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बरामदे में बैठकर पढ़ाई करने, गंदा पानी पीने और गंदगी के बीच रहने को मजबूर बच्चों की बदहाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। जब बुनियादी संसाधन ही उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे, तो आखिर शिक्षा व्यवस्था कैसे मजबूत होगी। मोबाइल टीवी न्यूज (Mobile Tv News) की इस रिपोर्ट में संसाधनों के अभाव और अव्यवस्था के बीच पढ़ाई करने को मजबूर बच्चों की दयनीय स्थिति को रेखांकित किया गया है।
मोबाइल टीवी न्यूज
बरामदे में बैठकर पढ़ाई करने, गंदा पानी पीने और गंदगी के बीच रहने को मजबूर बच्चों की बदहाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। जब बुनियादी संसाधन ही उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे, तो आखिर शिक्षा व्यवस्था कैसे मजबूत होगी। मोबाइल टीवी न्यूज (Mobile Tv News) की इस रिपोर्ट में संसाधनों के अभाव और अव्यवस्था के बीच पढ़ाई करने को मजबूर बच्चों की दयनीय स्थिति को रेखांकित किया गया है।
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- बिहार के बेगूसराय में नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार प्रिंस की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने देश भर में छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज, पेपर लीक और पटना स्थित सदाकत आश्रम पर हंगामे व पत्थरबाजी के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। कांग्रेस भवन स्थित इंदिरा गांधी की प्रतिमा से शुरू हुआ यह प्रदर्शन वीर कुंवर सिंह चौक और आयुर्वेदिक कॉलेज होते हुए रेलवे गुमटी स्थित बाजार तक पहुंचा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने 'नरेंद्र मोदी हाय-हाय', 'अमित शाह हाय-हाय', 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' और 'छात्रों पर लगाए गए फर्जी मुकदमे वापस लो' के उग्र नारे लगाए, जिसका राहगीरों ने भी आक्रोशपूर्ण समर्थन किया। प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए नगर अध्यक्ष ब्रजेश कुमार प्रिंस ने कहा कि कांग्रेस का उदय ब्रितानी हुकूमत के दौर में हुआ था और जब उस क्रूरतम शासक को उखाड़ फेंकने में देर नहीं लगी, तो एनडीए वाले कब तक सत्ता की धौंस जमाते रहेंगे। वहीं वरिष्ठ नेता रामविलास सिंह ने कहा कि मोदी-शाह की जोड़ी ने भारत को बर्बाद कर दिया है तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सहित सभी बुनियादी ढांचे बेपटरी हो गए हैं। कांग्रेस नेता रणजीत कुमार मुखिया और मुरलीधर मुरारी ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता तथा प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री छात्रों के परिजनों से माफी नहीं मांग लेते, तब तक कांग्रेस की यह लड़ाई सड़क से सदन तक चलती रहेगी। इस अवसर पर सुबोध कुमार, सुनील कुमार, ओमप्रकाश झा, आनंद कुमार, कार्तिक झा, अभिषेक कुमार, नीरज कुमार, कैलाश प्रसाद, मुन्ना पासवान और मो. शौकत सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।2
- बरामदे में बैठकर पढ़ाई करने, गंदा पानी पीने और गंदगी के बीच रहने को मजबूर बच्चों की बदहाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। जब बुनियादी संसाधन ही उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे, तो आखिर शिक्षा व्यवस्था कैसे मजबूत होगी। मोबाइल टीवी न्यूज (Mobile Tv News) की इस रिपोर्ट में संसाधनों के अभाव और अव्यवस्था के बीच पढ़ाई करने को मजबूर बच्चों की दयनीय स्थिति को रेखांकित किया गया है।1
- अपना खुद का बुटीक शुरू करके अब लहंगा, गाउन, क्रॉप टॉप, शरारा और गरारा जैसे परिधान खुद बनाए जा सकते हैं। फैब्रिक और बिजनेस से जुड़े इस काम के जरिए सूरत से अपना बुटीक व्यापार शुरू करने को लेकर जोर दिया जा रहा है।1
- बिहार के बेगूसराय में समाहरणालय के पास छात्र आंदोलन के दौरान उपद्रव करने वाले 30 व्यक्तियों की फोटो पुलिस ने जारी की है। एसपी मनीष ने गुरुवार की देर रात 10:00 बजे प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए इस कार्रवाई की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि आंदोलन के दौरान उपद्रवी तत्वों द्वारा पुलिस पर हमला किया गया और सरकारी संपत्ति को क्षतिग्रस्त किया गया। इसके साथ ही उपद्रवियों ने आम लोगों और मीडिया कर्मियों पर भी लाठी व पत्थरों से हमला किया। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि इन उपद्रवियों की पहचान करने में पुलिस की मदद करें।1
- चेरिया बरियारपुर थाना प्रभारी ज्योति कुमार बसु ने वर्षगांठ के अवसर पर केक काटा।1
- बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग (अवर प्रादेशिक नियोजनालय) द्वारा बाढ़ अनुमंडल के सभी प्रखंडों में युवाओं के लिए बहाली का एक सुनहरा अवसर दिया जा रहा है। इसके तहत बाढ़ अनुमंडल के सभी प्रखंडों में युवाओं के लिए रोजगार के मौके उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इच्छुक युवा निर्धारित तिथि पर अपने-अपने प्रखंड में जाकर इस बहाली का फायदा उठा सकते हैं।1
- बिहार में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मामले में छात्र संगठन ने कल बिहार बंद का आह्वान किया है। इस घटनाक्रम के बीच बेगूसराय रेलवे परिसर का जीआरपी पुलिस और अधिकारियों ने निरीक्षण किया।2
- बिहार के मोकामा स्थित दरियापुर में गंगा नदी में हुए हादसे में दो मासूमों की जान चली गई है। इस दुखद दुर्घटना के बाद इलाके में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की स्थायी तैनाती की मांग तेजी से उठने लगी है।1