बीना में देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर राधे राधे प्रभात मंडल द्वारा सुबह 5 बजे एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर का भ्रमण करते हुए वापस मां जागेश्वरी धाम और हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। सनातन परंपरा के तहत, अत्यधिक स्नान के कारण भगवान को ज्वर आने की मान्यता है, जिसके चलते वे लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस अवधि में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और केवल सेवायत ही भगवान की गोपनीय सेवा करते हैं। अनवसर काल में भगवान को आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके उपचार और स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। इस दौरान भक्त सीधे दर्शन नहीं कर पाते, लेकिन भगवान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। यह विश्राम अवधि पूरी होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होकर नानक वार्ड से पंचमुखी हनुमान होती हुई नगर भ्रमण पर निकलेगी, जहाँ नगर के सभी श्रद्धालु दर्शन का लाभ लेंगे। उस रात भगवान स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर विश्राम करेंगे और सुबह ढोल नगाड़ों के साथ पुनः हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर पर विराजमान होंगे।
बीना में देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर राधे राधे प्रभात मंडल द्वारा सुबह 5 बजे एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर का भ्रमण करते हुए वापस मां जागेश्वरी धाम और हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। सनातन परंपरा के तहत, अत्यधिक स्नान के कारण भगवान को ज्वर आने की
मान्यता है, जिसके चलते वे लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस अवधि में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और केवल सेवायत ही भगवान की गोपनीय सेवा करते हैं। अनवसर काल में भगवान को आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके उपचार और स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। इस दौरान भक्त सीधे दर्शन नहीं कर पाते, लेकिन भगवान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। यह विश्राम अवधि पूरी होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे
नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होकर नानक वार्ड से पंचमुखी हनुमान होती हुई नगर भ्रमण पर निकलेगी, जहाँ नगर के सभी श्रद्धालु दर्शन का लाभ लेंगे। उस रात भगवान स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर विश्राम करेंगे और सुबह ढोल नगाड़ों के साथ पुनः हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर पर विराजमान होंगे।
- बीना में जगन्नाथ रथ यात्रा की तैयारियों के बीच श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। हाल ही में देव स्नान पूर्णिमा के पावन अवसर पर राधे-राधे प्रभात मंडल द्वारा एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा सुबह 5 बजे मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी और पुनः मां जागेश्वरी धाम तथा हरे राम मंदिर पहुँची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का पवित्र कलशों के जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। इस अवधि में भगवान लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस दौरान मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहते हैं, और केवल सेवायत ही भगवान की विशेष सेवा करते हैं। भगवान को आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। अनवसर काल की समाप्ति के बाद 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा एक भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा समिति के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होगी और नानक वार्ड, पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस दौरान नगरवासी भगवान के दर्शन का लाभ प्राप्त करेंगे। यात्रा का रात्रि विश्राम स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर होगा, और अगले दिन ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान पुनः हरे राम मंदिर स्थित अपने मंदिर में विराजमान होंगे।1
- विदिशा जिले के जंबार-बागरी गाँव के किसान और रहवासी अपनी समस्याओं को लेकर आज कलेक्ट्रेट पहुँचे। उन्होंने वहाँ जमकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर के नाम संयुक्त कलेक्टर नितिन जैन को एक ज्ञापन सौंपा। किसानों की मुख्य शिकायत यह है कि उनके गाँव में कुछ किसानों द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसके चलते लगभग 40 से 50 किसानों का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि एक दबंग किसान, जो स्वयं पटवारी भी है, अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस सरकारी भूमि पर कब्जा कर रहा है। यह वही रास्ता है जिसका उपयोग किसान कई पीढ़ियों से अपने खेतों तक पहुँचने के लिए करते आ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब वे इस अवैध कब्जे को रोकने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है। गाँव के सरपंच राहुल गुर्जर ने बताया कि पूर्व में भी इस संबंध में शिकायत की गई थी, जिसके बाद तहसीलदार मौके पर पहुँचे थे। हालांकि, सरपंच के अनुसार, तहसीलदार ने सरकारी कब्जे को हटवाने की बजाय उन्हें धमकाना शुरू कर दिया और निजी स्थान से रास्ता लेने की बात कही। सरपंच राहुल गुर्जर ने यह भी बताया कि उन्हें झूठी शिकायतें करने की चेतावनी भी दी जा रही है। किसान और रहवासी इस सरकारी रास्ते से अवैध कब्जा हटवाने और इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।4
- श्री अमरनाथ जी की वार्षिक यात्रा के लिए तैयारियां चल रही हैं।1
- रविवार को दानवीर भामाशाह जयंती के अवसर पर जिला मुख्यालय ललितपुर में उद्योग व्यापार मण्डल द्वारा व्यापारी कल्याण दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में संगठन के प्रांतीय चेयरमैन महेंद्र जैन मयूर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जहां जनपद के विभिन्न गांवों, कस्बों और शहर के 21 वयोवृद्ध व्यापारी भामाशाहों का अभिनंदन और सम्मान किया गया। होटल आनन्द रेजीडेंसी में संगठन के जिलाध्यक्ष प्रदीप त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मान समारोह में व्यापारियों ने केंद्र और राज्य स्तर पर व्यापारी कल्याण आयोग के गठन की जोरदार मांग रखी। कार्यक्रम में मड़ावरा, महरौनी, बार, बानपुर, नाराहट, तालबेहट, जखौरा, बिरधा, सैदपुर समेत विभिन्न कस्बों के साथ-साथ जिला और नगर इकाई के सदस्य एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। जिला महामंत्री अनिल बबड़ी ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि नगर अध्यक्ष महेश जैन मोनू ने सभी का आभार व्यक्त किया।4
- राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत बीना में सर्वधर्म जनसेवा समिति के तत्वावधान में एक विशेष पोलियो बूथ का आयोजन किया गया, जिसमें जनसहभागिता की ताकत स्पष्ट दिखाई दी। बीना के रफी अहमद किदवई वार्ड क्रमांक-16 स्थित यू.पी.एच.सी. वंशकार प्रेमनगर बस्ती में आयोजित इस अभियान के दौरान लगभग 200 बच्चों को जीवनरक्षक पोलियो की खुराक 'दो बूंद जिंदगी की' पिलाई गई। इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश देना भी था। यह विशेष बूथ समाजसेवी और अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी के नेतृत्व में लगाया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ अनुसूचित जनजातीय बालक छात्रावास अधीक्षक ए.के. मेहरा ने मुख्य अतिथि के रूप में नन्हे-मुन्ने बच्चों को अपने हाथों से पोलियो की दवा पिलाकर किया। उन्होंने अभिभावकों से प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक दिलाने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्वधर्म जनसेवा समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश सैनी ने की, जबकि शहरी क्षेत्र की एएनएम सुलोचना सिंह और आशा कार्यकर्ता गौरी गोस्वामी सहित अन्य गणमान्य नागरिक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समाजसेवी रेखा अंजू तिवारी ने बच्चों के साथ आए अभिभावकों को संबोधित करते हुए पोलियो की दो बूंद के महत्व पर जोर दिया, जिसे उन्होंने हर बच्चे के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव बताया। उन्होंने अभिभावकों को स्वच्छता अपनाने, बच्चों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने और भोजन से पहले साबुन से हाथ धुलाने की आदत विकसित करने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला। अभियान के दौरान, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश सैनी द्वारा बूथ पर आए बच्चों और उनके अभिभावकों को प्रोत्साहन स्वरूप मीठे बिस्कुट एवं ट्रॉफियां वितरित की गईं, जिससे बच्चों और अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस जनहितकारी अभियान की सफलता में संजीवनी क्लीनिक की सहायक सुश्री मुस्कान तिवारी, सक्रिय स्टाफ सदस्य अंकित बर्मन, स्वास्थ्य विभाग की टीम तथा क्षेत्र के अनेक बच्चे और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि समाज, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों की सहभागिता से ही पोलियो मुक्त भारत का सपना साकार किया जा सकता है। अभियान में सभी ने एकजुट होकर आह्वान किया कि पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को समय-समय पर पोलियो की खुराक अवश्य दिलाई जाए, क्योंकि 'दो बूंद जिंदगी की' हर बच्चे का अधिकार है।4
- Post by Manoj jain2