राजस्थान के सीकर जिले के चौकड़ी क्षेत्र में अचानक आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगभग 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की प्रचंड रफ्तार से चली हवाओं ने पूरे क्षेत्र में कहर बरपाया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस भीषण आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ जड़ से उखड़ गए और विभिन्न स्थानों पर बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। धूल भरी तेज आंधी के चलते सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई, जिसने वाहन चालकों के लिए आवागमन में गंभीर मुश्किलें खड़ी कर दीं। हालांकि, तूफान के साथ हुई बारिश से मौसम में कुछ ठंडक जरूर आई, लेकिन क्षेत्र के कई हिस्सों से भारी नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं। बिगड़े हुए हालात को देखते हुए, ग्रामीणों ने तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। उन्होंने प्रशासन से यह मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू किए जाएं और बाधित हुई बिजली व्यवस्था को तुरंत बहाल किया जाए, ताकि लोगों की दैनिक दिनचर्या सामान्य हो सके।
राजस्थान के सीकर जिले के चौकड़ी क्षेत्र में अचानक आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगभग 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की प्रचंड रफ्तार से चली हवाओं ने पूरे क्षेत्र में कहर बरपाया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस भीषण आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ जड़ से
उखड़ गए और विभिन्न स्थानों पर बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। धूल भरी तेज आंधी के चलते सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई, जिसने वाहन चालकों के लिए आवागमन में गंभीर मुश्किलें खड़ी कर दीं। हालांकि, तूफान के साथ हुई बारिश से मौसम में कुछ ठंडक जरूर आई, लेकिन क्षेत्र के कई हिस्सों से भारी नुकसान
की खबरें भी सामने आई हैं। बिगड़े हुए हालात को देखते हुए, ग्रामीणों ने तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। उन्होंने प्रशासन से यह मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू किए जाएं और बाधित हुई बिजली व्यवस्था को तुरंत बहाल किया जाए, ताकि लोगों की दैनिक दिनचर्या सामान्य हो सके।
- जयपुर के पांवटा क्षेत्र में तेज़ हवाओं के साथ मध्यम से भीषण आंधी-तूफान का दौर शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार, इस दौरान कई जगहों पर हवाएँ 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही हैं। इसके साथ ही, इन तेज़ हवाओं के कारण बहुत तेज़ आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी प्रबल संभावना शुरू हो गई है।1
- पुलिस थाना सूरजगढ़ की टीम ने लगभग सात माह से फरार चल रहे दस हजार रुपये के इनामी आरोपी कर्मवीर उर्फ कर्मसिंह को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई थानाधिकारी रणजीत सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने की, जिसके माध्यम से पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कर्मवीर के खिलाफ अक्टूबर 2025 में किढवाना निवासी एक युवक के साथ जातिसूचक गालियां देने, मारपीट करने, जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जाने, अपहरण करने और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस घटना के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था। आरोपी कर्मवीर सूरजगढ़ थाने का हिस्ट्रीशीटर (एचएस) भी है और उसके खिलाफ पूर्व में 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी कर्मवीर को जयपुर से हिरासत में लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और वहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।1
- राजस्थान के कोटपुतली-बहरोड़ जिले में मध्यम से भीषण आंधी-तूफान की प्रबल संभावना शुरू हो गई है, जिसके साथ तेज हवाएँ चलने का अनुमान है। कई स्थानों पर हवाओं की गति 60 से 80 की स्पीड तक पहुँच सकती है। इन तेज हवाओं के साथ-साथ बहुत तेज आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी प्रबल संभावना जताई गई है।1
- विराटनगर के जयसिंहपुरा स्थित भोमिया जी महाराज के प्रांगण में 'पानी पेड़ आपके द्वार' अभियान के संयोजक एवं जल प्रहरी पर्यावरणविद् दीप सिंह शेखावत के नेतृत्व में एक जल चौपाल का आयोजन किया गया। इस अवसर पर, नंगे पैर यात्री के रूप में ज्ञात दीप सिंह शेखावत ने उपस्थित जन समूह को जल एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने समझाया कि गाँव की प्राकृतिक जल इकाइयों को संरक्षित करके, उनकी साफ-सफाई करके, वर्षा जल का संचयन करके और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देकर जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना आवश्यक है। कवि समीर कुमावत और राष्ट्रीय एथलीट खिलाड़ी राजेश यादव ने सभी से प्रदूषणखोरी, जहरखोरी और प्लास्टिकखोरी को बंद करने का आग्रह करते हुए घर-घर वृक्षारोपण करने का संदेश दिया। अभियान के संरक्षक किशन लाल गुरुजी ने नारों और गीतों के माध्यम से जल जागरण से एक जन आंदोलन खड़ा करने की बात समझाई। इस जल चौपाल कार्यक्रम में कवि समीर कुंभकार, कालूराम यादव, छींतरमल यादव, सूंडाराम यादव, युवा इंजीनियर हिमवान सिंह शेखावत, ख्यालीराम यादव, कृष्ण कुमार यादव, प्रकाश यादव, रामेश्वर कुम्हार, बीरबल यादव, गणपत राम यादव, राम खिलाड़ी प्रजापत और शंकर लाल स्वामी सहित कई वरिष्ठ जन उपस्थित रहे।1
- पूर्व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा भावुक होते हुए कहा कि – “यही मेरी कसम है कि जिसको मैंने जिला बनाया और इन बेईमानों ने हटाया, बीजेपी की सरकार ने हटाया, उसको वापस जिले का दर्जा रघु शर्मा दिला के रहेगा और मेरी सांस रहेगी, तो यह जिला बनेगा।”1
- सांसद हनुमान बेनीवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के खिलाफ FIR दर्ज करवा सकते हैं।1
- सीकर जिले के तारपुरा और दादिया क्षेत्र के किसानों ने शुक्रवार शाम तारपुरा एयरपोर्ट के विरोध में हवाई पट्टी से हरिराम जी मंदिर तक एक विशाल मोबाइल कैंडल मार्च निकाला। इस मार्च में भारी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे शामिल हुए और उन्होंने अपने विरोध का प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद भी किसानों का उत्साह बिल्कुल कम नहीं हुआ। उन्होंने अपने मोबाइल की रोशनी जलाकर सरकार को जागने का संदेश दिया और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। इस मार्च के दौरान "किसान एकता" और "संघर्ष" के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। किसानों ने स्पष्ट किया कि यह उनकी जमीन और अधिकारों की लड़ाई है, और यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1
- कोटपुतली-बहरोड़ जिले के अजीतपुरा कला-कुजोता गांव में ग्रामीणों का धरना लगातार 293वें दिन भी जारी रहा। यह स्थिति तब है जब प्रशासन ने एक दिन पहले ही धरने के स्थान से टेंट और अन्य सारा सामान हटा दिया था। ग्रामीणों ने दृढ़ता से कहा है कि उनका गांव न तो प्रशासन से डरने वाला है और न ही खनन माफियाओं के दबाव में आने वाला है।1
- बुहाना उपखंड क्षेत्र के कलोठड़ा गांव में सरकारी स्कूल के पास लगा एक ट्रांसफॉर्मर आंधी के कारण खंभे से टूटकर नीचे तारों के सहारे खतरनाक ढंग से लटक गया है। यह ट्रांसफॉर्मर मुख्य रास्ते के नजदीक खंभों पर झूल रहा है, जिससे किसी भी वक्त एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में एक अन्य ट्रांसफॉर्मर ज़मीन पर गिरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, यह टूटा हुआ ट्रांसफॉर्मर गांव के सार्वजनिक थ्री-फेज बोर से जुड़ा हुआ है, और इसके खराब होने के कारण पिछले तीन दिनों से गांव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। बिजली की अनुपलब्धता से पेयजल व्यवस्था भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। ग्रामीणों ने इस संबंध में विद्युत विभाग को कई बार सूचना दी है; उन्होंने मांगेराम लाइनमैन को फोन करने के साथ ही अजमेर स्थित टोल-फ्री नंबर पर भी शिकायत दर्ज करवाई थी। विभाग की ओर से जल्द मरम्मत का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में रोष है। विभाग की इस अनदेखी के चलते, ग्रामीणों ने तत्काल प्रभाव से ट्रांसफॉर्मर को दुरुस्त करने, गांव में बिजली और पानी की व्यवस्था बहाल करने, और संभावित बड़े हादसे को रोकने के लिए अविलंब कदम उठाने की मांग की है।1