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चित्रकूट जिले के घर छापा गांव में बिजली की सुविधा को लेकर एक सवाल उठाया गया है। यह पूछा जा रहा है कि गांव में बिजली की आपूर्ति कब उपलब्ध कराई जाएगी।
GOLUSHUKLA
चित्रकूट जिले के घर छापा गांव में बिजली की सुविधा को लेकर एक सवाल उठाया गया है। यह पूछा जा रहा है कि गांव में बिजली की आपूर्ति कब उपलब्ध कराई जाएगी।
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- एक नागरिक ने घर से पगाँव गरदन डेरा क्षेत्र में बिजली की सुविधा को लेकर एक तीखा सवाल उठाया है। नागरिक यह जानना चाहता है कि इस इलाके में बिजली की सुविधा कब तक उपलब्ध होगी। अपनी बात रखते हुए, नागरिक ने व्यंगात्मक लहजे में पूछा है कि क्या यह जगह किसी के बाप की जागीर है, जिस कारण यहां बिजली की आपूर्ति नहीं की जा रही है।1
- चित्रकूट में अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूषकांत राय ने मंगलवार को पुलिस लाइंस में आयोजित साप्ताहिक परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ, तत्पर और अनुशासित रखने के लिए विभिन्न प्रकार के शारीरिक व्यायाम कराए गए। साथ ही, स्वास्थ्य लाभ के लिए परेड की दौड़ भी करवाई गई। इसके बाद, अपर पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन का जायजा लिया और प्रभारी प्रतिसार निरीक्षक को सुधार हेतु निर्देश दिए। उन्होंने परेड में शामिल अधिकारी/कर्मचारीगण को अनुशासन, एकरूपता और कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखने के महत्व पर भी बल दिया। श्री राय ने परिवहन शाखा का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने थानों से आए समस्त चार और दो पहिया वाहनों, 112 पीआरवी वाहनों और परिवहन शाखा में रखे अन्य वाहनों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभारी परिवहन शाखा को वाहनों की कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक ने डायल 112 कार्यालय, आवास परिसर, बैरक, सीपीसी कैंटीन, मंदिर, भोजनालय और ऑर्मरी का भी जायजा लिया। साथ ही, उन्होंने रिक्रूट आरक्षियों से उनके व्यवहारिक परीक्षण के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।1
- मध्य प्रदेश में 14 गौ रक्षकों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है। इस घटनाक्रम ने गौ रक्षा से जुड़े समर्थकों के बीच तीखा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब गौ तस्करी को रोकने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला #GauMata और #GauRaksha के प्रति गहरी चिंता को दर्शाता है, जहाँ गौ रक्षकों को मिली इस सज़ा पर हैरानी व्यक्त की जा रही है और पूछा जा रहा है कि गौ तस्करी रोकने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई क्यों हो रही है।1
- लखनादौन ब्लॉक के पीएम श्री स्कूल धनकाकड़ी में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ प्रचार न रहने के कारण विद्यालय के मुख्य गेट और कई कक्षों के दरवाजे रात 9 बजे तक खुले रह गए। यह स्थिति प्रभारी प्राचार्य की घोर अनदेखी का नतीजा बताई जा रही है। ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना के बाद यह गंभीर मामला उजागर हुआ। अब इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ आखिर कब कार्रवाई की जाएगी।1
- मूल पाठ में व्यक्तियों को प्रकृति से जुड़ने की प्रबल सलाह दी गई है, इस बात पर ज़ोर देते हुए कि प्रकृति को समझने के लिए यह जुड़ाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। संदेश बार-बार इस बात पर बल देता है कि अन्य सभी गतिविधियों के बावजूद, प्राकृतिक दुनिया के साथ संबंध स्थापित करना इस गहरी समझ को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है।1
- जिला अधिवक्ता संघ चुनाव के लिए अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार प्रदीप कुमार पाण्डेय ने मंगलवार, 23 जून 2026 को सतना जिला न्यायालय परिसर में अधिवक्ता साथियों के साथ एक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ताओं का आशीर्वाद लिया और बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। जनसंपर्क के दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और आवश्यकताओं को श्री पाण्डेय के समक्ष रखा। इन सभी बातों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद, श्री पाण्डेय ने आश्वासन दिया कि यदि उन्हें अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलती है, तो दूसरे ही दिन से कार्यों का परिणाम दिखने लगेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका उद्देश्य केवल वादे करना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर उतारना है। श्री पाण्डेय ने यह भी कहा कि यदि वे अपने वचनों पर खरे नहीं उतरते हैं, तो कुछ महीनों के भीतर अपने पद से त्यागपत्र देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अधिवक्ताओं के समक्ष अपनी प्राथमिकताओं को रखते हुए बताया कि उनका लक्ष्य न्यायालय परिसर को एक स्वच्छ, सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक कचहरी के रूप में विकसित करना है, जिससे अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिल सकें। श्री पाण्डेय ने अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत अपने चैंबर से की और उसके बाद पूरे कचहरी परिसर में पहुंचकर अधिवक्ताओं से संपर्क किया, जहाँ उन्हें अधिवक्ता साथियों का भरपूर सहयोग एवं समर्थन प्राप्त हुआ। इस जनसंपर्क अभियान में एडवोकेट मुन्नी खान, विष्णु नारायण गर्ग, बी.के. मिश्रा, संतोष यादव, विनोद गौतम, मोहन यादव, बृजेश यादव, सी.एल. यादव, सुरेंद्र शर्मा, शैलेंद्र सिंह, रज्जन श्रीवास्तव, के.पी. त्रिपाठी, विष्णुकांत पाठक, सुभाष विश्वकर्मा, राजेश खरे “मंटू भइया”, पुष्पेन्द्र बागरी सहित सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित रहे। अभियान के अंत में श्री पाण्डेय ने सभी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह चुनाव अधिवक्ताओं के सम्मान, सुविधाओं और न्यायालय परिसर के समग्र विकास के लिए समर्पित है।1
- चित्रकूट जिले के घर छापा गांव में बिजली की सुविधा को लेकर एक सवाल उठाया गया है। यह पूछा जा रहा है कि गांव में बिजली की आपूर्ति कब उपलब्ध कराई जाएगी।1
- जवा नगर में बेखौफ अपराधियों ने कानून का डर ताक पर रखकर एक ही रात में तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। 21 जून 2026 की रात करीब 2 से 3 बजे के बीच हुई इस घटना ने व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों में भय व आक्रोश भर दिया है। जानकारी के अनुसार, अज्ञात अपराधियों ने जवा निवासी राधाकृष्ण गुप्ता (पिता कृष्ण गोपाल गुप्ता, उम्र 32 वर्ष) की मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी-17 एच-2363 को जला दिया। इसी रात, पड़ोस में रहने वाले अखिलेश कुमार सोनकर का ऑटो क्रमांक एमपी-17 आर-7604, जो उनके घर के सामने खड़ा था, और राजकुमार सिंह की मोटरसाइकिल क्रमांक एमपी-04 जेडएम-8422, जो उनके कमरे के बाहर थी, उन्हें भी आग लगाकर नष्ट कर दिया गया। एक ही रात में हुई आगजनी की इस गंभीर घटना से पूरे जवा नगर में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, और वे अपने वाहनों व संपत्ति की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। नागरिकों का कहना है कि नगर में लगातार आपराधिक घटनाओं के बावजूद जवा पुलिस की रात्रिकालीन गश्त व्यवस्था प्रभावी नहीं है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्रवासियों ने पुलिस प्रशासन से इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं होती है, तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। जवावासियों ने प्रशासन से रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का आग्रह किया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।1