धामनोद और धरमपुरी क्षेत्र में कमजोर बारिश से चिंतित ग्रामीणों ने प्रकृति की शरण ली है। ग्राम पंचायत बालवारी के ग्राम खोकरिया मोवड़ीपुरा में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से 'बाग रोटी' बनाकर प्रकृति की विशेष पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की समृद्धि तथा अच्छी वर्षा की कामना की। ग्रामीणों का मानना है कि यह परंपरा सदियों पुरानी है और जब भी सूखे जैसे हालात होते हैं, तब इस सामूहिक पूजा और काकड़ पूजन से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं। इस आयोजन के लिए एक दिन पूर्व गांव के वरिष्ठजनों और सरपंच के साथ बैठक की गई थी। इसके बाद ग्रामीण तय स्थान यानी तालाब की पाल पर खुले आसमान के नीचे एकत्र हुए। वहां महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पारंपरिक लोकगीत गाते हुए बाग रोटी बनाई और फसलों तथा पशुधन की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। सरपंच सुरेश गिरवाल ने बताया कि खुले स्थान पर सभी ग्रामीणों का एक साथ बैठकर भोजन प्रसादी बनाना और पूजा करना गांव की एकजुटता का प्रतीक है। इस तरह के सामूहिक आयोजनों से न केवल लोगों की आस्था मजबूत होती है, बल्कि गांव में सामाजिक एकता और भाईचारा भी बढ़ता है। ग्रामीणों की यह आस्था रंग लाई और मंगलवार सुबह से ही आसमान में बादल मंडराने लगे, जिसके बाद दोपहर तक बारिश हुई। बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने भगवान इंद्रदेव का धन्यवाद किया। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूजन से इंद्रदेव प्रसन्न हुए हैं और इससे यह साबित हो गया कि बुजुर्गों की पुरानी कहावतें बिल्कुल सच होती हैं।
धामनोद और धरमपुरी क्षेत्र में कमजोर बारिश से चिंतित ग्रामीणों ने प्रकृति की शरण ली है। ग्राम पंचायत बालवारी के ग्राम खोकरिया मोवड़ीपुरा में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से 'बाग रोटी' बनाकर प्रकृति की विशेष पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की समृद्धि तथा अच्छी वर्षा की कामना की। ग्रामीणों का मानना है कि यह परंपरा सदियों पुरानी है और जब भी सूखे जैसे हालात होते हैं, तब इस सामूहिक पूजा और काकड़ पूजन से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं। इस आयोजन के लिए एक दिन पूर्व गांव के वरिष्ठजनों और सरपंच के साथ बैठक की गई थी। इसके बाद ग्रामीण तय स्थान यानी तालाब की पाल पर खुले आसमान के नीचे एकत्र हुए। वहां महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पारंपरिक लोकगीत गाते हुए बाग रोटी बनाई और फसलों तथा पशुधन की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। सरपंच सुरेश गिरवाल ने बताया कि खुले स्थान पर सभी ग्रामीणों का एक साथ बैठकर भोजन प्रसादी बनाना और पूजा करना गांव की एकजुटता का प्रतीक है। इस तरह के सामूहिक आयोजनों से न केवल लोगों की आस्था मजबूत होती है, बल्कि गांव में सामाजिक एकता और भाईचारा भी बढ़ता है। ग्रामीणों की यह आस्था रंग लाई और मंगलवार सुबह से ही आसमान में बादल मंडराने लगे, जिसके बाद दोपहर तक बारिश हुई। बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने भगवान इंद्रदेव का धन्यवाद किया। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूजन से इंद्रदेव प्रसन्न हुए हैं और इससे यह साबित हो गया कि बुजुर्गों की पुरानी कहावतें बिल्कुल सच होती हैं।
- खरगोन जिले के सनावद में जवाहर मार्ग पर स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और रेवा गुर्जर महाविद्यालय के सामने निर्माणाधीन सार्वजनिक शौचालय को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नागरिक अधिकार मंच ने इस निर्माण स्थल की तकनीकी और प्रशासनिक समीक्षा की मांग को लेकर नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा है। मंच का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय शहर के लिए एक आवश्यक सुविधा है, लेकिन इसका स्थान ऐसा होना चाहिए जिससे जनसुविधा के साथ-साथ सुरक्षा और नगर नियोजन पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े। ज्ञापन में मंच ने मुख्य रूप से चिंता जताई है कि प्रस्तावित निर्माण स्थल दो बड़े शिक्षण संस्थानों के मुख्य प्रवेश मार्ग के ठीक सामने है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा, निजता और वहां के शैक्षणिक वातावरण पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसके साथ ही, यह निर्माण कार्य एक सक्रिय जल निकासी नाले पर किया जा रहा है। यदि निर्माण से पहले इसका तकनीकी परीक्षण और संरचनात्मक मूल्यांकन नहीं किया गया, तो भविष्य में जल निकासी ठप होने, जलभराव होने और रखरखाव से जुड़ी गंभीर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। चूंकि जवाहर मार्ग शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, इसलिए यहां यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है। नागरिक अधिकार मंच के अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि मंच विकास कार्यों का विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि उसकी मांग है कि निर्णय जनहित, सुरक्षा और तय तकनीकी मानकों के अनुरूप लिया जाए। यदि पास में कोई अन्य उपयुक्त शासकीय भूमि उपलब्ध हो, तो प्रशासन को वैकल्पिक स्थान पर निर्माण करने पर विचार करना चाहिए। इस मामले पर कार्रवाई की जानकारी देते हुए नायब तहसीलदार संतोष कुमार कुशवाहा ने बताया कि ज्ञापन प्राप्त हो चुका है और इसे नियमानुसार परीक्षण व आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है। फिलहाल, इस पूरे विषय पर नगरपालिका प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।3
- विजयनगर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई, जांच रिपोर्ट पेश इंदौर के विजयनगर गैस पाइपलाइन ब्लास्ट मामले में मंगलवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान न्यायालय के निर्देश पर एसीपी ने पुलिस की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। मामले में क्षेत्रीय पार्षद को आरोपी बनाए जाने के मुद्दे पर भी अदालत में चर्चा हुई। वहीं, हादसे में घायल लोगों के इलाज को लेकर भी हाईकोर्ट ने गंभीरता दिखाई। जानकारी के अनुसार एक घायल महिला का इलाज अभी भी दिल्ली स्थित एम्स में चल रहा है। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता रितेश ईनाणी ने मीडिया को सुनवाई की जानकारी दी। बाइट: रितेश ईनाणी, अधिवक्ता, इंदौर हाईकोर्ट1
- इंदौर में 30 जून के बाद प्रतिबंध हटते ही शहरभर में रातभर बोरिंग का काम तेजी से शुरू हो गया है। देर रात चल रही बोरिंग मशीनों के शोर से शहर के लोग परेशान हैं। इस तेज आवाज के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं बुजुर्ग और बीमार लोग भी परेशान हैं। इसी शिकायत को लेकर पूर्व भाजपा पार्षद संजय कटारिया के साथ रहवासी कलेक्टर जनसुनवाई पहुंचे। लोगों ने देर रात होने वाली बोरिंग पर दोबारा प्रतिबंध लगाने की मांग की है। रहवासियों का कहना है कि इससे न सिर्फ लोगों की परेशानी बढ़ रही है, बल्कि शहर का जलस्तर भी लगातार गिर रहा है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर बच्चों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में 23 जुलाई को महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया गया है। यह घोषणा वंचित बहुजन आघाड़ी के प्रकाश आंबेडकर जी द्वारा की गई है। जंतर-मंतर पर हुई इस कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा निकाला जाएगा और 23 जुलाई को विरोध दर्ज कराते हुए महाराष्ट्र बंद रखा जाएगा।1
- बड़वानी जिले के राजपुर और अंजाद सहित कई शहरों में धुआंधार बारिश हुई है। इस तेज बारिश के कारण कई यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। राजपुर में हुई इस धुआंधार बारिश का एक वीडियो भी सामने आया है। राजपुर के अलावा अंजाद, बड़वानी और कई अन्य शहरों में भी लगातार बारिश का दौर देखा जा रहा है।1
- इंदौर में कल्याण ज्वेलर्स पर निगम का एक्शन, डमी वाटर हार्वेस्टिंग मिलने पर ₹1 लाख का जुर्माना इंदौर नगर निगम ने एमजी रोड स्थित कल्याण ज्वेलर्स पर डमी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और फायर सेफ्टी में खामियां मिलने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। संस्थान को जल संचय प्रणाली और फायर सेफ्टी व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुसार दुरुस्त करने के लिए 5 दिन का समय भी दिया गया है। दरअसल, नगर निगम शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग और फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की लगातार जांच कर रहा है। मंगलवार को निगम की टीम ने एमजी रोड स्थित कल्याण ज्वेलर्स पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच के दौरान भवन के क्षेत्रफल और निर्माण के अनुरूप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं मिला। अधिकारियों के अनुसार वहां डमी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पाया गया, जिसके बाद संस्थान पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। निगम के भवन अधिकारी और जोनल अधिकारी ने बताया कि संस्थान प्रबंधन को जल संचय संयंत्र और फायर सेफ्टी सिस्टम को निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय सीमा में सुधार नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बतादें, कि पिछले सप्ताह महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एमजी रोड का निरीक्षण कर दावा किया था कि क्षेत्र की अधिकांश प्रमुख इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित हैं।नगर निगम की टीम ने मंगलवार को एमजी रोड स्थित कल्याण ज्वेलर्स का निरीक्षण किया। जांच के दौरान भवन के क्षेत्रफल और निर्माण के अनुरूप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं मिला। अधिकारियों के अनुसार परिसर में केवल डमी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पाया गया, जिसके चलते संस्थान पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। निगम के भवन अधिकारी और जोनल अधिकारी ने बताया कि संस्थान प्रबंधन को जल संचय प्रणाली और फायर सेफ्टी व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुसार सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 5 दिन की समय सीमा तय की गई है। यदि तय अवधि में आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एमजी रोड क्षेत्र का निरीक्षण कर दावा किया था कि अधिकांश प्रमुख इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित हैं। इसी अभियान के तहत अब नगर निगम विभिन्न संस्थानों की जांच कर नियमों का पालन सुनिश्चित कर रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक पत्नी खुद नागिन बन गई। इस महिला ने अपने ही पति को डसवाया है।1
- मध्य प्रदेश के बड़वाह में नर्मदा नदी में भस्मी ठंडी करने आए इंदौर के पिता और पुत्र गहरे पानी में डूबने लगे। इस दौरान वहां मौजूद गोताखोरों ने मुस्तैदी दिखाते हुए डूब रहे दोनों पिता-पुत्र को सुरक्षित बचा लिया।1