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शिमला के कमला नेहरू अस्पताल से गायनी वार्ड को शिफ्ट करने का हो रहा विरोध, शिमला के कमला नेहरू अस्पताल से गायनी वार्ड को शिफ्ट करने का हो रहा विरोध, अस्पताल के बाहर भाजपा ने किया प्रदर्शन, बोले जन भावनाओं का ध्यान रखकर मुख्यमंत्री बदले फैसला। एंकर,,,मातृ शिशु अस्पताल KNH से गायनी वार्ड को आईजीएमसी शिफ्ट करने का लगातार विरोध हो रहा है। जनवादी महिला समिति के बाद अब भाजपा भी सरकार के फैसले का विरोध कर रही है। भाजपा जिला शिमला ने आज कमला नेहरू अस्पताल के बाहर इस फैसले के विरोध में धरना प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार से जन भावनाओं को देखते हुए इस निर्णय को तुरंत बदलने की मांग की है। वीओ,,,भाजपा जिला शिमला अध्यक्ष केशव चौहान ने कहा कि यह अस्पताल 100 साल से ज्यादा पुराना है। प्रदेश के मुख्यमंत्री इंफ्रास्ट्रक्चर का हवाला देकर इसे यहां से बदलने की बात कर रहे हैं जो की सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां पर एक्स रे की आधुनिक मशीन लगी हुई है अगर कोई कमी है तो उसे ठीक करना चाहिए न कि अस्पताल से ही बदल देना चाहिये। उन्होंने कहा की जो डॉक्टर प्रसव संबंधी कार्य देखते हैं उन्हें ही IGMC में गायनी संबंधित बिमारियों का इलाज करना हैं। ये दोनों चीजें एक दूसरे से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा की सरकार का ये फैसला जनता विरोधी हैं। जिस पर सरकार को जल्द पुनर्विचार करना चाहिए। बाइट,,,केशव चौहान, बीजेपी अध्यक्ष जिला शिमला

13 hrs ago
user_Roshan Sharma
Roshan Sharma
Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
13 hrs ago

शिमला के कमला नेहरू अस्पताल से गायनी वार्ड को शिफ्ट करने का हो रहा विरोध, शिमला के कमला नेहरू अस्पताल से गायनी वार्ड को शिफ्ट करने का हो रहा विरोध, अस्पताल के बाहर भाजपा ने किया प्रदर्शन, बोले जन भावनाओं का ध्यान रखकर मुख्यमंत्री बदले फैसला। एंकर,,,मातृ शिशु अस्पताल KNH से गायनी वार्ड को आईजीएमसी शिफ्ट करने का लगातार विरोध हो रहा है। जनवादी महिला समिति के बाद अब भाजपा भी सरकार के फैसले का विरोध कर रही है। भाजपा जिला शिमला ने आज कमला नेहरू अस्पताल के बाहर इस फैसले के विरोध में धरना प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार से जन भावनाओं को देखते हुए इस निर्णय को तुरंत बदलने की मांग की है। वीओ,,,भाजपा जिला शिमला अध्यक्ष केशव चौहान ने कहा कि यह अस्पताल 100 साल से ज्यादा पुराना है। प्रदेश के मुख्यमंत्री इंफ्रास्ट्रक्चर का हवाला देकर इसे यहां से बदलने की बात कर रहे हैं जो की सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां पर एक्स रे की आधुनिक मशीन लगी हुई है अगर कोई कमी है तो उसे ठीक करना चाहिए न कि अस्पताल से ही बदल देना चाहिये। उन्होंने कहा की जो डॉक्टर प्रसव संबंधी कार्य देखते हैं उन्हें ही IGMC में गायनी संबंधित बिमारियों का इलाज करना हैं। ये दोनों चीजें एक दूसरे से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा की सरकार का ये फैसला जनता विरोधी हैं। जिस पर सरकार को जल्द पुनर्विचार करना चाहिए। बाइट,,,केशव चौहान, बीजेपी अध्यक्ष जिला शिमला

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  • हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत और नगर निगम चुनावों के लिए कांग्रेस ने बिसात बिछा दी है। शिमला में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक में जहाँ एक ओर चुनावी जीत का रोडमैप तैयार किया गया, वहीं दूसरी ओर महिला आरक्षण और आंतरिक गुटबाजी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पार्टी का रुख स्पष्ट किया गया। ​विओ : बैठक में पहुंची कांग्रेस प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल ने कांग्रेस का रुख स्पष्ट करते हुए आरक्षण बिल का स्वागत तो किया, लेकिन केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल भी उठाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को राजनीति में उनका वास्तविक अधिकार तभी मिलेगा जब जब उसे हकीकी में जमीनी स्तर पर उतारा जाएगा।उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल लाया गया था।कांग्रेस इस महिला बिल का कांग्रेस पार्टी ने पुरजोर तरीके से समर्थन किया था वहीं उन्होंने कहा कि कांग्रेस की केंद्र से मांग है कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया तुरंत पूरी हो ,परिसीमन कोई बड़ा मुद्दा नही सभी त्रुटियां दूर किया जाए। वहीं रजनी पाटिल ने कांग्रेस से नाराज नेताओं पर रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि कौल सिंह ठाकुर और आनंद शर्मा के 'गिले-शिकवे' दूर करने के लिए PAC की बैठक बुलाई गई है।कौल सिंह भी उसमें आएंगे और सभी गीले शिकवे दूर किये जायेंगे। वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता आनंद शर्मा के भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज करते हुए पाटिल ने कहा, "मेरी उनसे व्यक्तिगत बात हुई है। वह पार्टी के कद्दावर स्तंभ हैं और कहीं नहीं जा रहे। परिवार में छोटे-मोटे मनमुटाव बातचीत से सुलझ जाते हैं।"आनंद शर्मा को कांग्रेस पार्टी साथ लेकर आगे बढ़ेगी।। वहीं वहीं उन्होंने कहा कि अभी दो जिला अध्यक्षों की नियुक्ति भी की जानी है पहले ही प्रदेश कार्य समिति के निर्माण में देरी हुई है जल्दी ब्लॉक और जिला लेवल की कमेटियों का निर्माण भी कर दिया जाएगा। आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए ब्लॉक स्तर तक सब-कमेटियों का गठन जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।वहीं उन्होंने कहा कि जो नेता सरकार में पदों पर आसीन हैं, उन्हें संगठन की जिम्मेदारी से मुक्त कर नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। बाइट : रजनी पाटिल कांग्रेस प्रदेश मामलों की प्रभारी
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    हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत और नगर निगम चुनावों के लिए कांग्रेस ने बिसात बिछा दी है। शिमला में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक में जहाँ एक ओर चुनावी जीत का रोडमैप तैयार किया गया, वहीं दूसरी ओर महिला आरक्षण और आंतरिक गुटबाजी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर पार्टी का रुख स्पष्ट किया गया।
​विओ : बैठक में पहुंची कांग्रेस प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल ने कांग्रेस का रुख स्पष्ट करते हुए  आरक्षण बिल का स्वागत तो किया, लेकिन केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल भी उठाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को राजनीति में उनका वास्तविक अधिकार तभी मिलेगा जब जब उसे हकीकी में जमीनी स्तर पर उतारा जाएगा।उन्होंने कहा कि वर्ष 2023  में महिला आरक्षण बिल लाया गया था।कांग्रेस इस महिला बिल का कांग्रेस पार्टी ने पुरजोर तरीके से समर्थन किया था वहीं उन्होंने कहा कि कांग्रेस की केंद्र से मांग है कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया तुरंत पूरी हो ,परिसीमन कोई बड़ा मुद्दा नही  सभी त्रुटियां दूर किया जाए।
वहीं रजनी पाटिल ने कांग्रेस से नाराज नेताओं पर रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि कौल सिंह ठाकुर और आनंद शर्मा के 'गिले-शिकवे' दूर करने के लिए PAC की बैठक बुलाई गई है।कौल सिंह भी उसमें आएंगे और सभी गीले शिकवे दूर किये जायेंगे। वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता आनंद शर्मा के भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज करते हुए पाटिल ने कहा, "मेरी उनसे व्यक्तिगत बात हुई है। वह पार्टी के कद्दावर स्तंभ हैं और कहीं नहीं जा रहे। परिवार में छोटे-मोटे मनमुटाव बातचीत से सुलझ जाते हैं।"आनंद शर्मा को कांग्रेस पार्टी साथ लेकर आगे बढ़ेगी।। वहीं वहीं उन्होंने कहा कि अभी दो जिला अध्यक्षों की नियुक्ति भी की जानी है पहले ही प्रदेश कार्य समिति के निर्माण में देरी हुई है जल्दी ब्लॉक और जिला लेवल की कमेटियों का निर्माण भी कर दिया जाएगा। आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए ब्लॉक स्तर तक सब-कमेटियों का गठन जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।वहीं उन्होंने कहा कि जो नेता सरकार में पदों  पर आसीन हैं, उन्हें संगठन की जिम्मेदारी से मुक्त कर नए चेहरों को मौका दिया जाएगा।
बाइट : रजनी पाटिल कांग्रेस प्रदेश मामलों की प्रभारी
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    13 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने आज बचत भवन, बिलासपुर में अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के प्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आशा कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न संस्थाओं के साथ बैठक एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने की। इस अवसर पर आयोग के सदस्य अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा, विजय डोगरा तथा शालिनी जम्वाल भी उपस्थित रहे। शिविर को संबोधित करते हुए अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों की रक्षा तथा उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम (एससीडीपी) घटक के बजट का प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध पहुंच सके। उन्होंने कहा कि अनुसूचित आयोग का जागरूकता शिविर आयोजित करने प्रमुख उद्देश्य जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाना है तो वहीं संवैधानिक प्रावधानों बारे भी जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का भी विशेष बल एससी आयोग के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से सुनना तथा समुदाय को जागरूक करना भी है। उन्होंने एससी समुदाय के उत्थान व कल्याण के लिए कार्य कर रही सभी संस्थाओं से एक होकर कार्य करने का आह्वान किया ताकि अनुसूचित जाति आयोग के उद्देश्यों और लक्ष्यों को हासिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अनुसूचित जाति वर्ग से बहुत कम लोग आयोग के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंचते हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोग ने निर्णय लिया है कि जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों से एक दिन पूर्व संबंधित समुदाय की शिकायतों की सुनवाई की जा रही है, ताकि समस्याओं के समाधान हेतु प्रशासनिक एवं विभागीय समीक्षा बैठकों में ठोस निर्णय लिए जा सकें। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य एससी वर्ग की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि आयोग का लक्ष्य जिला स्तर पर अनुसूचित जाति समुदाय की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ उनसे फीडबैक प्राप्त कर योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार लाना है, ताकि समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश के प्रत्येक जिले में आयोजित किए जा रहे हैं और आयोग के गठन के एक वर्ष से अधिक समय में पीड़ित वर्ग तक पहुंचकर संवाद स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने नशामुक्त एवं चिट्टा मुक्त हिमाचल के लिए उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलाई तथा सभी से नशामुक्त समाज निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का आहवान किया।   बैठक के दौरान एससी समुदाय से जुडी विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों, एससी समुदाय से जुड़ी आंगनवाड़ी व आशा वर्कर प्रतिनिधियों, विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, शहरी विकास एवं पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित अनेक मुद्दों एवं समस्याओं को आयोग के समक्ष रखा, जिन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन, महिला आयोग की सदस्य रीना पुंडीर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, रीता सहगल, आयोग के सदस्य सचिव विनय मोदी, सहायक आयुक्त राजकुमार, जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विभिन्न संस्थाओं प्रतिनिधियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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    हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने आज बचत भवन, बिलासपुर में अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के प्रतिनिधियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा आशा कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न संस्थाओं के साथ बैठक एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने की। इस अवसर पर आयोग के सदस्य अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा, विजय डोगरा तथा शालिनी जम्वाल भी उपस्थित रहे।
शिविर को संबोधित करते हुए अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों की रक्षा तथा उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम (एससीडीपी) घटक के बजट का प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित आयोग का जागरूकता शिविर आयोजित करने प्रमुख उद्देश्य जहां विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाना है तो वहीं संवैधानिक प्रावधानों बारे भी जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का भी विशेष बल एससी आयोग के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से सुनना तथा समुदाय को जागरूक करना भी है। उन्होंने एससी समुदाय के उत्थान व कल्याण के लिए कार्य कर रही सभी संस्थाओं से एक होकर कार्य करने का आह्वान किया ताकि अनुसूचित जाति आयोग के उद्देश्यों और लक्ष्यों को हासिल किया जा सके। 
उन्होंने कहा कि वर्तमान में अनुसूचित जाति वर्ग से बहुत कम लोग आयोग के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंचते हैं। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए आयोग ने निर्णय लिया है कि जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों से एक दिन पूर्व संबंधित समुदाय की शिकायतों की सुनवाई की जा रही है, ताकि समस्याओं के समाधान हेतु प्रशासनिक एवं विभागीय समीक्षा बैठकों में ठोस निर्णय लिए जा सकें। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य एससी वर्ग की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि आयोग का लक्ष्य जिला स्तर पर अनुसूचित जाति समुदाय की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ उनसे फीडबैक प्राप्त कर योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार लाना है, ताकि समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम प्रदेश के प्रत्येक जिले में आयोजित किए जा रहे हैं और आयोग के गठन के एक वर्ष से अधिक समय में पीड़ित वर्ग तक पहुंचकर संवाद स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर उन्होंने नशामुक्त एवं चिट्टा मुक्त हिमाचल के लिए उपस्थित लोगों को शपथ भी दिलाई तथा सभी से नशामुक्त समाज निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का आहवान किया।  
बैठक के दौरान एससी समुदाय से जुडी विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों, एससी समुदाय से जुड़ी आंगनवाड़ी व आशा वर्कर प्रतिनिधियों, विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, शहरी विकास एवं पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित अनेक मुद्दों एवं समस्याओं को आयोग के समक्ष रखा, जिन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल वर्धन, महिला आयोग की सदस्य रीना पुंडीर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अंजना धीमान, रीता सहगल, आयोग के सदस्य सचिव विनय मोदी, सहायक आयुक्त राजकुमार, जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विभिन्न संस्थाओं प्रतिनिधियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    5 hrs ago
  • शिमला के मशोबरा में सत्संग करते हुए संत बाबा बाल जी महाराज
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    शिमला के मशोबरा में सत्संग करते हुए संत बाबा बाल जी महाराज
    user_Him News Update
    Him News Update
    रामपुर, शिमला, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • समाज की निष्क्रियता , चरमराती प्रशासनिक व्यवस्थता का परिणाम है सरकाघाट की छात्रा की हत्या : महेंद्र धर्माणी घुमारवीं की समाजसेवी संस्था संस्कार सोसाइटी द्वारा सरकाघाट में छात्रा की निर्मम हत्या के जघन्य अपराध के विरोध में महामहिम राज्यपाल को एसडीएम घुमारवीं के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्मानी ने कहा कि सरकाघाट में कॉलेज जाने वाली छात्रा की दिनदहाड़े हुई निर्मम हत्या अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है। यह घटना न केवल मानवता को झकझोरने वाली है, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने कहा कि संस्कार सोसाइटी इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा करती है और मांग करती है कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके। महेंद्र धर्मानी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में नशे का बढ़ता प्रकोप अत्यंत चिंताजनक है। नशे के कारण समाज में अपराधों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो कि प्रशासन और सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। उन्होंने आशंका जताई कि सरकाघाट की इस दर्दनाक घटना के पीछे भी आरोपी की नशे की प्रवृत्ति एक प्रमुख कारण मानी जा रही है। ऐसे में नशे के खिलाफ सख्त और प्रभावी कदम उठाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने महामहिम राज्यपाल से मांग करते हुए कहा कि इस जघन्य हत्याकांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनिश्चित की जाए, ताकि न्याय में देरी न हो और दोषी को जल्द से जल्द सजा मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि केवल औपचारिक आयोजनों और इवेंट मैनेजमेंट तक सीमित रहने के बजाय महिला सुरक्षा को लेकर जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएं। प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी नीतियां लागू की जाएं और उनकी सख्ती से निगरानी हो। धर्मानी ने कहा की बेटियों को सम्मान , सुरक्षा , और अवसर दो समर्थ , स्वयं बनायेगी बेटियां । संस्कार सोसाइटी ने यह भी मांग की कि नशा निवारण के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाए तथा नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानून बनाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समाज के हर वर्ग को इस दिशा में जागरूक करते हुए एकजुट प्रयास करने होंगे, तभी इस गंभीर समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है। इस दौरान अमृत लाल कातना, विशाल नड्डा ,परीथि सिंह ठाकुर , किशोरी लाल , मदन कांत, सुनील शर्मा, सतीश ठाकुर , संतोष भारद्वाज , सरोज शर्मा , अनिशा , मनोरमा चौहान , बनके बिहारी , रूप लाल , मनोज भंडारी , सचिन , लक्की, विजय , प्यार सिंह , दिनेश , प्रेम सागर , देवदत्त , दलेल सिंह , नरेंद्र कुमार , देश राज आदि उपस्थित रहे ।
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    समाज की निष्क्रियता , चरमराती प्रशासनिक व्यवस्थता का परिणाम है सरकाघाट की छात्रा की हत्या : महेंद्र धर्माणी 
घुमारवीं की समाजसेवी संस्था संस्कार सोसाइटी द्वारा सरकाघाट में  छात्रा की निर्मम हत्या के जघन्य अपराध के विरोध में महामहिम राज्यपाल को एसडीएम घुमारवीं के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्मानी ने कहा कि सरकाघाट में कॉलेज जाने वाली  छात्रा की दिनदहाड़े हुई निर्मम हत्या अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है। यह घटना न केवल मानवता को झकझोरने वाली है, बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। उन्होंने कहा कि संस्कार सोसाइटी इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा करती है और मांग करती है कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषी को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके।
महेंद्र धर्मानी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में नशे का बढ़ता प्रकोप अत्यंत चिंताजनक है। नशे के कारण समाज में अपराधों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो कि प्रशासन और सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। उन्होंने आशंका जताई कि सरकाघाट की इस दर्दनाक घटना के पीछे भी आरोपी की नशे की प्रवृत्ति एक प्रमुख कारण मानी जा रही है। ऐसे में नशे के खिलाफ सख्त और प्रभावी कदम उठाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने महामहिम राज्यपाल से मांग करते हुए कहा कि इस जघन्य हत्याकांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनिश्चित की जाए, ताकि न्याय में देरी न हो और दोषी को जल्द से जल्द सजा मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि केवल औपचारिक आयोजनों और इवेंट मैनेजमेंट तक सीमित रहने के बजाय महिला सुरक्षा को लेकर जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएं। प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी नीतियां लागू की जाएं और उनकी सख्ती से निगरानी हो। धर्मानी ने कहा की बेटियों को सम्मान , सुरक्षा , और अवसर दो समर्थ , स्वयं  बनायेगी बेटियां  । 
संस्कार सोसाइटी ने यह भी मांग की कि नशा निवारण के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाए तथा नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानून बनाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समाज के हर वर्ग को इस दिशा में जागरूक करते हुए एकजुट प्रयास करने होंगे, तभी इस गंभीर समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है। 
इस दौरान अमृत लाल कातना, विशाल नड्डा ,परीथि सिंह ठाकुर , किशोरी लाल , मदन कांत, सुनील शर्मा, सतीश ठाकुर , संतोष भारद्वाज , सरोज शर्मा , अनिशा , मनोरमा चौहान , बनके बिहारी , रूप लाल , मनोज भंडारी , सचिन , लक्की, विजय , प्यार सिंह , दिनेश , प्रेम सागर , देवदत्त , दलेल सिंह , नरेंद्र कुमार , देश राज आदि उपस्थित रहे ।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बल्ह मंडल कांग्रेस अध्यक्ष बने पवन ठाकुर 🔥 | संगठन मजबूत करने का संकल्प | Himachal Congress News
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    बल्ह मंडल कांग्रेस अध्यक्ष बने पवन ठाकुर 🔥 | संगठन मजबूत करने का संकल्प | Himachal Congress News
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter Mandi, Himachal Pradesh•
    3 hrs ago
  • सादी वर्दी में पुलिस वाले ने Dushyant Chautala का काफिला रोका, पूर्व डिप्टी CM का गुस्सा देख भगाई गाड़ी #hisar #DushyantChautala #videoviral #haryana
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    सादी वर्दी में पुलिस वाले ने Dushyant Chautala का काफिला रोका, पूर्व डिप्टी CM का गुस्सा देख भगाई गाड़ी
#hisar  #DushyantChautala  #videoviral  #haryana
    user_पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क
    पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क
    Court reporter Ambala Cantonment, Haryana•
    1 hr ago
  • Post by Dinesh Kumar
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    Post by Dinesh Kumar
    user_Dinesh Kumar
    Dinesh Kumar
    Farmer भोटा, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • महिला आरक्षण बिल के बहाने राजनीतिक रोटीयां सेकने का प्रयास कर रही भाजपा - CM शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में कार्यकारिणी गठन के बाद पहली कार्य समिति की बैठक आयोजित हुई. इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंचे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनाव से पहले बड़ा बयान दिया है. मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज के चुनाव में पार्टी के आधार पर चुनाव नहीं लड़ा जाएगा. कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता पंचायत प्रधान और बीडीसी का चुनाव लड़ सकता है. VO -- मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार और संगठन में बराबर समन्वय है. उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आज पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक हो रही है. उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच पूरा समन्वय है. इस बैठक में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर भी चर्चा होगी. उन्होंने कहा पंचायत चुनाव पार्टी के सिंबल पर नहीं होने हैं. ऐसे में पार्टी किसी भी कार्यकर्ता को चुनाव लड़ने से नहीं रोकेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता कहीं भी से भी चुनाव लड़ सकता है. कार्यकर्ता पार्टी आधार से अलग पंचायत में प्रधान और ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल BDC का चुनाव लड़ सकते हैं. बाइट -- सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिला आरक्षण बिल के बहाने राजनीतिक रोटीयां सेकने का प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा बिना परिसीमन महिला आरक्षण का बिल लेकर आयी है. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए. कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही महिलाओं के अधिकारों की बात करती रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर सबसे पहले सोनिया गांधी ने राज्यसभा में बिल पारित किया था. इसके अलावा राजीव गांधी ने 73 में और 74 में संवैधानिक संशोधन में बदलाव कर पंचायती राज और नगर निकायों में महिलाओं को 33 फीसफी आरक्षण दिया. - बाइट -- सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश
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    महिला आरक्षण बिल के बहाने राजनीतिक रोटीयां सेकने का प्रयास कर रही भाजपा - CM 
शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में कार्यकारिणी गठन के बाद पहली कार्य समिति की बैठक आयोजित हुई. इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन पहुंचे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनाव से पहले बड़ा बयान दिया है. मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज के चुनाव में पार्टी के आधार पर चुनाव नहीं लड़ा जाएगा. कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता पंचायत प्रधान और बीडीसी का चुनाव लड़ सकता है.
VO -- मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार और संगठन में बराबर समन्वय है. उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आज पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक हो रही है. उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन के बीच पूरा समन्वय है. इस बैठक में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर भी चर्चा होगी. उन्होंने कहा पंचायत चुनाव पार्टी के सिंबल पर नहीं होने हैं. ऐसे में पार्टी किसी भी कार्यकर्ता को चुनाव लड़ने से नहीं रोकेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी कांग्रेस कार्यकर्ता कहीं भी से भी चुनाव लड़ सकता है. कार्यकर्ता पार्टी आधार से अलग पंचायत में प्रधान और ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल BDC का चुनाव लड़ सकते हैं.
बाइट -- सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिला आरक्षण बिल के बहाने राजनीतिक रोटीयां सेकने का प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा बिना परिसीमन महिला आरक्षण का बिल लेकर आयी है. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए. कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही महिलाओं के अधिकारों की बात करती रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर सबसे पहले सोनिया गांधी ने राज्यसभा में बिल पारित किया था. इसके अलावा राजीव गांधी ने 73 में और 74 में संवैधानिक संशोधन में बदलाव कर पंचायती राज और नगर निकायों में महिलाओं को 33 फीसफी आरक्षण दिया. 
- बाइट -- सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    13 hrs ago
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