जंगली हाथी! मशालें लेकर हाथी को भगाने की कोशिश के दौरान गजराज ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। मौके पर मची अफरा-तफरी के बीच गनीमत रही कि सभी ग्रामीण सुरक्षित बच गए। फसल बचाने पहुंचे ग्रामीणों पर अचानक आक्रामक हुआ जंगली हाथी! मशालें लेकर हाथी को भगाने की कोशिश के दौरान गजराज ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। मौके पर मची अफरा-तफरी के बीच गनीमत रही कि सभी ग्रामीण सुरक्षित बच गए। 👉 आपके इलाके में भी हाथियों का आतंक है? कमेंट कर बताएं। #ElephantAttack #WildElephant #Gajraj #Chhattisgarh #BreakingNews #ViralNews #POWERNEWS24 #NewsUpdate #WildlifeNews1