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चंद महीने पहले प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अपनी पहली ही बारिश का सामना नहीं कर पाया। करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे इसकी निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सड़क की इस बदहाल स्थिति ने यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ा दिया है; एक यात्री ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान उनकी गाड़ी का एलॉय व्हील भी टेढ़ा हो गया। इस खराब हालत को देखते हुए कुछ लोगों ने सफर कर रहे अन्य लोगों को इस मार्ग पर सावधानी बरतने या इससे बचने के लिए आगाह किया है।
महेश कुमार
चंद महीने पहले प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अपनी पहली ही बारिश का सामना नहीं कर पाया। करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे इसकी निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सड़क की इस बदहाल स्थिति ने यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ा दिया है; एक यात्री ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान उनकी गाड़ी का एलॉय व्हील भी टेढ़ा हो गया। इस खराब हालत को देखते हुए कुछ लोगों ने सफर कर रहे अन्य लोगों को इस मार्ग पर सावधानी बरतने या इससे बचने के लिए आगाह किया है।
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- क्षेत्र में कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की है कि उनके वाहन चलते-चलते अचानक बंद हो जा रहे हैं। चालकों का कहना है कि इस समस्या के कारण यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों ने इस परेशानी के पीछे कई प्रमुख कारण बताए हैं, जिनमें बैटरी की खराबी, ढीले वायर कनेक्शन, कंट्रोलर में खराबी, मोटर का ओवरहीट होना या चार्जिंग सिस्टम की समस्या शामिल हो सकती है। विशेषज्ञों ने ई-रिक्शा चालकों को सलाह दी है कि वे अपने वाहन की नियमित सर्विसिंग करवाएं, बैटरी और वायरिंग की समय-समय पर जांच करें और किसी भी छोटी-मोटी खराबी को नजरअंदाज न करें। उन्होंने जोर दिया कि यदि यह समस्या बार-बार आती है, तो सड़क पर दुर्घटना या अन्य किसी बड़ी परेशानी से बचने के लिए वाहन को किसी अधिकृत सर्विस सेंटर पर जांच करवाना अत्यंत आवश्यक है।1
- विदिशा जिले के पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है। एक युवक, जिसने जहरीला पदार्थ पी लिया था, उसे जब परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां कोई भी ड्यूटी डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीज लगभग आधे घंटे तक अस्पताल में तड़पता रहा और उसके इलाज की जिम्मेदारी केवल दो नर्सों के भरोसे रही, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां पीपलखेड़ा निवासी सत्यम केवट, पिता सेवाराम केवट, ने अज्ञात कारणों से जहरीला पदार्थ पी लिया था। उसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन वहां कोई भी डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिला। अस्पताल में मौजूद दो नर्सों ने युवक को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण उसे समय पर विशेषज्ञ इलाज नहीं मिल पाया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि युवक करीब आधे घंटे तक अस्पताल में दर्द से कराहता रहा, जबकि डॉक्टर का कमरा और कुर्सियां खाली पड़ी थीं। जब इस मामले में अस्पताल स्टाफ से डॉक्टर की अनुपस्थिति पर सवाल किया गया, तो पहले उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में बताया गया कि ड्यूटी डॉक्टर डॉ. जया अधिकारी खाना खाने गई हैं। फोन पर संपर्क करने पर भी डॉक्टर ने यही जानकारी दी। प्राथमिक उपचार के बाद युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे 108 एंबुलेंस की मदद से विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि आपातकालीन स्थिति में भी डॉक्टर अस्पताल में उपलब्ध नहीं होंगे, तो मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है। पीपलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की यह अनुपस्थिति स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है, और अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई करता है।1
- दिग्विजय सिंह 2 अक्टूबर 2026 को उज्जैन से अयोध्या तक एक गैर-राजनीतिक पदयात्रा शुरू करेंगे।1
- भोपाल के गौतम नगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम को पुलिस ने एक व्यापक वाहन चेकिंग अभियान चलाया। बारिश के बीच भी, पुलिस ने शहर के विभिन्न चौराहों पर सघन जांच करते हुए बिना हेलमेट और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के चालान काटे। इस अभियान में थाना प्रभारी सहित कुल तीन थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था। शहर में पांच अलग-अलग स्थानों पर फिक्स चेकिंग पॉइंट बनाए गए, जहाँ दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गहनता से जांच की गई। अभियान की सबसे खास बात यह रही कि बिना हेलमेट वाहन चला रहे एक पुलिसकर्मी का भी चालान काटा गया। इस कार्रवाई के जरिए पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान है। बारिश और भारी ट्रैफिक के बावजूद, यह अभियान देर शाम तक जारी रहा, जिसमें पुलिस ने हेलमेट, वाहन दस्तावेज और अन्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सख्ती से जांच की।1
- गौतम नगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम को एक व्यापक वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। बारिश के बीच भी, पुलिस ने शहर के विभिन्न चौराहों पर सघन जांच करते हुए बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालानी कार्रवाई की। इस अभियान में थाना प्रभारी सहित तीन थानों का पुलिस बल तैनात था और शहर में पाँच अलग-अलग स्थानों पर फिक्स चेकिंग पॉइंट बनाए गए थे, जहाँ दोपहिया और चारपहिया वाहनों की जांच की गई। चेकिंग के दौरान पुलिस ने नियमों को लेकर कड़ी सख्ती बरती। इस कार्रवाई की सबसे खास बात यह रही कि बिना हेलमेट वाहन चला रहे एक पुलिसकर्मी को भी नहीं बख्शा गया और उसका भी चालान काटा गया। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस की इस निष्पक्ष कार्रवाई को समान कानून व्यवस्था का एक उल्लेखनीय उदाहरण बताया। बारिश और भारी ट्रैफिक के बावजूद, यह अभियान देर शाम तक जारी रहा। पुलिस द्वारा हेलमेट, वाहन दस्तावेज और अन्य सुरक्षा मानकों की गहनता से जांच की गई।1
- गंजबासौदा पुलिस ने ग्राम गमाकर में हुए जानलेवा हमले और लूट की गंभीर वारदात का 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे तथा एसडीओपी श्रीमती शिखा भलावी के मार्गदर्शन में देहात थाना पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ₹10,000 नगद, एक सोने की नाक की लौंग और सोने के कान के टॉप्स सहित कुल अनुमानित ₹35,000 का मशरूका जब्त किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ग्राम गमाकर निवासी 26 वर्षीय छोटू कुशवाह (पिता बृजेश कुशवाह), धूसरपुरा, जैन मंदिर के पास, गंजबासौदा निवासी 22 वर्षीय रानू जैन (पिता स्व. सुभाष जैन), और धूसरपुरा, जैन मंदिर के पास निवासी 27 वर्षीय शैलेन्द्र जैन (पिता सुभाष जैन) के रूप में हुई है। इन सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया।1
- भोपाल में मात्र 30 मिनट की बारिश ने आफत ला दी है, जिससे नगर निगम भोपाल के सफाई संबंधी दावों की पोल खुल गई है। वर्षा से पहले नालों की उचित सफाई न होने और मिट्टी न हटाए जाने के कारण लालघाटी गुफा मंदिर के सामने स्थित जैन नगर कॉलोनी में पानी भर गया है। इस जलभराव के कारण जैन नगर के लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए हैं।1