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कटनी नगर में आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी की महाआरती का आयोजन 30 मई 2026 को किया जाने वाला है। इस दिन माँ विंध्यवासिनी की महाआरती संपन्न होगी।
राशि निषाद
कटनी नगर में आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी की महाआरती का आयोजन 30 मई 2026 को किया जाने वाला है। इस दिन माँ विंध्यवासिनी की महाआरती संपन्न होगी।
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- कटनी जिले के विकासखंड बड़वारा के ग्राम विलायतकला में “बेस्ट केयर क्लीनिक” नाम के एक अवैध क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा फर्जी चिकित्सकों और झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देशों के पालन में की गई। इस दौरान क्लीनिक से 50 प्रकार की दवाइयां भी जब्त की गईं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर ने बताया कि जिला स्तरीय टीम ने इस अवैध रूप से संचालित क्लीनिक पर छापामार कार्रवाई की। टीम में जिला चिकित्सालय के सर्जिकल स्पेशलिस्ट डॉ. रीतेश दुबे और प्रभारी नर्सिंग होम श्री नितिन तपा शामिल थे। जांच में पाया गया कि क्लीनिक का संचालन जाकिर हुसैन द्वारा किया जा रहा था, जिसने खुद को बीएएमएस डिग्रीधारी बताया, लेकिन कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। साथ ही, उसने मध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल में अनिवार्य पंजीयन भी नहीं कराया था और बिना किसी वैध अनुमति के क्लीनिक संचालित कर रहा था। परिसर में 5 बिस्तर और एलोपैथी दवाइयां मिलीं, जिनसे मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था, जबकि बीएएमएस चिकित्सक को केवल आयुर्वेद पद्धति से उपचार की अनुमति होती है। इन गंभीर अनियमितताओं के मद्देनजर मध्यप्रदेश उपचारगृह तथा रुजोपचार संबंध स्थापना अधिनियम 1973 की धारा 3 एवं 4 के तहत कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार बड़वारा श्री हर्षवर्धन रामटेके, थाना प्रभारी श्री के.के. पटेल और क्षेत्रीय पटवारी भी मौजूद रहे। डॉ. राज सिंह ठाकुर ने यह भी बताया कि जिले में अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले की रीठी तहसील में भीषण गर्मी के बीच फरियादी और अन्य कार्यों से पहुँचने वाले ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील कार्यालय में राजस्व मामलों, नामांतरण, बंटवारे और अन्य कार्यों के लिए रोजाना सैकड़ों ग्रामीण आते हैं, लेकिन उन्हें पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं मिल पाती। 44 डिग्री सेल्सियस के तापमान में घंटों तक अपनी बारी का इंतजार कर रहे इन लोगों के लिए तहसील परिसर में न तो वाटर कूलर लगे हैं और न ही मटके रखे गए हैं। मजबूरी में ग्रामीणों को बाहर की दुकानों से पानी खरीदना पड़ता है या पास की होटलों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है। गर्मी को देखते हुए तहसील के वकीलों ने अपनी तरफ से पेड़ के नीचे पानी के कैंपर रखवाकर कुछ राहत प्रदान की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तहसील परिसर में वाटर कूलर या बड़े मटकों की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। इस संबंध में एक अधिकारी का कहना है कि तहसील का बोरवेल बंद पड़ा है, और कार्यालय में पानी के कैंपर मंगवाकर बाहर पेड़ के नीचे रखवाए जाते हैं।1
- पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री और उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को अजयगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम बीहरपुरवा स्थित नयापुरवा गांव का दौरा किया। उन्होंने पिछले मंगलवार को कुआं धसकने की दुखद घटना में अपनी जान गंवाने वाले पांच श्रमिकों के परिवारजनों से मुलाकात की। मंत्री परमार ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाया। इस दौरान, प्रभारी मंत्री परमार ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद और सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक श्रमिकों की बेटियों की शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ इन परिवारों को अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री ने घटना के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उन्हें आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी पीड़ित परिवारों के निरंतर संपर्क में रहेंगे, ताकि उनकी सहायता सुनिश्चित की जा सके। इस मौके पर सांसद विष्णुदत्त शर्मा, विधायक एवं पूर्व मंत्री ब्रजेंद्र प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे, जनपद अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इनके साथ ही कलेक्टर ऊषा परमार और पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू भी मौजूद थीं।2
- मैहर के वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्रावास की छात्राएँ पढ़ाई छोड़कर चूल्हे पर खाना बनाती नजर आ रही हैं। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें छात्रावास में खाना नहीं मिल रहा है और वे पिछले दो महीने से इस समस्या से जूझ रही हैं। उन्हें अपने घर से अनाज लाना पड़ता है और उनका पढ़ाई का महत्वपूर्ण समय खाना बनाने में बर्बाद हो रहा है। परेशान छात्राओं में से एक ने यह वीडियो जारी कर शासन-प्रशासन से तत्काल खाने की व्यवस्था करने की मांग की है। वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय के इस कन्या छात्रावास से सामने आए इस वीडियो ने छात्रावास अधीक्षक की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और उनकी कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है।1
- मैहर क्षेत्र में स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट की खदान को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया है। इन ग्रामीणों ने सीधे खदान क्षेत्र में पहुँचकर वहाँ चल रहे कार्यों को रुकवा दिया और कंपनी प्रबंधन पर कई संगीन आरोप लगाए हैं।1
- कटनी नगर में आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी की महाआरती का आयोजन 31 मई 2026 को किया जाएगा।1
- मैहर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत जरियारी में जल संकट अब एक गंभीर समस्या का रूप ले चुका है, जिससे भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण पानी के लिए हाहाकार मचा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने जनपद CEO अशोक तिवारी से अपनी समस्या बताई और राहत की मांग की, तो उन्हें कथित तौर पर जवाब मिला कि "पानी नहीं आ रहा तो हम क्या करें, हम अपने तरीके से काम करेंगे।" इस कथित बयान के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई है। जनता का कहना है कि यदि प्रशासन आम लोगों को पानी जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं करा सकता, तो फिर जिम्मेदार पदों का कोई अर्थ नहीं रह जाता। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि एक तरफ प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने वाले कारोबारियों को पेड़ कटवाने और गहरी खदानें खोदने की खुली छूट दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर जल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों की सुनवाई तक नहीं हो रही। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रशासन पैसे वालों की चौखट पर तो सक्रिय दिखाई देता है, लेकिन आम जनता की प्यास और परेशानी को लेकर संवेदनहीन बना हुआ है। जरियारी के ग्रामीण अब सीधे सवाल उठा रहे हैं कि क्या मैहर प्रशासन की प्राथमिकता केवल कारोबारियों की सुविधा है, या फिर आम जनता का जीवन भी उसके लिए कोई मायने रखता है।1
- मैहर शहर के ईदगाह मैदान में ईद उल अजहा यानी बकरीद का त्योहार बड़े ही अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। सुबह बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने ईदगाह पहुंचकर नमाज अदा की और देश में अमन, शांति तथा भाईचारे की दुआएं मांगीं। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी, जिससे पूरे ईदगाह परिसर में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर मैहर के जनप्रतिनिधि भी ईदगाह मैदान पहुंचे और मुस्लिम समाज के लोगों को बकरीद की शुभकामनाएं दीं। त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया, और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए ईदगाह मैदान तथा आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। ईद उल अजहा के इस मौके पर लोगों ने आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश दिया।3
- मैहर के पुरानी कचहरी परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक एक विशाल छुला का पेड़ वकीलों के चैम्बर के ऊपर आ गिरा। इस घटना से परिसर में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया, लेकिन गनीमत रही कि हादसे के समय चैम्बर के अंदर ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह पेड़ काफी पुराना और जर्जर स्थिति में था। तेज हवा और कमजोर जड़ों के कारण वह अचानक धराशायी हो गया। पेड़ गिरने से कुछ चैम्बरों को नुकसान पहुंचा है, और उनमें रखे जरूरी दस्तावेज तथा अन्य सामान भी प्रभावित हुए हैं। इस घटना के बाद वकीलों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत मांग की है कि परिसर में मौजूद अन्य पुराने और खतरनाक पेड़ों की जल्द से जल्द जांच की जाए और उन पर उचित कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटनाओं को रोका जा सके।2