बच्चों के निवाले पर सवाल! आंगनबाड़ी में ‘कागजी उपस्थिति’ का खेल? हकीकत में कम बच्चे, रजिस्टर में ज्यादा उपस्थिति! पोषण आहार की राशि आहरण को लेकर गंभीर आरोप गोविंद राम ब्यूरो चीफ बलौदाबाजार। पलारी दतान(प )आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 5 बच्चों के पोषण और भविष्य से जुड़ी आंगनबाड़ी व्यवस्था पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जिले के कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं कि बच्चों की वास्तविक उपस्थिति से अधिक संख्या दर्ज कर पोषण आहार की राशि का आहरण किया जा रहा है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो मामला केवल विभागीय लापरवाही का नहीं, बल्कि बच्चों के हक से जुड़े संसाधनों में गंभीर अनियमितता का हो सकता है। ‘बच्चे कम, कागजों में संख्या ज्यादा’—किसके इशारे पर? शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ केंद्रों पर वास्तविक रूप से बच्चों की उपस्थिति कम होने के बावजूद रजिस्टर में अधिक बच्चों की उपस्थिति दर्ज कर दी जाती है। इसी दर्ज संख्या के आधार पर पोषण आहार का हिसाब तैयार होने और राशि आहरण किए जाने की बात कही जा रही है। सवाल यह है कि यदि बच्चे केंद्र में मौजूद नहीं हैं तो उनकी उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की जा रही है? क्या संबंधित रिकॉर्ड की नियमित जांच होती है या फिर कागजों पर ही व्यवस्था चल रही है? समय पर नहीं खुलते केंद्र, फिर कैसे पूरी होती है बच्चों की उपस्थिति? शिकायतों में यह आरोप भी है कि कुछ आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर नहीं खुलते। ऐसे में विभागीय दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ सरकार बच्चों को पोषण देने के लिए योजनाओं पर राशि खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर यदि केंद्रों पर समय की पाबंदी और बच्चों. की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो योजना के क्रियान्वयन की निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। रिकॉर्ड की जांच हो तो खुल सकता है पूरा मामला मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उपस्थिति पंजी, पोषण आहार वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और राशि आहरण के रिकॉर्ड का आपस में मिलान किया जाना जरूरी है। साथ ही बिना पूर्व सूचना के केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। यदि जांच में फर्जी अथवा गलत उपस्थिति दर्ज करने, पोषण आहार में अनियमितता या नियम विरुद्ध राशि आहरण की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी विभागीय एवं नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। बड़ा सवाल: बच्चों के हिस्से का निवाला कागजों में तो नहीं बंट रहा? अब निगाहें महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन पर हैं। क्या इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या जिम्मेदार केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा? और यदि आरोप सही पाए गए तो क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? बच्चों के पोषण से जुड़ी योजना में पारदर्शिता केवल कागजों में नहीं, जमीन पर भी दिखाई देनी चाहिए।
बच्चों के निवाले पर सवाल! आंगनबाड़ी में ‘कागजी उपस्थिति’ का खेल? हकीकत में कम बच्चे, रजिस्टर में ज्यादा उपस्थिति! पोषण आहार की राशि आहरण को लेकर गंभीर आरोप गोविंद राम ब्यूरो चीफ बलौदाबाजार। पलारी दतान(प )आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 5 बच्चों के पोषण और भविष्य से जुड़ी आंगनबाड़ी व्यवस्था पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जिले के कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं कि बच्चों की वास्तविक उपस्थिति से अधिक संख्या दर्ज कर पोषण आहार की राशि का आहरण किया जा रहा है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो मामला केवल विभागीय लापरवाही का नहीं, बल्कि बच्चों के हक से जुड़े संसाधनों में गंभीर अनियमितता का हो सकता है। ‘बच्चे कम, कागजों में संख्या ज्यादा’—किसके इशारे पर? शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ केंद्रों पर वास्तविक रूप से बच्चों की उपस्थिति कम होने के बावजूद रजिस्टर में अधिक बच्चों की उपस्थिति दर्ज कर दी जाती है। इसी दर्ज संख्या के आधार पर पोषण आहार का हिसाब तैयार होने और राशि आहरण किए जाने की बात कही जा रही है। सवाल यह है कि यदि बच्चे केंद्र में मौजूद नहीं हैं तो उनकी उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की जा रही है? क्या संबंधित रिकॉर्ड की नियमित जांच होती है या फिर कागजों पर ही व्यवस्था चल रही है? समय पर नहीं खुलते केंद्र, फिर कैसे पूरी होती है बच्चों की उपस्थिति? शिकायतों में यह आरोप भी है कि कुछ आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर नहीं खुलते। ऐसे में विभागीय दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ सरकार बच्चों को पोषण देने के लिए योजनाओं पर राशि खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर यदि केंद्रों पर समय की पाबंदी और बच्चों. की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो योजना के क्रियान्वयन की निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। रिकॉर्ड की जांच हो तो खुल सकता है पूरा मामला मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उपस्थिति पंजी, पोषण आहार वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और राशि आहरण के रिकॉर्ड का आपस में मिलान किया जाना जरूरी है। साथ ही बिना पूर्व सूचना के केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। यदि जांच में फर्जी अथवा गलत उपस्थिति दर्ज करने, पोषण आहार में अनियमितता या नियम विरुद्ध राशि आहरण की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी विभागीय एवं नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। बड़ा सवाल: बच्चों के हिस्से का निवाला कागजों में तो नहीं बंट रहा? अब निगाहें महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन पर हैं। क्या इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या जिम्मेदार केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा? और यदि आरोप सही पाए गए तो क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? बच्चों के पोषण से जुड़ी योजना में पारदर्शिता केवल कागजों में नहीं, जमीन पर भी दिखाई देनी चाहिए।
- बच्चों के निवाले पर सवाल! आंगनबाड़ी में ‘कागजी उपस्थिति’ का खेल? हकीकत में कम बच्चे, रजिस्टर में ज्यादा उपस्थिति! पोषण आहार की राशि आहरण को लेकर गंभीर आरोप गोविंद राम ब्यूरो चीफ बलौदाबाजार। पलारी दतान(प )आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 5 बच्चों के पोषण और भविष्य से जुड़ी आंगनबाड़ी व्यवस्था पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जिले के कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं कि बच्चों की वास्तविक उपस्थिति से अधिक संख्या दर्ज कर पोषण आहार की राशि का आहरण किया जा रहा है। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो मामला केवल विभागीय लापरवाही का नहीं, बल्कि बच्चों के हक से जुड़े संसाधनों में गंभीर अनियमितता का हो सकता है। ‘बच्चे कम, कागजों में संख्या ज्यादा’—किसके इशारे पर? शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ केंद्रों पर वास्तविक रूप से बच्चों की उपस्थिति कम होने के बावजूद रजिस्टर में अधिक बच्चों की उपस्थिति दर्ज कर दी जाती है। इसी दर्ज संख्या के आधार पर पोषण आहार का हिसाब तैयार होने और राशि आहरण किए जाने की बात कही जा रही है। सवाल यह है कि यदि बच्चे केंद्र में मौजूद नहीं हैं तो उनकी उपस्थिति किस आधार पर दर्ज की जा रही है? क्या संबंधित रिकॉर्ड की नियमित जांच होती है या फिर कागजों पर ही व्यवस्था चल रही है? समय पर नहीं खुलते केंद्र, फिर कैसे पूरी होती है बच्चों की उपस्थिति? शिकायतों में यह आरोप भी है कि कुछ आंगनबाड़ी केंद्र निर्धारित समय पर नहीं खुलते। ऐसे में विभागीय दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ सरकार बच्चों को पोषण देने के लिए योजनाओं पर राशि खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर यदि केंद्रों पर समय की पाबंदी और बच्चों. की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो योजना के क्रियान्वयन की निगरानी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। रिकॉर्ड की जांच हो तो खुल सकता है पूरा मामला मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उपस्थिति पंजी, पोषण आहार वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और राशि आहरण के रिकॉर्ड का आपस में मिलान किया जाना जरूरी है। साथ ही बिना पूर्व सूचना के केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। यदि जांच में फर्जी अथवा गलत उपस्थिति दर्ज करने, पोषण आहार में अनियमितता या नियम विरुद्ध राशि आहरण की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी विभागीय एवं नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। बड़ा सवाल: बच्चों के हिस्से का निवाला कागजों में तो नहीं बंट रहा? अब निगाहें महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन पर हैं। क्या इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या जिम्मेदार केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा? और यदि आरोप सही पाए गए तो क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी? बच्चों के पोषण से जुड़ी योजना में पारदर्शिता केवल कागजों में नहीं, जमीन पर भी दिखाई देनी चाहिए।1
- भिलाई चलो भिलाई चलो भिलाई चलो इस बार भिलाई में जबर हरेली महोत्सव का आयोजन रखा गया है। जिस पर आप सभी छत्तीसगढ़िया भाई बहनों को सादर आमंत्रित किया जाता है कि 16 अगस्त को भिलाई पावर हाउस में जबर हरेली जबर हरेली महोत्सव का आयोजन रखा गया है। जिसमें आप सभी छत्तीसगढ़िया भाई सादर आमंत्रित है।1
- विश्व आदिवासी दिवस पर चकरभाठा -बोदरी में निकली भव्य शोभायात्रा का कांग्रेस नेताओ विश्व आदिवासी दिवस पर चकरभाठा -बोदरी में निकली भव्य शोभायात्रा का कांग्रेस नेताओं ने किया भव्य स्वागत रविवार की रात 9:00 बजे बिल्हा विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष सुनील साहू जी से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर आज चकरभाठा -बोदरी क्षेत्र में आदिवासी समाज द्वारा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और गौरवशाली धरोहर को प्रदर्शित करते हुए एक विशाल एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे समाज के लोगों ने लोकनृत्य करते हुए क्षेत्र को उत्साह व उमंग से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर सामाजिक समरसता और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए चकरभाठा मार्केट के समीप ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा के अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू एवं ओबीसी विभाग कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुनील साहू के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा शोभायात्रा का आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। शोभायात्रा के चकरभाठा मार्केट पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी और पुष्पहार से शोभायात्रा में शामिल समाज के प्रमुखों, बुजुर्गों, युवाओं एवं माताओं-बहनों का उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह के लिए शीतल पेय की विशेष व्यवस्था की गई थी। *"आदिवासी संस्कृति संपूर्ण छत्तीसगढ़ की पहचान" — लक्ष्मीनाथ साहू* स्वागत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने कहा: "आदिवासी समाज हमारी संस्कृति, जल-जंगल-जमीन की रक्षा का मुख्य स्तंभ है। आज का यह दिन आदिवासी समाज के संघर्ष, त्याग और उनकी अनुपम संस्कृति को नमन करने का दिन है। समाज के सर्वांगीण विकास और उनके अधिकारों के संरक्षण के लिए हम सदैव उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।" *"सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल" — सुनील साहू* ओबीसी विभाग कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुनील साहू ने अपने संबोधन में कहा: "विश्व आदिवासी दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विविधता और परस्पर एकता का प्रतीक है। आज चकरभाठा -बोदरी में समाज द्वारा निकाली गई यह शोभायात्रा अद्भुत और ऐतिहासिक है। ऐसे आयोजनों से सामाजिक ताना-बाना और अधिक मजबूत होता है।" स्वागत कार्यक्रम में तिफरा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू, ओबीसी कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील साहू, जिला शहर महामंत्री महेश ठाकुर, तिफरा मंडल अध्यक्ष संत सर्वे, पार्षद रोहित साहू, ओमप्रकाश दुबे, दिनेश यादव, गुड्डा नामदेव, ईश्वर यादव, गोविन्द मानिकपुरी, कुणाल मरकाम, अक्षय नवरंग, अतुल मरकाम, राहुल भारद्वाज, सुमित नायक, चन्द्रभूषण ध्रुवंशी, प्रभु नारायण ध्रुव, प्रियांशु यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आदिवासी समाज के प्रमुखों ने इस भव्य एवं आत्मीय स्वागत के लिए कांग्रेस नेताओं का आभार व्यक्त किया।1
- बिलासपुर में जूनियर-इंटर्न डॉक्टरों का अनोखा प्रदर्शन, स्टाइपेंड-भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर निकली रैली बिलासपुर में सिम्स मेडिकल कॉलेज के जूनियर और इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड व भत्ता बढ़ाने की मांग को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। देवकीनंदन चौक पर डॉक्टरों ने गोल बनाकर मेडिकल कॉलेज की स्थिति को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद डॉक्टर सिम्स मेडिकल कॉलेज से कलेक्ट्रेट तक पैदल रैली निकालते हुए पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी भी की गई। डॉक्टरों ने कहा कि डॉक्टर नहीं होंगे तो मरीजों का इलाज कौन करेगा।1
- मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत...... सत्येंद्र....1
- विश्व आदिवासी दिवस पर चकरभाठा में गूंजा आदिवासी एकता का संदेश, गोंडवाना भवन का उ विश्व आदिवासी दिवस पर चकरभाठा में गूंजा आदिवासी एकता का संदेश, गोंडवाना भवन का उद्घाटन और निकली भव्य बाइक रैली बिल्हा रविवार की रात 9:00 बजे आयोजन समिति से मिली जानकारी के अनुसार विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर चकरभाठा में आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति और गौरव का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। रेलवे स्टेशन स्थित नवनिर्मित गोंडवाना भवन के उद्घाटन के साथ बाइक रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक नृत्य ने कार्यक्रम को आकर्षण का केंद्र बना दिया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक धरमलाल कौशिक एवं लक्ष्मीनाथ साहू सुनिल साहू अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत रेलवे स्टेशन स्थित गोंडवाना भवन से हुई। इसके बाद समाज के लोगों ने बाइक रैली के रूप में चकरभाठा के प्रमुख मार्गों का भ्रमण करते हुए नयापारा चौक तक रैली निकाली। रैली के दौरान आदिवासी समाज के लोगों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर जल-जंगल-जमीन, संस्कृति और परंपरा को बचाने का संदेश दिया। पारंपरिक नृत्य और वेशभूषा ने राहगीरों और क्षेत्रवासियों का ध्यान अपनी ओर खींचा और पूरे मार्ग में आदिवासी संस्कृति की अनोखी झलक देखने को मिली। कार्यक्रम के माध्यम से समाज ने अपनी संस्कृति, परंपरा और पहचान को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने तथा समाज में शिक्षा, एकता और जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों, गौरव, संस्कृति और अस्तित्व के संरक्षण का संकल्प लेने का अवसर है। कार्यक्रम के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन में चकरभाठा थाना पुलिस का विशेष सहयोग रहा। थाना प्रभारी भावेश शेंडे के नेतृत्व में अर्चना साहू, सोमेश साहू, राजेश राधे सहित थाना के अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस टीम की मौजूदगी और सहयोग से बाइक रैली एवं कार्यक्रम व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। बाइक रैली के बाद समाज के लोग वापस गोंडवाना भवन पहुंचे, जहां प्रसाद वितरण किया गया। इसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि आदिवासी समाज की असली ताकत उसकी संस्कृति, परंपरा, एकता और अपनी पहचान के प्रति गर्व में है।1
- बिलासपुर में फिर सनसनीखेज वारदात! देवरीखुर्द स्थित शराब दुकान के पास ऑटो चालक बबल साहू की हत्या से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद आरोपी फरार बताया जा रहा है। बिलासपुर में फिर सनसनीखेज वारदात! देवरीखुर्द स्थित शराब दुकान के पास ऑटो चालक बबल साहू की हत्या से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद आरोपी फरार बताया जा रहा है। तोरवा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है। ❓ आखिर हत्या की वजह क्या थी और आरोपी कौन है? 📍 देवरीखुर्द, तोरवा | बिलासपुर 🔴 POWER NEWS 24 BHARAT — हर खबर पर नजर 👁️ #BilaspurNews #BilaspurCrime #BreakingNews #Torwa #Devrikhurd #CrimeNews #ChhattisgarhNews #PowerNews24Bharat #LatestNews1