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मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना में हिंदू पक्ष में जमकर विवाद होने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद सिविल अस्पताल में उपचार किए जाने के बाद पीड़ित को आगे के इलाज के लिए सागर रेफर कर दिया गया है।
बिजय चोहन
मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना में हिंदू पक्ष में जमकर विवाद होने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद सिविल अस्पताल में उपचार किए जाने के बाद पीड़ित को आगे के इलाज के लिए सागर रेफर कर दिया गया है।
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- मध्य प्रदेश में सुमन पंचायत योजना के तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है।2
- Post by SaCHiN LoDHi ThAkUr SsL3
- मध्यप्रदेश शासन के "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के अंतर्गत विदिशा जिले के गंजबासौदा स्थित लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय (L.B.S. कॉलेज) में एक भव्य नशामुक्ति जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 500 से 600 छात्र-छात्राओं और नागरिकों ने सहभागिता दर्ज की और नशामुक्त जीवन अपनाने की शपथ ली। कार्यक्रम की शुरुआत हार्टफुलनेस को-ऑर्डिनेटर श्री गजेंद्र गौतम के संचालन में हार्टफुलनेस मेडिटेशन और सरस्वती वंदना से हुई, जिसके बाद मंचासीन अतिथियों का बैंड की मधुर धुनों के बीच पुष्पगुच्छ और पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भोपाल (देहात) ज़ोन की पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र, विदिशा के पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी और एसडीएम श्रीमती अनुभा जैन सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। अपने प्रेरक उद्बोधन में पुलिस महानिरीक्षक श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र ने युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि नशा उनके भविष्य, स्वास्थ्य और परिवार के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया। इसके बाद कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित लघु वीडियो प्रदर्शित किए गए। साथ ही, नवांकुर स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा संगीतमय प्रस्तुति, शिवालय देशभक्ति नृत्य अकादमी द्वारा प्रेरक नृत्य और एक्सीलेंस स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश दिया गया। इस अवसर पर आयोजित पोस्टर मेकिंग, पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिता के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को शील्ड व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, एसडीओपी गंजबासौदा श्रीमती शिखा भलावी के नेतृत्व में संचालित ब्राइटर माइंड कक्षाओं के प्रशिक्षणार्थियों को भी प्रमाण-पत्र बांटे गए। जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए मुख्य अतिथियों ने एक नशामुक्ति जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही, कार्यक्रम स्थल पर सेल्फी पॉइंट और हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जो युवाओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। अंत में सभी उपस्थित लोगों द्वारा नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेने और राष्ट्रगान के साथ इस भव्य कार्यक्रम का समापन हुआ।4
- विदिशा में नगरपालिका के अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने सावरकर बाल विहार के पीछे और हॉस्पिटल रोड पर स्थित शराब दुकान के नजदीक बड़ी कार्रवाई की है। दस्ते ने यहां अवैध और अस्थाई रूप से बनी गुमटियों और दुकानों के खिलाफ मुहिम चलाते हुए उन्हें जप्त कर लिया है। प्रदेश सरकार द्वारा अहातों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद इन दुकानों के माध्यम से अवैध रूप से अहाते संचालित किए जा रहे थे। इस क्षेत्र में खुलेआम होने वाली शराबखोरी और अवैध अहातों को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है। इस संबंध में नपा कर्मी राकेश शर्मा ने बताया कि वर्तमान में सरकार द्वारा अहाते पूरी तरह प्रतिबंधित हैं, जिसके चलते इस गतिविधि को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।4
- ललितपुर जिले के मडावरा तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत साढूमल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने लगा बिजली के पोल का बॉक्स लंबे समय से खुला पड़ा है। बरसात के मौसम में इस खुले बॉक्स के कारण क्षेत्र में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की घोर उदासीनता के कारण यह स्थिति बनी हुई है, जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, खुले बॉक्स में विद्युत तार और उपकरण बाहर निकले होने से यहां हर समय करंट लगने का खतरा बना रहता है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ठीक सामने होने की वजह से इस मार्ग पर मरीजों, महिलाओं, बच्चों और राहगीरों की लगातार आवाजाही रहती है, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों के मुताबिक बिजली के पोल पर लगे बॉक्स को बंद कर सील किया जाना चाहिए, लेकिन यहां इसकी अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए इस खुले बॉक्स को तत्काल बंद कर सुरक्षित किया जाए।2
- मध्य प्रदेश के बीना में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से मैदानी अमले के लिए एक दिवसीय स्वास्थ्य उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चंद्रशेखर वार्ड स्थित एक निजी होटल में हुए इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, बीएमओ, सीएचओ, एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की उचित देखभाल सुनिश्चित करना, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं कलेक्टर प्रतिभा पाल ने क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर की स्थिति पर चिंता जाहिर की और इसकी तुलना केरल से की। उन्होंने सवाल उठाया कि हमारे क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर अधिक क्यों है, जबकि केरल में हर गर्भवती की चार बार जांच, संस्थागत प्रसव और जन्म के बाद फॉलोअप सुनिश्चित कर बेहतरीन काम किया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर रेफर किया जाए और जन्म के 48 घंटे के भीतर नवजात की होम विजिट सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अगले तीन महीनों में बीना ब्लॉक में शिशु मृत्यु दर को 20 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य रखा, जिसकी समीक्षा हर 15 दिन में की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. देवेश पटेरिया और बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं को केवल कागजी रिपोर्ट बनाने के बजाय फील्ड में जाकर सक्रियता से काम करने की हिदायत दी। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि जांच और प्रसव में देरी के कारण ही अधिकांश मौतें होती हैं। बीना क्षेत्र में संस्थागत प्रसव बढ़े जरूर हैं, लेकिन घरेलू प्रसव के मामले अब भी सामने आ रहे हैं। कार्यक्रम में डॉ. अचला जैन, डॉ. आशीष जैन, बृजेश तिवारी, जॉली साबू, मीरा, एसडीएम रवीश श्रीवास्तव और तहसीलदार अंबर पंथी सहित कई विशेषज्ञों ने खतरे के संकेतों की पहचान, सुरक्षित प्रसव, स्तनपान, टीकाकरण और कुपोषण की रोकथाम जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने पूरी निष्ठा से काम करने की शपथ ली।4
- सागर जिले के बीना में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 12 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक नगर पालिका के स्वागत गेट से टकराकर पलट गया। यह हादसा जगरानी पेट्रोल पंप के पास तब हुआ जब अशोक नगर से भूसा खाली करके खुरई वापस लौट रहे ट्रक (क्रमांक MP15 ZC 9376) के सामने अचानक एक गाय आ गई। गाय को बचाने के प्रयास में चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और ट्रक सीधे स्वागत गेट के पोल से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पूरा स्वागत गेट उखड़कर सड़क पर गिर गया और ट्रक पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक संदीप अहिरवार (निवासी खुरई) के पैर में चोट आई है, जिसे प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि ट्रक का हेल्पर सुनील चढ़ार पूरी तरह सुरक्षित है। घटना के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि हाईवे किनारे आवारा पशुओं के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं और प्रशासन को गौशाला व पशु रोकथाम के इंतजाम करने चाहिए। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।4