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बड़ी खबर | बकस्वाहा में पत्रकारों में उत्साह, विनोद कुमार जैन बने श्रमजीवी पत्रकार संघ के ब्लॉक अध्यक्ष
भीमकुंड न्यूज़ 24
बड़ी खबर | बकस्वाहा में पत्रकारों में उत्साह, विनोद कुमार जैन बने श्रमजीवी पत्रकार संघ के ब्लॉक अध्यक्ष
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- दुर्ग और छत्तीसगढ़ के लोग समाजसेवी कार्यों में सहयोग नहीं कर रहें हैं जिससे मुझे बहुत निराशा हैं यदि जो लोग रुचि रख रहें हैं कृपया मेरे मो.क्र.-9202219810 पर संपर्क करने की कृपा करें। (निवेदक जयवर्धन समाजसेवी।).👏👏👏.1
- Post by Mr.Prem, "PRESS"1
- complex ka night guard Hai yah aap iska halat dekh sakte hain1
- मॉर्निंग मस्ती ग्रुप की रेल यात्रा रही मनोरंजक,अन्य यात्रियों ने भी उठाया आनन्द: अशोक गंगवाल नवापारा राजिम.नगर के स्थानीय नेहरू बाल उद्यान वरिष्ठ नागरिकों की सुबह शाम की सैर एवं आपस में रोज मिलने जुलने का एक अच्छा ठौर ठिकाना है, प्रतिदिन आने वाले लोगों का एक ग्रुप सहज ही बन गया है, जिसे इन लोगों ने नाम दिया है, मॉर्निंग मस्ती ग्रुप, इस ग्रुप में नगर के वरिष्ठ बुद्धिजीवी एवं अन्य प्रबुद्ध लोग जुड़े हुए हैं, जो प्रतिदिन मिलते हैं उनके बीच देश दुनिया की सामयिक चर्चा तो होती ही है, साथ ही हँसी ठिठोली के पल भी भी वे खोज ही लेते हैं, स्वस्थ समय बिताने का यह अच्छा तरीका भी है, सप्ताह में एक बार संगीत की महफिल भी जमती है और गाना बजाना भी होता है, ग्रुप के वरिष्ठ सदस्य अशोक गंगवाल ने बताया कि इस बार हमारे सदस्य प्रेम साधवानी, जो कि रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के संयोजक भी हैं, की पहल पर रेल से रायपुर जाने और वापस आने का कार्यक्रम बना, रविवार की सुबह की रेल से जाना और सुबह ही वापस आना था, यह यात्रा हम सभी के लिए यादगार रही, प्रेम साधवानी ने बताया कि वस्तुतः यह संगीतमय रेल यात्रा बन गई, 3घंटे के सफर में सभी सदस्यों ने सदाबहार पुराने फिल्मी गानों को सुनाकर सभी का मन जीत लिया, रेल में यात्रा कर रहे अन्य यात्री गण भी अपने आपको रोक न सके और आकर जुट गए, किसी के पैर थिरक रहे थे, तो कोई खुलकर नाच रहा था, कोई तालियां बजाकर उत्साह वर्धन कर रहा था, तो कई लोग तो इन मधुर क्षणों को अपने मोबाइल में वीडियो बना कर सहेज रहे थे, अशोक गंगवाल, प्रेम साधवानी और ब्रह्मदत्त शर्मा के सुरीले गीतों ने वो समां बांधा कि लोग अपने पुराने दिनों में खो गए, इस ग्रुप में डॉक्टर के आर सिन्हा, शिव भगवान शर्मा, इशहाक ढेबर, कमलेश साहू,तुकाराम कंसारी, अजय अग्रवाल, दिलीप रावलानी सहित अन्य भी शामिल थे, सुबह 8.30 को रायपुर पहुंचकर स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई 9 बजे की रेल से वापस सभी लोग गाते बजाते हुए सभी नवापारा वापस आ गए, सभी ने समवेत स्वरों से कहा कि यह एक खुशनुमा यादगार अनुभव रहा, इसे हम दोहराते रहेंगे, सेवा निवृत्त शिक्षक शिव भगवान शर्मा ने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में आकर जब सीनियर सिटीजन अकेलापन महसूस करते है, अवसाद में पड़ जाते हैं तब हम जैसे लोगों का यह ग्रुप संजीवनी बूटी का काम करता है, पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने कहा कि यही तो जीवन जीने की श्रेष्ठ कला है,खुद खुश रहो और लोगों को भी खुशियां देने की वजह बनो, यही तो एक अच्छे इन्सान होने की पहचान है,डाक्टर सिन्हा ने कहा कि साथ साथ समूह में रहकर हंसना, बोलना समय बिताना, यात्राएं करना, ठहाके लगाना बेस्ट मेडिसिन है, यह एक अच्छा ट्रीटमेंट है, तुकाराम कंसारी ने भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के तनाव ग्रस्त युग में अपना और अपनों का खयाल रखने का यह बेहतर तरीका है साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विजय गोयल जी के कार्यकाल में नेहरू बाल उद्यान का रखरखाव अच्छा था, इन दिनों यह ठीक से नहीं हो रहा है, अवांछित लोग यहां आकर अभद्र व्यवहार करते हैं, उनके द्वारा आपस में अपशब्दों का प्रयोग और नशीले पदार्थों का खुले आम प्रयोग हम नागरिकों को असहज कर देता है, स्थानीय प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए जो लोग संयोग से इस ट्रिप में शामिल नहीं हो सके, उन्होंने ग्रुप एडमिन से जल्द ही अगला प्रोग्राम बनाने के लिए कहा है, नवापारा राजिम के स्टेशन मास्टर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि रेल यात्रियों की यह एक अच्छी पहल है, इससे रेल से यात्रा करने वालों का उत्साह बढ़ेगा2
- अभनपुर। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘गांव चलो, बस्ती चलो’ अभियान के अंतर्गत गोबरा नवापारा के उपाध्यक्ष भूपेंद्र सोनी ने ग्राम परसदा का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को भाजपा की गौरवशाली यात्रा, संगठन के निरंतर विस्तार और केंद्र व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सोनी ने कहा कि भाजपा ने अपने शुरुआती संघर्ष के दौर, जब पार्टी के केवल 2 सांसद थे, से लेकर आज देश में लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने तक का सफर कार्यकर्ताओं की निष्ठा, समर्पण और जनता के अटूट विश्वास के बल पर तय किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने अभूतपूर्व विकास, सुशासन और वैश्विक स्तर पर नई पहचान हासिल की है। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय, तीन तलाक जैसी कुप्रथा का अंत, जी-20 की सफल मेजबानी और भारत का विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना मजबूत नेतृत्व का प्रमाण है। कार्यक्रम में ग्राम परसदा के सरपंच रमेश वर्मा, उपसरपंच प्रतिनिधि रामखेलावन साहू, जगदीश साहू, टिकेश्वर यादव, प्रेम खुटियारे, मोहन साहू, तेजराम साहू (पंच), मनी ध्रुव, मनीलाल (पंच), नरेंद्र साहू, रामकुमार हिरवानी, दसरथ तारक, रोहित साहू, प्रीतम वर्मा, ठाकुर राम साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- महतारी वंदन योजना: KYC की पूरी जानकारी हाँ भाई, KYC अभी चालू है और लास्ट डेट 30 जून 2026 है। 30 जून तक नहीं कराया तो पैसा रुक जाएगा। 82fd 1. KYC क्यों जरूरी कर रहे हैं — सरकार की मंशा सरकार का कहना है कि KYC फर्जीवाड़ा रोकने और सही हितग्राही तक पैसा पहुंचाने के लिए है। b683da01 मुख्य कारण: 1. मृत/अपात्र लोगों के नाम काटना: सत्यापन से पता चलेगा कि लाभार्थी जिंदा है या नहीं 2. डुप्लीकेट/फर्जी अकाउंट हटाना: एक ही महिला कई जगह से पैसा न ले रही हो 3. आधार-बैंक लिंक चेक करना: नाम की स्पेलिंग, बैंक डिटेल, IFSC गलत होने से पैसा फेल हो रहा था 4. वित्त विभाग का निर्देश: 16 अप्रैल 2025 के आदेश में सभी हितग्राही मूलक योजना में e-KYC अनिवार्य किया गया है b683da01090b अभी 69.26 लाख महिलाएं योजना में पंजीकृत हैं। पहले चरण में 4.25 लाख महिलाओं का सत्यापन शुरू हुआ है। da01b683 2. KYC नहीं कराया तो क्या होगा?*l 1. 22वीं किस्त से पैसा बंद — KYC पूरा नहीं हुआ तो अगली किस्त नहीं आएगी 2. खाता होल्ड हो सकता है — जो KYC नहीं कराएंगे, उनके पलायन की आशंका मानकर खाता होल्ड + तलाश शुरू होगी 3. भुगतान तभी होगा जब KYC पूरा हो — लेट कराया तो पैसा लेट मिलेगा da010b575e11090b 3. KYC कैसे और कहां कराएं जगह..... डिटेल CSC सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर में बिल्कुल फ्री होता है। कोई पैसा मांगे तो मना कर दो **ग्राम पंचायत/वार्ड कार्यालय** 3 अप्रैल 2026 से यहां भी कैंप लग रहे हैं **आंगनबाड़ी** आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क करें, वो CSC तक ले जाएंगी **ऑनलाइन** योजना की वेबसाइट से घर बैठे भी कर सकते हैं 33c5090b66dd0b570772 *क्या लेकर जाएं:* आधार कार्ड + पंजीयन क्रमांक जरूरी। बायोमेट्रिक निशान/फिंगरप्रिंट लगेगा। 33c5b683 *4. सरकार की मंशा पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?* लोगों को दिक्कत आ रही है इसलिए सवाल उठे हैं: 1. *नाम की स्पेलिंग मिसमैच*: योजना में दर्ज नाम और आधार में जरा सा फर्क है तो KYC फेल हो रहा है। महिलाओं को पहले आधार सुधार कराना पड़ रहा है 2. *पलायन का शक*: विभाग बोल रहा है कि जो KYC नहीं करा रहीं, वो शायद पलायन कर गईं। लोग कह रहे "हम यहीं हैं, बस दिक्कत आ रही है" 3. *2000 हितग्राही सरगुजा में संदेह के घेरे में* — इतनी बड़ी संख्या में KYC न होना "व्यवस्थागत खामी" है या सच में महिलाएं नहीं हैं 4. *टाइम कम लग रहा*: 69 लाख महिलाओं का 30 जून तक KYC — लोगों को लग रहा जल्दबाजी है 66dd0772c4725e11 *सरकार का जवाब*: पारदर्शिता के लिए जरूरी है। 1 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक बाल विकास परियोजना कार्यालय में *स्पेशल व्यवस्था* रहेगी जो छूट गए उनके लिए। डेटा लीक नहीं होगा, अनुमति बिना साझा नहीं करेंगे। 82fd090b *5. जरूरी टिप्स — KYC फेल न हो* 1. *पहले आंगनबाड़ी से नाम मिलान कराओ* — योजना में जो नाम है वही आधार में होना चाहिए 2. *गलती हो तो तुरंत सुधार*: महिला बाल विकास विभाग में नाम संशोधन का आवेदन दो 3. पहले करा चुके हैं तो दोबारा जरूरत नहीं 4. 30 जून का इंतजार मत करो — अभी करा लो, वरना लास्ट में भीड़ होगी 66dd33c50772 सार: KYC का मकसद गलत लोगों को हटाना है ताकि सही महिलाओं को 1000 रु हर महीने मिलते रहें। दिक्कत नाम मिसमैच की आ रही है, इसलिए पहले डॉक्यूमेंट चेक कर लो। 33c5 आपकी आंगनबाड़ी दीदी से लिस्ट ले लेना — उसमें नाम और मोबाइल नंबर होगा CSC वाले का। जय जोहार 🙏 0b571
- स्कूल की क्लासरूम में क्रूरता! टीचर के थप्पड़ों से 13 वर्षीय छात्र की सुनने की क्षमता 70-80% तक क्षतिग्रस्त, अब जिंदगी भर की सुनवाई का सवाल नमस्कार, द छत्तीसगढ़ चैनल पर आपका स्वागत है। मैं हूँ आपका एंकर योगेश कुमार साहू। आज हम आपके लिए छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर लेकर आए हैं, जिसे सुनकर हर अभिभावक का खून खौल जाएगा। एक निजी स्कूल की क्लासरूम में एक महिला शिक्षिका के गुस्से ने एक मासूम बच्चे की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। किताब निकालने में बस कुछ सेकंड की देरी हुई, और उसके बाद जो हुआ, वो किसी को भी सोचने पर मजबूर कर देगा। घटना है 2 जुलाई 2025 की। डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध खालसा पब्लिक स्कूल में कक्षा 7वीं पढ़ने वाला 13 वर्षीय छात्र सार्थक सहारे हमेशा की तरह स्कूल पहुंचा। सोशल साइंस की क्लास लेने आईं शिक्षिका प्रियंका सिंह (45 वर्ष) ने छात्रों से किताब निकालने को कहा। सार्थक को किताब निकालने में थोड़ी देरी हो गई। उसने टीचर से दोबारा पूछा, “मैम, आपने क्या कहा? मैं सुन नहीं पाया।” इस साधारण सी बात पर टीचर प्रियंका सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने एक के बाद एक 4 जोरदार थप्पड़ छात्र के गाल पर और कान के पास जड़ दिए। थप्पड़ इतने तीव्र थे कि सार्थक के दोनों कानों की नसों और पर्दे को गंभीर चोट पहुंची। क्लास खत्म होने के बाद जब सार्थक घर पहुंचा, तो उसने अपनी मां संतोषी सहारे से कहा, “मम्मी, अब मुझे ठीक से सुनाई नहीं दे रहा है।” परिवार तुरंत घबरा गया। उन्होंने सबसे पहले डोंगरगढ़ के सरकारी अस्पताल में ले जाया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में बताया कि कान में अंदरूनी चोट है। फिर सार्थक को राजनांदगांव जिला अस्पताल और उसके बाद रायपुर के निजी अस्पताल रेफर किया गया। विशेषज्ञों ने साफ बताया कि सुनने की क्षमता 70 से 80 प्रतिशत तक डैमेज हो चुकी है। इलाज लंबा चलेगा, ऑक्सीजन थेरेपी और अन्य उपचार चल रहे हैं। बच्चे को अभी भी सुनने में काफी तकलीफ है। सार्थक की मां संतोषी सहारे ने बताया, “हमारा बेटा स्कूल से लौटा तो रोते हुए बोला कि अब सुनाई नहीं दे रहा। हम उसे कई अस्पतालों में घुमाते रहे। डॉक्टरों ने कहा कि चोट गहरी है। यह कोई मामूली चोट नहीं, हमारे बच्चे की जिंदगी पर हमला है।” परिवार का आरोप है कि इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की। पीड़ित के पिता सुधाकर सहारे ने कहा, “हम पिछले 9 महीनों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे। स्कूल की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। उल्टा हमें गलत ठहराने की कोशिश हुई। मीडिया के दबाव के बाद अब कार्रवाई हुई है।” एक अन्य छात्रा श्वेता गजभिए ने भी खुलासा किया कि टीचर प्रियंका सिंह पहले भी कई बच्चों के साथ मारपीट और चीखने-चिल्लाने का व्यवहार कर चुकी हैं। बच्चे डर की वजह से चुप रहते थे। डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के इस मामले में पुलिस ने लंबित मामलों की समीक्षा के बाद कार्रवाई की। डोंगरगढ़ एसडीओपी केसरी नंदन नायक ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी टीचर प्रियंका सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष अदनान सिंह अरोरा ने कहा, “हम हर मीटिंग में टीचर्स को हिदायत देते हैं कि बच्चों पर हाथ नहीं उठाना है। अगर टीचर ने गलती की है तो कार्रवाई होगी।” पीड़ित परिवार अब मांग कर रहा है कि टीचर को स्कूल से सस्पेंड किया जाए और बच्चे के पूरे इलाज का खर्च स्कूल प्रबंधन उठाए। सार्थक की मां ने अपील की, “हम बस न्याय चाहते हैं। यह कोई छोटी सजा नहीं है, हमारे बच्चे की जिंदगी बर्बाद हो रही है।” दोस्तों, यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है। स्कूल वो जगह है जहां बच्चे सुरक्षित महसूस करें, न कि डर के माहौल में रहें। शिक्षक बच्चे का भविष्य गढ़ने वाले होते हैं, मारने वाले नहीं। अभिभावकों, अगर आपके बच्चे के साथ स्कूल में कोई अनुचित व्यवहार हो रहा है तो चुप न रहें। आवाज उठाएं, लिखित शिकायत करें और मीडिया तक पहुंचाएं। शिक्षा का मंदिर बच्चे को तोड़ने नहीं, संवारने का स्थान होना चाहिए। द छत्तीसगढ़ इस लड़ाई में आपके साथ है। अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई हो सके। धन्यवाद। योगेश कुमार साहू के साथ द छत्तीसगढ़। जय छत्तीसगढ़!1
- खुलें में कचरा ना फेंकें।. दुर्ग के नागरिकों।.1
- Post by Mr.Prem, "PRESS"2