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रामगढ़ गोला : पिता को कंधा देकर अंतिम संस्कार के लिए निकले शिव कुमार करमाली, नम आंखों से दी अंतिम विदाई
Dilip Karmali
रामगढ़ गोला : पिता को कंधा देकर अंतिम संस्कार के लिए निकले शिव कुमार करमाली, नम आंखों से दी अंतिम विदाई
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- रामगढ़ गोला : पिता को कंधा देकर अंतिम संस्कार के लिए निकले शिव कुमार करमाली, नम आंखों से दी अंतिम विदाई1
- राजस्व कर्मचारी लक्ष्मी नारायण मुंडा की हत्या पर शोक, ओरमांझी अंचल कार्यालय में दो मिनट का मौन रख दी गई श्रद्धांजलि लक्ष्मी नारायण मुंडा को ओरमांझी अंचल कार्यालय ने दी श्रद्धांजलि, अंचल अधिकारी उज्ज्वल सोरेन के नेतृत्व में हुई प्रार्थना राजधानी रांची के नामकुम प्रखंड सह अंचल कार्यालय में कार्यरत राजस्व कर्मचारी लक्ष्मी नारायण मुंडा की हत्या के बाद शोक की लहर है। इस दुखद घटना को लेकर ओरमांझी प्रखंड सह अंचल कार्यालय में शोक सभा आयोजित की गई। अंचल अधिकारी उज्ज्वल सोरेन के नेतृत्व में अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत कर्मचारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही, उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ की गई। नामकुम प्रखंड सह अंचल के राजस्व कर्मचारी लक्ष्मी नारायण मुंडा की हत्या की घटना से सरकारी कर्मचारियों में शोक का माहौल है। घटना के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ओरमांझी प्रखंड सह अंचल कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान ओरमांझी के अंचल अधिकारी उज्ज्वल सोरेन के नेतृत्व में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन धारण किया। सभी ने दिवंगत कर्मचारी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की इस दुखद घटना ने एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दिवंगत लक्ष्मी नारायण मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। ओरमांझी प्रखंड सह अंचल कार्यालय में दिवंगत राजस्व कर्मचारी लक्ष्मी नारायण मुंडा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। शोक सभा के माध्यम से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।1
- Post by Dharmendra Rathor1
- दीपावली के घरों को रोशन करने वाले कुम्हारों की इस मेहनत को मैंने करीब से देखा है 🪔। क्या इनकी इस कड़ी तपस्या और कला का सही मूल्य मिल पाता है 🥺? देखिए मेरी यह खास रिपोर्ट 📺। #Diwali #Kumhar Story .............. रिपोर्ट: आशीष कुमार मुखर्जी स्थान: रामगढ़ तारीख:26/10/2026 स्लग: दीपावली की रोशनी के पीछे कुम्हारों का संघर्ष एंकर इंट्रो दीपावली का त्योहार नजदीक है... बाजारों में रौनक बढ़ रही है और हर घर को रोशन करने की तैयारियां चल रही हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके घर को रोशन करने वाला मिट्टी का दीया बनाने में कितनी मेहनत लगती है? रामगढ़ में कुम्हार परिवार सहित दिन-रात मेहनत कर दीये और कलश बनाने में जुटे हैं। लेकिन इन मिट्टी के कलाकारों का दर्द यह है कि जब उनके बनाए दीये बिकने के लिए बाजार पहुंचते हैं, तो कई ग्राहक उचित कीमत देने के बजाय मोलभाव करने लगते हैं। आखिर क्या है इन कुम्हारों की परेशानी? देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट। वीओ-1 | दीपावली की तैयारी दीपावली यानी रोशनी का त्योहार... घर-आंगन को जगमगाने और मां लक्ष्मी के स्वागत का पर्व। हर तरफ दीपावली की तैयारी चल रही है। कोई घर सजा रहा है, तो कोई बाजार से पूजा की सामग्री खरीद रहा है। वहीं रामगढ़ जिले में कुम्हार परिवार सहित मिट्टी के दीये और कलश बनाने में जुटे हुए हैं। कोई मिट्टी को आकार दे रहा है, तो कोई तैयार दीयों को सुखाने में लगा है। इन कारीगरों की मेहनत से ही दीपावली पर घर-घर में मिट्टी के दीये जलते हैं। वीओ-2 | मेहनत के बाद भी निराशा लेकिन मिट्टी के इन कलाकारों की जिंदगी में खुशियों के साथ एक चिंता भी है। दीये बनाने में मेहनत लगती है, समय लगता है और लागत भी आती है। इसके बावजूद जब ग्राहक दीये खरीदने पहुंचते हैं और कीमत को लेकर जरूरत से ज्यादा मोलभाव करते हैं, तो कुम्हारों को निराशा होती है। लोग कुछ रुपये बचाने की कोशिश करते हैं, लेकिन उन रुपयों को कमाने के लिए कुम्हार परिवार कितनी मेहनत करता है, इस पर बहुत कम लोगों का ध्यान जाता है। Byte : 1: दिलीप प्रजापति (कुम्हार ) Byte 2: धनेश्वर प्रजापति (कुम्हार ) दिलीप प्रजापति और धनेश्वर प्रजापति का कहना है कि दीपावली के लिए वे पूरे परिवार के साथ दिन-रात मेहनत कर दीये और कलश तैयार करते हैं। लेकिन जब उनकी मेहनत के अनुरूप कीमत नहीं मिलती और ग्राहक मोलभाव करते हैं, तो काफी निराशा होती है। वीओ-3 दीपावली का असली संदेश है खुशियां बांटना और दूसरों के जीवन में उजाला लाना। ऐसे में जरूरी है कि हम बाजार से मिट्टी के दीये खरीदते समय कुम्हारों की मेहनत का सम्मान करें। कुछ रुपये बचाने के लिए उनके मेहनताने को कम करने के बजाय उन्हें उचित कीमत दें। क्योंकि मिट्टी के दीये बनाने वाले इन कलाकारों के घरों में भी तभी खुशियों का दीप जलेगा, जब उनकी मेहनत को सही सम्मान और उचित मूल्य मिलेगा। Ptc: आशीष कुमार मुखर्जी1
- कार्यक्रम में खड़गे प्रधानमंत्री मोदी के जेल जाने की बात कह रहे थे। तभी भीड़ में मौजूद संतोष कुमार ने कथित तौर पर कहा कि मोदी नहीं जाएंगे। इस पर खड़गे ने पलटकर जवाब दिया, "मोदी का बाप भी जाएगा"। इसके बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने संतोष कुमार को घेर लिया, जमीन पर गिराया और उनकी पिटाई कर दी।1
- free fire gamer📱🎮 daily gameplay subscribe now ff video's1
- छात्रा से कथित छेड़खानी के आरोप में शिक्षक पर FIR और निष्कासन की मांग, आजसू छात्र संघ का अनिश्चितकालीन धरना1
- छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पिकअप से 4 करोड़ रुपये नकद बरामद, पुलिस की जांच जारी पिकअप में बना था विशेष गुप्त कंपार्टमेंट, तलाशी में मिले 4 करोड़ रुपये; आयकर विभाग को दी गई सूचना छत्तीसगढ़ के दुर्ग से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक सफेद पिकअप गाड़ी से 4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। शुरुआती तलाशी में गाड़ी खाली नजर आ रही थी, लेकिन जब पुलिस ने बारीकी से जांच की, तो पीछे की तरफ एक विशेष रूप से बनाया गया गुप्त कंपार्टमेंट मिला। इसी कंपार्टमेंट से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई। मामले में पुलिस दो लोगों से पूछताछ कर रही है, वहीं आयकर विभाग को भी इसकी सूचना दे दी गई है। जानकारी के मुताबिक, दुर्ग जिले के खुर्सीपार थाना क्षेत्र में पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक सफेद पिकअप गाड़ी में बड़ी रकम ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने गाड़ी को रोककर तलाशी ली। गाड़ी में चालक के अलावा एक अन्य व्यक्ति भी सवार था। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में गाड़ी में कोई नकदी दिखाई नहीं दी। इसके बाद जब बारीकी से तलाशी ली गई, तो पिकअप के पिछले हिस्से में विशेष रूप से बनाया गया एक मॉडिफाइड कंपार्टमेंट मिला। इस गुप्त जगह से पुलिस ने कुल 4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए। इस मामले में एडिशनल एसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि दोनों व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद रकम कहां से लाई गई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था। मामले की सूचना आयकर विभाग को भी दे दी गई है।फिलहाल, मामले की जांच शुरुआती चरण में है। बरामद नकदी के स्रोत और उसके गंतव्य के संबंध में पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आउट्रो: फिलहाल, दुर्ग में पिकअप गाड़ी से 4 करोड़ रुपये की बरामदगी के बाद पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। अब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था।1