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सिरोंज यातायात पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देश पर स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष सुरक्षा जांच और यातायात जागरूकता अभियान चलाया है, जिसका नाम “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में, यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में यह अभियान ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान स्कूल बस, वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई, साथ ही वाहनों में सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र जैसे सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया। इस सघन जांच के परिणामस्वरूप, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई और कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूल किया गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की भी समझाइश दी गई। इसी क्रम में, विद्यालयों में उपस्थित विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों का पालन करने तथा सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के संबंध में जानकारी दी गई, और उन्हें अपने परिवार एवं समाज में भी सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि कुछ रुपये बचाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें और उन्हें ऐसे वाहनों में स्कूल भेजने से बचें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हों अथवा जिनके आवश्यक दस्तावेज पूर्ण न हों। उन्होंने सुरक्षित वाहन का चयन प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी बताया। इसके अतिरिक्त, स्कूल वाहन चालकों को वर्षा ऋतु को देखते हुए वाहनों में मजबूत जाली और वर्षा से बचाव की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। उन्हें वाहन चलाते समय या बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन पूर्णतः वर्जित होने की स्पष्ट चेतावनी दी गई, और यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। यातायात प्रभारी ने शासन द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा योजनाओं, जैसे सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण और सम्मान प्रदान करने वाली राह-वीर योजना, दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में पात्र घायलों को तत्काल उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने वाली कैशलेस उपचार योजना, और अज्ञात वाहन से दुर्घटना होने पर पात्र पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली हिट एंड रन प्रतिकर योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने अंत में कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाना एवं सुरक्षित घर वापस लाना है, और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

3 hrs ago
user_Jagmohan tiwari
Jagmohan tiwari
Singer Vidisha, Madhya Pradesh•
3 hrs ago

सिरोंज यातायात पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देश पर स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष सुरक्षा जांच और यातायात जागरूकता अभियान चलाया है, जिसका नाम “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में, यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में यह अभियान ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान स्कूल बस, वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई, साथ ही वाहनों में सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र जैसे सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया। इस सघन जांच के परिणामस्वरूप, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई और कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूल किया गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की भी समझाइश दी गई। इसी क्रम में, विद्यालयों में उपस्थित विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों का पालन करने तथा सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के संबंध में जानकारी दी गई, और उन्हें अपने परिवार एवं समाज में भी सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि कुछ रुपये बचाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें और उन्हें ऐसे वाहनों में स्कूल भेजने से बचें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हों अथवा जिनके आवश्यक दस्तावेज पूर्ण न हों। उन्होंने सुरक्षित वाहन का चयन प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी बताया। इसके अतिरिक्त, स्कूल वाहन चालकों को वर्षा ऋतु को देखते हुए वाहनों में मजबूत जाली और वर्षा से बचाव की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। उन्हें वाहन चलाते समय या बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन पूर्णतः वर्जित होने की स्पष्ट चेतावनी दी गई, और यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। यातायात प्रभारी ने शासन द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा योजनाओं, जैसे सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण और सम्मान प्रदान करने वाली राह-वीर योजना, दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में पात्र घायलों को तत्काल उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने वाली कैशलेस उपचार योजना, और अज्ञात वाहन से दुर्घटना होने पर पात्र पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली हिट एंड रन प्रतिकर योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने अंत में कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाना एवं सुरक्षित घर वापस लाना है, और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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  • सिरोंज यातायात पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देश पर स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष सुरक्षा जांच और यातायात जागरूकता अभियान चलाया है, जिसका नाम “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में, यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में यह अभियान ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान स्कूल बस, वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई, साथ ही वाहनों में सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र जैसे सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया। इस सघन जांच के परिणामस्वरूप, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई और कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूल किया गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की भी समझाइश दी गई। इसी क्रम में, विद्यालयों में उपस्थित विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों का पालन करने तथा सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के संबंध में जानकारी दी गई, और उन्हें अपने परिवार एवं समाज में भी सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि कुछ रुपये बचाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें और उन्हें ऐसे वाहनों में स्कूल भेजने से बचें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हों अथवा जिनके आवश्यक दस्तावेज पूर्ण न हों। उन्होंने सुरक्षित वाहन का चयन प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी बताया। इसके अतिरिक्त, स्कूल वाहन चालकों को वर्षा ऋतु को देखते हुए वाहनों में मजबूत जाली और वर्षा से बचाव की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। उन्हें वाहन चलाते समय या बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन पूर्णतः वर्जित होने की स्पष्ट चेतावनी दी गई, और यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। यातायात प्रभारी ने शासन द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा योजनाओं, जैसे सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण और सम्मान प्रदान करने वाली राह-वीर योजना, दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में पात्र घायलों को तत्काल उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने वाली कैशलेस उपचार योजना, और अज्ञात वाहन से दुर्घटना होने पर पात्र पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली हिट एंड रन प्रतिकर योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने अंत में कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाना एवं सुरक्षित घर वापस लाना है, और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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    सिरोंज यातायात पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देश पर स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष सुरक्षा जांच और यातायात जागरूकता अभियान चलाया है, जिसका नाम “मिशन सुरक्षित बचपन, सुरक्षित सड़क” है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज श्रीमती सोनू डाबर के मार्गदर्शन में, यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला के नेतृत्व में यह अभियान ईशान इंटरनेशनल स्कूल और संस्कार ग्रीन वैली स्कूल में आयोजित किया गया। अभियान के दौरान स्कूल बस, वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई, साथ ही वाहनों में सीसीटीवी कैमरा, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र जैसे सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया गया।

इस सघन जांच के परिणामस्वरूप, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 08 वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई और कुल ₹9,000 का शमन शुल्क वसूल किया गया। संबंधित वाहन चालकों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने की भी समझाइश दी गई। इसी क्रम में, विद्यालयों में उपस्थित विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व, यातायात संकेतों का पालन करने तथा सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के संबंध में जानकारी दी गई, और उन्हें अपने परिवार एवं समाज में भी सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।

यातायात प्रभारी सूबेदार रितेश वाघेला ने अभिभावकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि कुछ रुपये बचाने के लिए बच्चों की सुरक्षा से समझौता न करें और उन्हें ऐसे वाहनों में स्कूल भेजने से बचें जिनमें क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जाते हों अथवा जिनके आवश्यक दस्तावेज पूर्ण न हों। उन्होंने सुरक्षित वाहन का चयन प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी बताया। इसके अतिरिक्त, स्कूल वाहन चालकों को वर्षा ऋतु को देखते हुए वाहनों में मजबूत जाली और वर्षा से बचाव की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। उन्हें वाहन चलाते समय या बच्चों के सामने किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन पूर्णतः वर्जित होने की स्पष्ट चेतावनी दी गई, और यातायात नियमों का पालन करते हुए निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

यातायात प्रभारी ने शासन द्वारा संचालित सड़क सुरक्षा योजनाओं, जैसे सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण और सम्मान प्रदान करने वाली राह-वीर योजना, दुर्घटना के बाद 'गोल्डन ऑवर' में पात्र घायलों को तत्काल उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने वाली कैशलेस उपचार योजना, और अज्ञात वाहन से दुर्घटना होने पर पात्र पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली हिट एंड रन प्रतिकर योजना की भी जानकारी दी। उन्होंने अंत में कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित विद्यालय पहुंचाना एवं सुरक्षित घर वापस लाना है, और बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
    user_Jagmohan tiwari
    Jagmohan tiwari
    Singer Vidisha, Madhya Pradesh•
    3 hrs ago
  • विदिशा जिले की बागरी पंचायत से बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपते हुए शिकायत की कि कुछ दबंगों ने गांव के खेतों तक जाने वाले रास्ते पर अवैध कब्जा कर रखा है। इन किसानों ने कलेक्टर से इस रास्ते को दबंगों के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है, ताकि वे अपने खेतों तक पहुंच सकें।
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    विदिशा जिले की बागरी पंचायत से बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपते हुए शिकायत की कि कुछ दबंगों ने गांव के खेतों तक जाने वाले रास्ते पर अवैध कब्जा कर रखा है। इन किसानों ने कलेक्टर से इस रास्ते को दबंगों के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है, ताकि वे अपने खेतों तक पहुंच सकें।
    user_Vinod Mehra
    Vinod Mehra
    Emt news Vidisha News editor Vidisha, Madhya Pradesh•
    6 hrs ago
  • यह एक भावनात्मक अभिव्यक्ति है जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अपनी नशे की आदत छोड़ने का जिक्र किया गया है। यह त्याग किसी खास व्यक्ति को हासिल करने की तीव्र इच्छा या उद्देश्य से प्रेरित था।
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    यह एक भावनात्मक अभिव्यक्ति है जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अपनी नशे की आदत छोड़ने का जिक्र किया गया है। यह त्याग किसी खास व्यक्ति को हासिल करने की तीव्र इच्छा या उद्देश्य से प्रेरित था।
    user_Ajay Lodhi
    Ajay Lodhi
    Photographer विदिशा नगर, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • polo shirt cuz you move on to lady in the kitchen chart later
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    polo shirt cuz you move on to lady in the kitchen chart later
    user_Curo
    Curo
    विदिशा नगर, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • सलामतपुर पुलिस ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने नाबालिग को एक कमरे में बंधक बनाकर दुष्कर्म किया था।
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    सलामतपुर पुलिस ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने नाबालिग को एक कमरे में बंधक बनाकर दुष्कर्म किया था।
    user_ABBTAK NEWS Dewangnj
    ABBTAK NEWS Dewangnj
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • ग्राम कोठी चार कला में आयोजित एक मेले के दौरान श्री राम जी के हाथों रावण का वध हुआ।
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    ग्राम कोठी चार कला में आयोजित एक मेले के दौरान श्री राम जी के हाथों रावण का वध हुआ।
    user_Suraj Ahirwar
    Suraj Ahirwar
    नटेरन, विदिशा, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • विदिशा पुलिस द्वारा 24 जून 2026 से 8 जुलाई 2026 तक चलाए जा रहे 15 दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता अभियान #SafeClick2.0 के चौथे दिन जिलेभर में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसके तहत गांव से शहर तक 10,000 नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। यह मुहिम पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग बनाना है। अभियान के चौथे दिन विद्यालयों, छात्रावासों, अस्पतालों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए। लटेरी पुलिस ने कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में छात्राओं और स्टाफ को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और सोशल मीडिया फ्रॉड के बारे में जानकारी दी। इसी तरह, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पठारी और सिरोंज क्षेत्र के निर्मला कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, यूपीआई पिन व पासवर्ड साझा न करने और साइबर हेल्पलाइन 1930 के महत्व से अवगत कराया गया। जागरूकता कार्यक्रमों के तहत कुरवाई के शासकीय अस्पताल में चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, आशा कार्यकर्ताओं और मरीजों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय सुझाए गए, वहीं यातायात पुलिस विदिशा द्वारा पुलिस परेड ग्राउंड में महिला नवआरक्षकों और ताइक्वांडो प्रशिक्षणार्थियों को मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर हेल्पलाइन के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। कोतवाली विदिशा की टीम रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और ऑटो चालकों को जागरूक करने पहुंची, जबकि गुलाबगंज रेलवे स्टेशन, ग्यारसपुर बस स्टैंड, बस स्टैंड कुरवाई और नई गल्ला मंडी बासौदा में दुकानदारों, व्यापारियों, यात्रियों और आमजन को साइबर ठगी, फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से बचने की सलाह दी गई। यह अभियान गांवों तक भी पहुंचा, जिसमें पनावर, खड़ेर, गुलाबगंज, उनारसीकला, रतनबर्री, बमोरीसाला और बलरामपुर सहित कई ग्रामों में ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए। मैहलुआ चौराहा और बागरोद में भी आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। हैदरगढ़ क्षेत्र के ग्राम धामनोद में आयोजित जनसभा में व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को मोबाइल के सुरक्षित उपयोग, बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, वित्तीय फ्रॉड से बचाव और आपातकालीन नंबर 1930 एवं 112 के संबंध में जानकारी दी गई। सिविल लाइन क्षेत्र के दुर्गानगर चौराहा पर भी नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सजग किया गया। इन कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्हें यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। विदिशा पुलिस द्वारा संचालित इस सेफ क्लिक 2.0 अभियान के चौथे दिवस जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित कर नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।
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    विदिशा पुलिस द्वारा 24 जून 2026 से 8 जुलाई 2026 तक चलाए जा रहे 15 दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता अभियान #SafeClick2.0 के चौथे दिन जिलेभर में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसके तहत गांव से शहर तक 10,000 नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। यह मुहिम पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग बनाना है।

अभियान के चौथे दिन विद्यालयों, छात्रावासों, अस्पतालों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए। लटेरी पुलिस ने कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में छात्राओं और स्टाफ को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और सोशल मीडिया फ्रॉड के बारे में जानकारी दी। इसी तरह, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पठारी और सिरोंज क्षेत्र के निर्मला कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, यूपीआई पिन व पासवर्ड साझा न करने और साइबर हेल्पलाइन 1930 के महत्व से अवगत कराया गया।

जागरूकता कार्यक्रमों के तहत कुरवाई के शासकीय अस्पताल में चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, आशा कार्यकर्ताओं और मरीजों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय सुझाए गए, वहीं यातायात पुलिस विदिशा द्वारा पुलिस परेड ग्राउंड में महिला नवआरक्षकों और ताइक्वांडो प्रशिक्षणार्थियों को मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर हेल्पलाइन के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। कोतवाली विदिशा की टीम रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और ऑटो चालकों को जागरूक करने पहुंची, जबकि गुलाबगंज रेलवे स्टेशन, ग्यारसपुर बस स्टैंड, बस स्टैंड कुरवाई और नई गल्ला मंडी बासौदा में दुकानदारों, व्यापारियों, यात्रियों और आमजन को साइबर ठगी, फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से बचने की सलाह दी गई।

यह अभियान गांवों तक भी पहुंचा, जिसमें पनावर, खड़ेर, गुलाबगंज, उनारसीकला, रतनबर्री, बमोरीसाला और बलरामपुर सहित कई ग्रामों में ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए। मैहलुआ चौराहा और बागरोद में भी आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। हैदरगढ़ क्षेत्र के ग्राम धामनोद में आयोजित जनसभा में व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को मोबाइल के सुरक्षित उपयोग, बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, वित्तीय फ्रॉड से बचाव और आपातकालीन नंबर 1930 एवं 112 के संबंध में जानकारी दी गई। सिविल लाइन क्षेत्र के दुर्गानगर चौराहा पर भी नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सजग किया गया।

इन कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्हें यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। विदिशा पुलिस द्वारा संचालित इस सेफ क्लिक 2.0 अभियान के चौथे दिवस जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित कर नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।
    user_Jagmohan tiwari
    Jagmohan tiwari
    Singer Vidisha, Madhya Pradesh•
    14 hrs ago
  • राजधानी भोपाल की करोद मंडी में व्यापारियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जहां वे आरोप लगा रहे हैं कि उनसे मंडी शुल्क तो बराबर लिया जा रहा है, लेकिन मंडी की उचित देखभाल नहीं की जा रही है। मंडी में लगातार कचरे के ढेर लगे हैं और हर तरफ कीचड़ फैला हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि इस गंभीर स्थिति पर न तो सचिव साहब, न ही मंत्री महोदय और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी ध्यान दे रहा है। जब उन्होंने कई बार मंडी सचिव से शिकायत करने की कोशिश की, तो उन्हें गेट से ही वापस कर दिया जाता है यह कहकर कि उन्होंने सचिव साहब को सूचित कर दिया है। इस विषय में जब मंडी सचिव से बात हुई, तो उन्होंने बताया कि नगर निगम वाले मंडी से कचरा उठाने को तैयार नहीं हैं, और उन्हें कचरा बाहर फेंकने से भी मना किया गया है, जिसके कारण सारा कचरा मंडी के अंदर ही जमा हो रहा है। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि आसपास इतनी गंदगी है कि कीड़े, मच्छर और मक्खियों के काटने से उनके पैरों में जख्म हो चुके हैं, और दुकानों में बैठना भी मुश्किल हो गया है। पिछले साल बारिश के दौरान मंडी के अंदर फल-फ्रूट की टोकरियाँ बहती हुई दिखाई दी थीं, लेकिन अभी तक कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे मंडी के व्यापारियों को लगातार समस्याओं और भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
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    राजधानी भोपाल की करोद मंडी में व्यापारियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जहां वे आरोप लगा रहे हैं कि उनसे मंडी शुल्क तो बराबर लिया जा रहा है, लेकिन मंडी की उचित देखभाल नहीं की जा रही है। मंडी में लगातार कचरे के ढेर लगे हैं और हर तरफ कीचड़ फैला हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि इस गंभीर स्थिति पर न तो सचिव साहब, न ही मंत्री महोदय और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी ध्यान दे रहा है। जब उन्होंने कई बार मंडी सचिव से शिकायत करने की कोशिश की, तो उन्हें गेट से ही वापस कर दिया जाता है यह कहकर कि उन्होंने सचिव साहब को सूचित कर दिया है।

इस विषय में जब मंडी सचिव से बात हुई, तो उन्होंने बताया कि नगर निगम वाले मंडी से कचरा उठाने को तैयार नहीं हैं, और उन्हें कचरा बाहर फेंकने से भी मना किया गया है, जिसके कारण सारा कचरा मंडी के अंदर ही जमा हो रहा है। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि आसपास इतनी गंदगी है कि कीड़े, मच्छर और मक्खियों के काटने से उनके पैरों में जख्म हो चुके हैं, और दुकानों में बैठना भी मुश्किल हो गया है। पिछले साल बारिश के दौरान मंडी के अंदर फल-फ्रूट की टोकरियाँ बहती हुई दिखाई दी थीं, लेकिन अभी तक कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं, जिससे मंडी के व्यापारियों को लगातार समस्याओं और भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
    user_मो। शादाब पत्रकार
    मो। शादाब पत्रकार
    पत्रकार बैरसिया, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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