विदिशा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में जिले में एक विशेष साइबर जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक' चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और उन्हें डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करना है। इस मुहिम के तहत, गांव से लेकर शहर तक व्यापक स्तर पर लोगों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया है, जिसमें अब तक 10 हजार लोगों तक पहुँच बनाई गई है। अभियान के चौथे दिन जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विदिशा पुलिस की टीमें विद्यालयों, छात्रावासों, अस्पतालों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों, ग्राम पंचायतों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए। कार्यक्रमों के दौरान लोगों को समझाया गया कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, न ही किसी के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की भी जानकारी दी गई।
विदिशा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में जिले में एक विशेष साइबर जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक' चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और उन्हें डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करना है। इस मुहिम के तहत, गांव से लेकर शहर तक व्यापक स्तर पर लोगों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया है, जिसमें अब तक 10 हजार लोगों तक पहुँच बनाई गई है। अभियान के चौथे दिन जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विदिशा पुलिस की टीमें विद्यालयों, छात्रावासों, अस्पतालों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों, ग्राम पंचायतों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए। कार्यक्रमों के दौरान लोगों को समझाया गया कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, न ही किसी के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की भी जानकारी दी गई।
- विदिशा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में जिले में एक विशेष साइबर जागरूकता अभियान 'सेफ क्लिक' चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में साइबर अपराधों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और उन्हें डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत करना है। इस मुहिम के तहत, गांव से लेकर शहर तक व्यापक स्तर पर लोगों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया है, जिसमें अब तक 10 हजार लोगों तक पहुँच बनाई गई है। अभियान के चौथे दिन जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विदिशा पुलिस की टीमें विद्यालयों, छात्रावासों, अस्पतालों, बाजारों, रेलवे स्टेशनों, ग्राम पंचायतों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए। कार्यक्रमों के दौरान लोगों को समझाया गया कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, न ही किसी के साथ अपना ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की भी जानकारी दी गई।1
- मुरैना जिले के किशनपुर गांव में शनिवार सुबह एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से सनसनी फैल गई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति ने पहले अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के बाद उसने खुद रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक वारदात मुरैना जिला मुख्यालय से सटे किशनपुर गांव की है। 35 वर्षीय बलराम कुशवाह ने देर रात अपनी 32 वर्षीय पत्नी रविता कुशवाह, आठ वर्षीय बेटे आरव और छह वर्षीय बेटे देव की सोते समय कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, पत्नी ने जान बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी उस पर लगातार वार करता रहा। वारदात को अंजाम देने के बाद बलराम घर की दीवार फांदकर भागा और करीब छह किलोमीटर दूर शिकारपुर रेलवे फाटक के पास ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। शनिवार सुबह जब दूध देने वाला घर पहुंचा और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तब इस घटना का खुलासा हुआ। पुलिस का कहना है कि इस दुखद घटना के पीछे पत्नी के चरित्र पर शक और सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर चल रहा विवाद कारण हो सकता है। दरअसल, एक डांस मनोरंजन का वीडियो ही इन चार जिंदगियों की मौत का कारण बना।1
- यहाँ सड़क की सुविधा उपलब्ध नहीं है, साथ ही लाइट का भी अभाव है। यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई है कि यहाँ सड़क नहीं है।1
- विदिशा जिले के भिलांय गांव में स्थित पहाड़ों पर हरियाली वापस आ चुकी है। इसके साथ ही, यह भी बताया गया है कि इन पहाड़ों में जंगली जानवर भी निवास करते हैं।1
- यह एक भावनात्मक अभिव्यक्ति है जिसमें एक व्यक्ति द्वारा अपनी नशे की आदत छोड़ने का जिक्र किया गया है। यह त्याग किसी खास व्यक्ति को हासिल करने की तीव्र इच्छा या उद्देश्य से प्रेरित था।1
- गंजबासौदा नगर की बेटी कनक रैकवार, जो पंकज आरती रैकवार की पुत्री हैं, को सागर में 'बुंदेली क्रिएटर्स अवार्ड' से सम्मानित किया गया है। वर्तमान में कनक विदिशा से बीकॉम की पढ़ाई कर रही हैं और पढ़ाई के साथ-साथ एक कंटेंट क्रिएटर के तौर पर भी सक्रिय हैं। वह सोशल मीडिया पर रील्स बनाती हैं और उनके फेसबुक पर 19 हजार तथा इंस्टाग्राम पर 63 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं। कनक को हाल ही में सागर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में इस प्रतिष्ठित बुंदेली क्रिएटर्स अवार्ड से नवाजा गया। इस सम्मान से गौरवान्वित होने पर उनके परिवारजनों, मित्रों, रिश्तेदारों सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।1
- भोपाल में देर रात हुई लगातार बारिश के बीच पुलिस ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नाले से सुरक्षित बाहर निकाला। यह घटना रात करीब 12 बजे हनुमानगंज थाना क्षेत्र में हुई, जब आरक्षक मोहित शिवहरे और राजेंद्र रघुवंशी छोला रोड क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान उन्हें पुट्ठा मिल, अग्रवाल तिराहा के पास नाले से "बचाओ-बचाओ" की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुँचने पर पुलिसकर्मियों ने देखा कि लगभग 60 वर्षीय एक अज्ञात बुजुर्ग सिर में चोट लगने के बाद नाले में गिर गए थे और तेज बहाव तथा दलदल में फँसे हुए थे। एक आरक्षक नाले में उतरे और बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाला। बाहर निकालने के बाद, बुजुर्ग को सीपीआर (CPR) दिया गया, जिससे उनकी साँसें लौट आईं। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो आधी रात के इस बचाव अभियान को दर्शाता है।1