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कीचड़ में बाजार, खतरे में खरीदार!बीमारी को सीधे न्योता!
Shivam Singh
कीचड़ में बाजार, खतरे में खरीदार!बीमारी को सीधे न्योता!
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- छात्रों का दर्द सरकार तक पहुंचाने की कोशिश.? #shorts #shortvideo #short #youtubeshorts #ranchi #news1
- पत्थलगांव स्पेशल: ‘अन्नपूर्णा’ में खाद का तड़का, अधिकारियों की बल्ले-बल्ले और किसान का ‘ऑनलाइन’ कटा चालान!... छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का गृह ज़िला जशपुर इन दिनों विकास की ऐसी ‘उर्वरक’ बयार महसूस कर रहा है कि पत्थलगांव के खाद व्यापारी खुशी से फूले नहीं समा रहे! खाद की कालाबाजारी को लेकर पत्थलगांव में यह दूसरा बड़ा धमाका हुआ है। ऐसा लगता है कि सरकार बदलने के बाद सबसे ज़्यादा ‘विकास’ पत्थलगांव के खाद-बीज विक्रेताओं की तिजोरियों और स्थानीय अधिकारियों की निष्ठा में हुआ है! ‘चूना लगाने’ की लाइव वर्कशॉप: अन्नपूर्णा खाद भंडार - दुकान में बैठकर मुस्कुराते हुए व्यापारी महोदय का अंदाज़ किसी अंतरराष्ट्रीय बिजनेस गुरु से कम नहीं है। कैमरे में साफ रिकॉर्ड हो रहा है - "सामने वाला जितने में चूतिया बन जाए, उतना वसूल लो"! MRP का नया फॉर्मूला: ₹266.50 का माल ₹350 बताकर बेचो या ₹550 ऐंठ लो। व्यापारी का गणित इतना मजबूत है कि अल्बर्ट आइंस्टीन भी कब्र में बैठकर नोट्स बना रहे होंगे! डिजिटल इंडिया का असली उपयोग: झकड़पुर के नंदू जैसे गरीब किसान आते हैं, ऑनलाइन पेमेंट (PayTM/PhonePe) भी करते हैं, लेकिन पक्की रसीद मांगने पर व्यापारी को अचानक 'भूलने की बीमारी' हो जाती है। अंगूठा सरकार का, जेब व्यापारी की: पॉस (POS) मशीन पर किसान का अंगूठा तो लग जाता है, पर खाद की बोरी के साथ किसान का पूरा बजट ही स्वाहा हो जाता है। अधिकारियों की भक्ति : ‘व्यापारी शरणं गच्छामि’ - कृषि विभाग के अधिकारी इतने ‘ईमानदार’ और ‘वफादार’ हो चुके हैं कि उन्हें दुकानों पर सब कुछ 'सब चंगा सी' नज़र आता है। ऐसा लगता है कि अधिकारियों को खाद नहीं, बल्कि व्यापारियों के प्रेम का विशेष ‘टॉनिक’ पिलाया जा रहा है! मुख्यमंत्री के अपने गृह ज़िले में उड़नदस्ते शायद इतने उड़ चुके हैं कि ज़मीन पर क्या लूट मच रही है, यह देखने की फुर्सत किसी को नहीं है। जब मुख्यमंत्री के अपने गढ़ में ही व्यापारी यह साबित करने पर तुले हैं कि "राजा कोई भी हो, हुकूमत तो हमारी ही चलेगी," तो आम जनता सिर्फ एक ही सवाल पूछ रही है—साहब, यह अधिकारियों की चाटुकारिता का असर है या सत्ता के संरक्षण की मलाई? किसान खेतों में खाद डालने गया था, पर पत्थलगांव के बाजार ने किसान का ही 'खाद' बना दिया!3
- करोड़ों का बजट, हकीकत में बोरा-चटाई: महुआडांड़ के स्कूलों में फर्श पर बैठकर 'भविष्य' गढ़ रहे मासूम* रामप्रवेश गुप्ता एक तरफ देश अंतरिक्ष में नए आयाम छू रहा है और "डिजिटल इंडिया" का सपना देखा जा रहा है, वहीं लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड की तस्वीरें सिस्टम की पोल खोलती नजर आ रही हैं। यहाँ प्राथमिक शिक्षा प्राप्त कर रहे मासूम बच्चे आज भी धूल और नमी से भरे फर्श पर बोरा व चटाई बिछाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। सरकारी दावों और करोड़ों के शिक्षा बजट के बीच राजकीय प्राथमिक उत्क्रमित विद्यालय, टुकूडीह और उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अंबाकोना की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। इन स्कूलों की दीवारों पर टंगे 'स्मार्ट क्लास' के पोस्टर व्यवस्था के इस खोखलेपन पर मानो तंज कस रहे हों। *न टेबल, न बेंच... मौसम की मार के बीच पढ़ाई की परीक्षा* दोनों विद्यालयों में न तो टेबल हैं और न ही बेंच। क्लासरूम में सिर्फ फटे-पुराने बोरे या चटाई बिछी हैं। बच्चे ठिठुरती ठंड, तपती गर्मी और बरसात की सीलन भरी जमीन पर सिमटकर गणित के सवाल हल करते हैं और कविताएं याद करते हैं। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बच्चों को पढ़ाई से ज्यादा मौसम की मार और असुविधाओं से लड़ना पड़ रहा है। *"सर! इस बार तो बेंच आएगा ना?" — बेबस शिक्षकों के छलके आंसू* शिक्षकों के अनुसार, वे लगातार प्रशासनिक स्तर पर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। "मैं पिछले कई वर्षों से यहाँ पढ़ा रहा हूँ। विभाग को दर्जनों बार पत्र लिखे, लेकिन हर बार एक ही जवाब मिलता है कि 'फाइल प्रक्रिया में है'। मासूम बच्चे रोज पूछते हैं - 'सर, इस बार बेंच आएगा ना?' मेरे पास उनके इस सवाल का कोई जवाब नहीं होता।" — सरयू राम दिवाकर, प्रधानाचार्य (प्रा. उ. वि. टुकूडीह) "स्कूल में 70 से ज्यादा बच्चे नामांकित हैं।अभिभावक सीधे सवाल करते हैं कि जब बैठने की जगह ही नहीं है तो बच्चों को स्कूल क्यों भेजें? सरकार से हाथ जोड़कर विनती है कि इन मासूमों को कम से कम बुनियादी सम्मान तो मिले।" — झगर नगेसिया, प्रधानाचार्य (उ. म. वि. अंबाकोना) *ग्रामीणों का आरोप: फाइलों में पास फर्नीचर, धरातल पर शून्य* स्थानीय ग्रामीणों में इस प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि फर्नीचर और इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर कागजों पर टेंडर पास हो जाते हैं और फंड जारी होता है, लेकिन कमीशनखोरी और लालफीताशाही के कारण सामान कभी स्कूल के गेट तक नहीं पहुँचता। *15 दिनों का अल्टीमेटम* ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि 15 दिनों के भीतर महुआडांड़ प्रखंड के इन स्कूलों में टेबल और बेंच की व्यवस्था की जाए, अन्यथा वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। क्या 'डिजिटल इंडिया' के दौर में महुआडांड प्रखण्ड के इन मासूमों को बैठने के लिए एक बेंच मिलना भी इतना मुश्किल है? जिला प्रशासन को इस पर अविलंब संज्ञान लेने की आवश्यकता है।2
- आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार खूंटी की अध्यक्षता में समन्वय बैठक आयोजित। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी।1
- लातेहार समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी संदीप कुमार की अध्यक्षता में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। उपायुक्त ने बताया कि 05 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है। पात्र नागरिक 05 अगस्त से 04 सितम्बर तक दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। नया नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6, नाम हटाने के लिए प्रपत्र-7 और सुधार के लिए प्रपत्र-8 से आवेदन किया जा सकता है।1
- स्व. झमन सिंह एवं संतोष सिंह फुटबॉल टूर्नामेंट का हुआ भव्य शुभारंभ, 13 अगस्त तक लिया जाएगा एंट्री स्व. झमन सिंह एवं संतोष सिंह फुटबॉल टूर्नामेंट का हुआ भव्य शुभारंभ, 13 अगस्त तक लिया जाएगा एंट्री लातेहार। लातेहार सदर प्रखंड अंतर्गत बेंदी रेलवे स्टेशन के समीप लेधपा गांव में स्वर्गीय झमन सिंह एवं संतोष सिंह फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। शनिवार को स्थानीय प्रतिनिधि रघु खरवार, वार्ड सदस्य सुषमा देवी सहित ग्रामीणों की मौजूदगी में सामूहिक रूप से फीता काटकर टूर्नामेंट का विधिवत उद्घाटन किया गया। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला हेहेगड़ा और भंडारिया की टीम के बीच खेला गया। मैच को लेकर खिलाड़ियों एवं खेलप्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजक समिति के अनुसार टूर्नामेंट में भाग लेने वाली इच्छुक टीमों से 13 अगस्त तक एंट्री ली जाएगी। रघु खरवार ने बताया कि क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने और युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों में भी काफी उत्साह है। उद्घाटन समारोह में अध्यक्ष जेठू सिंह, सचिव मुकेश कुमार सिंह, प्रशांत कुमार, सौरभ कुमार, अनुज सिंह, रवि, अवनिधर सिंह, वीरेंद्र प्रसाद, समुद्री देवी सहित आयोजन समिति के तमाम सदस्य एवं ग्रामीण मौजूद रहे।4
- सालों से जर्जर सड़क परेशान जनता.? #shorts #shortvideo #short #viralvideo #viral #road #ranchi #pani1
- अफीम छोड़ टमाटर की खेती से किसानों ने बदली राह, विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल ने किया सम्मानित। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। अड़की प्रखंड के बाड़ीनिजकेल पंचायत अंतर्गत चाड़ाडीह गांव में किसानों ने अवैध अफीम की खेती छोड़कर टमाटर की खेती को अपनाना शुरू किया है। किसान मांगा मुंडा ने इस वर्ष करीब तीन एकड़ जमीन में हाइब्रिड किस्म के टमाटर के लगभग 7 हजार पौधे लगाए हैं। उनका कहना है कि टमाटर की खेती से उन्हें करीब ढाई लाख रुपये तक की आमदनी होने की उम्मीद है। विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल ने बताया कि क्षेत्र में पहले अफीम की खेती की जाती थी और कई लोगों पर मामले भी दर्ज हुए हैं। इसके बाद विधायक विकास सिंह मुंडा से परामर्श कर किसानों को वैकल्पिक खेती से जोड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि किसानों को ड्रिप इरीगेशन, लिफ्ट इरीगेशन, बोरिंग के साथ खाद और बीज उपलब्ध कराने में हरसंभव सहयोग किया जाएगा। मनोज मंडल ने कहा कि पूर्व मंत्री शहीद रमेश सिंह मुंडा का अड़की क्षेत्र से काफी प्रेम था। दक्षिणी अड़की का विकास ही शहीद रमेश सिंह मुंडा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। किसानों को वैकल्पिक और लाभकारी खेती से जोड़ना भी क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। किसान बिरसा मुंडा ने बताया कि पहले क्षेत्र में लाह की खेती होती थी। बाद में ग्रामीण अफीम की खेती करने लगे। जब उन्हें जानकारी हुई कि अफीम की खेती अवैध है, तो उन्होंने इसे छोड़ दिया। इसके बाद रामकृष्ण मिशन आश्रम से टमाटर की खेती का प्रशिक्षण लेकर उन्होंने वैकल्पिक खेती शुरू की। इस मौके पर तिनतिला पंचायत मुखिया लक्ष्मण मुंडा और संतोष कुम्हार ने किसान मांगा मुंडा, करुणा देवी, बिरसा मुंडा, मांगरु मुंडा को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। ग्रामीणों ने टमाटर जैसी वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने को क्षेत्र के लिए सकारात्मक बदलाव बताया।1
- लातेहार: बेंदी स्टेशन मैदान में फुटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन किया गया। लातेहार: बेंदी स्टेशन मैदान में फुटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन किया गया। लातेहार जिले के बेंदी रेलवे स्टेशन स्थित बेंदी पंचायत के मैदान में विशाल फुटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन किया गया। जिसमें उद्घाटन मैच हेहेगाड़ा बनाम भंडरिया को खेलाया गया जिसमें हेहेगाड़ा की टीम ने पहली जीत दर्ज किया। प्रथम पुरस्कार स्कूटी खस्सी द्वितीय पुरस्कार फ्रिज खस्सी तृतीय पुरस्कार खस्सी फुटबॉल चतुर्थ पुरस्कार खस्सी दिया जाएगा, एंट्री फीस दो हज़ार रुपए रखा गया है, टोटल 64 टीम कही के भी भाग ले सकते हैं। समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथि लेदपा वार्ड सदस्य पुष्पा देवी, समाज सेवी रघु खैरवार, अवर्णीधार सिंह , समुद्री देवी, कृष्णा लोहरा, बिहार के ऑर्गनाइजर भरत यादव उपस्थित थे, जानकारी के अनुसार भरत यादव ने बताया कि इस प्रतियोगिता में कही के युवा भाग ले सकते हैं एंट्री जारी हैं,9097508566 इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।1