रीवा SGMH विवाद: नए अधीक्षक के निजी अस्पताल में हंगामा, जांच के नाम पर प्रवेश की कोशिश! धरना स्थल से आप नेता प्रमोद शर्मा समर्थकों के साथ पहुंचे सिटी हॉस्पिटल, पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद हिरासत में लिए गए अनशनकारी , रीवा। संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध अब निजी अस्पतालों तक पहुंच गया है। धरना स्थल से आप नेता प्रमोद शर्मा कई लोगों के साथ सिटी हॉस्पिटल पहुंचे, जहां जांच के नाम पर अस्पताल में प्रवेश को लेकर विवाद हो गया। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की। 🔥 सरकारी अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल, निजी प्रैक्टिस की जांच की मांग मिली जानकारी के अनुसार, अनशनकारी संजय गांधी अस्पताल में कथित लापरवाही से हो रही मौतों के विरोध में निजी अस्पतालों में सरकारी डॉक्टरों की प्रैक्टिस और अस्पतालों के दस्तावेजों की जांच की मांग कर रहे थे। इसी सिलसिले में सिटी हॉस्पिटल पहुंचकर कागजों की जांच करने का प्रयास किया गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अस्पताल में प्रवेश की अनुमति थी या नहीं और पुलिस ने किस-किस व्यक्ति को किन धाराओं में हिरासत में लिया है। अब सवाल सिर्फ एक अस्पताल का नहीं, पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था का है! संजय गांधी अस्पताल में लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब यह विवाद भी चर्चा में है कि क्या सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस और निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच होगी? विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि “जब सरकारी अस्पताल में मरीजों की मौत पर सवाल उठ रहे हैं, तो निजी प्रैक्टिस और अस्पतालों के दस्तावेजों की जांच से आखिर किसे परेशानी है?” वहीं, पुलिस कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या जांच के नाम पर किसी निजी अस्पताल में जबरन प्रवेश करना कानूनन उचित है? अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है और संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब कब तक सामने आता है। रीवा की जनता जवाब चाहती है—सरकारी अस्पताल में इलाज की जिम्मेदारी किसकी है?
रीवा SGMH विवाद: नए अधीक्षक के निजी अस्पताल में हंगामा, जांच के नाम पर प्रवेश की कोशिश! धरना स्थल से आप नेता प्रमोद शर्मा समर्थकों के साथ पहुंचे सिटी हॉस्पिटल, पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद हिरासत में लिए गए अनशनकारी , रीवा। संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध अब निजी अस्पतालों तक पहुंच गया है। धरना स्थल से आप नेता प्रमोद शर्मा कई लोगों के साथ सिटी हॉस्पिटल पहुंचे, जहां जांच के नाम पर अस्पताल में प्रवेश को लेकर विवाद हो गया। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की। 🔥 सरकारी अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल, निजी प्रैक्टिस की जांच की मांग मिली जानकारी के अनुसार, अनशनकारी संजय गांधी अस्पताल में कथित लापरवाही से हो रही मौतों के विरोध में निजी अस्पतालों में सरकारी डॉक्टरों की प्रैक्टिस और अस्पतालों के दस्तावेजों की जांच की मांग कर रहे थे। इसी सिलसिले में सिटी हॉस्पिटल पहुंचकर कागजों की जांच करने का प्रयास किया गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अस्पताल में प्रवेश की अनुमति थी या नहीं और पुलिस ने किस-किस व्यक्ति को किन धाराओं में हिरासत में लिया है। अब सवाल सिर्फ एक अस्पताल का नहीं, पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था का है! संजय गांधी अस्पताल में लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब यह विवाद भी चर्चा में है कि क्या सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस और निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच होगी? विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि “जब सरकारी अस्पताल में मरीजों की मौत पर सवाल उठ रहे हैं, तो निजी प्रैक्टिस और अस्पतालों के दस्तावेजों की जांच से आखिर किसे परेशानी है?” वहीं, पुलिस कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या जांच के नाम पर किसी निजी अस्पताल में जबरन प्रवेश करना कानूनन उचित है? अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है और संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब कब तक सामने आता है। रीवा की जनता जवाब चाहती है—सरकारी अस्पताल में इलाज की जिम्मेदारी किसकी है?
- रीवा SGMH विवाद: नए अधीक्षक के निजी अस्पताल में हंगामा, जांच के नाम पर प्रवेश की कोशिश! धरना स्थल से आप नेता प्रमोद शर्मा समर्थकों के साथ पहुंचे सिटी हॉस्पिटल, पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद हिरासत में लिए गए अनशनकारी , रीवा। संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध अब निजी अस्पतालों तक पहुंच गया है। धरना स्थल से आप नेता प्रमोद शर्मा कई लोगों के साथ सिटी हॉस्पिटल पहुंचे, जहां जांच के नाम पर अस्पताल में प्रवेश को लेकर विवाद हो गया। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई की। 🔥 सरकारी अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल, निजी प्रैक्टिस की जांच की मांग मिली जानकारी के अनुसार, अनशनकारी संजय गांधी अस्पताल में कथित लापरवाही से हो रही मौतों के विरोध में निजी अस्पतालों में सरकारी डॉक्टरों की प्रैक्टिस और अस्पतालों के दस्तावेजों की जांच की मांग कर रहे थे। इसी सिलसिले में सिटी हॉस्पिटल पहुंचकर कागजों की जांच करने का प्रयास किया गया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अस्पताल में प्रवेश की अनुमति थी या नहीं और पुलिस ने किस-किस व्यक्ति को किन धाराओं में हिरासत में लिया है। अब सवाल सिर्फ एक अस्पताल का नहीं, पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था का है! संजय गांधी अस्पताल में लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब यह विवाद भी चर्चा में है कि क्या सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस और निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच होगी? विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि “जब सरकारी अस्पताल में मरीजों की मौत पर सवाल उठ रहे हैं, तो निजी प्रैक्टिस और अस्पतालों के दस्तावेजों की जांच से आखिर किसे परेशानी है?” वहीं, पुलिस कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या जांच के नाम पर किसी निजी अस्पताल में जबरन प्रवेश करना कानूनन उचित है? अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है और संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब कब तक सामने आता है। रीवा की जनता जवाब चाहती है—सरकारी अस्पताल में इलाज की जिम्मेदारी किसकी है?1
- भाद्रपद अमावस्या मेले को लेकर DM-SP ने संभाली कमान, मेला क्षेत्र और पार्किंग स्थलों का किया निरीक्षण चित्रकूट। भाद्रपद मास अमावस्या मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर जिलाधिकारी चित्रकूट पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने प्रमुख मेला क्षेत्रों और पार्किंग स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने रामघाट, रामसैया, रैन बसेरा सीतापुर, बेड़ीपुलिया पार्किंग एवं शिवरामपुर पार्किंग का निरीक्षण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन, भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, पार्किंग, यातायात संचालन और सुरक्षा ड्यूटी की व्यवस्थाओं को परखा गया। DM और SP ने मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और प्रभावी भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही वन-वे एवं डायवर्जन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा पार्किंग स्थलों से मेला क्षेत्र तक श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाए रखने के निर्देश दिए गए। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को पूर्ण सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी करने और श्रद्धालुओं से विनम्र व्यवहार करने के निर्देश दिए गए। महिला श्रद्धालुओं एवं बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को भी कहा गया। श्रद्धालुओं से अपील प्रशासन एवं पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मेला क्षेत्र में निर्धारित मार्गों और पार्किंग स्थलों का ही प्रयोग करें तथा यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने सामान और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। श्रद्धालु वन-वे, डायवर्जन एवं पार्किंग संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक रूप से सड़क पर वाहन खड़ा न करें, ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। प्रशासन एवं पुलिस द्वारा मेले को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, प्रभावी यातायात प्रबंधन और लगातार निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।1
- ✍️रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय✍️✍️✍️✍️✍️ रात 3 बजे की ग्राउंड रिपोर्ट,,,, रात शराब पी ये व्यक्ति मेरे साथ धरना स्थल मे आ मुझे खोज रहा था अनिल सिंह से बहस कर मुझे गोली मारने की बात कही , देर रात सिरमौर चौराहा धरना स्थल पर तनाव का माहौल,कल्पना मिश्रा के पिता भूख हड़ताल पर हैं,,, ✍️रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय✍️✍️✍️✍️✍️ रात 3 बजे की ग्राउंड रिपोर्ट,,,, रात शराब पी ये व्यक्ति मेरे साथ धरना स्थल मे आ मुझे खोज रहा था अनिल सिंह से बहस कर मुझे गोली मारने की बात कही , देर रात सिरमौर चौराहा धरना स्थल पर तनाव का माहौल,कल्पना मिश्रा के पिता भूख हड़ताल पर हैं,,,1
- भोपाल में वल्लभ भवन के सामने धरने पर बैठे रीवा कांग्रेस से सेमरिया विधायक अभय मिश्रा को पुलिस ने किया गिरफ्तार1
- 🌺 जय माँ शारदा 🌺 आज दिनांक 09 सितंबर 2026 को त्रिकूट पर्वत श्रृंखला पर विराजमान जगत कल्याणी माँ शारदा देवी के पावन प्रातःकालीन दिव्य दर्शन। माँ शारदा के श्रीचरणों में विनम्र प्रार्थना है कि उनकी कृपा, करुणा एवं आशीर्वाद समस्त भक्तों पर सदैव बना रहे। माँ हम सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, सद्बुद्धि एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें तथा सभी की मनोकामनाएँ पूर्ण करें। 🙏 जय माँ शारदा। जय माँ शारदे। 🙏1
- जच्चा-बच्चा मौत मामले में बड़ा अपडेट! धरना स्थल पहुंचे कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी कल्पना मिश्रा के पिता से की स्वास्थ्य को लेकर बात धरने पर बैठे पिता का जाना हाल! जच्चा-बच्चा मौत मामले में बड़ा अपडेट! धरना स्थल पहुंचे कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी कल्पना मिश्रा के पिता से की स्वास्थ्य को लेकर बात धरने पर बैठे पिता का जाना हाल!1
- नोएडा में रद्द हुई SSC की परीक्षा नोएडा के सेंटर पर SSC की जूनियर हिंदी ट्रांसलेटर की परीक्षा रद्द ◆ आज 12 बजे से परीक्षा होनी थी, लेकिन तकनीकी खराबी की वजह से परीक्षा नहीं हो पाई #Noida | Noida SSC Exam नोएडा में रद्द हुई SSC की परीक्षा नोएडा के सेंटर पर SSC की जूनियर हिंदी ट्रांसलेटर की परीक्षा रद्द ◆ आज 12 बजे से परीक्षा होनी थी, लेकिन तकनीकी खराबी की वजह से परीक्षा नहीं हो पाई #Noida | Noida SSC Exam1
- लोकेशन रीवा। डिप्टी CM आवास घेराव पर FIR के बाद कांग्रेस का पलटवार, खुद FIR कराने अमहिया थाने पहुंचे यूथ कांग्रेस नेता। रीवा में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के आवास पर युवा कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद सियासी टकराव और तेज हो गया है। पुलिस की ओर से तोड़फोड़, शासकीय कार्य में बाधा और बलवा समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद मंगलवार को यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी भी अमहिया थाने पहुंचे और अपने कार्यकर्ताओं पर कथित मारपीट और चोट का आरोप लगाते हुए FIR की मांग की। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे और कल्पना मिश्रा को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। अमहिया थाने पहुंचे यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सांसद जी ने कहा था सामने आइए, तो हम सामने खड़े हैं। जब तक स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा नहीं होगा, हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। अभिषेक परमार ने आरोप लगाया कि उनके और कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज किए गए हैं और प्रदर्शन के दौरान उन्हें भी चोटें आई हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें अपराधी माना जा रहा है तो जेल भेजा जाए, लेकिन कल्पना मिश्रा को न्याय मिलने तक कांग्रेस अपनी लड़ाई जारी रखेगी। वहीं कांग्रेस नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के साथ-साथ कथित चोटों की शिकायत दर्ज कराने की मांग की है। एक तरफ पुलिस की FIR, दूसरी तरफ कांग्रेस की जवाबी FIR की मांग, रीवा में स्वास्थ्य व्यवस्था से शुरू हुआ आंदोलन अब सीधे पुलिस और सियासत के आमने-सामने पहुंच गया है। अब देखना होगा कि यूथ कांग्रेस की शिकायत पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है। फिलहाल दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से रीवा में आंदोलन का सियासी तापमान और बढ़ गया है।1