संत कबीर नगर जिले के धनघटा क्षेत्र में स्थित बिड़हर घाट सरयू नदी के तट पर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहाँ श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। संत कबीर नगर जिले के धनघटा क्षेत्र में स्थित बिड़हर घाट सरयू नदी के तट पर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहाँ श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।मुक्तिधाम का महत्व बिड़हर घाट आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए अंतिम संस्कार का एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहां लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने आते हैं। यह स्थान लोगों की धार्मिक मान्यताओं और अंतिम संस्कार की परंपराओं से जुड़ा हुआ है।1. धार्मिक महत्व बिड़हर घाट पर श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान और पूजा-अर्चना करने आते हैं। घाट के पास शिव मंदिर, महाकाल मंदिर और मां दुर्गा मंदिर स्थित हैं। श्रावण मास, एकादशी और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। 2. मुक्तिधाम का महत्व
संत कबीर नगर जिले के धनघटा क्षेत्र में स्थित बिड़हर घाट सरयू नदी के तट पर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहाँ श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। संत कबीर नगर जिले के धनघटा क्षेत्र में स्थित बिड़हर घाट सरयू नदी के तट पर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहाँ श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।मुक्तिधाम का महत्व बिड़हर घाट आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए अंतिम संस्कार का एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहां लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने आते हैं। यह स्थान लोगों की धार्मिक मान्यताओं और अंतिम संस्कार की परंपराओं से जुड़ा हुआ है।1. धार्मिक महत्व बिड़हर घाट पर श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान और पूजा-अर्चना करने आते हैं। घाट के पास शिव मंदिर, महाकाल मंदिर और मां दुर्गा मंदिर स्थित हैं। श्रावण मास, एकादशी और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। 2. मुक्तिधाम का महत्व
- कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर ने बताया पैदल चलने के फायदे मनुष्य को पैदल चलना कितना आवश्यक है। कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर ने बताया कि पैदल चलने वाले व्यक्ति को हार्ट अटैक का खतरा 35 प्रतिशत तक कम हो जाता है।कम से कम एक किलोमीटर पैदल जरुर चले।1
- संत कबीर नगर जिले के धनघटा क्षेत्र में स्थित बिड़हर घाट सरयू नदी के तट पर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहाँ श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। संत कबीर नगर जिले के धनघटा क्षेत्र में स्थित बिड़हर घाट सरयू नदी के तट पर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहाँ श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।मुक्तिधाम का महत्व बिड़हर घाट आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए अंतिम संस्कार का एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहां लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने आते हैं। यह स्थान लोगों की धार्मिक मान्यताओं और अंतिम संस्कार की परंपराओं से जुड़ा हुआ है।1. धार्मिक महत्व बिड़हर घाट पर श्रद्धालु सरयू नदी में स्नान और पूजा-अर्चना करने आते हैं। घाट के पास शिव मंदिर, महाकाल मंदिर और मां दुर्गा मंदिर स्थित हैं। श्रावण मास, एकादशी और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। 2. मुक्तिधाम का महत्व1
- महुली पुलिस की सक्रियता से साइबर ठगी के पीड़ित को ₹25000/- की धनराशि वापस कराई गई* महुली पुलिस की सक्रियता से साइबर ठगी के पीड़ित को ₹25000/- की धनराशि वापस कराई गई* पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा चलाए जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में जनपद में संचालित “क्रैक साइबर क्राइम अभियान” के अंतर्गत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर ठगी के पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने हेतु संतकबीरनगर पुलिस द्वारा प्रभावी एवं सतत कार्यवाही की जा रही है।* इसी क्रम में थाना महुली पुलिस एवं साइबर हेल्प टीम द्वारा त्वरित एवं तकनीकी प्रयास करते हुए साइबर ठगी के एक प्रकरण में पीड़ित की ₹25000/- ( पच्चीस हजार रूपये ) की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई गई। घटना का संक्षिप्त विवरण वादी शिव प्रसाद वर्मा पुत्र श्री ठाकुर प्रसाद , निवासी ग्राम नाथनगर, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर द्वारा अवगत कराया गया कि अज्ञात व्यक्ति के खाते में गलती से पैसा ट्रांसफर हो गया, ज्ञात न होने पर महुली साईबर हेल्प डेस्क को सूचना दिया, उक्त प्रकरण के संबंध में वादी द्वारा दिनांक 25.09.2026 को शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से सहायता की मांग की गई थी। शिकायत प्राप्त होने के उपरांत थाना महुली पुलिस एवं साइबर टीम द्वारा प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित बैंकिंग एवं तकनीकी माध्यमों से आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की गई। टीम द्वारा निरंतर किए गए प्रभावी प्रयासों के परिणामस्वरूप दिनांक 27.09.2026 को पीड़ित के खाते में ₹25000/- की संपूर्ण धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। अपनी धनराशि वापस प्राप्त होने पर पीड़ित एवं उसके परिजनों द्वारा संतकबीरनगर पुलिस के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही की सराहना की गई। *कार्यवाही करने वाली पुलिस टीम* - श्री दुर्गेश पाण्डेय – थाना प्रभारी, महुली - श्री अनुज कुमार यादव – साइबर प्रभारी, महुली - कांस्टेबल अंकित पटेल - कांस्टेबल सोनू यादव - कांस्टेबल मनोज यादव *जनपद पुलिस की अपील* संतकबीरनगर पुलिस समस्त नागरिकों से अपील करती है कि साइबर अपराध से बचाव में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, फोन कॉल, मैसेज अथवा ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP, CVV, पासवर्ड, UPI PIN अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पूर्व उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होती है तो बिना समय गंवाए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते धनराशि को होल्ड कराने एवं आवश्यक कानूनी/तकनीकी कार्यवाही में सहायता मिल सके। *संतकबीरनगर पुलिस — साइबर अपराध के विरुद्ध सतर्क, सक्रिय एवं प्रतिबद्ध।*1
- गलती से ट्रांसफर हुए 25 हजार रुपये पुलिस ने कराए वापस महुली पुलिस व साइबर हेल्प डेस्क की त्वरित कार्रवाई, 48 घंटे में पीड़ित को मिली रकम संतकबीरनगर। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘क्रैक साइबर क्राइम अभियान’ के तहत महुली पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गलती से दूसरे खाते में ट्रांसफर हुए 25 हजार रुपये पीड़ित को वापस करा दिए। रकम वापस मिलने पर पीड़ित और उसके परिजनों ने पुलिस टीम के प्रति आभार जताया। महुली थाना क्षेत्र के नाथनगर निवासी शिव प्रसाद वर्मा ने पुलिस को बताया कि 25 हजार रुपये गलती से एक अज्ञात व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो गए थे। उन्होंने 25 सितंबर को साइबर हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज कराते हुए रकम वापस कराने की मांग की। शिकायत मिलते ही पुलिस ने बैंकिंग और तकनीकी माध्यमों से कार्रवाई शुरू कर दी। टीम ने संबंधित खाते में गई रकम को होल्ड कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। लगातार किए गए प्रयासों के बाद 27 सितंबर को पीड़ित के खाते में पूरी 25 हजार रुपये की धनराशि वापस करा दी गई। रकम वापस मिलने पर शिव प्रसाद वर्मा ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि साइबर ठगी या गलत ऑनलाइन ट्रांजेक्शन होने पर घबराने के बजाय तत्काल 1930 पर शिकायत करें। ओटीपी, यूपीआई पिन, सीवीवी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। रकम रिकवर कराने वाली टीम में थानाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय, उपनिरीक्षक अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल सोनू यादव और मनोज यादव शामिल रहे।1
- जनगणना1
- संत कबीर नगर संसद के ऊपर हमले को लेकर पुलिस अधीक्षक द्वारा एक बाइट दिया गया संत कबीर नगर संसद के ऊपर हमले को लेकर पुलिस अधीक्षक द्वारा एक बाइट दिया गया1
- *“हर गुमशुदा की तलाश—परिजनों की उम्मीद और पुलिस की जिम्मेदारी”* *यक्ष ऐप पर दर्ज गुमशुदा व्यक्तियों के सत्यापन हेतु महिला आरक्षियों को कार्य आवंटित* पुलिस अधीक्ष, जनपद संतकबीरनगर के निर्देशन में गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश, उनके संबंध में उपलब्ध सूचनाओं का सत्यापन एवं सकुशल बरामदगी हेतु जनपद पुलिस द्वारा निरंतर प्रभावी एवं संवेदनशील कार्यवाही की जा रही है। *इसी क्रम में थाना महुली पर यक्ष ऐप पर दर्ज गुमशुदा व्यक्तियों से संबंधित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनके सत्यापन एवं आवश्यक कार्यवाही को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से थाना महुली पर नियुक्त महिला आरक्षियों को प्रकरणवार कार्य आवंटित किया गया।* आवंटित प्रकरणों में संबंधित महिला आरक्षियों द्वारा गुमशुदा व्यक्तियों के परिजनों एवं संबंधित व्यक्तियों से संपर्क स्थापित कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की जाएगी। साथ ही उपलब्ध अभिलेखों, पूर्व में प्राप्त सूचनाओं तथा यक्ष ऐप पर दर्ज विवरण का समुचित सत्यापन करते हुए गुमशुदा व्यक्ति की तलाश से संबंधित प्रत्येक संभावित पहलू पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। *तकनीक और संवेदना का समन्वय* गुमशुदगी का प्रत्येक प्रकरण किसी परिवार के लिए केवल एक पुलिस केस नहीं, बल्कि चिंता, प्रतीक्षा और अपनों के वापस लौटने की उम्मीद से जुड़ा विषय होता है। थाना महुली पुलिस का प्रयास है कि किसी भी गुमशुदा व्यक्ति से संबंधित सूचना को केवल अभिलेखों तक सीमित न रखते हुए उसके सत्यापन और तलाश को पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ाया जाए। यक्ष ऐप जैसे तकनीकी माध्यमों का प्रभावी उपयोग करते हुए पुराने एवं वर्तमान गुमशुदगी प्रकरणों की जानकारी को व्यवस्थित रूप से सत्यापित किया जा रहा है, ताकि उपलब्ध सूचनाओं का बेहतर उपयोग करते हुए तलाश की कार्यवाही को गति प्रदान की जा सके। महिला आरक्षियों को इस कार्य में विशेष रूप से लगाया जाना भी पुलिस की संवेदनशील, संवादपरक एवं पीड़ित-केंद्रित कार्यप्रणाली का हिस्सा है। परिजनों से सहज एवं सम्मानजनक संवाद स्थापित कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करना इस पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पक्ष है। *“हर सूचना महत्वपूर्ण है, हर तलाश जरूरी है”* थाना महुली पुलिस द्वारा गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश एवं सकुशल बरामदगी हेतु उपलब्ध संसाधनों, तकनीकी माध्यमों एवं पुलिस टीम की सामूहिक क्षमता का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। प्राप्त प्रत्येक नई सूचना का परीक्षण करते हुए आवश्यकतानुसार संबंधित स्थानों, व्यक्तियों एवं संभावित संपर्क सूत्रों के संबंध में सत्यापन की कार्यवाही की जाएगी। थाना महुली पुलिस का संकल्प है कि गुमशुदा व्यक्तियों से जुड़े प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए निरंतर प्रयास किया जाए और परिजनों की उम्मीद को पुलिस की जिम्मेदारी के रूप में निभाया जाए।3
- सांसद के काफिले पर हमले को लेकर जयराम पांडे ने जताया विरोध, साजिश के तहत दंगा भड़काने का लगाया आरोप जयराम पांडे ने हाल ही में हुई घटना पर अपना कड़ा रुख व्यक्त करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की मंशा हिंदू-मुस्लिम के नाम पर चुनाव जीतने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनाने की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास सफल नहीं हो पाएंगे। पांडे ने दावा किया कि क्षेत्र में साज़िश के तहत माहौल खराब करने की कोशिश की गई। डीजे बजाते हुए और मुस्लिम बस्तियों की ओर जाकर दंगा भड़काने की सोची-समझी साजिश रची गई थी। इसी दौरान जब सांसद की गाड़ी वहां से गुजरी, तो गाड़ी पर लगे झंडे को देखकर उपद्रवियों ने जानलेवा हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि सांसद और उनकी सुरक्षाकर्मी इस हमले में सुरक्षित बच गए, लेकिन भारी पथराव के कारण गाड़ियां और एक सरकारी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस और एसपी से मुलाकात घटना को लेकर जयराम पांडे ने बताया कि उनकी कप्तान से दो बार बातचीत हो चुकी है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि उपद्रवियों को चिह्नित कर लिया गया है और तहरीर मिलते ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जब पत्रकारों ने पुलिस द्वारा दिए गए दुर्घटना के शुरुआती बयान पर सवाल पूछा, तो पांडे ने कहा कि वह तहरीर लेकर स्वयं एसपी (SP) से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस दुर्घटना का कोई दावा करती है, तो वह उनसे इसका सबूत या वीडियो मांगेंगे। सांसद के काफिले पर हमले को लेकर जयराम पांडे ने जताया विरोध, साजिश के तहत दंगा भड़काने का लगाया आरोप जयराम पांडे ने हाल ही में हुई घटना पर अपना कड़ा रुख व्यक्त करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की मंशा हिंदू-मुस्लिम के नाम पर चुनाव जीतने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनाने की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास सफल नहीं हो पाएंगे। पांडे ने दावा किया कि क्षेत्र में साज़िश के तहत माहौल खराब करने की कोशिश की गई। डीजे बजाते हुए और मुस्लिम बस्तियों की ओर जाकर दंगा भड़काने की सोची-समझी साजिश रची गई थी। इसी दौरान जब सांसद की गाड़ी वहां से गुजरी, तो गाड़ी पर लगे झंडे को देखकर उपद्रवियों ने जानलेवा हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि सांसद और उनकी सुरक्षाकर्मी इस हमले में सुरक्षित बच गए, लेकिन भारी पथराव के कारण गाड़ियां और एक सरकारी वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस और एसपी से मुलाकात घटना को लेकर जयराम पांडे ने बताया कि उनकी कप्तान से दो बार बातचीत हो चुकी है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि उपद्रवियों को चिह्नित कर लिया गया है और तहरीर मिलते ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जब पत्रकारों ने पुलिस द्वारा दिए गए दुर्घटना के शुरुआती बयान पर सवाल पूछा, तो पांडे ने कहा कि वह तहरीर लेकर स्वयं एसपी (SP) से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस दुर्घटना का कोई दावा करती है, तो वह उनसे इसका सबूत या वीडियो मांगेंगे।1