विदिशा पुलिस द्वारा 24 जून 2026 से 8 जुलाई 2026 तक चलाए जा रहे 15 दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता अभियान #SafeClick2.0 के चौथे दिन जिलेभर में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसके तहत गांव से शहर तक 10,000 नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। यह मुहिम पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग बनाना है। अभियान के चौथे दिन विद्यालयों, छात्रावासों, अस्पतालों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए। लटेरी पुलिस ने कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में छात्राओं और स्टाफ को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और सोशल मीडिया फ्रॉड के बारे में जानकारी दी। इसी तरह, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पठारी और सिरोंज क्षेत्र के निर्मला कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, यूपीआई पिन व पासवर्ड साझा न करने और साइबर हेल्पलाइन 1930 के महत्व से अवगत कराया गया। जागरूकता कार्यक्रमों के तहत कुरवाई के शासकीय अस्पताल में चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, आशा कार्यकर्ताओं और मरीजों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय सुझाए गए, वहीं यातायात पुलिस विदिशा द्वारा पुलिस परेड ग्राउंड में महिला नवआरक्षकों और ताइक्वांडो प्रशिक्षणार्थियों को मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर हेल्पलाइन के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। कोतवाली विदिशा की टीम रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और ऑटो चालकों को जागरूक करने पहुंची, जबकि गुलाबगंज रेलवे स्टेशन, ग्यारसपुर बस स्टैंड, बस स्टैंड कुरवाई और नई गल्ला मंडी बासौदा में दुकानदारों, व्यापारियों, यात्रियों और आमजन को साइबर ठगी, फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से बचने की सलाह दी गई। यह अभियान गांवों तक भी पहुंचा, जिसमें पनावर, खड़ेर, गुलाबगंज, उनारसीकला, रतनबर्री, बमोरीसाला और बलरामपुर सहित कई ग्रामों में ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए। मैहलुआ चौराहा और बागरोद में भी आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। हैदरगढ़ क्षेत्र के ग्राम धामनोद में आयोजित जनसभा में व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को मोबाइल के सुरक्षित उपयोग, बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, वित्तीय फ्रॉड से बचाव और आपातकालीन नंबर 1930 एवं 112 के संबंध में जानकारी दी गई। सिविल लाइन क्षेत्र के दुर्गानगर चौराहा पर भी नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सजग किया गया। इन कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्हें यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। विदिशा पुलिस द्वारा संचालित इस सेफ क्लिक 2.0 अभियान के चौथे दिवस जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित कर नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।
विदिशा पुलिस द्वारा 24 जून 2026 से 8 जुलाई 2026 तक चलाए जा रहे 15 दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता अभियान #SafeClick2.0 के चौथे दिन जिलेभर में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसके तहत गांव से शहर तक 10,000 नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। यह मुहिम पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग बनाना है। अभियान के चौथे दिन विद्यालयों, छात्रावासों, अस्पतालों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए। लटेरी पुलिस ने कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में छात्राओं और स्टाफ को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और सोशल मीडिया फ्रॉड के बारे में जानकारी दी। इसी तरह, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पठारी और सिरोंज क्षेत्र के निर्मला कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, यूपीआई पिन व पासवर्ड साझा न करने और साइबर हेल्पलाइन 1930 के महत्व से अवगत कराया गया। जागरूकता कार्यक्रमों के तहत कुरवाई के शासकीय अस्पताल में चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, आशा कार्यकर्ताओं और मरीजों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय सुझाए गए, वहीं यातायात पुलिस विदिशा द्वारा पुलिस परेड ग्राउंड में महिला नवआरक्षकों और ताइक्वांडो प्रशिक्षणार्थियों को मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर हेल्पलाइन के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। कोतवाली विदिशा की टीम रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और ऑटो चालकों को जागरूक करने पहुंची, जबकि गुलाबगंज रेलवे स्टेशन, ग्यारसपुर बस स्टैंड, बस स्टैंड कुरवाई और नई गल्ला मंडी बासौदा में दुकानदारों, व्यापारियों, यात्रियों और आमजन को साइबर ठगी, फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से बचने की सलाह दी गई। यह अभियान गांवों तक भी पहुंचा, जिसमें पनावर, खड़ेर, गुलाबगंज, उनारसीकला, रतनबर्री, बमोरीसाला और बलरामपुर सहित कई ग्रामों में ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए। मैहलुआ चौराहा और बागरोद में भी आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। हैदरगढ़ क्षेत्र के ग्राम धामनोद में आयोजित जनसभा में व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को मोबाइल के सुरक्षित उपयोग, बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, वित्तीय फ्रॉड से बचाव और आपातकालीन नंबर 1930 एवं 112 के संबंध में जानकारी दी गई। सिविल लाइन क्षेत्र के दुर्गानगर चौराहा पर भी नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सजग किया गया। इन कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्हें यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। विदिशा पुलिस द्वारा संचालित इस सेफ क्लिक 2.0 अभियान के चौथे दिवस जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित कर नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।
- विदिशा पुलिस द्वारा 24 जून 2026 से 8 जुलाई 2026 तक चलाए जा रहे 15 दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता अभियान #SafeClick2.0 के चौथे दिन जिलेभर में व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसके तहत गांव से शहर तक 10,000 नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। यह मुहिम पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में चलाई जा रही है, जिसका उद्देश्य साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग बनाना है। अभियान के चौथे दिन विद्यालयों, छात्रावासों, अस्पतालों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए। लटेरी पुलिस ने कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में छात्राओं और स्टाफ को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी और सोशल मीडिया फ्रॉड के बारे में जानकारी दी। इसी तरह, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पठारी और सिरोंज क्षेत्र के निर्मला कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, यूपीआई पिन व पासवर्ड साझा न करने और साइबर हेल्पलाइन 1930 के महत्व से अवगत कराया गया। जागरूकता कार्यक्रमों के तहत कुरवाई के शासकीय अस्पताल में चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, आशा कार्यकर्ताओं और मरीजों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय सुझाए गए, वहीं यातायात पुलिस विदिशा द्वारा पुलिस परेड ग्राउंड में महिला नवआरक्षकों और ताइक्वांडो प्रशिक्षणार्थियों को मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर हेल्पलाइन के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। कोतवाली विदिशा की टीम रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और ऑटो चालकों को जागरूक करने पहुंची, जबकि गुलाबगंज रेलवे स्टेशन, ग्यारसपुर बस स्टैंड, बस स्टैंड कुरवाई और नई गल्ला मंडी बासौदा में दुकानदारों, व्यापारियों, यात्रियों और आमजन को साइबर ठगी, फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से बचने की सलाह दी गई। यह अभियान गांवों तक भी पहुंचा, जिसमें पनावर, खड़ेर, गुलाबगंज, उनारसीकला, रतनबर्री, बमोरीसाला और बलरामपुर सहित कई ग्रामों में ग्रामीणों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड और सोशल मीडिया अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए। मैहलुआ चौराहा और बागरोद में भी आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। हैदरगढ़ क्षेत्र के ग्राम धामनोद में आयोजित जनसभा में व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को मोबाइल के सुरक्षित उपयोग, बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, वित्तीय फ्रॉड से बचाव और आपातकालीन नंबर 1930 एवं 112 के संबंध में जानकारी दी गई। सिविल लाइन क्षेत्र के दुर्गानगर चौराहा पर भी नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सजग किया गया। इन कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्हें यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। विदिशा पुलिस द्वारा संचालित इस सेफ क्लिक 2.0 अभियान के चौथे दिवस जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित कर नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।1
- यह एक भावनात्मक अभिव्यक्ति है जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अपनी नशे की आदत छोड़ने का जिक्र किया गया है। यह त्याग किसी खास व्यक्ति को हासिल करने की तीव्र इच्छा या उद्देश्य से प्रेरित था।1
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- आज राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत विदिशा के जिला अस्पताल सहित अनेक स्थानों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाई गई। इस अवसर पर क्षेत्रीय विभाग के मुकेश टंडन, एडीएम अनिल डामोर, जिला चिकित्सालय अधिकारी रामहित, और सिविल सर्जन अनूप वर्मा सहित जिला अस्पताल का बड़ी संख्या में स्टाफ मौजूद रहा। सिविल सर्जन अनूप वर्मा ने बताया कि इस अभियान के तहत शून्य से पांच साल तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई है।4
- भोपाल पुलिस ने एक ब्लाइंड केस की गुत्थी को सुलझाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले की जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी ने एक युवक पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला था। चौंकाने वाली बात यह है कि मेडिकल जांच में आरोपी को एचआईवी पॉजिटिव पाया गया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी न्यू मार्केट, वीआईपी रोड और लिंक रोड जैसे विभिन्न इलाकों में लोगों के संपर्क में आता था। अब पुलिस उन सभी लोगों की पहचान करने के प्रयास में जुटी है, जिनके आरोपी के संपर्क में आने की संभावना है। मामले की आगे की जांच जारी है।1
- विदिशा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में जिले में एक विशेष साइबर जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक' चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और उन्हें डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करना है। इस मुहिम के तहत, गांव से लेकर शहर तक व्यापक स्तर पर लोगों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया है, जिसमें अब तक 10 हजार लोगों तक पहुँच बनाई गई है। अभियान के चौथे दिन जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विदिशा पुलिस की टीमें विद्यालयों, छात्रावासों, अस्पतालों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों, ग्राम पंचायतों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए। कार्यक्रमों के दौरान लोगों को समझाया गया कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, न ही किसी के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की भी जानकारी दी गई।1
- एक भावनात्मक संदेश में कहा गया है कि व्यक्ति को मोहब्बत भरे अपने जीवन में कभी भी दिल से पछतावा नहीं करना चाहिए।1
- भोपाल में देर रात हुई लगातार बारिश के बीच पुलिस ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नाले से सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना रात करीब 12 बजे हनुमानगंज थाना क्षेत्र में हुई, जब आरक्षक मोहित शिवहरे और राजेंद्र रघुवंशी छोला रोड क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान उन्हें पुट्ठा मिल, अग्रवाल तिराहा के पास नाले से "बचाओ-बचाओ" की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुँचने पर पुलिसकर्मियों ने देखा कि लगभग 60 वर्षीय एक अज्ञात बुजुर्ग सिर में चोट लगने के बाद नाले में गिर गए थे और तेज बहाव तथा दलदल में फँसे हुए थे। एक आरक्षक नाले में उतरे और बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाला। बाहर निकालने के बाद, बुजुर्ग को सीपीआर (CPR) दिया गया, जिससे उनकी साँसें लौट आईं। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो आधी रात के इस बचाव अभियान को दर्शाता है।1