विदिशा जिले के जंबार-बागरी गाँव के किसान और रहवासी अपनी समस्याओं को लेकर आज कलेक्ट्रेट पहुँचे। उन्होंने वहाँ जमकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर के नाम संयुक्त कलेक्टर नितिन जैन को एक ज्ञापन सौंपा। किसानों की मुख्य शिकायत यह है कि उनके गाँव में कुछ किसानों द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसके चलते लगभग 40 से 50 किसानों का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि एक दबंग किसान, जो स्वयं पटवारी भी है, अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस सरकारी भूमि पर कब्जा कर रहा है। यह वही रास्ता है जिसका उपयोग किसान कई पीढ़ियों से अपने खेतों तक पहुँचने के लिए करते आ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब वे इस अवैध कब्जे को रोकने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है। गाँव के सरपंच राहुल गुर्जर ने बताया कि पूर्व में भी इस संबंध में शिकायत की गई थी, जिसके बाद तहसीलदार मौके पर पहुँचे थे। हालांकि, सरपंच के अनुसार, तहसीलदार ने सरकारी कब्जे को हटवाने की बजाय उन्हें धमकाना शुरू कर दिया और निजी स्थान से रास्ता लेने की बात कही। सरपंच राहुल गुर्जर ने यह भी बताया कि उन्हें झूठी शिकायतें करने की चेतावनी भी दी जा रही है। किसान और रहवासी इस सरकारी रास्ते से अवैध कब्जा हटवाने और इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विदिशा जिले के जंबार-बागरी गाँव के किसान और रहवासी अपनी समस्याओं को लेकर आज कलेक्ट्रेट पहुँचे। उन्होंने वहाँ जमकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर के नाम संयुक्त कलेक्टर नितिन जैन को एक ज्ञापन सौंपा। किसानों की मुख्य शिकायत यह है कि उनके गाँव में कुछ किसानों द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसके चलते लगभग 40 से
50 किसानों का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि एक दबंग किसान, जो स्वयं पटवारी भी है, अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस सरकारी भूमि पर कब्जा कर रहा है। यह वही रास्ता है जिसका उपयोग किसान कई पीढ़ियों से अपने खेतों तक पहुँचने के लिए करते आ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना
है कि जब वे इस अवैध कब्जे को रोकने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है। गाँव के सरपंच राहुल गुर्जर ने बताया कि पूर्व में भी इस संबंध में शिकायत की गई थी, जिसके बाद तहसीलदार मौके पर पहुँचे थे। हालांकि, सरपंच के अनुसार, तहसीलदार ने सरकारी कब्जे को हटवाने
की बजाय उन्हें धमकाना शुरू कर दिया और निजी स्थान से रास्ता लेने की बात कही। सरपंच राहुल गुर्जर ने यह भी बताया कि उन्हें झूठी शिकायतें करने की चेतावनी भी दी जा रही है। किसान और रहवासी इस सरकारी रास्ते से अवैध कब्जा हटवाने और इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
- विदिशा जिले के उनारसीकला थाना क्षेत्र के ग्राम गोलना में एक महिला और उसकी बेटी के साथ घर में घुसकर बेरहमी से मारपीट की गई। घटना में घायल हुई महिला मोहर बाई को जिला अस्पताल विदिशा में भर्ती कराया गया है। पीड़िता ने बताया कि इस मारपीट के दौरान उनकी बेटी का मोबाइल और मंगलसूत्र भी आरोपी ले गए। मोहर बाई के अनुसार, गांव के कुछ लोग उनके भाई को मारने के लिए ढूंढ रहे थे। उन्हें शक था कि भाई मोहर बाई के घर में छिपा हुआ है। इसी बात पर आरोपियों ने लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से उनके घर में जबरन घुसकर मोहर बाई और उनकी बेटी को पीटा। मारपीट के बाद घायलों को पहले लटेरी अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। मोहर बाई का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने यह भी शिकायत की है कि घटना के संबंध में अब तक पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।4
- विदिशा जिले के भिलांय गांव में स्थित पहाड़ों पर हरियाली वापस आ चुकी है। इसके साथ ही, यह भी बताया गया है कि इन पहाड़ों में जंगली जानवर भी निवास करते हैं।1
- यहाँ सड़क की सुविधा उपलब्ध नहीं है, साथ ही लाइट का भी अभाव है। यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई है कि यहाँ सड़क नहीं है।1
- ग्राम कोठी चार कला में आयोजित एक मेले के दौरान श्री राम जी के हाथों रावण का वध हुआ।1
- मुरैना जिले के किशनपुर गांव में शनिवार सुबह एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से सनसनी फैल गई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति ने पहले अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के बाद उसने खुद रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक वारदात मुरैना जिला मुख्यालय से सटे किशनपुर गांव की है। 35 वर्षीय बलराम कुशवाह ने देर रात अपनी 32 वर्षीय पत्नी रविता कुशवाह, आठ वर्षीय बेटे आरव और छह वर्षीय बेटे देव की सोते समय कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, पत्नी ने जान बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी उस पर लगातार वार करता रहा। वारदात को अंजाम देने के बाद बलराम घर की दीवार फांदकर भागा और करीब छह किलोमीटर दूर शिकारपुर रेलवे फाटक के पास ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। शनिवार सुबह जब दूध देने वाला घर पहुंचा और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तब इस घटना का खुलासा हुआ। पुलिस का कहना है कि इस दुखद घटना के पीछे पत्नी के चरित्र पर शक और सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर चल रहा विवाद कारण हो सकता है। दरअसल, एक डांस मनोरंजन का वीडियो ही इन चार जिंदगियों की मौत का कारण बना।1
- विदिशा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में जिले में एक विशेष साइबर जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक' चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और उन्हें डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करना है। इस मुहिम के तहत, गांव से लेकर शहर तक व्यापक स्तर पर लोगों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया है, जिसमें अब तक 10 हजार लोगों तक पहुँच बनाई गई है। अभियान के चौथे दिन जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विदिशा पुलिस की टीमें विद्यालयों, छात्रावासों, अस्पतालों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों, ग्राम पंचायतों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए। कार्यक्रमों के दौरान लोगों को समझाया गया कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, न ही किसी के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की भी जानकारी दी गई।1
- बीना में देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर राधे राधे प्रभात मंडल द्वारा सुबह 5 बजे एक भव्य स्नान यात्रा निकाली गई। यह यात्रा मां जागेश्वरी धाम से शुरू होकर नगर का भ्रमण करते हुए वापस मां जागेश्वरी धाम और हरे राम मंदिर पहुंची। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का कलशों के पवित्र जल से पारंपरिक महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महास्नान के बाद भगवान अस्वस्थ हो जाते हैं, जिसके साथ ही अनवसर (अनसार) काल की शुरुआत होती है। सनातन परंपरा के तहत, अत्यधिक स्नान के कारण भगवान को ज्वर आने की मान्यता है, जिसके चलते वे लगभग 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। इस अवधि में श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट बंद रहते हैं और केवल सेवायत ही भगवान की गोपनीय सेवा करते हैं। अनवसर काल में भगवान को आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों, काढ़ा, फल और हल्का भोग अर्पित किया जाता है, जिसे उनके उपचार और स्वास्थ्य लाभ का समय माना जाता है। इस दौरान भक्त सीधे दर्शन नहीं कर पाते, लेकिन भगवान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। यह विश्राम अवधि पूरी होने के बाद, 16 जुलाई को भगवान नवयौवन स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे, जिसे नवयौवन दर्शन या नेत्रोत्सव कहा जाता है। इसके अगले दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे। जगन्नाथ स्वामी रथ यात्रा के सदस्य एडवोकेट प्रभात व्यास ने बताया कि यह यात्रा हरे राम मंदिर स्थित भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर से प्रारंभ होकर नानक वार्ड से पंचमुखी हनुमान होती हुई नगर भ्रमण पर निकलेगी, जहाँ नगर के सभी श्रद्धालु दर्शन का लाभ लेंगे। उस रात भगवान स्टेशन रोड स्थित हनुमान मंदिर पर विश्राम करेंगे और सुबह ढोल नगाड़ों के साथ पुनः हरे राम मंदिर स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर पर विराजमान होंगे।3
- विदिशा जिले के जंबार-बागरी गाँव के किसान और रहवासी अपनी समस्याओं को लेकर आज कलेक्ट्रेट पहुँचे। उन्होंने वहाँ जमकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर के नाम संयुक्त कलेक्टर नितिन जैन को एक ज्ञापन सौंपा। किसानों की मुख्य शिकायत यह है कि उनके गाँव में कुछ किसानों द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसके चलते लगभग 40 से 50 किसानों का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि एक दबंग किसान, जो स्वयं पटवारी भी है, अपने पद का दुरुपयोग करते हुए इस सरकारी भूमि पर कब्जा कर रहा है। यह वही रास्ता है जिसका उपयोग किसान कई पीढ़ियों से अपने खेतों तक पहुँचने के लिए करते आ रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब वे इस अवैध कब्जे को रोकने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है। गाँव के सरपंच राहुल गुर्जर ने बताया कि पूर्व में भी इस संबंध में शिकायत की गई थी, जिसके बाद तहसीलदार मौके पर पहुँचे थे। हालांकि, सरपंच के अनुसार, तहसीलदार ने सरकारी कब्जे को हटवाने की बजाय उन्हें धमकाना शुरू कर दिया और निजी स्थान से रास्ता लेने की बात कही। सरपंच राहुल गुर्जर ने यह भी बताया कि उन्हें झूठी शिकायतें करने की चेतावनी भी दी जा रही है। किसान और रहवासी इस सरकारी रास्ते से अवैध कब्जा हटवाने और इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।4