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ग्राम कोठी चार कला में आयोजित एक मेले के दौरान श्री राम जी के हाथों रावण का वध हुआ।
Suraj Ahirwar
ग्राम कोठी चार कला में आयोजित एक मेले के दौरान श्री राम जी के हाथों रावण का वध हुआ।
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- ग्राम कोठी चार कला में आयोजित एक मेले के दौरान श्री राम जी के हाथों रावण का वध हुआ।1
- मुरैना जिले के किशनपुर गांव में शनिवार सुबह एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से सनसनी फैल गई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति ने पहले अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के बाद उसने खुद रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक वारदात मुरैना जिला मुख्यालय से सटे किशनपुर गांव की है। 35 वर्षीय बलराम कुशवाह ने देर रात अपनी 32 वर्षीय पत्नी रविता कुशवाह, आठ वर्षीय बेटे आरव और छह वर्षीय बेटे देव की सोते समय कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, पत्नी ने जान बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी उस पर लगातार वार करता रहा। वारदात को अंजाम देने के बाद बलराम घर की दीवार फांदकर भागा और करीब छह किलोमीटर दूर शिकारपुर रेलवे फाटक के पास ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। शनिवार सुबह जब दूध देने वाला घर पहुंचा और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तब इस घटना का खुलासा हुआ। पुलिस का कहना है कि इस दुखद घटना के पीछे पत्नी के चरित्र पर शक और सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर चल रहा विवाद कारण हो सकता है। दरअसल, एक डांस मनोरंजन का वीडियो ही इन चार जिंदगियों की मौत का कारण बना।1
- विदिशा जिले की बागरी पंचायत से बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपते हुए शिकायत की कि कुछ दबंगों ने गांव के खेतों तक जाने वाले रास्ते पर अवैध कब्जा कर रखा है। इन किसानों ने कलेक्टर से इस रास्ते को दबंगों के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है, ताकि वे अपने खेतों तक पहुंच सकें।4
- विदिशा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में जिले में एक विशेष साइबर जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक' चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और उन्हें डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करना है। इस मुहिम के तहत, गांव से लेकर शहर तक व्यापक स्तर पर लोगों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया है, जिसमें अब तक 10 हजार लोगों तक पहुँच बनाई गई है। अभियान के चौथे दिन जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विदिशा पुलिस की टीमें विद्यालयों, छात्रावासों, अस्पतालों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों, ग्राम पंचायतों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए। कार्यक्रमों के दौरान लोगों को समझाया गया कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, न ही किसी के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की भी जानकारी दी गई।1
- यह एक भावनात्मक अभिव्यक्ति है जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अपनी नशे की आदत छोड़ने का जिक्र किया गया है। यह त्याग किसी खास व्यक्ति को हासिल करने की तीव्र इच्छा या उद्देश्य से प्रेरित था।1
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- सिरोंज यातायात पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देश पर स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष सुरक्षा जांच और यातायात जागरूकता अभियान चलाया है, जिसका नाम “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में, यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में यह अभियान ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान स्कूल बस, वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई, साथ ही वाहनों में सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र जैसे सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया। इस सघन जांच के परिणामस्वरूप, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई और कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूल किया गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की भी समझाइश दी गई। इसी क्रम में, विद्यालयों में उपस्थित विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों का पालन करने तथा सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के संबंध में जानकारी दी गई, और उन्हें अपने परिवार एवं समाज में भी सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि कुछ रुपये बचाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें और उन्हें ऐसे वाहनों में स्कूल भेजने से बचें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हों अथवा जिनके आवश्यक दस्तावेज पूर्ण न हों। उन्होंने सुरक्षित वाहन का चयन प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी बताया। इसके अतिरिक्त, स्कूल वाहन चालकों को वर्षा ऋतु को देखते हुए वाहनों में मजबूत जाली और वर्षा से बचाव की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। उन्हें वाहन चलाते समय या बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन पूर्णतः वर्जित होने की स्पष्ट चेतावनी दी गई, और यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। यातायात प्रभारी ने शासन द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा योजनाओं, जैसे सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण और सम्मान प्रदान करने वाली राह-वीर योजना, दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में पात्र घायलों को तत्काल उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने वाली कैशलेस उपचार योजना, और अज्ञात वाहन से दुर्घटना होने पर पात्र पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली हिट एंड रन प्रतिकर योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने अंत में कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाना एवं सुरक्षित घर वापस लाना है, और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।1
- राजधानी भोपाल की करोद मंडी में व्यापारियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जहां वे आरोप लगा रहे हैं कि उनसे मंडी शुल्क तो बराबर लिया जा रहा है, लेकिन मंडी की उचित देखभाल नहीं की जा रही है। मंडी में लगातार कचरे के ढेर लगे हैं और हर तरफ कीचड़ फैला हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि इस गंभीर स्थिति पर न तो सचिव साहब, न ही मंत्री महोदय और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी ध्यान दे रहा है। जब उन्होंने कई बार मंडी सचिव से शिकायत करने की कोशिश की, तो उन्हें गेट से ही वापस कर दिया जाता है यह कहकर कि उन्होंने सचिव साहब को सूचित कर दिया है। इस विषय में जब मंडी सचिव से बात हुई, तो उन्होंने बताया कि नगर निगम वाले मंडी से कचरा उठाने को तैयार नहीं हैं, और उन्हें कचरा बाहर फेंकने से भी मना किया गया है, जिसके कारण सारा कचरा मंडी के अंदर ही जमा हो रहा है। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि आसपास इतनी गंदगी है कि कीड़े, मच्छर और मक्खियों के काटने से उनके पैरों में जख्म हो चुके हैं, और दुकानों में बैठना भी मुश्किल हो गया है। पिछले साल बारिश के दौरान मंडी के अंदर फल-फ्रूट की टोकरियाँ बहती हुई दिखाई दी थीं, लेकिन अभी तक कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे मंडी के व्यापारियों को लगातार समस्याओं और भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।1