सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर में बैजनाथ पुर में होने वाले पेक्स चुनाव को लेकर नामांकन पत्र दाखिल पैक्स चुनाव को लेकर नामांकन शुरू। सहरसा जिले के नगर निगम क्षेत्र बैजनाथपुर में पैक्स चुनाव को लेकर बुधवार से नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जो गुरुवार तक चलेगा। मामले की जानकारी देते हुए सौर बाजार प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी ने बताया की अब तक अध्यक्ष पद के लिए दो और सदस्य पद के लिए कुल 11 प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है जिसका समीक्षा 10 अप्रैल को किया जाएगा और 13 अप्रैल तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। 20 अप्रैल को मतदान होना है और उसी दिन मतगणना भी किया जाएगा। कुल 1215 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर प्रत्याशी के भाग्य का फैसला करेंगे। पैक्स के माध्यम से ही किसानों की हित के लिए काम किया जाता है जिसमें सरकार द्वारा दिए जा लाभ को किसानों तक पहुंचाया जाता है। सहरसा से मिथिलेश कुमार
सौर बाजार प्रखंड कार्यालय परिसर में बैजनाथ पुर में होने वाले पेक्स चुनाव को लेकर नामांकन पत्र दाखिल पैक्स चुनाव को लेकर नामांकन शुरू। सहरसा जिले के नगर निगम क्षेत्र बैजनाथपुर में पैक्स चुनाव को लेकर बुधवार से नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जो गुरुवार तक चलेगा। मामले की जानकारी देते हुए सौर बाजार प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी ने बताया की अब तक अध्यक्ष पद के लिए दो और सदस्य पद के लिए कुल 11 प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है जिसका समीक्षा 10 अप्रैल को किया जाएगा और 13 अप्रैल तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। 20 अप्रैल को मतदान होना है और उसी दिन मतगणना भी किया जाएगा। कुल 1215 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर प्रत्याशी के भाग्य का फैसला करेंगे। पैक्स के माध्यम से ही किसानों की हित के लिए काम किया जाता है जिसमें सरकार द्वारा दिए जा लाभ को किसानों तक पहुंचाया जाता है। सहरसा से मिथिलेश कुमार
- पैक्स चुनाव को लेकर नामांकन शुरू। सहरसा जिले के नगर निगम क्षेत्र बैजनाथपुर में पैक्स चुनाव को लेकर बुधवार से नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जो गुरुवार तक चलेगा। मामले की जानकारी देते हुए सौर बाजार प्रखंड विकास पदाधिकारी आशा कुमारी ने बताया की अब तक अध्यक्ष पद के लिए दो और सदस्य पद के लिए कुल 11 प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है जिसका समीक्षा 10 अप्रैल को किया जाएगा और 13 अप्रैल तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। 20 अप्रैल को मतदान होना है और उसी दिन मतगणना भी किया जाएगा। कुल 1215 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर प्रत्याशी के भाग्य का फैसला करेंगे। पैक्स के माध्यम से ही किसानों की हित के लिए काम किया जाता है जिसमें सरकार द्वारा दिए जा लाभ को किसानों तक पहुंचाया जाता है। सहरसा से मिथिलेश कुमार1
- Post by Ayush Kumar1
- मधेपुरा में पुलिस ने अंडरकवर ऑपरेशन चलाकर देह व्यापार के कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में 11लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें 8 युवतियां और 3 युवक शामिल हैं। दरअसल मधेपुरा के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत गौरीपुर पंचायत में पुलिस ने ‘नया सवेरा’ अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। सिंहेश्वर–बिरैली रोड नंबर 18 के पास लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर यह छापेमारी की गई। इस ऑपरेशन की खास बात यह रही कि पुलिस टीम ने पहले ग्राहक बनकर मौके पर एंट्री ली। जैसे ही पुख्ता जानकारी मिली, टीम ने अचानक रेड कर दी। छापेमारी के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई लोग भागने की कोशिश में खेतों की ओर दौड़े, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 8 युवतियों और 3 युवकों को हिरासत में लिया है। मौके से आपत्तिजनक सामग्री और एक पल्सर एनएस बाइक भी जब्त की गई है। इस ऑपरेशन में एएसपी प्रवेंद्र भारती, डीएसपी मनोज मोहन समेत कई अधिकारी और एसटीएफ की टीम शामिल रही। एक एनजीओ का भी सहयोग लिया गया। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश में जुटी है। बाइट --प्रवेन्द्र भारती एएसपी मधेपुरा इस पूरे मामले पर एएसपी प्रवेंद्र भारती ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि सिंघेश्वर थाना क्षेत्र के गौरीपुर पंचायत में देव व्यापार का काम चल रहा है सूचना के आधार पर एक टीम गठित किया गया था टीम ने छापेमारी के दौरान 8 लड़की और तीन लड़के को गिरफ्तार किया गया है साथ ही ढ़ेर सारा कंडोम बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ इस तरह का अभियान आगे भी जारी रहेगा।4
- थोड़ा जैसे कैसे रहते तोहार दीवानी सोस गुंडा लेके चले के साथ में रात में मिलेगा1
- Post by Om Kumar1
- सहरसा जिले की नौहट्टा थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियार लहराकर दहशत फैलाने वाले दो युवकों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस ने इनके पास से एक अवैध देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार युवकों की पहचान शाहपुर (वार्ड नंबर 6) निवासी नीतीश कुमार और मिश्रौलिया निवासी संजीव कुमार के रूप में हुई है। बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें ये दोनों युवक बेखौफ होकर हथियार का प्रदर्शन कर रहे थे। वीडियो संज्ञान में आते ही पुलिस कप्तान के निर्देश पर नौहट्टा पुलिस सक्रिय हो गई। अपर थानाध्यक्ष रोशन कुमार लगातार इन संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। घेराबंदी कर दबोचे गए अपराधी बुधवार की रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि ये दोनों युवक शाहपुर क्षेत्र में जमा होकर किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए विशेष टीम गठित कर इलाके की घेराबंदी की। पुलिस की तत्परता के कारण दोनों को भागने का मौका नहीं मिला और उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार और कारतूस बरामद हुए। "पुलिस की इस सजगता से न केवल एक संभावित अपराध टल गया, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में भय पैदा करने वाले तत्वों को भी कड़ा संदेश मिला है। अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा इस सफल कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की जमकर सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की मुस्तैदी से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल बना है। अवैध हथियारों के साथ पकड़े गए इन युवकों से अब कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि उनके अन्य संपर्कों का पता लगाया जा सके।1
- सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत मुरादपुर पंचायत से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां एक बार फिर प्रशासन का बुलडोजर चला है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कई गरीब परिवारों के आशियाने जमींदोज कर दिए गए। बताया जा रहा है कि यह जमीन विवाद का मामला कई वर्षों से न्यायालय में लंबित था। जमींदार द्वारा अपनी जमीन को वापस पाने के लिए हाईकोर्ट तक अपील की गई थी, वहीं दूसरी ओर पीड़ित पक्ष भी अपने हक की लड़ाई लड़ रहा था। न्यायालय के फैसले के बाद प्रशासन हरकत में आया और नवहट्टा अंचलाधिकारी की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। लेकिन इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए वे गरीब परिवार, जो दशकों से इस जमीन पर रहकर अपना जीवन यापन कर रहे थे। बुलडोजर चलते ही कई घर पल भर में मलबे में तब्दील हो गए, और अब दर्जनों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें कोई वैकल्पिक व्यवस्था या समय नहीं दिया गया, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। फिलहाल प्रशासन इसे न्यायालय के आदेश पर की गई कार्रवाई बता रहा है, लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर इन बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास की जिम्मेदारी कौन लेगा?1
- Post by Ayush Kumar1