मध्य प्रदेश के सारंगपुर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार 16 से 18 जून 2026 तक तीन दिवसीय जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना, आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करना था। इस शिविर में हजारों नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और आवेदन जमा किए। शिविर में कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व और जल निगम सहित कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। प्रत्येक विभाग ने अपनी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, पात्र हितग्राहियों के आवेदन लिए और आवश्यक स्वीकृतियाँ प्रदान कीं। मध्य प्रदेश शासन के मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और क्षेत्रीय सांसद श्री रोडमल नागर ने विशेष रूप से इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने लाभार्थियों से बातचीत की और उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान, कृषि विभाग ने फार्मर आईडी रजिस्ट्री के 117 और कृषक ई-केवाईसी के 94 प्रकरणों का पंजीकरण किया। स्वास्थ्य विभाग ने 185 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सकीय सलाह दी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 54 बालिकाओं का पंजीकरण किया और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 158 हितग्राहियों को लाभान्वित किया। पंचायत विभाग ने संबल योजना में 11 नए पंजीकरण किए, साथ ही अंत्येष्टि सहायता योजना में 47 हितग्राहियों और अनुग्रह सहायता योजना में 15 पात्र परिवारों को लाभ दिया। मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और सांसद श्री रोडमल नागर ने दुर्घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के परिजनों को सहायता राशि के स्वीकृति पत्र और लाभ भी वितरित किए। लाभार्थियों ने इस पहल के लिए शासन का आभार व्यक्त किया। शिविर के पहले दिन, 16 जून को, महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों ने मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल द्वारा प्रोत्साहन राशि और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंत्री डॉ. टेटवाल ने इस अवसर पर महिलाओं की आत्मनिर्भरता, कौशल और समाज निर्माण में उनकी भूमिका की सराहना की। अपने संबोधन में मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि जन कल्याण शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास का एक सशक्त सेतु है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया जा रहा है, समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है और विकास की किरण अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को अपनाते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सांसद श्री रोडमल नागर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र नागरिक योजनाओं से वंचित न रहे, और जन कल्याण शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री देव नारायण नागर, जिला पंचायत सीईओ श्री इच्छित गड़पाले, जनपद पंचायत सीईओ श्री हेमेंद्र गोविल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इसे जनसेवा और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प लिया।
मध्य प्रदेश के सारंगपुर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार 16 से 18 जून 2026 तक तीन दिवसीय जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना, आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करना था। इस शिविर में हजारों नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और आवेदन जमा किए। शिविर में कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व और जल निगम सहित कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। प्रत्येक विभाग ने अपनी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, पात्र हितग्राहियों के आवेदन लिए और आवश्यक स्वीकृतियाँ प्रदान कीं। मध्य प्रदेश शासन के मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और क्षेत्रीय सांसद श्री रोडमल नागर ने विशेष रूप से इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने लाभार्थियों से बातचीत की और उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान, कृषि विभाग ने फार्मर आईडी रजिस्ट्री के 117 और कृषक ई-केवाईसी के 94 प्रकरणों का पंजीकरण किया। स्वास्थ्य विभाग ने 185 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सकीय सलाह दी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 54 बालिकाओं का पंजीकरण किया और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 158 हितग्राहियों को लाभान्वित किया। पंचायत विभाग ने संबल योजना में 11 नए पंजीकरण किए, साथ ही अंत्येष्टि सहायता योजना में 47 हितग्राहियों और अनुग्रह सहायता योजना में 15 पात्र परिवारों को लाभ दिया। मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और सांसद श्री रोडमल नागर ने दुर्घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के परिजनों को सहायता राशि के स्वीकृति पत्र और लाभ भी वितरित किए। लाभार्थियों ने इस पहल के लिए शासन का आभार व्यक्त किया। शिविर के पहले दिन, 16 जून को, महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों ने मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल द्वारा प्रोत्साहन राशि और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंत्री डॉ. टेटवाल ने इस अवसर पर महिलाओं की आत्मनिर्भरता, कौशल और समाज निर्माण में उनकी भूमिका की सराहना की। अपने संबोधन में मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि जन कल्याण शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास का एक सशक्त सेतु है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया जा रहा है, समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है और विकास की किरण अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को अपनाते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सांसद श्री रोडमल नागर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र नागरिक योजनाओं से वंचित न रहे, और जन कल्याण शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री देव नारायण नागर, जिला पंचायत सीईओ श्री इच्छित गड़पाले, जनपद पंचायत सीईओ श्री हेमेंद्र गोविल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इसे जनसेवा और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प लिया।
- मध्य प्रदेश के सारंगपुर में 16 से 18 जून 2026 तक तीन दिवसीय जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य शासन की कल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना, समस्याओं का त्वरित निराकरण करना और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करना था। इस शिविर में हजारों नागरिकों ने भाग लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व और जल निगम सहित कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। इन विभागों ने अपनी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की और पात्र आवेदनों को स्वीकार कर आवश्यक स्वीकृतियां भी दीं। मध्य प्रदेश शासन के मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और क्षेत्रीय सांसद श्री रोडमल नागर ने विशेष रूप से कार्यक्रम में सहभागिता की। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद किया और उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान कृषि विभाग ने 117 फार्मर आईडी रजिस्ट्री और 94 कृषक ई-केवाईसी प्रकरणों का पंजीकरण किया। स्वास्थ्य विभाग ने 185 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सीय परामर्श दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 54 बालिकाओं का पंजीकरण किया और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 158 हितग्राहियों को लाभान्वित किया। पंचायत विभाग ने संबल योजना में 11 नए पंजीकरण किए, जबकि अंत्येष्टि सहायता योजना के तहत 47 और अनुग्रह सहायता योजना के तहत 15 परिवारों को लाभ प्रदान किया गया। मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और सांसद श्री रोडमल नागर ने दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों के परिजनों को सहायता राशि के स्वीकृति पत्र भी वितरित किए। शिविर के प्रथम दिवस, महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों ने मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल द्वारा प्रोत्साहन राशि और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने अपने संबोधन में कहा कि जन कल्याण शिविर शासन और जनता के बीच 'विश्वास का सशक्त सेतु' हैं, जिनके माध्यम से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र का जिक्र करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। सांसद श्री रोडमल नागर ने भी इस पहल को महत्वपूर्ण बताया, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक योजनाओं से वंचित न रहे। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्री देव नारायण नागर, जिला पंचायत सीईओ श्री इच्छित गड़पाले सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। तीन दिवसीय इस शिविर को जनसेवा और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प व्यक्त किया गया।1
- शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया में ग्राम गोविंदा में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां आकाशीय बिजली गिरने से 60 वर्षीय भवरलाल पाल की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि भवरलाल पाल गांव में एक पेड़ के पास खड़े थे, तभी अचानक बिजली की चपेट में आ गए। परिजन उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहन बड़ोदिया ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सूचना मिलने पर मर्ग कायम कर जांच शुरू की और शाम करीब 7 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इस घटना के बाद मोहन बड़ोदिया के पोस्टमार्टम कक्ष की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सामने आई है। पोस्टमार्टम कक्ष में बिजली व्यवस्था न होने के कारण चिकित्सकीय प्रक्रिया टॉर्च की रोशनी में पूरी करनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पोस्टमार्टम रूम वर्षों से जर्जर अवस्था में है, जहां खिड़की-दरवाजों की उचित व्यवस्था नहीं है और छत भी खस्ताहाल है, इसके बावजूद अब तक नए भवन का निर्माण नहीं हो सका है। यह पोस्टमार्टम कक्ष न केवल मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र बल्कि सलसलाई थाना क्षेत्र के मामलों का भी पोस्टमार्टम करता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से शीघ्र नवीन और सुविधायुक्त पोस्टमार्टम रूम के निर्माण की मांग की है।1
- शाजापुर पुलिस द्वारा स्थाई वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मोहन बड़ोदिया पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गौवंश से जुड़े 13 साल पुराने एक मामले में 7 वर्षों से फरार चल रहे ₹10 हजार के इनामी स्थाई वारंटी सलीम उर्फ मिठिया को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक शाजापुर यशपाल सिंह राजपूत के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय व एसडीओपी शाजापुर अजय कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मोहन बड़ोदिया अरविंद सिंह तोमर ने इस गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था। आरोपी सलीम उर्फ मिठिया (40 वर्ष), जो ताजपुर का निवासी है और वर्तमान में उज्जैन के भैरूनाला में रह रहा था, उसकी तलाश में पुलिस टीम ने 14 और 15 जून को उज्जैन में लगातार दो दिनों तक अभियान चलाया। मुखबिर की सूचना और साइबर सेल की सहायता से आरोपी को 15 जून 2026 को उसके घर से दबोच लिया गया। पुलिस के अनुसार, यह आरोपी पिछले 7 वर्षों से पुलिस की पकड़ से बच रहा था और हर बार दबिश के दौरान फरार हो जाता था। लगातार किए गए प्रयासों और तकनीकी सहायता के बाद पुलिस को उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली। आरोपी को मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे मोहन बड़ोदिया थाने से शाजापुर न्यायालय में पेश करने के लिए रवाना किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी अरविंद सिंह तोमर, प्रधान आरक्षक हेमेंद्र सिंह जादौन, आरक्षक संजय चौहान, शैलेंद्र शर्मा, अर्जुन सिंह बागड़ी, राहुल कुम्भकार तथा साइबर सेल प्रभारी विकास तिवारी और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- शाजापुर में नवासा-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके 72 जानिसारों की अजीम कुर्बानी की याद में मनाया जाने वाला गम का महीना मोहर्रम-उल-हराम पूरी अकीदत और एहतराम के साथ शुरू हो गया है। मोहर्रम की पहली तारीख बुधवार को शहर में एक रूहानी और तारीखी मंजर देखने को मिला, जब इमाम हुसैन की वफादार सवारी की याद में एशिया का सबसे बड़ा शाही शबीह-ए-दुलदुल हुसैनी चौक की तरफ रवाना हुआ। यह मुकद्दस शबीह-ए-दुलदुल, जो शहर के इमामबाड़े से अकीदतमंदों के कंधों पर सवार होकर 'या हुसैन' की सदाओं के बीच हुसैनी चौक पहुंचा, अब वहां मुकाम दिया गया है, जहाँ शहर के अकीदतमंद लगातार हाजिरी देकर जियारत का शरफ हासिल करेंगे। मोहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी सैयद आफताब अली ने बताया कि 5 मोहर्रम से शहर में जुलूसों का सिलसिला बाकायदा तौर पर शुरू हो जाएगा। ये तमाम जुलूस सदर इमरान खरखरे की सदारत में निकाले जाएंगे। इन जुलूसों में शबीह-ए-दुलदुल, बुर्राक और ताजियों के कारवां मुख्य रूप से शामिल होंगे, जहाँ अकीदतमंद कर्बला के शहीदों को अपना खिराज-ए-अकीदत पेश करेंगे। दुलदुल को मुकाम देते समय मोहर्रम कमेटी सदर इमरान खरखरे, शमीम शम्मू, अकरम ठेकेदार, सबदर भाई, सलीम भाई, सोहराब भाई सहित समाजजन मौजूद थे।9
- इंदौर के पिपलिया ग्राम में पहली ही बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मात्र एक घंटे की जोरदार बारिश से पूरा गांव जलमग्न हो गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।1
- राजगढ़ जिले में चोरी, नकबजनी और संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक श्री अमित तोलानी (भा.पु.से.) के अभियान के तहत, बोडा पुलिस ने एक चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी की गई पूरी 50,000/- रुपये की राशि बरामद की है। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल. बंजारे और एसडीओपी नरसिंहगढ़ श्री प्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बोडा उप निरीक्षक देवेन्द्र सिंह राजपूत के नेतृत्व में की गई। घटना 11.06.2026 को दोपहर लगभग 02:00 बजे ग्राम हुलखेड़ी में हुई थी, जब फरियादी समंदर पिता किशनलाल मोगिया के घर के बाहर तौलिये में रखे 50,000/- रुपये अज्ञात व्यक्ति ने चोरी कर लिए थे। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना बोडा में अपराध क्रमांक 189/2026 धारा 302(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने आरोपी की तलाश और चोरी गई संपत्ति की बरामदगी के लिए एक विशेष टीम गठित की। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और साइबर सेल की मदद से संदिग्धों की जानकारी जुटाई। प्राप्त साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर, संदेही नंदन पिता प्रभुलाल मोगिया, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम हुलखेड़ी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। प्रारंभिक टालमटोल के बाद, सघन पूछताछ में आरोपी ने 11.06.2026 को फरियादी के 50,000/- रुपये चोरी करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई पूरी 50,000/- रुपये की नगद राशि बरामद कर जब्त कर ली है। इस सफल कार्रवाई में उप निरीक्षक देवेन्द्र सिंह राजपूत (थाना प्रभारी बोडा), प्रधान आरक्षक धन सिंह अहिरवार (681), आरक्षक मुलायम सिंह यादव (641), आरक्षक सुनील सोलंकी (922) और आरक्षित सुनील धाकड़ की सराहनीय भूमिका रही।1
- शाजापुर जिले के कालापीपल मंडी की राज कॉलोनी में अज्ञात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी कर ली। पीड़ित सुनील मीना की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, फरियादी सुनील मीना (29), जो जबड़ी निवासी घुडीलाल मीना के पुत्र हैं और वर्तमान में राज कॉलोनी कालापीपल मंडी में रहते हैं, 4 जून को अपने परिवार के साथ चांदवड़ में भागवत कथा सुनने गए थे। वे दोपहर करीब 1 बजे अपने घर से निकले और शाम करीब 8 बजे वापस लौटे, तो उन्होंने अपने मकान के मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ पाया। घर के अंदर जाकर देखने पर पता चला कि गोदरेज अलमारी का सारा सामान बिखरा पड़ा था। अज्ञात चोर अलमारी में रखी सोने की हाय, सोने के कान के टॉप्स, चांदी के कंगन, कदोरा, 10 चांदी की अंगूठियां, विभिन्न आकार की पायलें, चार चांदी की गले की चेन, दो जोड़ी बिछुड़ियां तथा 2300 रुपये नकद चुराकर ले गए। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है।1
- मध्य प्रदेश के सारंगपुर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार 16 से 18 जून 2026 तक तीन दिवसीय जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना, आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करना था। इस शिविर में हजारों नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और आवेदन जमा किए। शिविर में कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, राजस्व और जल निगम सहित कई विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। प्रत्येक विभाग ने अपनी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, पात्र हितग्राहियों के आवेदन लिए और आवश्यक स्वीकृतियाँ प्रदान कीं। मध्य प्रदेश शासन के मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और क्षेत्रीय सांसद श्री रोडमल नागर ने विशेष रूप से इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने लाभार्थियों से बातचीत की और उन्हें शासन द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। शिविर के दौरान, कृषि विभाग ने फार्मर आईडी रजिस्ट्री के 117 और कृषक ई-केवाईसी के 94 प्रकरणों का पंजीकरण किया। स्वास्थ्य विभाग ने 185 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर चिकित्सकीय सलाह दी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 54 बालिकाओं का पंजीकरण किया और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 158 हितग्राहियों को लाभान्वित किया। पंचायत विभाग ने संबल योजना में 11 नए पंजीकरण किए, साथ ही अंत्येष्टि सहायता योजना में 47 हितग्राहियों और अनुग्रह सहायता योजना में 15 पात्र परिवारों को लाभ दिया। मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और सांसद श्री रोडमल नागर ने दुर्घटना में दिवंगत हुए नागरिकों के परिजनों को सहायता राशि के स्वीकृति पत्र और लाभ भी वितरित किए। लाभार्थियों ने इस पहल के लिए शासन का आभार व्यक्त किया। शिविर के पहले दिन, 16 जून को, महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों ने मध्यान्ह भोजन व्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कुकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल द्वारा प्रोत्साहन राशि और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंत्री डॉ. टेटवाल ने इस अवसर पर महिलाओं की आत्मनिर्भरता, कौशल और समाज निर्माण में उनकी भूमिका की सराहना की। अपने संबोधन में मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि जन कल्याण शिविर शासन और जनता के बीच विश्वास का एक सशक्त सेतु है। उन्होंने बताया कि इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाया जा रहा है, समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है और विकास की किरण अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को अपनाते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सांसद श्री रोडमल नागर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की मंशा है कि कोई भी पात्र नागरिक योजनाओं से वंचित न रहे, और जन कल्याण शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री देव नारायण नागर, जिला पंचायत सीईओ श्री इच्छित गड़पाले, जनपद पंचायत सीईओ श्री हेमेंद्र गोविल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इसे जनसेवा और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प लिया।1