मध्य प्रदेश के कटनी जिले की रीठी तहसील में भीषण गर्मी के बीच फरियादी और अन्य कार्यों से पहुँचने वाले ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील कार्यालय में राजस्व मामलों, नामांतरण, बंटवारे और अन्य कार्यों के लिए रोजाना सैकड़ों ग्रामीण आते हैं, लेकिन उन्हें पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं मिल पाती। 44 डिग्री सेल्सियस के तापमान में घंटों तक अपनी बारी का इंतजार कर रहे इन लोगों के लिए तहसील परिसर में न तो वाटर कूलर लगे हैं और न ही मटके रखे गए हैं। मजबूरी में ग्रामीणों को बाहर की दुकानों से पानी खरीदना पड़ता है या पास की होटलों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है। गर्मी को देखते हुए तहसील के वकीलों ने अपनी तरफ से पेड़ के नीचे पानी के कैंपर रखवाकर कुछ राहत प्रदान की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तहसील परिसर में वाटर कूलर या बड़े मटकों की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। इस संबंध में एक अधिकारी का कहना है कि तहसील का बोरवेल बंद पड़ा है, और कार्यालय में पानी के कैंपर मंगवाकर बाहर पेड़ के नीचे रखवाए जाते हैं।
मध्य प्रदेश के कटनी जिले की रीठी तहसील में भीषण गर्मी के बीच फरियादी और अन्य कार्यों से पहुँचने वाले ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील कार्यालय में राजस्व मामलों, नामांतरण, बंटवारे और अन्य कार्यों के लिए रोजाना सैकड़ों ग्रामीण आते हैं, लेकिन उन्हें पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं मिल पाती। 44 डिग्री सेल्सियस के तापमान में घंटों तक अपनी बारी का इंतजार कर रहे इन लोगों के लिए तहसील परिसर में न तो वाटर कूलर लगे हैं और न ही मटके रखे गए हैं। मजबूरी में ग्रामीणों को बाहर की दुकानों से पानी खरीदना पड़ता है या पास की होटलों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है। गर्मी को देखते हुए तहसील के वकीलों ने अपनी तरफ से पेड़ के नीचे पानी के कैंपर रखवाकर कुछ राहत प्रदान की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तहसील परिसर में वाटर कूलर या बड़े मटकों की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। इस संबंध में एक अधिकारी का कहना है कि तहसील का बोरवेल बंद पड़ा है, और कार्यालय में पानी के कैंपर मंगवाकर बाहर पेड़ के नीचे रखवाए जाते हैं।
- Rakesh Kumarकटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश🤝6 hrs ago
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले की रीठी तहसील में भीषण गर्मी के बीच फरियादी और अन्य कार्यों से पहुँचने वाले ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तहसील कार्यालय में राजस्व मामलों, नामांतरण, बंटवारे और अन्य कार्यों के लिए रोजाना सैकड़ों ग्रामीण आते हैं, लेकिन उन्हें पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं मिल पाती। 44 डिग्री सेल्सियस के तापमान में घंटों तक अपनी बारी का इंतजार कर रहे इन लोगों के लिए तहसील परिसर में न तो वाटर कूलर लगे हैं और न ही मटके रखे गए हैं। मजबूरी में ग्रामीणों को बाहर की दुकानों से पानी खरीदना पड़ता है या पास की होटलों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से बनी हुई है। गर्मी को देखते हुए तहसील के वकीलों ने अपनी तरफ से पेड़ के नीचे पानी के कैंपर रखवाकर कुछ राहत प्रदान की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तहसील परिसर में वाटर कूलर या बड़े मटकों की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। इस संबंध में एक अधिकारी का कहना है कि तहसील का बोरवेल बंद पड़ा है, और कार्यालय में पानी के कैंपर मंगवाकर बाहर पेड़ के नीचे रखवाए जाते हैं।1
- कटनी जिले के बहोरीबंद क्षेत्र में किसानों और ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, कटनी कलेक्टर और बहोरीबंद के अनुविभागीय अधिकारी को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में भीषण गर्मी, बिजली संकट, पेयजल समस्या, किसानों की फसलों के नुकसान और अधूरे विकास कार्यों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि बहोरीबंद विकासखंड और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी से आमजन, किसान और मजदूर बेहद परेशान हैं, वहीं लगातार बिजली कटौती और कम वोल्टेज से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने निर्बाध और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। किसानों ने समर्थन मूल्य पर खरीदी के बावजूद कई किसानों को भुगतान न मिलने पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र भुगतान की मांग की है। इसके अतिरिक्त, डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए मांग की गई है कि यदि कीमतें कम नहीं होतीं तो कृषि उपज का समर्थन मूल्य बढ़ाया जाए ताकि किसानों को लागत के अनुरूप लाभ मिल सके। बहोरीबंद विकासखंड के पटीराजा, मसंधा और छपरी सहित अन्य गांवों में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे और फसल बीमा योजना के लाभ की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने रूपनाथ-बम्होरी-हथियागढ़ मार्ग पर बीएसएनएल लाइन बिछाने के लिए खोदी गई नालियों को महीनों से खुला छोड़ने पर कड़ी आपत्ति जताई है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने सड़क मरम्मत और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। नल-जल योजना के अधूरे कार्यों को लेकर भी गुस्सा जाहिर किया गया है, आरोप है कि ठेकेदार पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदकर काम अधूरा छोड़ गए हैं, जिससे परेशानी हो रही है। ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। किसानों ने मूंग और उड़द की फसलों को अत्यधिक गर्मी से नुकसान की आशंका जताते हुए सिंचाई के लिए कम से कम 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की है। आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त खाद और कृषि सामग्री समय पर उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है। भीषण गर्मी और जल संकट के कारण पशु-पक्षियों और ग्रामीणों के सामने उत्पन्न पेयजल संकट का जिक्र करते हुए, ज्ञापन में तालाबों और भूता टैंक का पानी सोहार नदी में छोड़ने और जरूरतमंद गांवों में टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की गई है। क्षेत्र में मंडी, कोर्ट, रजिस्ट्रार कार्यालय और नगर परिषद कार्यालय शुरू करने की भी प्रमुख मांग है ताकि लोगों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिल सकें। ज्ञापन के अंत में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो किसान, मजदूर और आमजन आंदोलन और सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।4
- रीवा के यूट्यूबर मनीष कुमार पटेल को ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के मामले में पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इससे पहले मनीष पटेल को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली थी, जहां जस्टिस रामकुमार चौबे की एकल पीठ ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जानकारी के अनुसार, लौर थाना क्षेत्र के ग्राम खुटहा निवासी मनीष पटेल ने वेलेंटाइन वीक के दौरान एक वीडियो बनाया था, जिसे उन्होंने यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पोस्ट किया। इस वीडियो में ब्राह्मण समाज की युवतियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं, जिसके कारण इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। मनीष पटेल को 'पोकभान' के नाम से भी जाना जाता है। वीडियो वायरल होने और शिकायत मिलने के बाद, ईटौरा निवासी आशीष तिवारी की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(ए) और 353(2) के तहत केस दर्ज किया है।2
- कटनी नगर के निमिहा मोहल्ले में आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी विराजित हैं।1
- कटनी में ट्रांसपोर्ट नगर को शिफ्ट करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। सच की खबर 24 की एक खास रिपोर्ट के अनुसार, परचून ट्रांसपोर्टर अभी भी रियायती दरों पर प्लॉट आवंटन की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।1
- कटनी जिले के विकासखंड बड़वारा के ग्राम विलायतकला में “बेस्ट केयर क्लीनिक” नाम के एक अवैध क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा फर्जी चिकित्सकों और झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देशों के पालन में की गई। इस दौरान क्लीनिक से 50 प्रकार की दवाइयां भी जब्त की गईं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर ने बताया कि जिला स्तरीय टीम ने इस अवैध रूप से संचालित क्लीनिक पर छापामार कार्रवाई की। टीम में जिला चिकित्सालय के सर्जिकल स्पेशलिस्ट डॉ. रीतेश दुबे और प्रभारी नर्सिंग होम श्री नितिन तपा शामिल थे। जांच में पाया गया कि क्लीनिक का संचालन जाकिर हुसैन द्वारा किया जा रहा था, जिसने खुद को बीएएमएस डिग्रीधारी बताया, लेकिन कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। साथ ही, उसने मध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल में अनिवार्य पंजीयन भी नहीं कराया था और बिना किसी वैध अनुमति के क्लीनिक संचालित कर रहा था। परिसर में 5 बिस्तर और एलोपैथी दवाइयां मिलीं, जिनसे मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था, जबकि बीएएमएस चिकित्सक को केवल आयुर्वेद पद्धति से उपचार की अनुमति होती है। इन गंभीर अनियमितताओं के मद्देनजर मध्यप्रदेश उपचारगृह तथा रुजोपचार संबंध स्थापना अधिनियम 1973 की धारा 3 एवं 4 के तहत कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार बड़वारा श्री हर्षवर्धन रामटेके, थाना प्रभारी श्री के.के. पटेल और क्षेत्रीय पटवारी भी मौजूद रहे। डॉ. राज सिंह ठाकुर ने यह भी बताया कि जिले में अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- कटनी जिले में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस अभियान के तहत, सिलौड़ी चौकी पुलिस ने कंजिया पुल के पास अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई से जिलेभर के अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया एवं एसडीओपी स्लीमनाबाद के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी ढीमरखेड़ा के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। 27 मई 2026 को चौकी सिलौड़ी पुलिस को ग्राम कंजिया पुल के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में अवैध रूप से रेत परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर चालक सुरेन्द्र कोल (22 वर्ष), पिता ज्ञानचंद कोल, निवासी ग्राम सोनारखेड़ा से पूछताछ की। चालक न तो ट्रैक्टर चलाने का लाइसेंस दिखा सका और न ही रेत परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर पाया। दस्तावेज प्रस्तुत न कर पाने के बाद, पुलिस ने गवाहों की मौजूदगी में ट्रैक्टर और रेत से भरी ट्रॉली को जब्त कर लिया, जिसे सुरक्षा के लिए चौकी परिसर में खड़ा कराया गया है। आरोपी चालक के विरुद्ध धारा 106 बी.एन.एस.एस. के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। इस प्रभावी कार्रवाई में चौकी प्रभारी अनिल कुमार पाण्डेय, प्रधान आरक्षक अतुल शर्मा एवं आरक्षक रामसेवक विश्वकर्मा की अहम भूमिका रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुलिस की यह लगातार कार्रवाई अवैध रेत कारोबारियों पर जारी रहेगी, और जिले में अवैध उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- कटनी नगर में आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी की महाआरती का आयोजन 31 मई 2026 को किया जाएगा।1