मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी "नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0" के तहत रविवार को नीमच जिले के रामपुरा तहसील स्थित ग्राम चचोर में एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी और एक नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया। कार्यक्रम में मौजूद थाना प्रभारी नीलेश सोलंकी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि नशा किसी भी व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन को पूरी तरह प्रभावित करता है। इसका नकारात्मक असर न केवल नशा करने वाले व्यक्ति पर, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज पर भी पड़ता है। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। लोगों ने स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इस सामाजिक बुराई के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। यह पूरा आयोजन पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में चलाया जा रहा है। इस प्रदेशव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम लोगों में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, ताकि जनसहभागिता के जरिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सके। नीमच पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस जनआंदोलन का हिस्सा बनें, स्वयं नशे से दूर रहें और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी "नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0" के तहत रविवार को नीमच जिले के रामपुरा तहसील स्थित ग्राम चचोर में एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी और एक नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया। कार्यक्रम में मौजूद थाना प्रभारी नीलेश सोलंकी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि नशा किसी भी व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन को पूरी तरह प्रभावित करता है। इसका नकारात्मक असर न केवल नशा करने वाले व्यक्ति पर, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज पर भी पड़ता है। इस दौरान
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। लोगों ने स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इस सामाजिक बुराई के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। यह पूरा आयोजन पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के निर्देशन में चलाया जा रहा है। इस प्रदेशव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम लोगों में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, ताकि जनसहभागिता के जरिए एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सके। नीमच पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस जनआंदोलन का हिस्सा बनें, स्वयं नशे से दूर रहें और दूसरों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें।
- मन्दसौर की जनपद पंचायत सीतामऊ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत लावरी में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। इस बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर घोर लापरवाही बरतने का सीधा आरोप लगाया है।1
- मध्य प्रदेश के मनासा तहसील में लंबे समय से लंबित अपनी मांगों को लेकर पटवारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। मध्य प्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर रविवार दोपहर करीब 12 बजे बड़ी संख्या में पटवारी तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार के माध्यम से शासन के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने पहुंचे पटवारियों ने बताया कि पिछले चार महीनों से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जिसके चलते उनके परिवारों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान करने, लंबित आदेशों को तत्काल लागू करने और अन्य सभी लंबित समस्याओं के जल्द निराकरण की मांग उठाई है। शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों का समर्थन करने पहुंचे पटवारियों ने शासन को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होंगे। इस ज्ञापन सौंपने के दौरान तहसील क्षेत्र के बड़ी संख्या में पटवारी मौके पर मौजूद रहे।3
- मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सरकारी शिक्षकों के प्रमोशन का नया फॉर्मूला तैयार किया है। इस नए नियम के तहत विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया पहले ही आयोजित कर ली जाएगी, लेकिन शिक्षकों को पदोन्नति का वास्तविक लाभ शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करने के बाद ही मिलेगा। हालांकि, जैसे ही संबंधित शिक्षक टीईटी परीक्षा पास करेगा, उसे उसकी डीपीसी की प्रभावी तिथि से ही पदोन्नति का लाभ दे दिया जाएगा, जिससे उसकी वरिष्ठता, वेतन निर्धारण और अन्य सेवा संबंधी अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। इस नए बदलाव का सबसे बड़ा असर वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त हुए करीब 1.5 लाख प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों पर पड़ेगा, जिन्हें अब प्रमोशन पाने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। मध्य प्रदेश में कुल प्राथमिक शिक्षकों की संख्या लगभग 1.70 लाख और माध्यमिक शिक्षकों की संख्या लगभग 1.45 लाख है। नियमों के अनुसार, वर्ष 2016 से पहले नियमित प्रमोशन पाकर हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में पहुंच चुके शिक्षकों को टीईटी नहीं देनी होगी। वहीं, जो शिक्षक वर्तमान में केवल उच्च पद प्रभार पर कार्यरत हैं और उनका मूल पद माध्यमिक शिक्षक है, उन्हें नियमित प्रमोशन के लिए टीईटी पास करना ही होगा। व्यापम के माध्यम से वर्ष 2005 से पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्त हुए शिक्षकों को भी प्रमोशन के लिए अलग से टीईटी पास करनी होगी, हालांकि सरकार इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में राहत मांगने की तैयारी कर रही है। इसके अतिरिक्त, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष या उससे कम का समय बचा है (ऐसे करीब 17 हजार शिक्षक हैं), उन्हें सामान्य रूप से छूट है, लेकिन यदि वे पदोन्नति का लाभ लेना चाहते हैं तो उन्हें भी टीईटी उत्तीर्ण करनी होगी। लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि संचालनालय विधिक रूप से संपूर्ण प्रक्रिया का परीक्षण कर रहा है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- मंदसौर के लदूना संदीपनी विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य अजीत त्रिपाठी सर के स्थानांतरण के विरोध में स्कूल के छात्र-छात्राओं ने मुख्य सड़क पर बैठकर उग्र प्रदर्शन किया। छात्र अपने प्रभारी प्राचार्य के ट्रांसफर का कड़ा विरोध कर रहे हैं और उन्हें वापस लाने की मांग पर अड़े हैं। सड़क जाम की सूचना मिलने पर सीतामऊ थाना प्रभारी कमलेश प्रजापति पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने बच्चों को समझा-बुझाकर सड़क से उठाया, लेकिन इसके बावजूद बच्चे अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारी बच्चों का साफ कहना है कि अगर उनके सर का ट्रांसफर नहीं रोका गया, तो वे आगे भी अपना आंदोलन और प्रदर्शन जारी रखेंगे। फिलहाल मौके पर बच्चों को समझाने का प्रयास लगातार जारी है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र में पीपलवास ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने तालाबंदी कर दी है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई स्थानांतरण सूची के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और छात्रों ने स्कूल के शिक्षकों को भी परिसर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। इस स्कूल में कक्षा 1 से 12 तक कुल 350 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इस वर्ष यहां कार्यरत तीन लेक्चरर और तीन सेकंड ग्रेड अध्यापकों का तबादला हो गया है, जबकि एक सेकंड ग्रेड अध्यापक का पद पहले से ही रिक्त था। इस तरह विद्यालय में कुल सात शिक्षकों के पद खाली हो गए हैं, जिससे शैक्षणिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके अतिरिक्त भदेसर उपखंड मुख्यालय के मॉडल स्कूल और घनेत विद्यालय सहित क्षेत्र के कई अन्य स्कूलों में भी शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक रिक्त पदों पर शिक्षकों की तुरंत नियुक्ति नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस समस्या को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए जल्द नियुक्ति की मांग की है। ग्रामीणों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, संस्था प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है।1
- नीमच पुलिस ने महू-नीमच रोड पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 175 किलो डोडाचूरा बरामद किया है। काबुली चने की आड़ में की जा रही इस तस्करी के मामले में पुलिस ने पंजाब के एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस पूरी कार्रवाई में कुल 16.25 लाख रुपये की जब्ती की गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर इस पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।1